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जयपुर: शहीद स्मारक जयपुर अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे राजस्थान पैरामेडिकल फार्मासिस्ट GNM/ANM ! आपको बता दें कि राजस्थान नर्सिंगकर्मी भर्ती पैटर्न में बदलाव पर संविदा पर लगे नर्सिंगकर्मी जीएनएम /एएनएम पैरामेडिकल फार्मासिस्ट की मुख्य मांग : भर्ती प्रक्रिया मेरिट+ बोनस 10, 20, 30 के आधार पर लागू कर शामिल किया जाए ! जबकि वर्तमान सरकार 1965 के नियम में संशोधन करके मेरिट बोनस को हटाकर एग्जाम से भर्ती करवाना चाहती है जो प्रदेश में लगे सभी निविदा संविदा पर लगे कर्मचारियों के साथ अन्याय है ! इसलिए सरकार 1965 नियम को यथावत रखकर भर्ती को मेरिट + बोनस से करवाए!
नारायण सिंह
जयपुर: शहीद स्मारक जयपुर अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे राजस्थान पैरामेडिकल फार्मासिस्ट GNM/ANM ! आपको बता दें कि राजस्थान नर्सिंगकर्मी भर्ती पैटर्न में बदलाव पर संविदा पर लगे नर्सिंगकर्मी जीएनएम /एएनएम पैरामेडिकल फार्मासिस्ट की मुख्य मांग : भर्ती प्रक्रिया मेरिट+ बोनस 10, 20, 30 के आधार पर लागू कर शामिल किया जाए ! जबकि वर्तमान सरकार 1965 के नियम में संशोधन करके मेरिट बोनस को हटाकर एग्जाम से भर्ती करवाना चाहती है जो प्रदेश में लगे सभी निविदा संविदा पर लगे कर्मचारियों के साथ अन्याय है ! इसलिए सरकार 1965 नियम को यथावत रखकर भर्ती को मेरिट + बोनस से करवाए!
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- जयपुर/देशभर। रसोई गैस सिलेंडर के लगातार बढ़ते दामों ने आम जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हर महीने बढ़ते खर्च के बीच अब गैस भरवाना भी लोगों के लिए भारी पड़ता जा रहा है। खासकर मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों के बजट पर इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है। घरेलू महिलाओं का कहना है कि पहले जहां एक सिलेंडर में पूरे महीने का काम चल जाता था, वहीं अब कीमतों में इजाफे के कारण रसोई का खर्च संभालना मुश्किल हो गया है। कई परिवार अब खर्च कम करने के लिए वैकल्पिक उपाय तलाशने को मजबूर हैं। विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी और सब्सिडी में कमी इसके प्रमुख कारण हैं। हालांकि आम लोगों के लिए ये कारण कम और बढ़ती महंगाई ज्यादा चिंता का विषय बन गई है। लोगों का कहना है कि सरकार को इस मुद्दे पर जल्द राहत देनी चाहिए, ताकि आम आदमी को कुछ राहत मिल सके। अगर यही स्थिति बनी रही, तो आने वाले समय में रसोई का बजट और अधिक बिगड़ सकता है।1
- जयपुर: शहीद स्मारक जयपुर अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे राजस्थान पैरामेडिकल फार्मासिस्ट GNM/ANM ! आपको बता दें कि राजस्थान नर्सिंगकर्मी भर्ती पैटर्न में बदलाव पर संविदा पर लगे नर्सिंगकर्मी जीएनएम /एएनएम पैरामेडिकल फार्मासिस्ट की मुख्य मांग : भर्ती प्रक्रिया मेरिट+ बोनस 10, 20, 30 के आधार पर लागू कर शामिल किया जाए ! जबकि वर्तमान सरकार 1965 के नियम में संशोधन करके मेरिट बोनस को हटाकर एग्जाम से भर्ती करवाना चाहती है जो प्रदेश में लगे सभी निविदा संविदा पर लगे कर्मचारियों के साथ अन्याय है ! इसलिए सरकार 1965 नियम को यथावत रखकर भर्ती को मेरिट + बोनस से करवाए!1
- Post by Breaking Live News1
- 🚨 Breaking News | DeshTak हैदराबाद के मुस्लिम उपदेशक सैय्यद अयूब का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। उन्होंने कहा — "मुसलमान सड़क पर नमाज़ पढ़ेगा, हम डरने वाले नहीं हैं..." इस बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। कुछ लोग इसे धार्मिक अधिकार से जोड़कर देख रहे हैं, तो वहीं कई लोग सार्वजनिक व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं। 👉 फिलहाल इस बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी तक नहीं आई है। 📌 DeshTak आपसे अपील करता है — किसी भी वायरल वीडियो या बयान पर प्रतिक्रिया देने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें। #DeshTak #Hyderabad #SyedAyub #ViralVideo #ReligiousDebate #BreakingNews1
- Sanganer Thana yahan per garmi itni jordar pad rahi hai dhup se log bag Ghar Se Bahar nahin nikal rahe hain1
- जुगाड़ पर लगाया गया हेलमेट जयपुर शहर में दिखा अनोखा वाक्य एक थ्री व्हीलर रिक्शा में चालक ने लगाया हेलमेट अच्छी बात है #viralreelschallenge2025viralreelschallengejaiviralreelschallengeviralreelschallengeviral1
- बस्सी - (जयपुर ग्रामीण) तूंगा के अखैपुरा गांव में भीषण आग से हड़कंप, शॉर्ट सर्किट से लगी आग, घर का सामान जलकर राख, ग्रामीणों की मदद से पाया गया आग पर काबू, दमकल मौके पर पहुंची, तब तक काफी नुकसान हो चुका था, तूंगा पुलिस और विद्युत विभाग के कर्मचारी भी पहुंचे मौके पर, करीब 2.50 लाख रुपये का नुकसान, पशु चारा भी जला एंकर बस्सी (जयपुर ग्रामीण)। बस्सी के तूंगा क्षेत्र के अखैपुरा गांव में एक घर में भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते घर में रखा घरेलू सामान और पशुओं का चारा पूरी तरह जलकर राख हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार आग गोपाल शर्मा के घर में लगी। शुरुआती जांच में आग लगने का कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। घटना के दौरान ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए खुद ही आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। सूचना मिलने पर तूंगा पुलिस और विद्युत विभाग के कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे। वहीं जयपुर से दमकल की गाड़ी भी मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक ग्रामीणों की मदद से आग काफी हद तक बुझाई जा चुकी थी। इस हादसे में घर का सारा घरेलू सामान, पशु चारा और अन्य जरूरी सामग्री जलकर नष्ट हो गई। पीड़ित परिवार को करीब 2.50 लाख रुपये का नुकसान बताया जा रहा है। घटना के बाद गांव में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बना रहा, हालांकि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।3
- Jaipur : स्वामी कुमारानंद भवन में दिवंगत नौजवान साथियों समर्थ सिंह सिद्धू और रौनक ठक्कर की स्मृति में छठा स्मृति व्याख्यान आयोजित किया गया। इस वर्ष का विषय “फलस्तीन के लिए न्याय और पश्चिम एशिया में शांति” रहा। कार्यक्रम केवल एक श्रद्धांजलि सभा नहीं रहा, बल्कि अन्याय और युद्ध के खिलाफ शांति, इंसाफ और मानवीय मूल्यों की सामूहिक आवाज बनकर सामने आया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता Aruna Roy ने की। मुख्य वक्ता के रूप में भारत में फलस्तीन के राजदूत Abdullah M. Abu Shawesh ने फलस्तीन के नागरिकों की वर्तमान स्थिति और उनके देश पर हो रहे हमलों के बारे में अपने विचार रखे। इस अवसर पर वरिष्ठ अर्थशास्त्री Jaya Mehta ने कहा कि पूंजीवादी देशों द्वारा तेल जैसी प्राकृतिक संपदाओं पर नियंत्रण और हथियारों के व्यापार के कारण दुनिया में युद्ध जैसी स्थितियां पैदा हो रही हैं। वहीं प्रगतिशील लेखक संघ से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता Vineet Tiwari ने वेस्ट बैंक की अपनी यात्रा के अनुभव साझा किए। वक्ताओं ने अपने संबोधन में दुनिया में बढ़ते साम्राज्यवाद और पूंजीवादी लूट पर चिंता जताते हुए फलस्तीन की जनता पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि आज जब दुनिया नफरत और युद्ध के दौर से गुजर रही है, तब शांति, इंसाफ और मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए एकजुट होना बेहद जरूरी है। कार्यक्रम में जयपुर के विभिन्न वर्गों से जुड़े बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। सभा के अंत में आयोजित रोज़ा इफ्तार ने कार्यक्रम को और भावनात्मक बना दिया, जहाँ हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समुदाय के लोग एक साथ बैठकर इफ्तार करते नजर आए। यह दृश्य साझा संस्कृति, भाईचारे और इंसानियत की मिसाल बना। गौरतलब है कि समर्थ सिंह सिद्धू और उनके मित्र रौनक ठक्कर का निधन एक सड़क दुर्घटना में हो गया था। इसके बाद समर्थ की मां Nisha Sidhu ने साथियों के सहयोग से समर्थ फाउंडेशन के माध्यम से हर वर्ष 15 मार्च को किसी सामाजिक विषय पर यह स्मृति व्याख्यान आयोजित करने की पहल शुरू की। इस वर्ष यह आयोजन छठी बार हुआ। कार्यक्रम में अतिथियों का परिचय और स्वागत मेजर डॉ. मीता सिंह ने किया, जबकि अंत में अध्यक्ष Aruna Roy ने सभी उपस्थित लोगों का धन्यवाद ज्ञापित किया। समर्थ सिंह सिद्धू को याद करते हुए वक्ताओं ने कहा कि वह जिंदादिल, साहसी और सामाजिक सरोकारों से जुड़ा एक जागरूक नौजवान था, जिसकी सोच और सपने आज भी समाज को प्रेरित करते हैं।1