मुरैना कलेक्टर कार्यालय की रिकॉर्ड शाखा में प्राइवेट लोगों की एंट्री, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल मुरैना कलेक्टर कार्यालय की रिकॉर्ड शाखा में प्राइवेट लोगों की एंट्री, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल मुरैना जिले के कलेक्टर कार्यालय स्थित रिकॉर्ड शाखा में अनाधिकृत लोगों के प्रवेश का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि कुछ प्राइवेट व्यक्ति वहां पुराने नक्शों की खोजबीन करते देखे गए, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार, यह पूरा मामला बाबुओं और चौकीदार की शह पर चल रहा है, जिसके चलते बाहरी लोग बिना किसी अनुमति के रिकॉर्ड रूम तक पहुंच रहे हैं। रिकॉर्ड शाखा में महत्वपूर्ण दस्तावेज और नक्शे सुरक्षित रखे जाते हैं, ऐसे में इस तरह की लापरवाही से दस्तावेजों के गायब होने या छेड़छाड़ की आशंका बढ़ गई है। यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो कोई बड़ा हादसा या रिकॉर्ड में हेरफेर की घटना सामने आ सकती है। मामले को लेकर कर्मचारियों और आम लोगों में भी नाराजगी देखी जा रही है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले को लेकर क्या कार्रवाई करता है और सुरक्षा व्यवस्था को किस तरह सख्त किया जाता
मुरैना कलेक्टर कार्यालय की रिकॉर्ड शाखा में प्राइवेट लोगों की एंट्री, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल मुरैना कलेक्टर कार्यालय की रिकॉर्ड शाखा में प्राइवेट लोगों की एंट्री, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल मुरैना जिले के कलेक्टर कार्यालय स्थित रिकॉर्ड शाखा में अनाधिकृत लोगों के प्रवेश का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि कुछ प्राइवेट व्यक्ति वहां पुराने नक्शों की खोजबीन करते देखे गए, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार, यह पूरा मामला बाबुओं और चौकीदार की शह पर चल रहा है, जिसके चलते बाहरी लोग बिना किसी अनुमति के रिकॉर्ड रूम तक पहुंच रहे हैं। रिकॉर्ड शाखा में महत्वपूर्ण दस्तावेज और नक्शे सुरक्षित रखे जाते हैं, ऐसे में इस तरह की लापरवाही से दस्तावेजों के गायब होने या छेड़छाड़ की आशंका बढ़ गई है। यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो कोई बड़ा हादसा या रिकॉर्ड में हेरफेर की घटना सामने आ सकती है। मामले को लेकर कर्मचारियों और आम लोगों में भी नाराजगी देखी जा रही है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले को लेकर क्या कार्रवाई करता है और सुरक्षा व्यवस्था को किस तरह सख्त किया जाता
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- मुरैना कलेक्टर कार्यालय की रिकॉर्ड शाखा में प्राइवेट लोगों की एंट्री, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल मुरैना जिले के कलेक्टर कार्यालय स्थित रिकॉर्ड शाखा में अनाधिकृत लोगों के प्रवेश का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि कुछ प्राइवेट व्यक्ति वहां पुराने नक्शों की खोजबीन करते देखे गए, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार, यह पूरा मामला बाबुओं और चौकीदार की शह पर चल रहा है, जिसके चलते बाहरी लोग बिना किसी अनुमति के रिकॉर्ड रूम तक पहुंच रहे हैं। रिकॉर्ड शाखा में महत्वपूर्ण दस्तावेज और नक्शे सुरक्षित रखे जाते हैं, ऐसे में इस तरह की लापरवाही से दस्तावेजों के गायब होने या छेड़छाड़ की आशंका बढ़ गई है। यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो कोई बड़ा हादसा या रिकॉर्ड में हेरफेर की घटना सामने आ सकती है। मामले को लेकर कर्मचारियों और आम लोगों में भी नाराजगी देखी जा रही है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले को लेकर क्या कार्रवाई करता है और सुरक्षा व्यवस्था को किस तरह सख्त किया जाता1
- धौलपुर।राजस्थान सरकार के द्वारा हाल ही में जारी शिविरा पंचांग सत्र 2026 -27 में शैक्षणिक कैलेंडर वर्ष में अवकाश कटौती की गई है जिसको लेकर राजस्थान के सभी शिक्षक वर्ग में रोष है, सरकार द्वारा शिक्षकों और व्याख्याताओं के रिक्त पदों को भरने के बजाय शिक्षकों की अवकाशों में कटौती करना सरकार की नाकामी को उजागर करती है। राजस्थान शिक्षक संघ एकीकृत के प्रदेश संगठन महामंत्री एवं जिला अध्यक्ष मनोज पोसवाल ने बताया कटौतियों का राजस्थान शिक्षक संघ एकीकृत संगठन कडा विरोध करता है और प्रांतीय आव्हान पर धौलपुर जिले में कलेक्टर जिला कार्यालय में ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन में प्रधानाचार्य घोषित अवकाश पूर्व की भांति 2 दिन यथावत रखे जाने , ग्रीष्मकालीन अवकाश 17 मई से 30 जून तक किये जाने,.शीतकालीन अवकाश 26 दिसंबर से 10 जनवरी किये जाने हेतु राजस्थान शिक्षक संघ एकीकृत के द्वारा राजस्थान सरकार से पुरजोर मांग की गई। राजस्थान शिक्षक संघ एकीकृत के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि फैसला वापस नहीं लिया गया तो पूरे प्रदेश में सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन किया जाएगा।प्रदेश उपाध्यक्ष गंगाराम गुर्जर व राकेश प्रजापति ने संयुक्त रूप से कहा कि आज भी हजारों शिक्षक गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगे हैं, स्कूलों में शिक्षकों और व्याख्याताओं के पद खाली हैं और भवन जर्जर स्थिति में हैं, शिक्षा की गुणवत्ता केवल स्कूल का समय या दिन बढ़ाने से नहीं, बल्कि विभाग के कामकाज में सुधार और पर्याप्त स्टाफ की नियुक्ति से होगी एवं तृतीय श्रेणी शिक्षकों के पिछले कई वर्षों से लंबित स्थानांतरण शुरू करने, तृतीय श्रेणी शिक्षकों की छः सत्रों से रुकी हुई डीपीसी के लिए न्यायालय में प्रभावी पैरवी कर जल्द से जल्द डीपीसी करने, शिक्षकों और व्याख्याताओं के रिक्त पदों को भरने, शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने, जर्जर विद्यालय भवनों की मरम्मत और पुनः निर्माण करवाने हेतु भी राजस्थान शिक्षक संघ एकीकृत मांग करता है। इस अवसर पर यहां चंद्रभान चौधरी, मनोज पोसवाल, गंगाराम गुर्जर , राकेश प्रजापति,चोल सिंह, जसवंत गुर्जर, सुरेंद्रसिंह पोसवाल,कुलदीप शर्मा, अनिल पाठक, त्रिलोक सिंह, अशोक शर्मा, संजय,इंदिरा कुमारी,अनु बाला,मधु यादव,तमन्ना अख्तर,रेनू बारेठ,पूजा जाट आदि उपस्थित रहे।4
- शैक्षणिक कैलेंडर वर्ष में अवकाश में की गई कटौतियों का राजस्थान शिक्षक संघ एकीकृत का कलेक्ट्रेट पर होगा विरोध प्रदर्शन धौलपुर: राजस्थान सरकार के द्वारा हाल ही में जारी शिविरा पंचांग सत्र 2026 -27 में शैक्षणिक कैलेंडर वर्ष में अवकाश कटौती की गई है जिसके राजस्थान के सभी शिक्षक वर्ग में रोष है, क्योंकि इन आदेशों से शिक्षकों के साथ कुठाराघात किया जा रहा है, सरकार द्वारा शिक्षकों और व्याख्याताओं के रिक्त पदों को भरने के बजाय शिक्षकों की अवकाशों में कटौती सरकार की नाकामी को उजागर करती है। राजस्थान शिक्षक संघ एकीकृत के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. रणजीत मीना, प्रदेश संगठन महामंत्री चन्द्रभान चौधरी, प्रदेश उपाध्यक्ष गंगाराम गुर्जर , मुख्य प्रदेश सचिव तेजकरन मुंडोतिया ने कहा कि इन की गई कटौतियों का राजस्थान शिक्षक संघ एकीकृत संगठन कडा विरोध करता है इसी क्रम में प्रांतीय आव्हान पर राजस्थान में सभी जिला स्तर पर दिनांक 7 अप्रैल 2026 को प्रत्येक जिला कलेक्टर को जिला कार्यालय में ज्ञापन दिया जाएगा, जिसके लिए सभी जिला अध्यक्षों व उनकी कार्यकारिणी को ज्ञापन का समय अपने अनुसार तय करने हेतु कहा गया है, ज्ञापन में 1.प्रधानाचार्य घोषित अवकाश पूर्व की भांति 2 दिन यथावत रखे जाने , 2.ग्रीष्मकालीन अवकाश 17 मई से 30 जून तक किये जाने, 3.शीतकालीन अवकाश 26 दिसंबर से 10 जनवरी किये जाने हेतु संगठन राजस्थान सरकार से पुरजोर मांग करेगा, क्योंकि प्रदेश की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए भीषण गर्मी के बीच छुट्टियों में कटौती का फैसला बच्चों के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा है। अगर सरकार द्वारा उपरोक्त मांगो को नहीं माना गया तो संगठन आगे और बडा विरोध प्रदर्शन कर आंदोलन करेगा।1
- Post by Salim Khan1
- Post by Mayaram uchchariya1
- बिजली के टावर पर चढ़ा प्रेमी, प्रेमिका से शादी की जिद* *सिहोरा के गजताल गांव में प्रेमी का हाईवोल्टेज ड्रामा1
- *प्राइवेट स्कूलों की मनमानी लूट और लापरवाही के खिलाफ कांग्रेस ने सौपा ज्ञापन* *बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जायेगा- राजेश राठौर* मुरैना। आज पिछड़ा वर्ग कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश राठौर ने जिला कलेक्टर के नाम डिप्टी कलेक्टर श्री अरविंद माहौर को दिये ज्ञापन के माध्यम से बताया कि क्षेत्र के प्राइवेट विद्यालयों के द्वारा की जा रही मनमानी फीस वसूली से अभिभावकों में आक्रोश है। बिना कारण फीस बढ़ाना, किताबें व यूनिफॉर्म निर्धारित दुकानों से खरीदने का दबाव बनाना आम बात हो गई है। भारी शुल्क के बावजूद कई विद्यालयों में सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की कमी भी चिंता का विषय है। अभिभावकों ने प्रशासन से फीस नियंत्रण,सुरक्षा मानकों एवं कोर्स और ड्रेस में कमिशन खोरी और जर्जर बिल्डिंग की जांच कराने और दोषी विद्यालयों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है इस अवसर पर जिलाध्यक्ष राजेश राठौर, महासचिव निरंजन राठौर, रजक समाज अध्यक्ष आनंद रजक,संजीव राठौर, हरिओम आदि लोग शामिल रहे।1