हरदोई के मल्लावां थाना क्षेत्र में गोस्वा नहर पुल पर बीच सड़क पर बिना किसी चेतावनी संकेत के खड़े पानी के टैंकर से एक मोटरसाइकिल टकरा गई, जिससे युवक रोहित तिवारी गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा 10 जुलाई 2026 की रात लगभग 11 बजे हुआ, जब ग्राम नेवादा परस निवासी रोहित अपनी बाइक से जा रहे थे। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि रात के समय सड़क पर खड़े टैंकर में कोई रिफ्लेक्टर, बैरिकेड, लाल बत्ती या अन्य चेतावनी संकेत नहीं लगा था, जिसके चलते पर्याप्त रोशनी न होने से वह दिखाई नहीं दिया और यह भीषण दुर्घटना हो गई। हादसे के बाद रोहित तिवारी को गंभीर हालत में पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मल्लावां और फिर जिला अस्पताल हरदोई ले जाया गया। हालत बेहद नाजुक होने पर डॉक्टरों ने उन्हें कैरियर मेडिकल कॉलेज, लखनऊ रेफर कर दिया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार रोहित की स्थिति गंभीर बनी हुई है। सीटी स्कैन रिपोर्ट में उनके दिमाग के कई हिस्सों में रक्तस्राव (Hemorrhagic Contusions), एक्स्ट्राड्यूरल हेमेटोमा (EDH), सब-अरैक्नॉइड हेमरेज (SAH), दाहिनी कनपटी की हड्डी और चेहरे की मैक्सिलरी बोन में फ्रैक्चर के साथ-साथ सिर में गंभीर सूजन और हाथ की उंगली में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है। घायल के भाई सूरज तिवारी ने मल्लावां थाने में प्रार्थना-पत्र देकर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि दुर्घटना के अगले ही दिन घटनास्थल से पानी का टैंकर हटा दिया गया, जिससे साक्ष्य मिटाने की आशंका है। सूरज तिवारी ने पुलिस से मांग की है कि इस बात की जांच की जाए कि यह टैंकर किस व्यक्ति, ठेकेदार, संस्था या विभाग का था, इसे बीच सड़क पर खड़ा करने का निर्देश किसने दिया था और दुर्घटना के बाद इसे वहां से किसने हटाया। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले दोषियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर सख्त विधिक कार्रवाई करने की मांग की है।
हरदोई के मल्लावां थाना क्षेत्र में गोस्वा नहर पुल पर बीच सड़क पर बिना किसी चेतावनी संकेत के खड़े पानी के टैंकर से एक मोटरसाइकिल टकरा गई, जिससे युवक रोहित तिवारी गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा 10 जुलाई 2026 की रात लगभग 11 बजे हुआ, जब ग्राम नेवादा परस निवासी रोहित अपनी बाइक से जा रहे थे। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि रात के समय सड़क पर खड़े टैंकर में कोई रिफ्लेक्टर, बैरिकेड, लाल
बत्ती या अन्य चेतावनी संकेत नहीं लगा था, जिसके चलते पर्याप्त रोशनी न होने से वह दिखाई नहीं दिया और यह भीषण दुर्घटना हो गई। हादसे के बाद रोहित तिवारी को गंभीर हालत में पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मल्लावां और फिर जिला अस्पताल हरदोई ले जाया गया। हालत बेहद नाजुक होने पर डॉक्टरों ने उन्हें कैरियर मेडिकल कॉलेज, लखनऊ रेफर कर दिया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार रोहित की स्थिति गंभीर बनी हुई है। सीटी स्कैन
रिपोर्ट में उनके दिमाग के कई हिस्सों में रक्तस्राव (Hemorrhagic Contusions), एक्स्ट्राड्यूरल हेमेटोमा (EDH), सब-अरैक्नॉइड हेमरेज (SAH), दाहिनी कनपटी की हड्डी और चेहरे की मैक्सिलरी बोन में फ्रैक्चर के साथ-साथ सिर में गंभीर सूजन और हाथ की उंगली में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है। घायल के भाई सूरज तिवारी ने मल्लावां थाने में प्रार्थना-पत्र देकर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि दुर्घटना के अगले ही दिन घटनास्थल से पानी का टैंकर हटा दिया गया, जिससे
साक्ष्य मिटाने की आशंका है। सूरज तिवारी ने पुलिस से मांग की है कि इस बात की जांच की जाए कि यह टैंकर किस व्यक्ति, ठेकेदार, संस्था या विभाग का था, इसे बीच सड़क पर खड़ा करने का निर्देश किसने दिया था और दुर्घटना के बाद इसे वहां से किसने हटाया। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले दोषियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर सख्त विधिक कार्रवाई करने की मांग की है।
- राजधानी लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र में एक महिला ने अपने पति और ससुर पर लाखों रुपये के जेवर चोरी कर बेच देने, मारपीट करने और उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि जब वह घर पहुंची तो अलमारी में रखे उसके लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवर गायब मिले। पूछताछ करने पर महिला को जानकारी हुई कि उसके पति और ससुर ने कथित रूप से इन जेवरों को बेच दिया है। जब उसने इस बात का विरोध किया तो दोनों आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और उसे धमकाया। पीड़िता का यह भी आरोप है कि पारा थाने में शिकायत देने के बावजूद स्थानीय पुलिस आरोपियों से मिली हुई है, जिसके कारण उसकी शिकायत पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। पीड़िता ने अब वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए आरोपियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई करने और उसे न्याय दिलाने की मांग की है। फिलहाल इस मामले में पुलिस और आरोपित पक्ष का कोई आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आ पाया है।1
- सीतापुर की महमूदाबाद तहसील क्षेत्र में चलांकापुर से शिवरुख कलां को जोड़ने वाला मुख्य डामर मार्ग लगातार हो रही बारिश के कारण पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। सड़क पर गहरे गड्ढे होने और उनमें पानी भर जाने से यह मार्ग तालाब जैसी स्थिति में आ चुका है। इस बदहाली के कारण पहाड़ापुर, शिवरुख कलां, शिवरुख खुर्द, गौसपुर, जवाहरपुरवा, उलाहिया, सेमरा और तकिया समेत करीब आठ प्रमुख गांवों के हजारों लोगों का आवागमन बेहद जोखिम भरा हो गया है। यह मार्ग ग्रामीणों को महमूदाबाद के मुख्य बाजार और अन्य आवश्यक सेवाओं से जोड़ता है। क्षेत्रीय नागरिक विनय शर्मा और अन्य ग्रामीणों के अनुसार, इस जर्जर सड़क से होकर प्रतिदिन स्कूली बच्चे, किसान, व्यापारी, महिलाएं और बुजुर्ग अपने दैनिक कार्यों के लिए निकलते हैं। सड़क पर बने गहरे गड्ढों में पानी भरने के कारण दोपहिया वाहन चालक आए दिन संतुलन खोकर गिर रहे हैं, जबकि पैदल चलने वालों को कीचड़ और फिसलन से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर डामर पूरी तरह उखड़ चुकी है, जिससे मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और स्कूली बच्चों को प्रतिदिन स्कूल जाने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने सड़क की जर्जर स्थिति को उजागर करने के लिए जिया-टैग्ड (Geo-tagged) तस्वीरें जारी की हैं, जिससे मार्ग की दयनीय स्थिति स्पष्ट दिखाई दे रही है। क्षेत्रवासियों ने सीतापुर के जिलाधिकारी और लोक निर्माण विभाग (PWD) से मांग की है कि जनहित को देखते हुए इस महत्वपूर्ण मार्ग का तत्काल निरीक्षण किया जाए और सड़क की मरम्मत तथा पुनर्निर्माण कार्य जल्द शुरू कराया जाए ताकि किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।4
- हरदोई जिले के बिलग्राम के अंतर्गत आने वाली एक ग्राम सभा में सड़क की हालत पूरे क्षेत्र में सबसे ज्यादा खराब बनी हुई है। इस सड़क की उपेक्षा से परेशान स्थानीय लोगों का कहना है कि यहाँ केवल गिने-चुने लोगों का ही आना-जाना होता है और शायद इसी वजह से प्रशासन इस सड़क का निर्माण नहीं करवा रहा है। आने वाले बारिश के मौसम को लेकर ग्रामीणों की चिंताएं और अधिक बढ़ गई हैं, क्योंकि यह सड़क खेतों के स्तर से करीब एक-दो फीट नीचे है। ऐसे में खेतों में जमा होने वाला बारिश का सारा पानी बहकर सीधे सड़क पर भर जाएगा। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस समस्या से निजात पाने के लिए सड़क का स्तर खेतों से ऊंचा किया जाना चाहिए।1
- उन्नाव के नवाबगंज कस्बे में हाईवे पर शनिवार को एक सड़क हादसा हुआ, जहां एक युवती को टक्कर मारने के बाद बाइक सवार दूसरी बाइक से भिड़ गया। इस हादसे में युवती समेत बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार, नवाबगंज कस्बा निवासी संजय की 18 वर्षीय पुत्री गौरी शनिवार दोपहर को बीज भंडार के पास हाईवे पार करने के लिए खड़ी थी। इसी दौरान एक तेज रफ्तार बाइक सवार ने उसे जोरदार टक्कर मार दी और फिर वह दूसरी बाइक से जा भिड़ा। इस हादसे में गौरी और बाइक सवार युवक दोनों को गंभीर चोटें आईं। सभी घायलों को इलाज के लिए स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सक ने गंभीर रूप से घायल युवक को ट्रामा सेंटर और युवती को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। घायल युवक की पहचान सोहरामऊ थाना क्षेत्र के हिम्मतगढ़ गांव निवासी राकेश के 28 वर्षीय पुत्र आशीष कुमार के रूप में हुई है। आशीष के परिजनों ने बताया कि वह शनिवार को गाड़ी की किस्त जमा करने नवाबगंज आया था और दोपहर में वापस लौटते समय इस हादसे का शिकार हो गया। वहीं, घायल युवती के परिजनों ने भी बताया कि गौरी हाईवे पार करने के लिए खड़ी थी, तभी बाइक सवार ने उसे टक्कर मार दी।4