देवीपाटन मंडल के बलरामपुर जिले के क्षेत्रवासियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि सीएमओ की मिलीभगत से तुलसीपुर में झोलाछाप डॉक्टर गरीब मरीजों को लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि इन झोलाछाप डॉक्टरों के पास न तो कोई डिग्री है और न ही कोई लाइसेंस, फिर भी वे स्वास्थ्य विभाग के सीएमओ की साठगांठ से बेरोकटोक काम कर रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने यह भी बताया कि सरकारी अस्पताल, जैसे कि तुलसीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएससी), की स्थिति पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता, जबकि झोलाछाप डॉक्टरों को पूरी छूट मिलती है। उनका आरोप है कि ऐसा इसलिए है क्योंकि झोलाछाप डॉक्टरों से सीएमओ को मासिक भुगतान मिलता रहता है। स्थानीय लोगों ने इस बात पर भी जोर दिया कि सीएमओ पिछले 15 सालों से बलरामपुर में पदस्थ हैं, और इन वर्षों में तुलसीपुर सीएससी का ढंग से रखरखाव नहीं हो पाया, लेकिन झोलाछाप डॉक्टरों और अवैध क्लीनिकों के लिए सारी व्यवस्थाएं बनी हुई हैं। यह स्थिति स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि सीएमओ खुद इन गतिविधियों में संलिप्त हैं। इस मामले को लेकर क्षेत्रवासियों ने माननीय मुख्यमंत्री जी से मांग की है कि स्वास्थ्य विभाग को इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। यह रिपोर्ट देवीपाटन मंडल कार्यालय प्रभारी प्रदीप पत्रकार ने मानसिकता न्यूज़ राष्ट्रीय हिंदी समाचार पत्र के लिए तुलसीपुर, जनपद बलरामपुर से दी है।
देवीपाटन मंडल के बलरामपुर जिले के क्षेत्रवासियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि सीएमओ की मिलीभगत से तुलसीपुर में झोलाछाप डॉक्टर गरीब मरीजों को लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि इन झोलाछाप डॉक्टरों के पास न तो कोई डिग्री है और न ही कोई लाइसेंस, फिर
भी वे स्वास्थ्य विभाग के सीएमओ की साठगांठ से बेरोकटोक काम कर रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने यह भी बताया कि सरकारी अस्पताल, जैसे कि तुलसीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएससी), की स्थिति पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता, जबकि झोलाछाप डॉक्टरों को पूरी छूट मिलती है। उनका आरोप है कि ऐसा इसलिए है क्योंकि झोलाछाप डॉक्टरों से सीएमओ को मासिक
भुगतान मिलता रहता है। स्थानीय लोगों ने इस बात पर भी जोर दिया कि सीएमओ पिछले 15 सालों से बलरामपुर में पदस्थ हैं, और इन वर्षों में तुलसीपुर सीएससी का ढंग से रखरखाव नहीं हो पाया, लेकिन झोलाछाप डॉक्टरों और अवैध क्लीनिकों के लिए सारी व्यवस्थाएं बनी हुई हैं। यह स्थिति स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि सीएमओ
खुद इन गतिविधियों में संलिप्त हैं। इस मामले को लेकर क्षेत्रवासियों ने माननीय मुख्यमंत्री जी से मांग की है कि स्वास्थ्य विभाग को इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। यह रिपोर्ट देवीपाटन मंडल कार्यालय प्रभारी प्रदीप पत्रकार ने मानसिकता न्यूज़ राष्ट्रीय हिंदी समाचार पत्र के लिए तुलसीपुर, जनपद बलरामपुर से दी है।
- देवीपाटन मंडल के बलरामपुर जिले के क्षेत्रवासियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि सीएमओ की मिलीभगत से तुलसीपुर में झोलाछाप डॉक्टर गरीब मरीजों को लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि इन झोलाछाप डॉक्टरों के पास न तो कोई डिग्री है और न ही कोई लाइसेंस, फिर भी वे स्वास्थ्य विभाग के सीएमओ की साठगांठ से बेरोकटोक काम कर रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने यह भी बताया कि सरकारी अस्पताल, जैसे कि तुलसीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएससी), की स्थिति पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता, जबकि झोलाछाप डॉक्टरों को पूरी छूट मिलती है। उनका आरोप है कि ऐसा इसलिए है क्योंकि झोलाछाप डॉक्टरों से सीएमओ को मासिक भुगतान मिलता रहता है। स्थानीय लोगों ने इस बात पर भी जोर दिया कि सीएमओ पिछले 15 सालों से बलरामपुर में पदस्थ हैं, और इन वर्षों में तुलसीपुर सीएससी का ढंग से रखरखाव नहीं हो पाया, लेकिन झोलाछाप डॉक्टरों और अवैध क्लीनिकों के लिए सारी व्यवस्थाएं बनी हुई हैं। यह स्थिति स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि सीएमओ खुद इन गतिविधियों में संलिप्त हैं। इस मामले को लेकर क्षेत्रवासियों ने माननीय मुख्यमंत्री जी से मांग की है कि स्वास्थ्य विभाग को इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। यह रिपोर्ट देवीपाटन मंडल कार्यालय प्रभारी प्रदीप पत्रकार ने मानसिकता न्यूज़ राष्ट्रीय हिंदी समाचार पत्र के लिए तुलसीपुर, जनपद बलरामपुर से दी है।4
- उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले के उतरौला स्थित चांद औलिया में एक भीषण सड़क हादसा हो गया है। यह दुर्घटना एक पिकअप वाहन और एक कार के बीच हुई जोरदार टक्कर के कारण हुई है।1
- बलरामपुर जिले के महुवाधनी स्थित सामुदायिक शौचालय की बदहाली को लेकर ग्रामीणों ने अपनी नाराजगी व्यक्त की है। उनका आरोप है कि इस शौचालय के रखरखाव पर प्रतिमाह ₹9 हजार की राशि खर्च की जा रही है, इसके बावजूद इसकी स्थिति अत्यंत दयनीय बनी हुई है। ग्रामीणों ने रखरखाव कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए संबंधित अधिकारियों से इस पूरे मामले की गहन जांच करने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।2
- अयोध्या स्थित राम मंदिर के निर्माण हेतु एकत्रित चंदे में कथित चोरी के मुद्दे पर एक नया गाना जारी किया गया है।1
- श्रावस्ती में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए गए सघन चेकिंग अभियान के दौरान एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। 62वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल के जवानों और श्रावस्ती पुलिस की संयुक्त टीम ने इस कार्रवाई में उस व्यक्ति को 5 किलो 272 ग्राम चरस के साथ पकड़ा।1
- सिद्धार्थनगर जिले के भवानीगंज थाना पुलिस ने हत्या के एक मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मामले में संलिप्त दो बाल अपचारियों को पुलिस अभिरक्षा में लेकर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। थाना भवानीगंज में दर्ज मुकदमा संख्या 77/2026 के तहत हत्या सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में वांछित हसमत अली उर्फ शब्बू और आमिना खातून को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए ये दोनों आरोपी भानपुर मस्जिदिया गांव, थाना भवानीगंज क्षेत्र के निवासी हैं। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देश पर चलाए जा रहे अपराधियों के विरुद्ध अभियान के तहत की गई। इसमें अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद का पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी डुमरियागंज बृजेश कुमार वर्मा का निर्देशन शामिल था, और थानाध्यक्ष विजय शंकर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इसे अंजाम दिया। इस पुलिस टीम में थानाध्यक्ष विजय शंकर सिंह, उपनिरीक्षक राजेंद्र प्रसाद, हेड कांस्टेबल विजय गुप्ता, हेड कांस्टेबल हरेन्द्र यादव, कांस्टेबल रामबीर यादव, कांस्टेबल रवि कुमार श्रीवास्तव, महिला कांस्टेबल रुबी गौतम और महिला कांस्टेबल बरखा रावत शामिल रहे। सभी आरोपियों और बाल अपचारियों के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर सोमवार को न्यायालय भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि जनपद में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध यह अभियान आगे भी जारी रहेगा तथा कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1
- बलरामपुर के जिलाधिकारी ने खरीफ सीजन के लिए खाद की कमी न होने का आश्वासन दिया है। उन्होंने बताया कि जनपद में यूरिया सहित सभी उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि खाद की कालाबाजारी करने वाले और किसानों से अधिक कीमत वसूलने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, उन्होंने किसानों से समय पर खाद का उपयोग करने की अपील भी की।1
- अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर में पैसों की हेराफेरी का गंभीर आरोप सामने आया है। जानकारी के अनुसार, मंदिर से संबंधित कुछ लोग कथित तौर पर 18,000 रुपये के वेतन पर होते हुए भी आईफोन का उपयोग कर रहे हैं, जिससे वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।1