Shuru
Apke Nagar Ki App…
सुल्तानपुर जिले के लम्भुआ विधानसभा क्षेत्र के चाँदा इलाके से पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उनके पास से मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
Ashok verma
सुल्तानपुर जिले के लम्भुआ विधानसभा क्षेत्र के चाँदा इलाके से पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उनके पास से मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- सुल्तानपुर जिले के लम्भुआ विधानसभा क्षेत्र के चाँदा इलाके से पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उनके पास से मोबाइल फोन बरामद किए हैं।1
- सुल्तानपुर पुलिस ने मोबाइल लूट की एक घटना का सफल अनावरण करते हुए दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से लूटा गया वीवो मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है। यह कार्रवाई एसपी के निर्देश पर चांदा पुलिस और स्वाट/सर्विलांस टीम के संयुक्त अभियान के तहत की गई, जिसकी स्थानीय लोगों ने सराहना की है। पुलिस ने 3 जून की सुबह चांदा क्षेत्र में पूनीभीमपट्टी अंडरपास के पास संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर इन दोनों युवकों को पकड़ा। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान अवनीश कुमार भारती (19 वर्ष) पुत्र ओमप्रकाश भारती और पंकज गौतम (18 वर्ष) पुत्र राजपति गौतम के रूप में हुई है, जो दोनों ग्राम शिवपुर, थाना चांदा के निवासी हैं। यह मामला पिछले महीने 12 मई का है, जब पलटू यादव के भाई संतलाल यादव अपने साथी प्रेमनाथ उपाध्याय (निवासी शिवपुर, थाना चांदा) के साथ सलाहपुर मंदिर भोज से पैदल अपने गांव लौट रहे थे। रास्ते में दो अज्ञात लड़कों ने उन्हें रोककर मारपीट की, जान से मारने की धमकी दी और उनका वीवो मोबाइल फोन जबरन लूट लिया था। इस संबंध में पीड़ित पक्ष ने थाना चांदा में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने दोनों अभियुक्तों को हिरासत में लेकर न्यायालय के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस सफल अनावरण में थाना चांदा के प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार मिश्रा, कांस्टेबल मन्नू कुमार, राहुल पाल, स्वाट/सर्विलांस टीम के उपनिरीक्षक शिवानंद, हेड कांस्टेबल अनुपम सिंह, इमाम हुसैन, विमलेश यादव, उपनिरीक्षक मेराज हुसैन, कांस्टेबल परवेंद्र सिंह, प्रेमदीप और सर्वजीत मौर्य की महत्वपूर्ण भूमिका रही।2
- दिनांक 03 जून 2026 को कोतवाली नगर क्षेत्र के गोलाघाट स्थित पक्के पुल से एक महिला ने नदी में छलांग लगा दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि महिला पुल के नीचे लगे बांस-बल्ली से टकराते हुए सीधे नदी में जा गिरी। इस घटना के तुरंत बाद, मौके पर मौजूद स्थानीय नागरिकों और नाविकों ने महिला को नदी से बाहर निकालने का प्रयास किया, परंतु तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुँचा। पुलिस ने मृतका के शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा भरने की कार्रवाई शुरू की है, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा। अभी तक महिला की पहचान नहीं हो सकी है, और पुलिस आस-पास के थानों के साथ-साथ सोशल मीडिया के माध्यम से उसकी शिनाख्त के प्रयासों में जुटी हुई है। घटना स्थल पर शांति व्यवस्था बनी हुई है और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।1
- जहां एक तरफ आम जनता और गरीब उपभोक्ताओं पर मामूली बिजली बिल बकाया होने या छोटी सी गड़बड़ी के लिए विद्युत विभाग तुरंत मुकदमा और भारी-भरकम जुर्माने की कार्रवाई करता है, वहीं सुल्तानपुर जनपद के कादीपुर वन क्षेत्र अंतर्गत दोस्तपुर ब्लॉक से सरकारी विभागों की मिलीभगत का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां रोहनि खोजगीपुर स्थित सरकारी वन विभाग की नर्सरी में सालों से खुलेआम बिजली चोरी का खेल चल रहा है। स्थानीय ग्रामीणों से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, खोजगीपुर नर्सरी में पौधों की सिंचाई के लिए एक भारी-भरकम समरसेबल पंप लगाया गया है, जिसे चलाने के लिए मुख्य विद्युत लाइन से सीधा कटिया जोड़ा गया है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह अवैध खेल किसी बंद कमरे या चोरी-छिपे नहीं, बल्कि सरेआम सालों से चल रहा है। बिजली चोरी को स्थायी रूप देने के लिए बकायदा 'इंजीनियरिंग' की गई है; खंभे से लटकता हुआ तार पहले सड़क के नीचे से पार किया गया है और दूसरी तरफ निकलते ही उस पर भारी-भरकम मिट्टी पाट दी गई है ताकि किसी को शक न हो। ग्रामीणों का कहना है कि इतनी बारीकी और 'विधि-विधान' से तो कोई आम चोर भी चोरी नहीं करता, जिससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह सालों की "मेहनत" और संरक्षण का नतीजा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से बड़ा सवाल किया है कि अगर यही चोरी किसी गरीब या किसान ने अपने खेत की सिंचाई के लिए की होती, तो अब तक बिजली विभाग की टीम उसे जेल भेज चुकी होती। लेकिन सरकारी परिसर में हो रही इस खुली लूट पर आखिर विभाग की आँखें क्यों बंद हैं, और इसका जिम्मेदार कौन है? सरेआम मुख्य मार्ग के पास हो रही इस बिजली चोरी ने विद्युत विभाग और वन विभाग दोनों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इतने लंबे समय से बिना किसी वैध कनेक्शन के चल रहे समरसेबल पंप ने विभागीय जांच और पेट्रोलिंग के दावों की पोल खोल कर रख दी है। स्थानीय जनता अब इस मामले में उच्च अधिकारियों से सख्त कार्रवाई और दोषी कर्मचारियों पर जवाबदेही तय करने की मांग कर रही है।2
- आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के सैफाबाद बाजार स्थित एक अस्पताल को डिप्टी सीएमओ ने सोमवार देर शाम सील कर दिया। यह कार्रवाई एक प्रसूता और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत के मामले के बाद प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा की गई थी। हालांकि, इस सीलिंग की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अस्पताल सील होने के बावजूद भी यहाँ इलाज का कार्य जारी है। इसकी सच्चाई जानने के लिए जब मीडियाकर्मी मौके पर पहुँचे, तो वहाँ नर्स समेत अन्य स्टाफ मौजूद मिले। यह सामने आया कि अस्पताल के मुख्य गेट को भले ही प्रशासन ने सील कर दिया हो, लेकिन बगल में बनी एक गैलरी से अस्पताल के अंदर जाने का रास्ता खुला है। इस गैलरी के माध्यम से अस्पताल कर्मियों को अंदर दाखिल होने का पूरा अवसर दिया गया है, जिससे डिप्टी सीएमओ की सीलिंग की कार्रवाई की प्रभावशीलता और मंशा पर प्रश्नचिह्न लग गया है। इस दौरान, अस्पताल स्टाफ ने मीडियाकर्मियों का वीडियो बनाना शुरू कर दिया, और घटना की सूचना मिलते ही सैफाबाद चौकी इंचार्ज तुरंत मौके पर पहुँच गए। वहाँ मौजूद एक महिला, जिसे स्टाफ नर्स बताया जा रहा था, मीडियाकर्मियों को लगातार निशाना बनाने का प्रयास करती रही। मंगलवार शाम करीब 6 बजे, थाना अध्यक्ष राकेश चौरसिया ने इस संबंध में बताया कि उन्हें स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल सील होने की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है, और उन्हें अस्पताल के सील होने की कोई जानकारी नहीं है। यह स्थिति अस्पताल सीलिंग की प्रशासनिक कार्रवाई की पारदर्शिता और उसकी वास्तविक प्रभावकारिता पर बड़े सवाल खड़े करती है, खास तौर पर मेडिकल लापरवाही से जुड़ी एक गंभीर घटना के बाद।1
- सुल्तानपुर जिले के दोस्तपुर थाना क्षेत्र में शनिवार रात सड़कों पर एक हादसा हो गया। घटना के संबंध में अन्य कोई विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।2