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सोमवार दोपहर लगभग दो बजे रेहला थाना में त्याग और बलिदान के पर्व बकरीद को लेकर एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में दोनों समुदाय के लोगों ने सर्वसम्मति से बकरीद पर्व को मिलजुल कर और शांतिपूर्ण ढंग से मनाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया।
पब्लिक लोकल न्यूज रिपोर्टर
सोमवार दोपहर लगभग दो बजे रेहला थाना में त्याग और बलिदान के पर्व बकरीद को लेकर एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में दोनों समुदाय के लोगों ने सर्वसम्मति से बकरीद पर्व को मिलजुल कर और शांतिपूर्ण ढंग से मनाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया।
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- सोमवार दोपहर लगभग दो बजे रेहला थाना में त्याग और बलिदान के पर्व बकरीद को लेकर एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में दोनों समुदाय के लोगों ने सर्वसम्मति से बकरीद पर्व को मिलजुल कर और शांतिपूर्ण ढंग से मनाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया।1
- गढ़वा जिले में आगामी ईद-उल-जोहा (बकरीद) पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। इसी क्रम में गढ़वा नगर थाना, नगर उंटारी थाना, कांडी थाना और मझिआंव थाना परिसरों सहित जिले के विभिन्न थाना परिसरों में शांति समिति की बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों की अध्यक्षता संबंधित थाना प्रभारियों ने की, जिनमें स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, विभिन्न धर्मों के प्रबुद्ध लोग और मीडिया प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रशासन ने पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने, आपसी भाईचारे को मजबूत करने और अफवाहों से बचने की अपील की। अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि बकरीद प्रेम, त्याग और भाईचारे का पर्व है, जिसे सभी समुदायों को मिल-जुलकर शांतिपूर्ण तरीके से मनाना चाहिए। मझिआंव थाना परिसर में हुई बैठक की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचल अधिकारी श्रीमती कनक ने की, जहाँ थाना प्रभारी ओम प्रकाश टोप्पो, इंस्पेक्टर बृज कुमार, एसआई धर्मेंद्र सिंह, संजय कुमार, विद्याधर महतो समेत कई पुलिस पदाधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित थे। बैठकों में विशेष रूप से कुर्बानी स्थलों पर साफ-सफाई, जल निकासी और कूड़ा निस्तारण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई, ताकि आम लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके अतिरिक्त, प्रशासन ने लोगों को सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और भड़काऊ पोस्टों के प्रति सतर्क किया। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी भ्रामक या उकसाने वाली पोस्ट पर ध्यान न दें और ऐसी कोई भी सूचना तुरंत नजदीकी थाना को दें, क्योंकि सोशल मीडिया पर अफवाहें सामाजिक सौहार्द बिगाड़ सकती हैं। बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और समाज के बुद्धिजीवियों ने प्रशासन को पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया। सभी ने जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण और भाईचारे के माहौल में मनाने पर सहमति जताई। प्रशासन ने एक बार फिर लोगों से अपील की है कि पर्व के दौरान शांति और सौहार्द बनाए रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें, ताकि जिले में कानून-व्यवस्था कायम रह सके।1
- एक नए 'रंगदारी' गीत को लेकर प्रचार किया जा रहा है, जिसमें बेहद आपत्तिजनक और जातिवादी टिप्पणी की गई है। गायक अंशु अनिश और रिद्धि राज का यह 2026 का नया रंगदारी गीत 'चमरान के होंठ से नोट लेके' जैसी अपमानजनक पंक्ति के साथ सामने आया है, जो एक समुदाय विशेष के प्रति घोर अपमान और प्रभुत्व की भावना को दर्शाता है।1
- पेट्रोल पंप पर पेट्रोल की कीमतें बढ़ने के मुख्य कारणों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और मध्य पूर्व में तनाव जैसी भू-राजनीतिक उथल-पुथल शामिल है। इसके अतिरिक्त, भारत सरकार और राज्य सरकारों द्वारा वसूले जाने वाले ऊंचे टैक्स, जैसे उत्पाद शुल्क और वैट, तथा रुपये के मुकाबले डॉलर की विनिमय दर भी इसमें अहम भूमिका निभाती है। भारत अपनी अधिकांश कच्चे तेल की आवश्यकता विदेशों से आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर खुदरा पेट्रोल-डीजल के दामों पर पड़ता है। पेट्रोल की अंतिम कीमत में केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स का एक बड़ा हिस्सा शामिल होता है, और हर राज्य में वैट की दरें अलग-अलग होने के कारण विभिन्न राज्यों और शहरों में पेट्रोल की कीमतों में भारी अंतर होता है। कच्चे तेल को पेट्रोल में बदलने की रिफाइनिंग लागत, तेल कंपनियों का मार्जिन और पेट्रोल पंप मालिकों (डीलरों) का कमीशन भी इसमें जुड़ा होता है। इसी संदर्भ में, गढ़वा, झारखंड के एक स्थानीय पेट्रोल पंप पर कीमत पर ₹200 का अतिरिक्त शुल्क मनमाने ढंग से वसूला गया है।1
- छत्तरपुर प्रखंड मुख्यालय स्थित ब्लॉक गेट के सामने सोमवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में पारा शिक्षक राजेश भारद्वाज की मृत्यु हो गई, जिसके बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। जानकारी के अनुसार, राजेश भारद्वाज ब्लॉक गेट के पास मौजूद थे जब एक तेज रफ्तार एफसीआई ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वे गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घायल शिक्षक को अस्पताल भेजने की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक काफी तेज गति में था, जिसके कारण यह हादसा हुआ। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा गया, और उन्होंने क्षेत्र में बढ़ती तेज रफ्तार वाहनों पर रोक लगाने तथा सड़क सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। मृतक राजेश भारद्वाज एक मिलनसार एवं लोकप्रिय पारा शिक्षक के रूप में जाने जाते थे, और उनके निधन की खबर से शिक्षा जगत में भी शोक का माहौल है। फिलहाल, पुलिस एफसीआई ट्रक और चालक की पहचान कर आगे की कार्रवाई में जुट गई है।1
- गढ़वा जिले के रंका अनुमंडल में मोहम्मद परवेज को नया अनुमंडल पदाधिकारी नियुक्त किया गया है।1
- झारखंड के पलामू जिले में धनंजय धड़कन नाम के एक व्यक्ति को एक शादी के कार्यक्रम में सबसे सुंदर नज़ारा देखने को मिला।1
- पलामू जिले के रेहला स्थित संत तुलसीदास इंटर महाविद्यालय इन दिनों प्रशासनिक खींचतान और शासी निकाय के विवाद में बुरी तरह उलझा है। प्रभारी प्राचार्य को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब कॉलेज की पूरी व्यवस्था पर भारी पड़ने लगा है। स्थानीय निवासियों से लेकर कॉलेज कर्मचारियों तक का आरोप है कि प्रभारी प्राचार्या अर्चना कुमारी और शासी निकाय सदस्यों की गैर-मौजूदगी में कई महत्वपूर्ण बैठकों में बड़े और अप्रासंगिक निर्णय लिए गए हैं। इस आंतरिक कलह के कारण महाविद्यालय में शिक्षा पर ध्यान देने के बजाय सत्ता की लड़ाई हावी हो गई है। शासी निकाय विवाद में संस्थान के फंसने का सीधा असर कर्मचारियों पर पड़ा है, जिसके चलते 30 कर्मियों का मानदेय कई महीनों से बंद है।1