जहां एक तरफ आम जनता और गरीब उपभोक्ताओं पर मामूली बिजली बिल बकाया होने या छोटी सी गड़बड़ी के लिए विद्युत विभाग तुरंत मुकदमा और भारी-भरकम जुर्माने की कार्रवाई करता है, वहीं सुल्तानपुर जनपद के कादीपुर वन क्षेत्र अंतर्गत दोस्तपुर ब्लॉक से सरकारी विभागों की मिलीभगत का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां रोहनि खोजगीपुर स्थित सरकारी वन विभाग की नर्सरी में सालों से खुलेआम बिजली चोरी का खेल चल रहा है। स्थानीय ग्रामीणों से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, खोजगीपुर नर्सरी में पौधों की सिंचाई के लिए एक भारी-भरकम समरसेबल पंप लगाया गया है, जिसे चलाने के लिए मुख्य विद्युत लाइन से सीधा कटिया जोड़ा गया है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह अवैध खेल किसी बंद कमरे या चोरी-छिपे नहीं, बल्कि सरेआम सालों से चल रहा है। बिजली चोरी को स्थायी रूप देने के लिए बकायदा 'इंजीनियरिंग' की गई है; खंभे से लटकता हुआ तार पहले सड़क के नीचे से पार किया गया है और दूसरी तरफ निकलते ही उस पर भारी-भरकम मिट्टी पाट दी गई है ताकि किसी को शक न हो। ग्रामीणों का कहना है कि इतनी बारीकी और 'विधि-विधान' से तो कोई आम चोर भी चोरी नहीं करता, जिससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह सालों की "मेहनत" और संरक्षण का नतीजा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से बड़ा सवाल किया है कि अगर यही चोरी किसी गरीब या किसान ने अपने खेत की सिंचाई के लिए की होती, तो अब तक बिजली विभाग की टीम उसे जेल भेज चुकी होती। लेकिन सरकारी परिसर में हो रही इस खुली लूट पर आखिर विभाग की आँखें क्यों बंद हैं, और इसका जिम्मेदार कौन है? सरेआम मुख्य मार्ग के पास हो रही इस बिजली चोरी ने विद्युत विभाग और वन विभाग दोनों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इतने लंबे समय से बिना किसी वैध कनेक्शन के चल रहे समरसेबल पंप ने विभागीय जांच और पेट्रोलिंग के दावों की पोल खोल कर रख दी है। स्थानीय जनता अब इस मामले में उच्च अधिकारियों से सख्त कार्रवाई और दोषी कर्मचारियों पर जवाबदेही तय करने की मांग कर रही है।
जहां एक तरफ आम जनता और गरीब उपभोक्ताओं पर मामूली बिजली बिल बकाया होने या छोटी सी गड़बड़ी के लिए विद्युत विभाग तुरंत मुकदमा और भारी-भरकम जुर्माने की कार्रवाई करता है, वहीं सुल्तानपुर जनपद के कादीपुर वन क्षेत्र अंतर्गत दोस्तपुर ब्लॉक से सरकारी विभागों की मिलीभगत का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां रोहनि खोजगीपुर स्थित सरकारी वन विभाग की नर्सरी में सालों से खुलेआम बिजली चोरी का खेल चल रहा है। स्थानीय ग्रामीणों से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, खोजगीपुर नर्सरी में पौधों की सिंचाई के लिए एक भारी-भरकम समरसेबल पंप लगाया गया है, जिसे चलाने के लिए मुख्य विद्युत लाइन से सीधा कटिया जोड़ा गया है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह अवैध खेल किसी बंद कमरे या चोरी-छिपे नहीं, बल्कि सरेआम सालों से चल रहा है। बिजली चोरी को स्थायी रूप देने के लिए बकायदा 'इंजीनियरिंग' की गई है; खंभे से लटकता हुआ तार पहले सड़क के नीचे से पार किया गया है और दूसरी तरफ निकलते ही उस पर भारी-भरकम मिट्टी पाट दी गई है ताकि
किसी को शक न हो। ग्रामीणों का कहना है कि इतनी बारीकी और 'विधि-विधान' से तो कोई आम चोर भी चोरी नहीं करता, जिससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह सालों की "मेहनत" और संरक्षण का नतीजा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से बड़ा सवाल किया है कि अगर यही चोरी किसी गरीब या किसान ने अपने खेत की सिंचाई के लिए की होती, तो अब तक बिजली विभाग की टीम उसे जेल भेज चुकी होती। लेकिन सरकारी परिसर में हो रही इस खुली लूट पर आखिर विभाग की आँखें क्यों बंद हैं, और इसका जिम्मेदार कौन है? सरेआम मुख्य मार्ग के पास हो रही इस बिजली चोरी ने विद्युत विभाग और वन विभाग दोनों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इतने लंबे समय से बिना किसी वैध कनेक्शन के चल रहे समरसेबल पंप ने विभागीय जांच और पेट्रोलिंग के दावों की पोल खोल कर रख दी है। स्थानीय जनता अब इस मामले में उच्च अधिकारियों से सख्त कार्रवाई और दोषी कर्मचारियों पर जवाबदेही तय करने की मांग कर रही है।
- सुल्तानपुर जिले के लम्भुआ विधानसभा क्षेत्र के चाँदा इलाके से पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उनके पास से मोबाइल फोन बरामद किए हैं।1
- दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में बुधवार सुबह एक 6 मंजिला होटल में भीषण आग लगने से कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई है। यह घटना बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाली है, जिसमें मरने वालों में ज्यादातर विदेशी नागरिक बताए जा रहे हैं। दिल्ली फायर सर्विस और स्थानीय लोगों के अनुसार, मालवीय नगर स्थित 'फ्लरिश स्टे' (Flourish Stay) नाम के इस होटल के रेस्टोरेंट में बुधवार सुबह करीब 8:50 बजे अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और यह ऊपरी मंजिलों पर बने कमरों से लेकर बेसमेंट तक फैल गई। आग की लपटों और धुएं से घिरे लोग जान बचाने के लिए होटल की तीसरी और चौथी मंजिल से नीचे कूदते नजर आए। स्थानीय लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए जमीन पर गद्दे बिछाकर उनकी मदद करने का प्रयास किया। राहत और बचाव कार्य के दौरान अब तक कुल 40 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है, जिनमें से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। होटल के बेसमेंट से भी 6 से अधिक लोगों को बाहर निकाला गया है। हादसे में जान गंवाने वाले 21 लोगों में से अधिकांश विदेशी नागरिक हैं, जिनका संबंध मुख्य रूप से सेंट्रल एशिया और अफ्रीकी देशों से बताया गया है। हालांकि, मृत विदेशी नागरिकों की सटीक संख्या की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। फिलहाल, इस 6 मंजिला होटल में आग लगने के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है, और पुलिस व प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं। यह घटना दिल्ली में सुरक्षा मानकों पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करती है, खासकर जब पिछले 6 महीनों के भीतर आग लगने की विभिन्न घटनाओं में शहर में कुल 66 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।1
- जौनपुर के मछलीशहर में जज सिंह अन्ना की मांगों के बाद प्रशासन ने अवैध अस्पतालों के खिलाफ जाँच अभियान चलाने की पूरी तैयारी कर ली है। उपजिलाधिकारी अजय कुमार उपाध्याय ने इस अभियान की कमान संभालने का आश्वासन दिया है। अन्ना ने प्रसूता महिला की मृत्यु पर 25 लाख रुपये और नवजात शिशु की मृत्यु पर 5 लाख रुपये के मुआवजे की मांग की है, जिसे उत्तर प्रदेश सरकार के पास लिखित में भेजा जा रहा है। डिप्टी सीएमओ डॉ प्रभात कुमार ने बताया है कि दो दिन बाद से अस्पतालों पर लगातार दस दिनों तक छापे मारे जाएंगे। एसडीएम मछलीशहर ने आश्वस्त किया है कि इस अभियान के लिए जितनी भी फोर्स की आवश्यकता होगी, वह उपलब्ध कराई जाएगी, और जरूरत पड़ने पर वे अवैध अस्पतालों को सीज करने में सीएमओ और एडिशनल सीएमओ का सहयोग करेंगे। उन्होंने चिकित्सा पद्धति को सुधारने और जाँच अभियान में हर संभव सहयोग देने की बात कही। एसडीएम मछलीशहर ने अन्ना की इन मुआवजे की मांगों को जायज बताते हुए उत्तर प्रदेश सरकार से इसे पास कराने की पूरी कोशिश करने का संकल्प लिया है। साथ ही उन्होंने प्रसूता और नवजात की मृत्यु को रोकने के लिए आज से एक सघन अभियान चलाने की घोषणा की। दूसरी ओर, जज सिंह अन्ना ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो वे 15 दिन बाद दोबारा आंदोलन करेंगे, इसे उन्होंने 'जन-संघर्ष की एक और जीत' बताया है।1
- अंबेडकर नगर जिले के एक गांव से यह शिकायत सामने आई है कि उनके घर के पास का नाला पिछले चार सालों से टूटा हुआ है। इस टूटे हुए नाले के कारण स्थानीय निवासियों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार गांव के प्रधान से शिकायत की है, लेकिन उनकी ओर से अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिसके चलते यह गांव की एक गंभीर समस्या बनी हुई है।1
- सुल्तानपुर जिले के बिजेथुआ धाम स्थित मकरी कुंड में एक दर्दनाक हादसा हो गया। यह घटना उस समय हुई जब कोई व्यक्ति मकरी कुंड में नहाने गया था।1
- अम्बेडकर नगर के विकास खण्ड भीटी क्षेत्र की ग्राम पंचायत सिगरा में संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के रिपेट्री अनुदान के तहत एक भव्य और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। 'पंडित दयाशंकर पाण्डेय सेवा संस्थान बभनैया पश्चिम नगर पंचायत दोस्तपुर सुल्तानपुर' द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम ने ग्रामीण अंचल में कला और संस्कृति की अनूठी छटा बिखेरी। कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने अपनी पारंपरिक कला का प्रदर्शन करते हुए पूरे पंडाल को तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजा दिया। पारंपरिक लोकगीत, लोकनृत्य, भजन, नटका, सोहर और बधाई जैसी शानदार प्रस्तुतियों को देखकर उपस्थित दर्शक पूरी तरह भाव-विभोर हो गए। पारंपरिक लोक कलाकार अनीता शर्मा और उनकी टीम इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही, जिन्होंने लोकगीत और मनमोहक झांकी नृत्य की अनुपम प्रस्तुति से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का सफल संचालन दिनेश द्वारा किया गया। सांस्कृतिक उत्सव के समापन पर, संस्था के अध्यक्ष ने दूर-दराज से आए सभी लोक कलाकारों और संगीत प्रेमियों का दिल से आभार और धन्यवाद व्यक्त किया। इस अवसर पर संस्थान के कृपाशंकर मिश्रा, मुन्नीलाल, प्रदीप कुमार, अरुण त्रिपाठी, लालता प्रसाद, रूचि, सौरभ, रानी, राहुल सहित भारी संख्या में क्षेत्रीय लोग और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।1
- प्रयागराज में एक ही परिवार के चार सदस्यों की सामूहिक हत्या से सनसनी फैल गई है। मृतकों में पति-पत्नी और उनके बेटा-बेटी शामिल हैं, जिनके शव अलग-अलग जगहों से बरामद किए गए। पड़ोसियों को घर से बदबू आने पर शक हुआ, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने जब गेट तोड़कर घर के अंदर प्रवेश किया, तो उन्हें तीन शव एक कमरे में मिले, जबकि घर बाहर से बंद और ताला लगा हुआ था। चौथा शव ग्राउंड फ्लोर पर बनी दुकान में पाया गया, जिस पर भी बाहर से ताला लगा था। पुलिस ने बताया कि जिस कमरे में दंपती के शव मिले थे, वहाँ एक बोर्ड पर "बंटी, बबली और बहू ने मारा" लिखा हुआ मिला। तीनों मृतकों के सिर पर गहरे जख्म थे और मौके पर खून सूख चुका था। मृतकों की पहचान वीरेंद्र कुमार वैश्य (70), उनकी पत्नी अनीता (65) और बेटी मीनाक्षी (40) के रूप में हुई है, जिनके शव बेड पर पड़े थे। बेटे अभिषेक (38) का शव दुकान में पाया गया। यह घटना प्रयागराज के साउथ मलाका स्थित हीवेट रोड चौराहे की है।2
- उत्तर प्रदेश के लखनऊ-मुरादाबाद रेल मार्ग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक यात्री की पिटाई का वाकया सामने आया है। बताया जा रहा है कि ट्रेन रुकने पर यह यात्री पास के एक आम के बाग में आम तोड़ने के लिए उतर गया। आम तोड़ते हुए उसे बाग मालिक ने देख लिया, जिसके बाद मालिक ने लाठी से उसकी जमकर पिटाई कर दी। इस घटना को लेकर यह टिप्पणी भी की जा रही है कि यात्री ने सोचा था कि ट्रेन लेट है, तो क्यों न तब तक आम ही तोड़ लिए जाएं, लेकिन बाग मालिक ने उसे ऐसा 'रिसेप्शन' दिया कि आम का स्वाद तो नहीं मिला, बल्कि लाठी का अनुभव ज़रूर मिल गया।1