logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी रेलवे स्टेशन पर हुए एक दर्दनाक हादसे के बाद का ऐसा दृश्य सामने आया है जो किसी की भी आँखों को नम कर सकता है। इस दुर्घटना में पिता की मौत हो चुकी है, जबकि माँ अस्पताल में ज़िंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। यह मंजर हर देखने वाले के दिल को झकझोर देने वाला है। इस दुखद स्थिति में, महज 6 माह की मासूम अंशिका को उसकी बड़ी बहन अपनी गोद में लेकर चुप कराने की कोशिश कर रही है। जिस उम्र में बच्चों को माता-पिता के स्नेह और सुरक्षा की सबसे अधिक आवश्यकता होती है, उसी उम्र में ये मासूम एक ऐसे दर्द से गुज़र रहे हैं जिसे शब्दों में बयान करना अत्यंत कठिन है। घटनास्थल पर मौजूद जीआरपी की महिला पुलिसकर्मी भी बच्चों को संभालने का प्रयास करती नज़र आईं, लेकिन मासूमों की आँखों में अपने माता-पिता को खोजती बेबसी हर किसी का दिल दहला रही थी। इस हृदय विदारक मंजर को देखते हुए, ईश्वर से यह प्रार्थना की जा रही है कि घायल माँ जल्द से जल्द स्वस्थ हो और इन बच्चों को इस कठिन समय और दुःख से लड़ने की शक्ति प्राप्त हो।

19 hrs ago
user_राम जी दीक्षित पत्रकार
राम जी दीक्षित पत्रकार
Voice of people नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
19 hrs ago

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी रेलवे स्टेशन पर हुए एक दर्दनाक हादसे के बाद का ऐसा दृश्य सामने आया है जो किसी की भी आँखों को नम कर सकता है। इस दुर्घटना में पिता की मौत हो चुकी है, जबकि माँ अस्पताल में ज़िंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। यह मंजर हर देखने वाले के दिल को झकझोर देने वाला है। इस दुखद स्थिति

6aa3f119-9ce1-48d9-a67c-a100b28e0366

में, महज 6 माह की मासूम अंशिका को उसकी बड़ी बहन अपनी गोद में लेकर चुप कराने की कोशिश कर रही है। जिस उम्र में बच्चों को माता-पिता के स्नेह और सुरक्षा की सबसे अधिक आवश्यकता होती है, उसी उम्र में ये मासूम एक ऐसे दर्द से गुज़र रहे हैं जिसे शब्दों में बयान करना अत्यंत कठिन है। घटनास्थल पर मौजूद जीआरपी की महिला पुलिसकर्मी

97cb347f-7853-42d6-9485-53274db4177c

भी बच्चों को संभालने का प्रयास करती नज़र आईं, लेकिन मासूमों की आँखों में अपने माता-पिता को खोजती बेबसी हर किसी का दिल दहला रही थी। इस हृदय विदारक मंजर को देखते हुए, ईश्वर से यह प्रार्थना की जा रही है कि घायल माँ जल्द से जल्द स्वस्थ हो और इन बच्चों को इस कठिन समय और दुःख से लड़ने की शक्ति प्राप्त हो।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • लखनऊ के मोहनलालगंज थाना क्षेत्र के शिवधारा गांव में शनिवार को प्लॉटिंग एरिया में चोरी के आरोप में ग्रामीणों ने एक युवक को पकड़ लिया। पकड़े गए युवक की पहचान निजामपुर मझगवां थाना गोल्फ सिटी निवासी जगदीश के पुत्र मनीष कुमार के रूप में हुई है। उसके पास से एक साइकिल और आरी ब्लेड भी बरामद हुआ है, जबकि उसके दो साथी मौके से फरार हो गए। ग्रामीणों के अनुसार, मनीष अपने दो अन्य साथियों के साथ चोरी की नीयत से प्लॉटिंग एरिया में आया था। ग्रामीणों के इकट्ठा होने पर दो आरोपी भाग निकले, लेकिन मनीष को पकड़ लिया गया और सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची मोहनलालगंज पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस पकड़े गए युवक से पूछताछ कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। पुलिस ने बताया है कि तहरीर मिलने पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी, साथ ही चोरी के प्रयास में क्या सामान निशाने पर था, इसकी भी जांच की जा रही है।
    1
    लखनऊ के मोहनलालगंज थाना क्षेत्र के शिवधारा गांव में शनिवार को प्लॉटिंग एरिया में चोरी के आरोप में ग्रामीणों ने एक युवक को पकड़ लिया। पकड़े गए युवक की पहचान निजामपुर मझगवां थाना गोल्फ सिटी निवासी जगदीश के पुत्र मनीष कुमार के रूप में हुई है। उसके पास से एक साइकिल और आरी ब्लेड भी बरामद हुआ है, जबकि उसके दो साथी मौके से फरार हो गए।

ग्रामीणों के अनुसार, मनीष अपने दो अन्य साथियों के साथ चोरी की नीयत से प्लॉटिंग एरिया में आया था। ग्रामीणों के इकट्ठा होने पर दो आरोपी भाग निकले, लेकिन मनीष को पकड़ लिया गया और सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची मोहनलालगंज पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस पकड़े गए युवक से पूछताछ कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। पुलिस ने बताया है कि तहरीर मिलने पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी, साथ ही चोरी के प्रयास में क्या सामान निशाने पर था, इसकी भी जांच की जा रही है।
    user_राम जी दीक्षित पत्रकार
    राम जी दीक्षित पत्रकार
    Voice of people नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • बाराबंकी रेलवे स्टेशन पर गुरुवार रात एक परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं, जब उत्सर्ग एक्सप्रेस में चढ़ने के दौरान हुए एक दर्दनाक हादसे में पति की मौत हो गई और पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई। इस हृदय विदारक घटना के बाद, दंपति के तीन मासूम बच्चे अपने माता-पिता को पुकारते हुए बिलखते रहे, जिससे मौके पर मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं। लखनऊ के गोमती नगर में एक निजी कंपनी में कार्यरत मनोज कुमार (32) और उनकी पत्नी वंदना (28), अपने तीन बच्चों - हिमांशी (7), स्नेहा (4) और छह माह के आंशिक - के साथ आजमगढ़ स्थित अपने पैतृक गांव मुहम्मदपुर, पोस्ट तरौका, थाना लाटघाट जा रहे थे। लखनऊ में ट्रेन न मिलने पर वे बस से बाराबंकी पहुंचे थे और वहां से ट्रेन संख्या 15084 उत्सर्ग एक्सप्रेस में सवार होने का प्रयास कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दंपति ने सबसे पहले अपने बच्चों को ट्रेन में चढ़ाया। इसके बाद मनोज ने अपनी पत्नी वंदना को ट्रेन में चढ़ने में मदद की और जब वह खुद चढ़ने लगे, तो उनका पैर फिसल गया और वे ट्रेन तथा प्लेटफॉर्म के बीच जा गिरे। पति को बचाने की कोशिश में वंदना ने उनका हाथ पकड़ा, लेकिन इस प्रयास में वह भी असंतुलित होकर नीचे गिर गईं। यह हादसा इतना भयावह था कि आसपास के यात्री भी दहशत में आ गए। सूचना मिलते ही जीआरपी और रेलवे पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को बाहर निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने मनोज कुमार को मृत घोषित कर दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल वंदना को बेहतर इलाज के लिए लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। हादसे के बाद तीनों मासूम बच्चे लगातार अपने माता-पिता को पुकारते रहे, उनकी बेबसी देख प्रत्यक्षदर्शियों की आंखों से भी आंसू छलक पड़े। इस दुखद घटना के बाद हर किसी के मन में यह सवाल था कि आखिर इन बच्चों का भविष्य अब किसके सहारे होगा।
    3
    बाराबंकी रेलवे स्टेशन पर गुरुवार रात एक परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं, जब उत्सर्ग एक्सप्रेस में चढ़ने के दौरान हुए एक दर्दनाक हादसे में पति की मौत हो गई और पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई। इस हृदय विदारक घटना के बाद, दंपति के तीन मासूम बच्चे अपने माता-पिता को पुकारते हुए बिलखते रहे, जिससे मौके पर मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं।

लखनऊ के गोमती नगर में एक निजी कंपनी में कार्यरत मनोज कुमार (32) और उनकी पत्नी वंदना (28), अपने तीन बच्चों - हिमांशी (7), स्नेहा (4) और छह माह के आंशिक - के साथ आजमगढ़ स्थित अपने पैतृक गांव मुहम्मदपुर, पोस्ट तरौका, थाना लाटघाट जा रहे थे। लखनऊ में ट्रेन न मिलने पर वे बस से बाराबंकी पहुंचे थे और वहां से ट्रेन संख्या 15084 उत्सर्ग एक्सप्रेस में सवार होने का प्रयास कर रहे थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दंपति ने सबसे पहले अपने बच्चों को ट्रेन में चढ़ाया। इसके बाद मनोज ने अपनी पत्नी वंदना को ट्रेन में चढ़ने में मदद की और जब वह खुद चढ़ने लगे, तो उनका पैर फिसल गया और वे ट्रेन तथा प्लेटफॉर्म के बीच जा गिरे। पति को बचाने की कोशिश में वंदना ने उनका हाथ पकड़ा, लेकिन इस प्रयास में वह भी असंतुलित होकर नीचे गिर गईं। यह हादसा इतना भयावह था कि आसपास के यात्री भी दहशत में आ गए।

सूचना मिलते ही जीआरपी और रेलवे पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को बाहर निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने मनोज कुमार को मृत घोषित कर दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल वंदना को बेहतर इलाज के लिए लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। हादसे के बाद तीनों मासूम बच्चे लगातार अपने माता-पिता को पुकारते रहे, उनकी बेबसी देख प्रत्यक्षदर्शियों की आंखों से भी आंसू छलक पड़े। इस दुखद घटना के बाद हर किसी के मन में यह सवाल था कि आखिर इन बच्चों का भविष्य अब किसके सहारे होगा।
    user_Aakash Deep
    Aakash Deep
    Photographer नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • बाराबंकी रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार रात एक बेहद दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति को स्तब्ध कर दिया। आजमगढ़ निवासी मनोज (32 वर्ष) अपनी पत्नी वंदना (28 वर्ष) और तीन मासूम बच्चों हिमांशी (7 वर्ष), स्नेहा (4 वर्ष) तथा छह माह के दुधमुंहे आंशिक के साथ उत्सर्ग एक्सप्रेस पकड़ने स्टेशन पहुंचे थे, तभी ट्रेन में चढ़ते समय उनका पैर फिसल गया। इस हृदय विदारक दुर्घटना में मनोज की तत्काल मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी वंदना गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है, जहाँ वे जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही हैं। यह घटना एक खुशहाल परिवार के लिए मातम में बदल गई, जिसने उनकी दुनिया उजाड़ दी। हादसे के बाद स्टेशन पर सबसे मार्मिक दृश्य सामने आया, जब तीन मासूम बच्चे अपने माता-पिता के बिना बेसहारा होकर बिलख रहे थे। सात साल की हिमांशी और चार साल की स्नेहा अपने माता-पिता को खोजते हुए फूट-फूटकर रो रही थीं, वहीं छह माह का मासूम आंशिक अपनी माँ की गोद के लिए तड़प रहा था। बच्चों की चीखों और सिसकियों ने वहाँ मौजूद लोगों का कलेजा कंपा दिया और कई लोगों की आँखें नम हो गईं। मौके पर पहुँचे जीआरपी थानाध्यक्ष चंद्रमणि पांडेय, हेड कांस्टेबल रेखा सैनी और उषा कुमारी भी बच्चों की हालत देखकर भावुक हो गईं। पुलिसकर्मियों ने बच्चों को दुलारा, उन्हें चुप कराने की कोशिश की और सुरक्षित अपनी देखरेख में ले लिया। बताया गया कि मनोज लखनऊ के गोमती नगर में निजी नौकरी करते थे और पूरे परिवार के एकमात्र सहारा थे। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस और स्थानीय पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। मनोज के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जबकि बच्चों को सुरक्षित संरक्षण में रखते हुए उनके परिजनों को सूचित कर दिया गया है। बाराबंकी रेलवे स्टेशन पर हुई यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि एक परिवार की बिखरती दुनिया की कहानी बन गई है, जिसे देखकर हर आँख नम और हर दिल भारी हो गया।
    4
    बाराबंकी रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार रात एक बेहद दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति को स्तब्ध कर दिया। आजमगढ़ निवासी मनोज (32 वर्ष) अपनी पत्नी वंदना (28 वर्ष) और तीन मासूम बच्चों हिमांशी (7 वर्ष), स्नेहा (4 वर्ष) तथा छह माह के दुधमुंहे आंशिक के साथ उत्सर्ग एक्सप्रेस पकड़ने स्टेशन पहुंचे थे, तभी ट्रेन में चढ़ते समय उनका पैर फिसल गया।

इस हृदय विदारक दुर्घटना में मनोज की तत्काल मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी वंदना गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है, जहाँ वे जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही हैं। यह घटना एक खुशहाल परिवार के लिए मातम में बदल गई, जिसने उनकी दुनिया उजाड़ दी।

हादसे के बाद स्टेशन पर सबसे मार्मिक दृश्य सामने आया, जब तीन मासूम बच्चे अपने माता-पिता के बिना बेसहारा होकर बिलख रहे थे। सात साल की हिमांशी और चार साल की स्नेहा अपने माता-पिता को खोजते हुए फूट-फूटकर रो रही थीं, वहीं छह माह का मासूम आंशिक अपनी माँ की गोद के लिए तड़प रहा था। बच्चों की चीखों और सिसकियों ने वहाँ मौजूद लोगों का कलेजा कंपा दिया और कई लोगों की आँखें नम हो गईं।

मौके पर पहुँचे जीआरपी थानाध्यक्ष चंद्रमणि पांडेय, हेड कांस्टेबल रेखा सैनी और उषा कुमारी भी बच्चों की हालत देखकर भावुक हो गईं। पुलिसकर्मियों ने बच्चों को दुलारा, उन्हें चुप कराने की कोशिश की और सुरक्षित अपनी देखरेख में ले लिया। बताया गया कि मनोज लखनऊ के गोमती नगर में निजी नौकरी करते थे और पूरे परिवार के एकमात्र सहारा थे। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस और स्थानीय पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। मनोज के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जबकि बच्चों को सुरक्षित संरक्षण में रखते हुए उनके परिजनों को सूचित कर दिया गया है।

बाराबंकी रेलवे स्टेशन पर हुई यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि एक परिवार की बिखरती दुनिया की कहानी बन गई है, जिसे देखकर हर आँख नम और हर दिल भारी हो गया।
    user_फखरे आलम
    फखरे आलम
    नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी के बाराबंकी स्थित जिला महिला चिकित्सालय में अचानक औचक निरीक्षण के लिए पहुंचने से हड़कंप मच गया। उन्होंने अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का गहन मूल्यांकन किया। निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष ने ओपीडी, महिला वार्ड, अल्ट्रासाउंड कक्ष, दवा वितरण केंद्र, साफ-सफाई व्यवस्था और कर्मचारियों की उपस्थिति पंजिका का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान, कई कर्मचारियों के उपस्थिति पंजिका में समय पर हस्ताक्षर न मिलने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की और अधिकारियों को सभी कर्मचारियों द्वारा निर्धारित ड्यूटी समय का पालन सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। अस्पताल में भर्ती गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों से सीधे संवाद करने पर यह बात सामने आई कि अल्ट्रासाउंड सेवाओं के लिए कुछ मरीजों को बाहर से जांच करानी पड़ रही है, जिस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया। साथ ही, गर्भवती महिलाओं को दी जाने वाली कुछ आवश्यक दवाओं की कमी पाए जाने पर तत्काल दवा आपूर्ति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि अस्पताल में हर माह 500 से अधिक प्रसव कराए जाते हैं तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार बेहतर किया जा रहा है। महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं, निःशुल्क जांच सुविधाओं और सुरक्षित प्रसव सेवाओं की जानकारी अधिक से अधिक मरीजों तक पहुंचाई जाए। निरीक्षण के दौरान अधिकांश व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं, हालांकि कुछ कमियों को तत्काल सुधारने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के बाद अस्पताल प्रशासन सक्रिय नजर आया और सुधार की प्रक्रिया तेज कर दी गई। इस मौके पर पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे, जिनमें चौकी प्रभारी पप्पू यादव और महिला थाना प्रभारी कुमारी रतन सिंह शामिल थीं। अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इन निर्देशों पर कितनी तेजी से अमल करता है और मरीजों को बेहतर सुविधाएं कब तक सुनिश्चित की जाती हैं।
    1
    उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी के बाराबंकी स्थित जिला महिला चिकित्सालय में अचानक औचक निरीक्षण के लिए पहुंचने से हड़कंप मच गया। उन्होंने अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का गहन मूल्यांकन किया।

निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष ने ओपीडी, महिला वार्ड, अल्ट्रासाउंड कक्ष, दवा वितरण केंद्र, साफ-सफाई व्यवस्था और कर्मचारियों की उपस्थिति पंजिका का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान, कई कर्मचारियों के उपस्थिति पंजिका में समय पर हस्ताक्षर न मिलने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की और अधिकारियों को सभी कर्मचारियों द्वारा निर्धारित ड्यूटी समय का पालन सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। अस्पताल में भर्ती गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों से सीधे संवाद करने पर यह बात सामने आई कि अल्ट्रासाउंड सेवाओं के लिए कुछ मरीजों को बाहर से जांच करानी पड़ रही है, जिस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया। साथ ही, गर्भवती महिलाओं को दी जाने वाली कुछ आवश्यक दवाओं की कमी पाए जाने पर तत्काल दवा आपूर्ति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि अस्पताल में हर माह 500 से अधिक प्रसव कराए जाते हैं तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार बेहतर किया जा रहा है। महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं, निःशुल्क जांच सुविधाओं और सुरक्षित प्रसव सेवाओं की जानकारी अधिक से अधिक मरीजों तक पहुंचाई जाए। निरीक्षण के दौरान अधिकांश व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं, हालांकि कुछ कमियों को तत्काल सुधारने के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के बाद अस्पताल प्रशासन सक्रिय नजर आया और सुधार की प्रक्रिया तेज कर दी गई। इस मौके पर पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे, जिनमें चौकी प्रभारी पप्पू यादव और महिला थाना प्रभारी कुमारी रतन सिंह शामिल थीं। अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इन निर्देशों पर कितनी तेजी से अमल करता है और मरीजों को बेहतर सुविधाएं कब तक सुनिश्चित की जाती हैं।
    user_Anil Kumar Journalist
    Anil Kumar Journalist
    Media company नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • लखनऊ की डीसीपी यातायात रवीना त्यागी का जमीनी अभियान लगातार जारी है, जिसके तहत वह राजधानी की यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने में जुटी हुई हैं। इसी क्रम में, हजरतगंज चौराहे पर एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान हजारों ई-रिक्शा चालकों का सत्यापन कराया गया, वहीं चेकिंग के क्रम में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले कई ई-रिक्शा को सीज भी किया गया। डीसीपी ने स्पष्ट किया कि यातायात नियमों का पालन सभी के लिए आवश्यक है। यह सख्त कदम ऑटो रिक्शा में महिलाओं के साथ हुई घटनाओं को ध्यान में रखते हुए उठाए गए हैं। राजधानी में प्रत्येक ई-रिक्शा और ऑटो रिक्शा चालकों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है, ताकि महिलाएं व युवतियां इन वाहनों में खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।
    1
    लखनऊ की डीसीपी यातायात रवीना त्यागी का जमीनी अभियान लगातार जारी है, जिसके तहत वह राजधानी की यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने में जुटी हुई हैं। इसी क्रम में, हजरतगंज चौराहे पर एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया।

इस अभियान के दौरान हजारों ई-रिक्शा चालकों का सत्यापन कराया गया, वहीं चेकिंग के क्रम में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले कई ई-रिक्शा को सीज भी किया गया। डीसीपी ने स्पष्ट किया कि यातायात नियमों का पालन सभी के लिए आवश्यक है।

यह सख्त कदम ऑटो रिक्शा में महिलाओं के साथ हुई घटनाओं को ध्यान में रखते हुए उठाए गए हैं। राजधानी में प्रत्येक ई-रिक्शा और ऑटो रिक्शा चालकों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है, ताकि महिलाएं व युवतियां इन वाहनों में खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।
    user_NATIONAL INDIA TV
    NATIONAL INDIA TV
    Local News Reporter बख्शी का तालाब, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    6 min ago
  • भारतीय रेल को देश की जीवनरेखा और दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्कों में से एक बताया गया है, जो रोज़ाना करोड़ों यात्रियों को उनकी मंज़िल तक पहुँचाता है। भारतीय रेल की सच्चाई को देखने पर दो मुख्य पहलू सामने आते हैं: एक तरफ अभूतपूर्व प्रगति और आधुनिकीकरण है, तो दूसरी तरफ कुछ ज़मीनी चुनौतियाँ और कड़वे अनुभव भी हैं। इन दोनों पहलुओं को निष्पक्षता से समझने की बात कही गई है, जिसमें हाल के वर्षों में भारतीय रेल में आए भारी बदलावों को एक 'चमकते हुए पहलू' के रूप में देखा जा रहा है, जिसे नकारा नहीं जा सकता।
    1
    भारतीय रेल को देश की जीवनरेखा और दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्कों में से एक बताया गया है, जो रोज़ाना करोड़ों यात्रियों को उनकी मंज़िल तक पहुँचाता है। भारतीय रेल की सच्चाई को देखने पर दो मुख्य पहलू सामने आते हैं: एक तरफ अभूतपूर्व प्रगति और आधुनिकीकरण है, तो दूसरी तरफ कुछ ज़मीनी चुनौतियाँ और कड़वे अनुभव भी हैं। इन दोनों पहलुओं को निष्पक्षता से समझने की बात कही गई है, जिसमें हाल के वर्षों में भारतीय रेल में आए भारी बदलावों को एक 'चमकते हुए पहलू' के रूप में देखा जा रहा है, जिसे नकारा नहीं जा सकता।
    user_Harsha Media Uttar Pradesh
    Harsha Media Uttar Pradesh
    Tenant ownership सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    27 min ago
  • उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के एक जवान ने पुलिस विभाग में पोस्टिंग को लेकर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। जवान के मुताबिक, विभाग में 'जैसा पैसा, वैसी पोस्टिंग' का चलन है, यानी पोस्टिंग के लिए पैसे देना अनिवार्य है। उसने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर 'साहब' को रिश्वत नहीं दी जाती, तो उन्हें बाथरूम धोने जैसे अवांछित काम करने पड़ते हैं। यह बयान पुलिस अधिकारियों के रवैये पर सीधा सवाल उठाता है और पूछ रहा है कि क्या वे वाकई 'काले अंग्रेज' हैं।
    1
    उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के एक जवान ने पुलिस विभाग में पोस्टिंग को लेकर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। जवान के मुताबिक, विभाग में 'जैसा पैसा, वैसी पोस्टिंग' का चलन है, यानी पोस्टिंग के लिए पैसे देना अनिवार्य है। उसने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर 'साहब' को रिश्वत नहीं दी जाती, तो उन्हें बाथरूम धोने जैसे अवांछित काम करने पड़ते हैं। यह बयान पुलिस अधिकारियों के रवैये पर सीधा सवाल उठाता है और पूछ रहा है कि क्या वे वाकई 'काले अंग्रेज' हैं।
    user_Anoop singh
    Anoop singh
    फतेहपुर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    59 min ago
  • बाराबंकी रेलवे स्टेशन पर उत्सर्ग एक्सप्रेस में चढ़ते समय एक हृदय विदारक दुर्घटना हुई, जिसमें 32 वर्षीय मनोज कुमार की दुखद मृत्यु हो गई। हादसे के दौरान उनकी पत्नी वंदना गंभीर रूप से घायल हो गईं। बताया गया कि दंपति जनरल कोच में सवार होने का प्रयास कर रहे थे, तभी यह हादसा हो गया। वंदना को प्राथमिक उपचार के बाद लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है। इस घटना के बाद पूरे स्टेशन पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और घायल महिला के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की जा रही है।
    1
    बाराबंकी रेलवे स्टेशन पर उत्सर्ग एक्सप्रेस में चढ़ते समय एक हृदय विदारक दुर्घटना हुई, जिसमें 32 वर्षीय मनोज कुमार की दुखद मृत्यु हो गई। हादसे के दौरान उनकी पत्नी वंदना गंभीर रूप से घायल हो गईं।

बताया गया कि दंपति जनरल कोच में सवार होने का प्रयास कर रहे थे, तभी यह हादसा हो गया। वंदना को प्राथमिक उपचार के बाद लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है। इस घटना के बाद पूरे स्टेशन पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और घायल महिला के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की जा रही है।
    user_राम जी दीक्षित पत्रकार
    राम जी दीक्षित पत्रकार
    Voice of people नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.