बाराबंकी रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार रात एक बेहद दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति को स्तब्ध कर दिया। आजमगढ़ निवासी मनोज (32 वर्ष) अपनी पत्नी वंदना (28 वर्ष) और तीन मासूम बच्चों हिमांशी (7 वर्ष), स्नेहा (4 वर्ष) तथा छह माह के दुधमुंहे आंशिक के साथ उत्सर्ग एक्सप्रेस पकड़ने स्टेशन पहुंचे थे, तभी ट्रेन में चढ़ते समय उनका पैर फिसल गया। इस हृदय विदारक दुर्घटना में मनोज की तत्काल मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी वंदना गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है, जहाँ वे जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही हैं। यह घटना एक खुशहाल परिवार के लिए मातम में बदल गई, जिसने उनकी दुनिया उजाड़ दी। हादसे के बाद स्टेशन पर सबसे मार्मिक दृश्य सामने आया, जब तीन मासूम बच्चे अपने माता-पिता के बिना बेसहारा होकर बिलख रहे थे। सात साल की हिमांशी और चार साल की स्नेहा अपने माता-पिता को खोजते हुए फूट-फूटकर रो रही थीं, वहीं छह माह का मासूम आंशिक अपनी माँ की गोद के लिए तड़प रहा था। बच्चों की चीखों और सिसकियों ने वहाँ मौजूद लोगों का कलेजा कंपा दिया और कई लोगों की आँखें नम हो गईं। मौके पर पहुँचे जीआरपी थानाध्यक्ष चंद्रमणि पांडेय, हेड कांस्टेबल रेखा सैनी और उषा कुमारी भी बच्चों की हालत देखकर भावुक हो गईं। पुलिसकर्मियों ने बच्चों को दुलारा, उन्हें चुप कराने की कोशिश की और सुरक्षित अपनी देखरेख में ले लिया। बताया गया कि मनोज लखनऊ के गोमती नगर में निजी नौकरी करते थे और पूरे परिवार के एकमात्र सहारा थे। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस और स्थानीय पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। मनोज के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जबकि बच्चों को सुरक्षित संरक्षण में रखते हुए उनके परिजनों को सूचित कर दिया गया है। बाराबंकी रेलवे स्टेशन पर हुई यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि एक परिवार की बिखरती दुनिया की कहानी बन गई है, जिसे देखकर हर आँख नम और हर दिल भारी हो गया।
बाराबंकी रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार रात एक बेहद दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति को स्तब्ध कर दिया। आजमगढ़ निवासी मनोज (32 वर्ष) अपनी पत्नी वंदना (28 वर्ष) और तीन मासूम बच्चों हिमांशी (7 वर्ष), स्नेहा (4 वर्ष) तथा छह माह के दुधमुंहे आंशिक के साथ उत्सर्ग एक्सप्रेस पकड़ने स्टेशन पहुंचे थे, तभी ट्रेन में चढ़ते समय उनका पैर फिसल गया। इस हृदय विदारक दुर्घटना में मनोज की तत्काल मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी वंदना गंभीर रूप से घायल हो
गईं। उन्हें लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है, जहाँ वे जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही हैं। यह घटना एक खुशहाल परिवार के लिए मातम में बदल गई, जिसने उनकी दुनिया उजाड़ दी। हादसे के बाद स्टेशन पर सबसे मार्मिक दृश्य सामने आया, जब तीन मासूम बच्चे अपने माता-पिता के बिना बेसहारा होकर बिलख रहे थे। सात साल की हिमांशी और चार साल की स्नेहा अपने माता-पिता को खोजते हुए फूट-फूटकर रो रही थीं, वहीं छह माह का मासूम आंशिक
अपनी माँ की गोद के लिए तड़प रहा था। बच्चों की चीखों और सिसकियों ने वहाँ मौजूद लोगों का कलेजा कंपा दिया और कई लोगों की आँखें नम हो गईं। मौके पर पहुँचे जीआरपी थानाध्यक्ष चंद्रमणि पांडेय, हेड कांस्टेबल रेखा सैनी और उषा कुमारी भी बच्चों की हालत देखकर भावुक हो गईं। पुलिसकर्मियों ने बच्चों को दुलारा, उन्हें चुप कराने की कोशिश की और सुरक्षित अपनी देखरेख में ले लिया। बताया गया कि मनोज लखनऊ के गोमती नगर में निजी नौकरी करते थे
और पूरे परिवार के एकमात्र सहारा थे। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस और स्थानीय पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। मनोज के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जबकि बच्चों को सुरक्षित संरक्षण में रखते हुए उनके परिजनों को सूचित कर दिया गया है। बाराबंकी रेलवे स्टेशन पर हुई यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि एक परिवार की बिखरती दुनिया की कहानी बन गई है, जिसे देखकर हर आँख नम और हर दिल भारी हो गया।
- Rinku ChaudheryRae Bareli, Uttar Pradeshइस घटना के तहत देखने के बाद रू कहां गई है इसलिए सरकार को इन बच्चों को सहारा बनना चाहिए उनके जीवन जब तक पढ़ना चाहे पढ़ना चाहिए और उनकी मदद करना चाहिए उनकी व्यवस्था करना चाहिए18 hrs ago
- जनपद बाराबंकी के रेलवे स्टेशन पर गुरुवार देर रात एक हृदयविदारक हादसा सामने आया। आजमगढ़ निवासी एक दंपति अपने तीन बच्चों के साथ उत्कल एक्सप्रेस में सवार होकर घर लौटने की कोशिश कर रहे थे, तभी ट्रेन में चढ़ते समय उनका संतुलन बिगड़ गया और वे ट्रेन व प्लेटफॉर्म के बीच फंसकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही जीआरपी और रेलवे पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और 108 एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से दोनों घायलों को बाराबंकी जिला अस्पताल भेजा गया। उपचार के दौरान लगभग 40 वर्षीय युवक की मृत्यु हो गई, जबकि उसकी पत्नी की हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे ट्रॉमा सेंटर, लखनऊ रेफर कर दिया। पुलिस के अनुसार, मृतक और घायल महिला आजमगढ़ के थाना लाटघाट क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मुहम्मदपुर तरौका के निवासी बताए जा रहे हैं। मामले की जांच की जा रही है और परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया जारी है। इस घटना के बाद रेलवे स्टेशन पर मौजूद यात्रियों और स्थानीय लोगों में शोक का माहौल है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से ट्रेन में चढ़ते और उतरते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। यह समाचार उपलब्ध प्रारंभिक सूचनाओं और पुलिस द्वारा साझा किए गए तथ्यों पर आधारित है, और जांच पूरी होने के बाद तथ्यों में परिवर्तन संभव है।1
- हरदोई के संडीला थाना क्षेत्र के ककरहिया मजरा मंडोली गांव की एक महिला ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की मांग की है। पीड़िता का आरोप है कि 3 जून की रात कुछ लोगों ने उसके घर में घुसकर उसके बेटे और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मारपीट की, जिसके कारण उसका बेटा घायल हो गया। पीड़ित परिवार ने आरोपियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस पूरे मामले में पुलिस जांच कर रही है।2
- ब्रेकिंग न्यूज़ के तहत, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि उनकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय जहाजों को ईरान के कथित ड्रोन हमलों से बचाया है। इसी बीच, ईंधन वितरण के लिए एक नया नियम लागू किया गया है, जिसके तहत एक ग्राहक को अधिकतम 200 लीटर डीजल ही मिलेगा। वहीं, उत्तर प्रदेश से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक पिता ने थाने के भीतर ही अपनी बेटी की हत्या कर दी। ट्रम्प के बयान के अनुसार, ईरान ने भारतीय जहाजों पर ड्रोन हमले किए थे, जिन्हें अमेरिकी सेना ने नाकाम कर दिया। हालांकि, भारत सरकार द्वारा अमेरिकी हमलों (जिनमें 3 भारतीय नाविकों की मौत हुई थी) पर कड़ा ऐतराज जताए जाने के बाद ट्रम्प ने इस घटना का ठीकरा ईरान पर फोड़ा। दूसरी ओर, ईरान के दूतावास ने इन दावों को बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया है और कहा है कि ये हमले अमेरिकी सेना द्वारा किए गए थे। ईंधन वितरण की नई गाइडलाइन के तहत, देश में अब कोई भी ग्राहक एक बार में 200 लीटर से अधिक डीजल नहीं ले पाएगा। यह कदम ईंधन की जमाखोरी रोकने और इसके सुचारु वितरण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। उत्तर प्रदेश में एक हैरान कर देने वाले मामले में, एक पिता ने पुलिस थाने के अंदर अपनी ही बेटी को चाकू गोदकर मार डाला। इस घटना ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और इसे ऑनर किलिंग का मामला माना जा रहा है।2
- लखनऊ में साइबर क्राइम सेल और साइबर थाना की एक संयुक्त टीम ने ऑनलाइन नौकरी दिलाने के नाम पर देशभर के इच्छुक अभ्यर्थियों से ठगी करने वाले पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी विभूति खंड थाना क्षेत्र स्थित जेम्स टावर के चतुर्थ तल पर की गई छापेमारी के दौरान हुई, जिसमें दो पुरुष और तीन महिलाओं सहित कुल पांच ठग पकड़े गए। साइबर क्राइम टीम ने पकड़े गए ठगों के कॉल सेंटर से ठगी में इस्तेमाल की जा रही कई अहम वस्तुएं भी बरामद की हैं। इनमें 11 कीपैड मोबाइल फोन, दो एंड्रॉयड फोन, एक लैपटॉप, 102 वर्क डेटा शीट, 26 फर्जी जॉइनिंग लेटर और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं। यह गिरोह देश भर के नौकरी के इच्छुक लोगों को ऑनलाइन नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे धोखाधड़ी करता था। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान जीशान खान, सतीश पाल, सोनाली चौरसिया, शिवानी वर्मा और नीलू वर्मा के रूप में हुई है। साइबर क्राइम टीम द्वारा इन अभियुक्तों और कुछ अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। एडीजीपी किरण यादव ने भी विभूति खंड थाना क्षेत्र में हुई इस छापेमारी और जेम्स टावर से पांच अभियुक्तों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है, और पकड़े गए सभी ठगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।3
- लखनऊ के इको गार्डन में कॉकरोच पार्टी के अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने एक जोरदार प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में तकरीबन पाँच हजार युवा मौजूद थे, जिन्होंने नारे लगाए।1
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी रेलवे स्टेशन पर हुए एक दर्दनाक हादसे के बाद का ऐसा दृश्य सामने आया है जो किसी की भी आँखों को नम कर सकता है। इस दुर्घटना में पिता की मौत हो चुकी है, जबकि माँ अस्पताल में ज़िंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। यह मंजर हर देखने वाले के दिल को झकझोर देने वाला है। इस दुखद स्थिति में, महज 6 माह की मासूम अंशिका को उसकी बड़ी बहन अपनी गोद में लेकर चुप कराने की कोशिश कर रही है। जिस उम्र में बच्चों को माता-पिता के स्नेह और सुरक्षा की सबसे अधिक आवश्यकता होती है, उसी उम्र में ये मासूम एक ऐसे दर्द से गुज़र रहे हैं जिसे शब्दों में बयान करना अत्यंत कठिन है। घटनास्थल पर मौजूद जीआरपी की महिला पुलिसकर्मी भी बच्चों को संभालने का प्रयास करती नज़र आईं, लेकिन मासूमों की आँखों में अपने माता-पिता को खोजती बेबसी हर किसी का दिल दहला रही थी। इस हृदय विदारक मंजर को देखते हुए, ईश्वर से यह प्रार्थना की जा रही है कि घायल माँ जल्द से जल्द स्वस्थ हो और इन बच्चों को इस कठिन समय और दुःख से लड़ने की शक्ति प्राप्त हो।3
- बाराबंकी के रामनगर तहसील क्षेत्र में लखनऊ-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग पर संजय क्षेत्र के पास बनाए गए पीपा पुल को हटाने का काम शुरू हो गया है। शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की देखरेख में इस पीपा पुल के आठ पीपों को क्रेन की मदद से बड़े वाहनों पर लादकर प्रयागराज (इलाहाबाद) भेज दिया गया। लगभग ₹6 करोड़ 18 लाख की लागत से तैयार किया गया यह पीपा पुल नदी पर आवागमन को सुचारु रखने के लिए बनाया गया था। अब संजय सेतु का निर्माण कार्य पूरा हो जाने के कारण इस पीपा पुल की उपयोगिता समाप्त हो गई है, जिसके चलते विभाग ने इसे हटाने की कार्रवाई शुरू की है। लोधेश्वर क्रेन सर्विस की मदद से नदी किनारे पड़े पीपों को उठाकर सुरक्षित तरीके से प्रयागराज के लिए रवाना किया गया। इस कार्य की निगरानी तिलक राम लोधी और रामशंकर लोधी ने की। लोक निर्माण विभाग के जूनियर इंजीनियर सद्दाम ने बताया कि संजय सेतु का निर्माण अब पूरा हो चुका है और छोटे वाहनों का आवागमन भी शुरू हो गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बड़े वाहनों के संचालन के लिए भी तैयारियां अंतिम चरण में हैं और 15 जून तक संजय सेतु को सभी वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा। पीपा पुल हटाए जाने से स्थायी पुल के संचालन की प्रक्रिया में तेजी आई है, जिससे स्थानीय लोगों को लंबे समय से चली आ रही आवागमन की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। संजय सेतु के पूरी तरह चालू होने के बाद क्षेत्र के लोगों, व्यापारियों और वाहन चालकों को आवागमन में काफी सुविधा मिलेगी।1
- राजधानी लखनऊ में हजरतगंज थाना क्षेत्र की लक्ष्मण मेला चौकी के अंतर्गत भैंसा कुंड रोड पर स्थित कूड़े के एक ढेर में अचानक आग लग गई। इस घटना के कारण आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने के तुरंत बाद, पुलिस टीम मौके पर पहुँच गई है और स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड को सूचित कर दिया गया है और दमकल वाहनों के घटनास्थल पर पहुँचने का इंतजार किया जा रहा है। फिलहाल, आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है, जिसके संबंध में पुलिस और संबंधित विभाग द्वारा मामले की जांच की जा रही है। स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे आग वाली जगह के आसपास अनावश्यक भीड़ न लगाएं और सुरक्षा बनाए रखें।1