भारतीय जनता पार्टी, राजस्थान द्वारा जयपुर में एक प्रदेश स्तरीय प्राकृतिक खेती कार्यशाला और मल्खम्भ प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करना और उन्हें इस संबंध में प्रशिक्षण प्रदान करना है। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में भाग लेने के लिए शनिवार सुबह 11:00 बजे मिली जानकारी के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी सूरौठ मंडल के सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता बस द्वारा जयपुर के लिए रवाना हो चुके हैं। कार्यशाला में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चाहर और भाजपा किसान मोर्चा राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष कैलाश चौधरी की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। इस दौरान कई भाजपाई भी मौजूद रहे।
भारतीय जनता पार्टी, राजस्थान द्वारा जयपुर में एक प्रदेश स्तरीय प्राकृतिक खेती कार्यशाला और मल्खम्भ प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करना और उन्हें इस संबंध में प्रशिक्षण प्रदान करना है। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में भाग लेने के लिए शनिवार सुबह 11:00 बजे मिली जानकारी के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी सूरौठ मंडल के सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता बस द्वारा जयपुर के लिए रवाना हो चुके हैं। कार्यशाला में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चाहर और भाजपा किसान मोर्चा राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष कैलाश चौधरी की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। इस दौरान कई भाजपाई भी मौजूद रहे।
- पांचना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर खंडीप में किसानों का आंदोलन मंगलवार को और तेज हो गया। आंदोलन के समर्थन में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से हजारों किसान, महिलाएं और ग्रामीण रैली के रूप में खंडीप धरना स्थल पर पहुंचे। बड़ी संख्या में लोगों की इस मौजूदगी से आंदोलन ने निर्णायक रूप ले लिया और पूरे क्षेत्र में किसानों की एकजुटता साफ देखने को मिली। प्राप्त जानकारी के अनुसार, महस्वा रैला सहित आसपास के गांवों से किसान और महिलाएं जुलूस निकालते हुए खंडीप धरना स्थल की ओर रवाना हुए। इसी दौरान बड़ी संख्या में आंदोलनकारी खंडीप रेलवे फाटक के समीप एकत्रित हो गए और नहरों में शीघ्र पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन करने लगे। किसानों का कहना था कि खरीफ फसलों की बुवाई का समय नजदीक है, ऐसे में नहरों में पानी नहीं पहुंचने से उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। रेलवे फाटक पर अचानक भीड़ बढ़ने के कारण कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आंदोलनकारियों के रेलवे ट्रैक के समीप पहुंचने से रेल यातायात प्रभावित होने की स्थिति बनी, जिससे प्रशासन और रेलवे अधिकारियों की चिंता बढ़ गई। सूचना मिलने पर प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों से वार्ता कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। दोपहर करीब डेढ़ बजे से बड़ी संख्या में ग्रामीण खंडीप फाटक से महापंचायत स्थल से गुजरने लगे, जिससे फाटक खुला रहा। इस दौरान लगभग दो घंटे तक फाटक खुला रहने से रेल यातायात बाधित हुआ। काफी संख्या में ग्रामीण ट्रैक पर भी आकर धरना-प्रदर्शन करने लगे, जिन्हें काफी समझाइश के बाद पुलिसकर्मियों द्वारा हटाया गया। गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले सोमवार को भी ग्रामीण रैली के रूप में फाटक से गुजरे थे और इस दौरान ट्रैक पर जमा होकर बांध से नहरों में पानी छोड़ने के लिए प्रदर्शन कर रहे थे। धरना स्थल पर दिनभर किसानों ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। किसानों का कहना है कि उच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है, जिससे क्षेत्र के किसानों में भारी रोष व्याप्त है। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही पांचना बांध से नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा। किसानों ने सरकार और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर नहरों में पानी छोड़ने की मांग की है। वहीं, धरना स्थल पर किसानों, महिलाओं और ग्रामीणों की लगातार बढ़ती भागीदारी से आंदोलन को और मजबूती मिल रही है।3
- सवाई माधोपुर स्थित कमलेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन के लिए पहुँचने वाले श्रद्धालुओं को इन दिनों भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।1
- राजस्थान के खंडीप रेलवे स्टेशन पर मीणा महापंचायत ने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक को पूरी तरह जाम कर दिया। इस विरोध प्रदर्शन में पीली लुगड़ी पहने मीणा समाज की महिलाएं भी शामिल हुईं, जिन्होंने खंडीप रेलवे स्टेशन पर चक्का जाम किया।2
- करौली जिले के हिंडौन सिटी स्थित मामा भांजे दरगाह पर अल्लाह नूर जी का स्वागत किया गया। इस दौरान जिला अध्यक्ष जला नूर खान का भी अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर जिला महामंत्री यामीन खान, जो हिंडौन सिटी मंडल अध्यक्ष भी हैं, उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सतर्कता समिति के मनोनीत बब्बू भाई, सदर हबीब भाई, सोनू हरोली और शाहरुख भाई सहित अन्य लोग भी शामिल थे।2
- बाड़ी-बसेड़ी के नादनपुर मोड़ के पास एक गंभीर सड़क हादसे में टेंपो और बाइक की जोरदार भिड़ंत हो गई, जिसमें शुरू में आधा दर्जन लोग घायल हो गए। इस दुखद घटना में घायलों में से दो लोगों की उपचार के दौरान मौत हो गई। मृतकों में 12 वर्षीय बालिका शिवन्या शामिल है, जिसने बसेड़ी अस्पताल में दम तोड़ दिया, वहीं 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला भगवती की बाड़ी रेफर किए जाने के दौरान रास्ते में मौत हो गई। सभी घायल बाड़ी के बरौलीपुरा गांव के निवासी बताए जा रहे हैं, जिसके चलते पूरे गांव में शोक की लहर छा गई है। बसेड़ी थाना पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।1
- श्योपुर (मध्य प्रदेश) के बल्लू टी स्टॉल फेमस ने मानवता और सेवा की एक मिसाल पेश करते हुए कोटा से चक बंबोरिया, वर्धा (राजस्थान) जा रहे बुजुर्ग यात्रियों और अन्य राहगीरों को रास्ते में आई मुश्किलों में सहायता प्रदान की। इन यात्रियों को तब परेशानी का सामना करना पड़ा जब उनकी फोर व्हीलर पंक्चर हो गई और कई मोटरसाइकिलों के टायर भी एक के बाद एक पंक्चर हो गए। ऐसे कठिन समय में बल्लू टी स्टॉल की टीम ने आगे बढ़कर मदद का हाथ बढ़ाया और यात्रियों का हौसला भी बढ़ाया। इस घटना के माध्यम से बल्लू टी स्टॉल ने एक बार फिर यह दर्शाया कि सेवा का असली अर्थ जरूरत पड़ने पर किसी अजनबी की मदद करना है। उनकी इस पहल ने मानवता, भाईचारे और सामाजिक सहयोग की भावना को मजबूती दी है, जो श्योपुर जिले की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान का भी हिस्सा है। ईश्वर से प्रार्थना की गई है कि सभी यात्री सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुँचें और समाज में इसी तरह सेवा और सहयोग की भावना बनी रहे, क्योंकि सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।1
- गंगापुर सिटी क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर प्रजापति समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है। गत 26 मई, 2026 को करण प्रजापति उर्फ करण कुमावत के साथ हुई अमानवीय और क्रूर घटना के विरोध में दक्ष प्रजापति विकास समिति, गंगापुर सिटी के पदाधिकारियों और सैकड़ों समाज बंधुओं ने आज उग्र प्रदर्शन किया। समाज के लोगों ने एकत्रित होकर उपजिलाधिकारी (SDM) गंगापुर सिटी को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से समाज के पदाधिकारियों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि पीड़ित करण प्रजापति को जल्द से जल्द न्याय दिलाया जाए। उन्होंने मांग की कि इस अमानवीय कृत्य में शामिल सभी आरोपियों को बिना किसी देरी के तुरंत गिरफ्तार किया जाए, मामले की फास्ट ट्रैक जांच कराकर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए, और पीड़ित परिवार की दयनीय स्थिति को देखते हुए उचित आर्थिक मुआवजा व सुरक्षा प्रदान की जाए। समाज के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने इस मामले में जल्द ठोस कदम नहीं उठाए और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो प्रजापति समाज उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान दक्ष प्रजापति विकास समिति और राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय महासंघ के कई वरिष्ठ पदाधिकारी व सैकड़ों समाज बंधु उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से बृजमोहन प्रजापति (अध्यक्ष), हेमंत प्रजापति (कोषाध्यक्ष), रवि प्रजापति (पूर्व अध्यक्ष), मुकेश कुमावत (एडवोकेट), मुकेश प्रजापति कप्तान सिंह, मुकेश प्रजापति (मोबाइल पॉइंट), गजानंद प्रजापति (जिला अध्यक्ष, गंगापुर सिटी - राष्ट्रीय प्रजापति महासंघ), त्रिलोक प्रजापति, सोमराज प्रजापति, लहरी प्रजापति और सुनील प्रजापति शामिल थे। प्रशासन ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है, लेकिन घटना को लेकर समाज के युवाओं और पदाधिकारियों में अब भी भारी रोष देखा जा रहा है।1
- सरमथुरा पुलिस ने अवैध चंबल बजरी खनन के खिलाफ सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। इसके तहत, पुलिस अवैध बजरी खनन पर कड़ी निगरानी रख रही है और उस पर अंकुश लगाने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।1
- सबलगढ़ नगर पालिका परिषद में चल रहा जनहित सत्याग्रह 40वें दिन भी लगातार जारी है। इस लंबे समय से चल रहे आंदोलन के बावजूद, नगर की मूलभूत समस्याओं में कोई ठोस बदलाव देखने को नहीं मिला है, जिसके कारण प्रशासन की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। पार्षद मोहन रामजी लाल पचौरी ने बताया कि शहर में कई स्थानों पर गलियों का निर्माण तो किया गया है, लेकिन उनमें गंदगी और अव्यवस्था अभी भी बनी हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सफाई व्यवस्था केवल कागजी कार्रवाई और तस्वीरों तक ही सीमित होकर रह गई है। इसके अतिरिक्त, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था जैसी बुनियादी सुविधाओं में भी कोई विशेष सुधार नहीं हुआ है, जिससे आम नागरिकों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस जनआंदोलन में पार्षद कैलाश चंद भगत और पार्षद रचना अशरफ ने कहा कि अब केवल घोषणाओं की नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई की आवश्यकता है, ताकि नगर की व्यवस्थाएं वास्तविक रूप से सुधर सकें। नगर के कई समाजसेवी भी इस आंदोलन को निरंतर समर्थन दे रहे हैं और नगर की समस्याओं के स्थायी समाधान की पुरजोर मांग कर रहे हैं।1