विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 जून को जनपद एटा में 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत व्यापक वृक्षारोपण महाअभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का रूप दिया गया। 'सेवा, संस्कार, सुशासन एवं सम्मान' कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के सभी विकास खंडों, नगरीय निकायों, शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर हजारों पौधे रोपे गए। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरित एवं सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करना है। मुख्य कार्यक्रम जलेसर तहसील स्थित रामसर साइट पटना पक्षी विहार में आयोजित हुआ, जहाँ वन विभाग एवं नमामि गंगे के संयुक्त तत्वावधान में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, विद्यार्थियों तथा नागरिकों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। इस अवसर पर विधायक संजीव दिवाकर, जिलाधिकारी अरविन्द सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इला मारन, मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद मिश्र, नगर पालिका परिषद जलेसर की अध्यक्ष गौरी वर्मा और प्रभागीय वनाधिकारी विपिन वर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने पौधे रोपकर इस अभियान को गति प्रदान की। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने पर्यावरण जागरूकता रैली निकाली और लोगों को प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया। विद्यार्थियों ने क्विज, चित्रकला और अन्य प्रतियोगिताओं के माध्यम से पर्यावरण के प्रति अपनी संवेदनशीलता और जागरूकता का परिचय दिया, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया गया। इस मौके पर जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने ज़ोर देते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण सिर्फ एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सतत दायित्व है। उन्होंने बढ़ते तापमान, जलवायु परिवर्तन और मौसम की अनिश्चितता को मानवता के समक्ष गंभीर चुनौतियाँ बताते हुए कहा कि इनका समाधान वृक्षारोपण, जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग में निहित है। उन्होंने हर व्यक्ति से कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने का आह्वान किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इला मारन ने नागरिकों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने और लगाए गए पौधों के संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की। वहीं, मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद मिश्र ने कहा कि पौधरोपण की सार्थकता तभी है जब उसकी नियमित देखभाल सुनिश्चित की जाए, उन्होंने लोगों से अपने घर, विद्यालय, खेत और कार्यस्थल पर पौधे लगाकर उन्हें वृक्ष बनाने का संकल्प लेने का आग्रह किया। अधिकारियों ने इस बात पर प्रकाश डाला कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रारम्भ किए गए ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हरित उत्तर प्रदेश के संकल्प को जनभागीदारी के माध्यम से साकार किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की साझा जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में पटना पक्षी विहार की जैव विविधता एवं यहाँ आने वाले विदेशी प्रवासी पक्षियों पर आधारित एक विशेष डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन भी किया गया, जिसकी उपस्थित विद्यार्थियों और अतिथियों ने सराहना की। इस दौरान क्षेत्रीय वन अधिकारी मनीषा कुकरेती, नमामि गंगे के प्रतिनिधि आर्यन गौड़, वन विभाग एवं प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं तथा बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे। एटा से उठी यह हरित पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रही है, बल्कि जनभागीदारी के माध्यम से प्रकृति और मानव के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हो रही है।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 जून को जनपद एटा में 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत व्यापक वृक्षारोपण महाअभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का रूप दिया गया। 'सेवा, संस्कार, सुशासन एवं सम्मान' कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के सभी विकास खंडों, नगरीय निकायों, शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर हजारों पौधे रोपे गए। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरित एवं सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करना है। मुख्य कार्यक्रम जलेसर तहसील स्थित रामसर साइट पटना पक्षी विहार में आयोजित हुआ, जहाँ वन विभाग एवं नमामि गंगे के संयुक्त तत्वावधान में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, विद्यार्थियों तथा नागरिकों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। इस अवसर पर विधायक संजीव दिवाकर, जिलाधिकारी अरविन्द सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इला मारन, मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद मिश्र, नगर पालिका परिषद जलेसर की अध्यक्ष गौरी वर्मा और प्रभागीय वनाधिकारी विपिन वर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने पौधे रोपकर इस अभियान को गति प्रदान की। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने पर्यावरण जागरूकता रैली निकाली और लोगों को प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया। विद्यार्थियों ने क्विज, चित्रकला और अन्य प्रतियोगिताओं के माध्यम से पर्यावरण के प्रति अपनी संवेदनशीलता और जागरूकता का परिचय दिया, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया गया। इस मौके पर जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने ज़ोर देते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण सिर्फ एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सतत दायित्व है। उन्होंने बढ़ते तापमान, जलवायु परिवर्तन और मौसम की अनिश्चितता को मानवता के समक्ष गंभीर चुनौतियाँ बताते हुए कहा कि इनका समाधान वृक्षारोपण, जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग में निहित है। उन्होंने हर व्यक्ति से कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने का आह्वान किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इला मारन ने नागरिकों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने और लगाए गए पौधों के संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की। वहीं, मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद मिश्र ने कहा कि पौधरोपण की सार्थकता तभी है जब उसकी नियमित देखभाल सुनिश्चित की जाए, उन्होंने लोगों से अपने घर, विद्यालय, खेत और कार्यस्थल पर पौधे लगाकर उन्हें वृक्ष बनाने का संकल्प लेने का आग्रह किया। अधिकारियों ने इस बात पर प्रकाश डाला कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रारम्भ किए गए ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हरित उत्तर प्रदेश के संकल्प को जनभागीदारी के माध्यम से साकार किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की साझा जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में पटना पक्षी विहार की जैव विविधता एवं यहाँ आने वाले विदेशी प्रवासी पक्षियों पर आधारित एक विशेष डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन भी किया गया, जिसकी उपस्थित विद्यार्थियों और अतिथियों ने सराहना की। इस दौरान क्षेत्रीय वन अधिकारी मनीषा कुकरेती, नमामि गंगे के प्रतिनिधि आर्यन गौड़, वन विभाग एवं प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं तथा बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे। एटा से उठी यह हरित पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रही है, बल्कि जनभागीदारी के माध्यम से प्रकृति और मानव के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हो रही है।
- एटा जिले के जलेसर क्षेत्र में मौजूद पटना पक्षी विहार का एक अत्यंत सुंदर वीडियो देखने को मिला है। इस वीडियो में पक्षी विहार की अनुपम सुंदरता को कैद किया गया है।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 जून को जनपद एटा में 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत व्यापक वृक्षारोपण महाअभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का रूप दिया गया। 'सेवा, संस्कार, सुशासन एवं सम्मान' कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के सभी विकास खंडों, नगरीय निकायों, शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर हजारों पौधे रोपे गए। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरित एवं सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करना है। मुख्य कार्यक्रम जलेसर तहसील स्थित रामसर साइट पटना पक्षी विहार में आयोजित हुआ, जहाँ वन विभाग एवं नमामि गंगे के संयुक्त तत्वावधान में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, विद्यार्थियों तथा नागरिकों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। इस अवसर पर विधायक संजीव दिवाकर, जिलाधिकारी अरविन्द सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इला मारन, मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद मिश्र, नगर पालिका परिषद जलेसर की अध्यक्ष गौरी वर्मा और प्रभागीय वनाधिकारी विपिन वर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने पौधे रोपकर इस अभियान को गति प्रदान की। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने पर्यावरण जागरूकता रैली निकाली और लोगों को प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया। विद्यार्थियों ने क्विज, चित्रकला और अन्य प्रतियोगिताओं के माध्यम से पर्यावरण के प्रति अपनी संवेदनशीलता और जागरूकता का परिचय दिया, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया गया। इस मौके पर जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने ज़ोर देते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण सिर्फ एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सतत दायित्व है। उन्होंने बढ़ते तापमान, जलवायु परिवर्तन और मौसम की अनिश्चितता को मानवता के समक्ष गंभीर चुनौतियाँ बताते हुए कहा कि इनका समाधान वृक्षारोपण, जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग में निहित है। उन्होंने हर व्यक्ति से कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने का आह्वान किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इला मारन ने नागरिकों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने और लगाए गए पौधों के संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की। वहीं, मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद मिश्र ने कहा कि पौधरोपण की सार्थकता तभी है जब उसकी नियमित देखभाल सुनिश्चित की जाए, उन्होंने लोगों से अपने घर, विद्यालय, खेत और कार्यस्थल पर पौधे लगाकर उन्हें वृक्ष बनाने का संकल्प लेने का आग्रह किया। अधिकारियों ने इस बात पर प्रकाश डाला कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रारम्भ किए गए ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हरित उत्तर प्रदेश के संकल्प को जनभागीदारी के माध्यम से साकार किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की साझा जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में पटना पक्षी विहार की जैव विविधता एवं यहाँ आने वाले विदेशी प्रवासी पक्षियों पर आधारित एक विशेष डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन भी किया गया, जिसकी उपस्थित विद्यार्थियों और अतिथियों ने सराहना की। इस दौरान क्षेत्रीय वन अधिकारी मनीषा कुकरेती, नमामि गंगे के प्रतिनिधि आर्यन गौड़, वन विभाग एवं प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं तथा बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे। एटा से उठी यह हरित पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रही है, बल्कि जनभागीदारी के माध्यम से प्रकृति और मानव के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हो रही है।1
- कुंडा ग्राम वासियों के सहयोग से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा एवं ज्ञान यज्ञ के भव्य आयोजन के पाँचवें दिन भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की सरस कथा का वाचन किया गया। कथावाचक रमाकांत शास्त्री ने मनमोहक झाँकियों के साथ श्रीकृष्ण जन्म की पावन कथा को सुनाया, जिसमें श्रीकृष्ण की झाँकी भी प्रस्तुत की गई। इस अवसर पर मौजूद श्रद्धालुओं ने बधाई गीतों पर जमकर नृत्य किया, जो काफी लंबी अवधि तक चलता रहा। परीक्षित और यज्ञ पति ने भी बधाई देते हुए नृत्य प्रस्तुत किया। आरती के उपरांत सभी भक्तों में प्रसाद का वितरण किया गया।1
- CJP चीफ अभिजीत दीपके ने “जय भीम” नारे के साथ अमेरिका से दिल्ली के जंतर मंतर के लिए अपनी रवानगी की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि वे मैदान में आ रहे हैं। जनता कॉकरोच पार्टी दिल्ली के जंतर मंतर से अपनी पहली रणनीति की शुरुआत करने जा रही है।1
- कासगंज जिले के पटियाली क्षेत्र में एक स्थान पर हमेशा पानी का जमाव बना रहता है। यह स्थिति लगातार बनी रहती है।1
- मैनपुरी सांसद डिंपल यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए गाजीपुर में हुए एक पुलिस एनकाउंटर पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि जब पुलिस अपराधी को पकड़ सकती थी, तो एनकाउंटर करने की क्या आवश्यकता थी। उनके अनुसार, यह घटना अपने आप में कानून व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह लगाती है और यह दर्शाता है कि बीजेपी नहीं चाहती कि प्रशासन कानून के दायरे में रहकर काम करे। डिंपल यादव ने आगे कहा कि वह 'कॉकरेज जनता पार्टी' के प्रदर्शन में युवाओं का समर्थन करती हैं। उन्होंने जोर दिया कि समाजवादी पार्टी लगातार जनता के मुद्दों को उठाने का काम करती है और लोगों का साथ व विश्वास पार्टी के साथ है। उन्होंने प्रधानमंत्री पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि पीएम ने देश से सोना न खरीदने के लिए कहा, जबकि सरकार ने स्वयं सोना बेच दिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने NEET परीक्षा लीक होने के मामले में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की, आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार आँखों पर पट्टी बांधकर बैठी है और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार छात्रों की कोई भी बात मानने को तैयार नहीं है और देश की अर्थव्यवस्था बहुत नाजुक हालत से गुजर रही है। शंकरराचार्य के संदर्भ में, डिंपल यादव ने स्पष्ट किया कि उनका दौरा कोई राजनीतिक नहीं है और अखिलेश यादव की तारीफ करना उनका निजी मन है। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग शंकरराचार्य के अभियान का समर्थन कर रहे हैं, उनकी आस्था उनके साथ है। अंत में, उन्होंने बीजेपी की भाषा पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इसी से पता चलता है कि कौन सच्चा सनातनी है और कौन राजनीतिक सनातनी।1
- मैनपुरी में परिवारों को टूटने से बचाने और रिश्तों में मधुरता बहाल करने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं। पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद साह के निर्देश पर, महिला थाना परिसर में प्रत्येक शुक्रवार को परिवार परामर्श केंद्र का आयोजन किया जाता है। आज आयोजित परामर्श केंद्र में कुल 39 फाइलों पर सुनवाई की गई, जबकि 2 मामलों में फॉलोअप भी लिया गया। इस परामर्श केंद्र में पति-पत्नी और पारिवारिक विवादों से जुड़े मामलों की सुनवाई की जाती है। केंद्र के सदस्यों द्वारा दोनों पक्षों को समझाकर उनके आपसी मतभेदों को दूर करने का प्रयास किया जाता है। इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य टूटते रिश्तों को बचाना और परिवारों में सौहार्द स्थापित करना है। परिवार परामर्श केंद्र की सदस्य आराधना गुप्ता ने बताया कि केंद्र के सभी सदस्य पूरी मेहनत और संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हैं, जिसका लक्ष्य टूटे हुए रिश्तों को जोड़ना है। उन्होंने यह भी ज़िक्र किया कि कई मामलों में सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं।1
- "वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य देने के लिए प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। जल, वन और भूमि के संरक्षण में समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता जरूरी है।" विश्व पर्यावरण दिवस पर शक्ति शाखा का अनूठा अभियान, वृक्षारोपण के साथ पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था एटा, 5 जून। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भारत विकास परिषद शक्ति शाखा एटा द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं पक्षी संवर्धन को समर्पित विशेष अभियान चलाया गया। शहर के शहीद पार्क सहित विभिन्न स्थानों पर वृक्षारोपण कर हरियाली बढ़ाने का संकल्प लिया गया, वहीं पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था कर जीव-जंतुओं के संरक्षण का संदेश भी दिया गया। शाखा संयोजक नीरज गुप्ता के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ पर्यावरण गतिविधि संयोजक पूनम दीक्षित ने 501 वृक्ष लगाने के लक्ष्य के साथ किया। अभियान के दौरान विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गए तथा लोगों को पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया गया। इसके साथ ही भीषण गर्मी को देखते हुए पक्षियों के लिए सकोरों एवं जलपात्रों में दाना-पानी रखा गया और नागरिकों से अपने घरों, प्रतिष्ठानों एवं सार्वजनिक स्थानों पर भी ऐसी व्यवस्था करने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एडीएम प्रशासन संगम लाल ने शाखा सदस्यों के साथ पक्षियों के लिए दाना-पानी के पात्र स्थापित किए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की निरंतर जिम्मेदारी है। वृक्ष पृथ्वी के फेफड़े हैं और पक्षियों सहित समस्त जीव-जंतुओं का संरक्षण हमारी सांस्कृतिक एवं सामाजिक विरासत का हिस्सा है। उन्होंने शक्ति शाखा द्वारा किए जा रहे जनहितकारी कार्यों की सराहना करते हुए प्रशासन की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। इस अवसर पर एडीएम वित्त एवं राजस्व लालता प्रसाद ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। प्रत्येक व्यक्ति यदि एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प ले, तो पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। कार्यक्रम में शाखा की महिला सहभागिता प्रमुख रागिनी वार्ष्णेय एवं पर्यावरण गतिविधि प्रमुख पूनम दीक्षित ने अपनी टीम के साथ अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया। शाखा अध्यक्ष अनुज चौहान, सचिव साजन देव वार्ष्णेय, कोषाध्यक्ष धीरेंद्र चौहान, संस्कार प्रमुख बबीता कुलश्रेष्ठ, संजीव जादौन, अतुल भदौरिया, नवजोत वर्मा, गीता शर्मा, ऋचा यादव, श्वेता गुप्ता, ऊषा शर्मा, मीडिया प्रभारी अमित आर्य सहित बड़ी संख्या में शाखा सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण, जल बचाने, अधिकाधिक वृक्षारोपण करने तथा पक्षियों एवं अन्य जीव-जंतुओं के संरक्षण हेतु सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर "एक पेड़ मां के नाम" तथा "पक्षियों को भी जीवन का अधिकार" जैसे संदेशों के माध्यम से जन-जागरूकता फैलाने1