1 अप्रैल से चालू होगी भरौली–करीमुद्दीनपुर ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेस-वे, एनएच-31 पर जाम से मिलेगी राहत, यूपी–बिहार की दूरी होगी कम गाजीपुर। पूर्वांचल के विकास को नई रफ्तार देने वाली एक बड़ी सौगात एक अप्रैल से आम जनता को मिलने जा रही है। भरौली गोलंबर से गाजीपुर जिले के करीमुद्दीनपुर के आगे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जुड़ने वाली ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेस-वे को यातायात के लिए खोलने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इसके चालू होते ही राष्ट्रीय राजमार्ग-31 (NH-31) पर लगने वाले भीषण जाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, साथ ही उत्तर प्रदेश और बिहार की राजधानियों के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। यह ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेस-वे बिहार के बक्सर जिले के भरौली गोलंबर से शुरू होकर गंगा नदी पर बने नए पुल के माध्यम से उत्तर प्रदेश में प्रवेश करता है और सीधे गाजीपुर जिले के करीमुद्दीनपुर के आगे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जुड़ता है। करीब 17 किलोमीटर लंबा यह लिंक रोड अत्याधुनिक मानकों पर तैयार किया गया है, जिसमें चौड़ी लेन, मजबूत सेफ्टी बैरियर, बेहतर ड्रेनेज सिस्टम और आधुनिक साइन बोर्ड लगाए गए हैं। जाम से राहत, सफर होगा आसान अब तक भरौली, बक्सर और गाजीपुर के बीच आवागमन करने वाले यात्रियों को एनएच-31 पर भारी जाम का सामना करना पड़ता था। खासकर त्योहारों, शादी-विवाह के मौसम और सुबह-शाम के व्यस्त समय में लंबा जाम आम बात थी। नए लिंक एक्सप्रेस-वे के चालू होने से वाहनों का दबाव एनएच-31 से हटकर इस मार्ग पर बंट जाएगा, जिससे जाम की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी। यूपी–बिहार की दूरी होगी कम इस मार्ग के शुरू होने से लखनऊ से पटना और पटना से लखनऊ का सफर पहले की तुलना में काफी कम समय में पूरा किया जा सकेगा। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के जरिए लखनऊ से गाजीपुर और फिर ग्रीनफील्ड लिंक रोड से सीधे बक्सर होते हुए बिहार की राजधानी पटना तक पहुंचना आसान हो जाएगा। इससे न केवल यात्रियों को समय की बचत होगी, बल्कि ईंधन की खपत भी कम होगी। व्यापार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा इस एक्सप्रेस-वे के चालू होने से क्षेत्रीय व्यापार, उद्योग और पर्यटन को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। पूर्वांचल और बिहार के बीच मालवाहक वाहनों की आवाजाही सुगम होगी, जिससे व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी। साथ ही गाजीपुर, बक्सर, बलिया और आसपास के धार्मिक व ऐतिहासिक स्थलों तक पर्यटकों की पहुंच आसान होने से पर्यटन उद्योग को भी मजबूती मिलेगी। स्थानीय लोगों में उत्साह लिंक एक्सप्रेस-वे के शुभारंभ को लेकर स्थानीय लोगों में खासा उत्साह है। लोगों का कहना है कि यह सड़क वर्षों पुरानी यातायात समस्याओं का समाधान करेगी और क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई दिशा देगी। व्यापारियों, किसानों और नौकरीपेशा लोगों सभी को इससे सीधा लाभ मिलेगा। कुल मिलाकर, 1 अप्रैल से शुरू होने वाली यह ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजना पूर्वांचल और बिहार के लिए विकास की नई राह खोलेगी, जाम से राहत दिलाएगी और आवागमन को तेज, सुरक्षित व सुगम बनाएगी। संवाद। वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज गाजीपुर
1 अप्रैल से चालू होगी भरौली–करीमुद्दीनपुर ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेस-वे, एनएच-31 पर जाम से मिलेगी राहत, यूपी–बिहार की दूरी होगी कम गाजीपुर। पूर्वांचल के विकास को नई रफ्तार देने वाली एक बड़ी सौगात एक अप्रैल से आम जनता को मिलने जा रही है। भरौली गोलंबर से गाजीपुर जिले के करीमुद्दीनपुर के आगे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जुड़ने वाली ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेस-वे को यातायात के लिए खोलने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इसके चालू होते ही राष्ट्रीय राजमार्ग-31 (NH-31) पर लगने वाले भीषण जाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, साथ ही उत्तर प्रदेश और बिहार की राजधानियों के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। यह ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेस-वे बिहार के बक्सर जिले के भरौली गोलंबर से शुरू होकर गंगा नदी पर बने नए पुल के माध्यम से उत्तर प्रदेश में प्रवेश करता है और सीधे गाजीपुर जिले के करीमुद्दीनपुर के आगे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जुड़ता है। करीब 17 किलोमीटर लंबा यह लिंक रोड अत्याधुनिक मानकों पर तैयार किया गया है, जिसमें चौड़ी लेन, मजबूत सेफ्टी बैरियर, बेहतर ड्रेनेज सिस्टम और आधुनिक साइन बोर्ड लगाए गए हैं। जाम से राहत, सफर होगा आसान अब तक भरौली, बक्सर और गाजीपुर के बीच आवागमन करने वाले यात्रियों को एनएच-31 पर भारी जाम का सामना करना पड़ता था। खासकर त्योहारों, शादी-विवाह के मौसम और सुबह-शाम के व्यस्त समय में लंबा जाम आम बात थी। नए लिंक एक्सप्रेस-वे के चालू होने से वाहनों का दबाव एनएच-31 से हटकर इस मार्ग पर
बंट जाएगा, जिससे जाम की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी। यूपी–बिहार की दूरी होगी कम इस मार्ग के शुरू होने से लखनऊ से पटना और पटना से लखनऊ का सफर पहले की तुलना में काफी कम समय में पूरा किया जा सकेगा। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के जरिए लखनऊ से गाजीपुर और फिर ग्रीनफील्ड लिंक रोड से सीधे बक्सर होते हुए बिहार की राजधानी पटना तक पहुंचना आसान हो जाएगा। इससे न केवल यात्रियों को समय की बचत होगी, बल्कि ईंधन की खपत भी कम होगी। व्यापार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा इस एक्सप्रेस-वे के चालू होने से क्षेत्रीय व्यापार, उद्योग और पर्यटन को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। पूर्वांचल और बिहार के बीच मालवाहक वाहनों की आवाजाही सुगम होगी, जिससे व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी। साथ ही गाजीपुर, बक्सर, बलिया और आसपास के धार्मिक व ऐतिहासिक स्थलों तक पर्यटकों की पहुंच आसान होने से पर्यटन उद्योग को भी मजबूती मिलेगी। स्थानीय लोगों में उत्साह लिंक एक्सप्रेस-वे के शुभारंभ को लेकर स्थानीय लोगों में खासा उत्साह है। लोगों का कहना है कि यह सड़क वर्षों पुरानी यातायात समस्याओं का समाधान करेगी और क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई दिशा देगी। व्यापारियों, किसानों और नौकरीपेशा लोगों सभी को इससे सीधा लाभ मिलेगा। कुल मिलाकर, 1 अप्रैल से शुरू होने वाली यह ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजना पूर्वांचल और बिहार के लिए विकास की नई राह खोलेगी, जाम से राहत दिलाएगी और आवागमन को तेज, सुरक्षित व सुगम बनाएगी। संवाद। वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज गाजीपुर
- Sachin Pali gaon sign bhupat mein Bhagwan ka Pran pratishtha sthapna hua dinank 18 2026 Rath hatyara1
- Post by Dawan विजय टाइम्स पेपर न्यूज1
- मऊ - नेशनल हाईवे पर ट्रक और ट्रेलर की हुई जबरदस्त टक्कर...! ट्रेलर की टक्कर से कोयला से लदा ट्रक में लगी आग ट्रक ड्राइवर की मौत...! दो थानों की पुलिस व फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। मृतक ड्राइवर संदीप कुमार राणा झारखंड हजारीबाग रांची का रहने वाला था। दोहरीघाट थाना क्षेत्र के बशारतपुर गांव के पास नेशनल हाईवे की घटना...! #jeettaklivenews #दलजीतसिंह #maunathbhanjan #HumaraUP #maumahadev #facebookreels #reelschallenge #NayeBharatKaNayaUP #fbreels #reelsviralシ1
- गाज़ीपुर: पैरामेडिकल कॉलेज के बी-फार्मा छात्र विपुल यादव की संदिग्ध हालात में मौत मां सरस्वती पैरामेडिकल कॉलेज के छात्र विपुल यादव की रहस्यमय परिस्थितियों में मृत्यु महेंगवा मरदह स्थित नर्सिंग कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र की अचानक मौत से हड़कंप बी-फार्मा छात्र विपुल यादव की संदिग्ध मौत, परिवार और साथियों में शोक कॉलेज परिसर में छात्र की मौत, कारणों की जांच में जुटी पुलिस1
- मऊ। जनपद के दोहरीघाट थाना क्षेत्र अंतर्गत बशारतपुर के पास वाराणसी–गोरखपुर फोरलेन पर बुधवार दोपहर करीब 12 बजे भीषण सड़क हादसा हो गया। हल्दिया पश्चिम बंगाल से कोयला लादकर गोरखपुर के सहजनवा जा रहा एक ट्रेलर आगे चल रहे बालू लदे दूसरे ट्रेलर से पीछे से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कोयला लदे ट्रेलर में तुरंत भीषण आग लग गई। आग की चपेट में आने से ट्रेलर चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। चालक जिंदा जलकर राख हो गया जिससे घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम, दोहरीघाट थाना पुलिस और घोसी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। क्षेत्राधिकारी जितेंद्र सिंह ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। पुलिस के अनुसार मृतक चालक की पहचान संदीप कुमार राणा निवासी हजारीबाग झारखंड के रूप में हुई है। वह मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे हल्दिया पश्चिम बंगाल से कोयला लेकर गोरखपुर के सहजनवा के लिए रवाना हुआ था। हादसे के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई जिसे पुलिस ने नियंत्रित किया।1
- पुलिस विभाग को गाली-गलौज करते हुए लड़का का दुख बोल रहा है।1
- Post by Bala Ji1
- गाजीपुर। मां सरस्वती पैरामेडिकल एवं नर्सिंग कॉलेज, महेंगवा–मरदह में पढ़ने वाले डी-फार्मा के छात्र विपुल यादव की मंगलवार दोपहर रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार विपुल यादव, पुत्र जयप्रकाश यादव, निवासी नसीरपुर डाढ़ी, थाना मरदह, कॉलेज की चौथी मंजिल से नीचे गिर गया। घटना की जानकारी होते ही कॉलेज परिसर में हड़कंप मच गया। कॉलेज कर्मचारियों ने तुरंत उसे एम्बुलेंस से इलाज के लिए मऊ ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कॉलेज के चेयरमैन विजय यादव ने बताया कि वे इस समय लखनऊ में थे। उन्हें जानकारी मिली कि विपुल चौथी मंजिल की छत पर मोबाइल पर बातचीत कर रहा था और बातचीत के दौरान वह नीचे गिर गया।2