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हरदोई जिले के बिलग्राम के अंतर्गत आने वाली एक ग्राम सभा में सड़क की हालत पूरे क्षेत्र में सबसे ज्यादा खराब बनी हुई है। इस सड़क की उपेक्षा से परेशान स्थानीय लोगों का कहना है कि यहाँ केवल गिने-चुने लोगों का ही आना-जाना होता है और शायद इसी वजह से प्रशासन इस सड़क का निर्माण नहीं करवा रहा है। आने वाले बारिश के मौसम को लेकर ग्रामीणों की चिंताएं और अधिक बढ़ गई हैं, क्योंकि यह सड़क खेतों के स्तर से करीब एक-दो फीट नीचे है। ऐसे में खेतों में जमा होने वाला बारिश का सारा पानी बहकर सीधे सड़क पर भर जाएगा। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस समस्या से निजात पाने के लिए सड़क का स्तर खेतों से ऊंचा किया जाना चाहिए।
JITENDRA KUMAR
हरदोई जिले के बिलग्राम के अंतर्गत आने वाली एक ग्राम सभा में सड़क की हालत पूरे क्षेत्र में सबसे ज्यादा खराब बनी हुई है। इस सड़क की उपेक्षा से परेशान स्थानीय लोगों का कहना है कि यहाँ केवल गिने-चुने लोगों का ही आना-जाना होता है और शायद इसी वजह से प्रशासन इस सड़क का निर्माण नहीं करवा रहा है। आने वाले बारिश के मौसम को लेकर ग्रामीणों की चिंताएं और अधिक बढ़ गई हैं, क्योंकि यह सड़क खेतों के स्तर से करीब एक-दो फीट नीचे है। ऐसे में खेतों में जमा होने वाला बारिश का सारा पानी बहकर सीधे सड़क पर भर जाएगा। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस समस्या से निजात पाने के लिए सड़क का स्तर खेतों से ऊंचा किया जाना चाहिए।
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- हरदोई जिले के बिलग्राम के अंतर्गत आने वाली एक ग्राम सभा में सड़क की हालत पूरे क्षेत्र में सबसे ज्यादा खराब बनी हुई है। इस सड़क की उपेक्षा से परेशान स्थानीय लोगों का कहना है कि यहाँ केवल गिने-चुने लोगों का ही आना-जाना होता है और शायद इसी वजह से प्रशासन इस सड़क का निर्माण नहीं करवा रहा है। आने वाले बारिश के मौसम को लेकर ग्रामीणों की चिंताएं और अधिक बढ़ गई हैं, क्योंकि यह सड़क खेतों के स्तर से करीब एक-दो फीट नीचे है। ऐसे में खेतों में जमा होने वाला बारिश का सारा पानी बहकर सीधे सड़क पर भर जाएगा। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस समस्या से निजात पाने के लिए सड़क का स्तर खेतों से ऊंचा किया जाना चाहिए।1
- हरदोई के हरियावां थाना क्षेत्र के ग्राम जलालपुर में कथित तौर पर अवैध कच्ची शराब के निर्माण और बिक्री का मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि गांव का ही एक परिवार लंबे समय से इस अवैध कारोबार को चला रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, माधव राम का पुत्र राम सनेही, उसकी पत्नी और पुत्री मिलकर पन्नियों में भरकर कच्ची शराब बेचने का काम करते हैं। इस संबंध में सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आने का दावा भी किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और साझा किए गए स्क्रीनशॉट से भी अवैध शराब के निर्माण या बिक्री की बात निश्चित तौर पर सिद्ध नहीं होती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि आरोप सही हैं तो यह जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है, इसलिए उन्होंने पुलिस और आबकारी विभाग से निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में फिलहाल संबंधित विभाग का आधिकारिक पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है।1
- मंटू वर्मा की ओर से डॉ. भीमराव अंबेडकर पर एक नया गाना पेश किया गया है। मंटू वर्मा ने इस नए गाने को लेकर लोगों से अपनी प्रतिक्रिया साझा करने की अपील की है। उन्होंने श्रोताओं से पूछा है कि यह गाना किन लोगों को अच्छा लगा और किन लोगों को खराब लगा है। साथ ही, मंटू वर्मा ने लोगों से लाइक, सब्सक्राइब और कमेंट करने का आग्रह किया है।1
- कन्नौज के ग्राम पंचायत पैथाना के गांव दौलतपुर में हुई हल्की बारिश ने ग्राम पंचायत की सफाई व्यवस्था की हकीकत उजागर कर दी है। बारिश के बाद कई मोहल्लों की गलियां पूरी तरह जलमग्न हो गईं और नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा है। इस जलभराव के कारण लोगों का घरों से निकलना बेहद मुश्किल हो गया है, जबकि स्कूली बच्चों, महिलाओं और दोपहिया वाहन चालकों को इसी गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। सड़कों पर गंदे पानी के साथ भारी मात्रा में कूड़ा और प्लास्टिक का कचरा भी तैरता हुआ दिखाई दे रहा है। दौलतपुर के आरामशीन मोहल्ले के निवासी आयसा, अनवरी, खैरुनिशा, रोशनी, मो. आलम, मो. अफताब, गुड्डू, नदीम, शकील, सगीर, आसमां, पप्पू, फिरोज और जमील सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि लंबे समय से नालियों की सफाई नहीं कराई गई है। नालों में जमा कूड़े के कारण पानी की निकासी पूरी तरह ठप पड़ी है, जिससे हल्की बारिश होते ही जलभराव के हालात बन जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हर बरसात में उन्हें इसी स्थिति का सामना करना पड़ता है, लेकिन समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रशासन द्वारा अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इस जलभराव के कारण इलाके में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है और सड़कों पर हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। परेशान ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत पैथाना की सचिव और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से तत्काल नालियों की सफाई कराने की मांग की है। लोगों ने जल्द से जल्द जलनिकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है ताकि बरसात के मौसम में ग्रामीणों को इस गंभीर समस्या से राहत मिल सके।1
- कन्नौज शहर में पुलिस लाइन से कानपुर पब्लिक स्कूल व शेखाना गौरी शंकर मंदिर जाने वाली सड़क पूरी तरह से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। कुछ ही महीने पहले पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाई गई इस सड़क का डामर पहली ही बारिश में बह गया और पूरी सड़क बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो गई है। सड़क की इस बदहाल स्थिति के कारण स्कूल आने-जाने वाले बच्चे आए दिन चोटिल हो रहे हैं। इस अव्यवस्था को लेकर बच्चों के अभिभावकों और स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश है। स्थानीय लोगों ने कन्नौज सदर विधायक व मंत्री असीम अरुण से इस सड़क पर ध्यान देने की मांग की है। इसके साथ ही कन्नौज सांसद अखिलेश यादव से भी गुहार लगाई गई है कि वे अपनी निधि से इस सड़क को जल्द से जल्द दुरुस्त करवाएं। जनता ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क को ठीक नहीं कराया गया, तो आने वाले साल 2027 के चुनाव में दोनों ही पार्टियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।3
- उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद की अदालत ने एक सनसनीखेज मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए डेढ़ साल के मासूम आरव की बेरहमी से हत्या करने वाले दोषी को फांसी की सजा सुनाई है। इस दोषी ने महज डेढ़ साल के मासूम बच्चे को बेहद बर्बरता के साथ जमीन पर पटक-पटक कर मौत के घाट उतार दिया था, जिस पर अब कोर्ट ने अपना अंतिम फैसला दे दिया है। इस पूरे मामले में पुलिस और न्यायपालिका ने त्वरित कार्रवाई करते हुए न्याय की एक बड़ी मिसाल पेश की है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सिर्फ 6 दिनों के भीतर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। मामले की सुनवाई के दौरान सीसीटीवी फुटेज और गवाह सबसे अहम सबूत बने, जिसके आधार पर अदालत ने करीब 41 दिनों के भीतर ही दोषी को फांसी की सजा का एलान कर दिया। ऐसे जघन्य अपराधों में क्या फांसी की सजा ही सबसे उचित सजा है? कमेंट करके अपनी राय जरूर बताइए।1
- हरदोई के शाहाबाद में महिला लेखपाल द्वारा उपजिलाधिकारी (एसडीएम) के विरुद्ध लगाए गए गंभीर आरोपों को लेकर उपजा विवाद अब लगातार गहराता जा रहा है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विमलेश सिंह लोधी के नेतृत्व में अधिवक्ताओं का आंदोलन लगातार चौथे दिन भी जारी रहा, जिसके चलते तहसील परिसर में जोरदार प्रदर्शन और नारेबाजी हुई। अधिवक्ताओं ने एसडीएम के खिलाफ कोतवाली में दी गई तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने और उनका स्थानांतरण करने की मांग दोहराई है। वकीलों ने चेतावनी दी है कि यदि समयबद्ध कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन को और व्यापक बनाते हुए जिले की सभी तहसीलों को जाम कर देंगे और कहीं भी न्यायिक कार्य नहीं होने दिया जाएगा। दूसरी ओर, शाहाबाद के एसडीएम ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि संबंधित महिला लेखपाल को केवल शासकीय कार्य और खतौनी फीडिंग के संबंध में पूछताछ के लिए कार्यालय बुलाया गया था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि घटना के समय उनके कार्यालय में अन्य कर्मचारी भी मौजूद थे, जिनसे इस तथ्य की पुष्टि की जा सकती है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच, जिलाधिकारी द्वारा गठित जांच समिति की निष्पक्ष जांच पर सबकी निगाहें टिकी हैं, जिसके जल्द ही सार्वजनिक रूप से सामने आने की उम्मीद है। इस जांच के तहत सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और घटना के समय मौजूद लोगों की भूमिका जैसे कई अहम सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं। इस विवाद की गूंज अब सोशल मीडिया पर भी दिखाई दे रही है, जहां समाज दो धड़ों में बंटा नजर आ रहा है। फेसबुक और व्हाट्सऐप जैसे मंचों पर तीखी बहस छिड़ी हुई है, जिसमें प्रमोद बर्मा जैसे कुछ लोग महिला लेखपाल की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करने और विभागीय जांच की मांग का समर्थन कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ, अधिवक्ता अवनीश पाण्डेय, डॉ. एन.पी. तिवारी, ब्लॉक प्रमुख त्रिपुरेश मिश्रा, अतुल कुमार और एडवोकेट दीपक बाजपेई सहित कई लोगों ने पूर्व की घटनाओं का हवाला देते हुए एसडीएम का समर्थन किया है और बार एसोसिएशन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। इस बीच, पत्रकार आनंद शुक्ला और अधिवक्ता चन्द्र किशोर मिश्रा ने दोनों पक्षों को सुनने और निष्पक्ष विधिक जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचने की आवश्यकता पर जोर दिया है। लगातार चल रहे इस प्रदर्शन और अदालतों के बहिष्कार के कारण तहसील आने वाले आम फरियादियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।2
- कन्नौज के सुरसी-ठठिया मार्ग पर शनिवार शाम खनन अधिकारी की चेकिंग से बचने के लिए एक डंपर चालक पूरी गिट्टी सड़क पर गिराकर फरार हो गया। इस घटना के बाद सड़क पर गिट्टी फैलने से आवागमन प्रभावित हो गया और दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा पैदा हो गया। इसके साथ ही सड़क किनारे मक्का सुखा रहे किसानों की फसल में गिट्टी मिल जाने से उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ा है। जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम खनन अधिकारी जनपद की सीमा पर स्थित सुरसी क्षेत्र में वाहनों की जांच कर रही थीं। इसी दौरान कानपुर देहात के रसूलाबाद की ओर से गिट्टी से लदा एक डंपर आता दिखाई दिया। टीम द्वारा रुकने का इशारा करने पर चालक डंपर को तेज रफ्तार से ठठिया की ओर लेकर भाग निकला। खनन अधिकारी ने डंपर का पीछा किया तो कार्रवाई से बचने के लिए चालक रास्ते भर गिट्टी गिराता रहा और आखिरकार जनेरी गांव के आगे उसने पूरी गिट्टी सड़क पर खाली कर दी और डंपर लेकर फरार हो गया। सड़क के बीच गिट्टी का ढेर लग जाने से कुछ समय के लिए आवागमन बाधित हो गया, जिसे स्थानीय लोगों ने हाइड्रा मशीन बुलाकर सड़क किनारे कराया। इसके बावजूद देर शाम तक कई स्थानों पर गिट्टी फैली रही, जिससे दोपहिया वाहन चालकों को काफी परेशानी हुई। घटना के बाद ग्रामीणों ने सड़क पर फैली गिट्टी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर सड़क की तत्काल सफाई कराने और फरार डंपर चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि समय रहते किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।1