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*'मोर गांव-मोर पानी’ अभियान से जल संरक्षण को नई ताकत* *5 प्रतिशत मॉडल पर सोनहत व बैकुंठपुर में हजारों सोख्ता गड्ढों का निर्माण*
Manoj shrivastav
*'मोर गांव-मोर पानी’ अभियान से जल संरक्षण को नई ताकत* *5 प्रतिशत मॉडल पर सोनहत व बैकुंठपुर में हजारों सोख्ता गड्ढों का निर्माण*
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- शहडोल। जिला काँग्रेस कमेटी शहडोल के जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी के नेतृत्व मे, जिले मे व्याप्त रसोई गैस की किल्लत,कालाबाजारी, शहडोल से निकाल कर फूलपुर गैस भेजने व पाइप द्वारा घर घर गैस पहुंचने मे हो रहे विलंब के विरुद्ध जिला काँग्रेस द्वारा किया गया धरना-प्रदर्शन। काँग्रेस ने देश के सम्मानित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बताए अनुसार बर्तन मे पाइप लगा कर नाले मे डाल कर गैस निकाल कर चाय बनाने की कोशिश की लेकिन गैस चूल्हा नहीं जला, यह भी मोदी जी का जुमला मात्र साबित हुआ। जिला कांग्रेस कमेटी शहडोल के जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी ने जिले में लगातार बनी हुई रसोई गैस सिलेंडर की किल्लत को लेकर केंद्र एवं राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि शहडोल जिले की आम जनता इन दिनों रसोई गैस सिलेंडर के लिए गैस एजेंसियों के चक्कर लगाने को मजबूर है। कई-कई दिनों तक इंतजार करने के बाद भी उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, जिससे घरों की रसोई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है। अजय अवस्थी ने कहा कि सरकार द्वारा घर-घर पाइपलाइन के माध्यम से घरेलू गैस पहुंचाने की योजना भी जिले में वर्षों से अधूरी पड़ी हुई है। उन्होंने मांग की कि जनहित को ध्यान में रखते हुए इस कार्य को शीघ्र पूरा कराया जाए, ताकि जिलेवासियों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत विडंबनापूर्ण स्थिति है कि शहडोल जिले से प्राकृतिक संसाधनों का दोहन किया जा रहा है, लेकिन उसी जिले के लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कृपापात्र रिलायंस कंपनी द्वारा शहडोल क्षेत्र से प्राकृतिक गैस का दोहन कर उसे फूलपुर जैसे अन्य स्थानों पर भेजा जा रहा है, जबकि स्थानीय जनता को गैस सिलेंडर की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि यह स्थिति “चिराग तले अंधेरा” की कहावत को पूरी तरह चरितार्थ करती है। जिस जिले की धरती से प्राकृतिक संसाधन निकल रहे हैं, उसी जिले की जनता को रसोई गैस जैसी बुनियादी आवश्यकता के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। अजय अवस्थी ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की कि इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान दिया जाए तथा जिले में गैस सिलेंडरों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके। साथ ही उन्होंने प्रशासन से भी मांग की कि जिले की सभी गैस एजेंसियों की आपूर्ति व्यवस्था की जांच कराई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध हो। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही गैस सिलेंडर की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो जिला कांग्रेस कमेटी शहडोल आम जनता के साथ मिलकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। उक्त जानकारी जिला काँग्रेस कमेटी शहडोल के मुख्य प्रवक्ता पीयूष शुक्ला ने प्रदान की। धरना-प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी,पूर्व जिलाध्यक्ष नीरज द्विवेदी,पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष कुलदीप निगम, वरिष्ठ कांग्रेसी सुनील खरे, नगर अध्यक्ष प्रभात पाण्डेय, जिला मुख्य प्रवक्ता पीयूष शुक्ला, जिला उपाध्यक्ष अनुज मिश्रा, युवा कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष आशीष तिवारी, सोशल मीडिया जिलाध्यक्ष प्रीतेश द्विवेदी, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष सौरभ तिवारी, सोहागपुर ब्लाक अध्यक्ष प्रीतमदास सोनी, पूर्व पार्षद जितेंद्र सिंह, पूर्व ब्लाक अध्यक्ष शिव शंकर शुक्ला, पार्षद हीरालाल प्रजापती, नीरज सराफ, पूर्व ब्लाक अध्यक्ष बुढ़ार राजीव शर्मा, सिंधपुर ब्लॉक अध्यक्ष अजीत सोनी, राजेश सोंधिया, पिछड़ा वर्ग जिलाध्यक्ष सत्यनारायण साहू, कुंजबिहारी द्विवेदी, जवाहर राव, हरिशंकर तिवारी, , रवि शेखर राव, आशीष द्विवेदी, महेंद्र यादव, हर्ष गौतम,सबी खान, मोहसिन खान, प्रमोद जैन, शाकिर फारूकी, जसवीर सिंह, धन्नू बर्मन, अशोक तिवारी, भैय्यालाल गुप्ता, वरुण पाल, राजेश बैगा, अजय सनपाल आदि काँग्रेसजन उपस्थित रहे।*4
- रीवा शहर में एलपीजी गैस की किल्लत से लोग परेशान। गैस एजेंसियों के बाहर लंबी-लंबी कतारें, घंटों इंतजार के बाद भी कई लोगों को नहीं मिल रहा सिलेंडर। 📹 लाइन में खड़े लोगों का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल जनता का आरोप – सप्लाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई, जिम्मेदार कौन? ⚠️ प्रशासन से जल्द समाधान की मांग।1
- शहडोल जिले के जमुआ गांव में दिनदहाड़े अवैध कोयला उत्खनन, कोल माफिया सक्रिय1
- Post by SK Kashyapपत्रकार रींवापार1
- धरमजयगढ़ - धरमजयगढ़ क्षेत्र के ग्राम खम्हार स्थित छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक शाखा में रविवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब बैंक का मुख्य ताला टूटा हुआ पाया गया। सुबह बैंक परिसर की संदिग्ध स्थिति देखकर स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल बैंक कर्मचारियों और पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर हलचल बढ़ गई और पुलिस जांच के लिए पहुंच गई। मिली जानकारी के अनुसार बैंक का ताला टूटा मिलने के बाद चोरी की आशंका जताई जा रही है। हालांकि प्रारंभिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बैंक के भीतर से नकदी या अन्य कीमती सामग्री गायब हुई है या नहीं। बैंक प्रबंधन द्वारा शाखा के अंदर रखी नकदी, दस्तावेजों और अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों की सावधानीपूर्वक जांच की जा रही है, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। घटना की गंभीरता को देखते हुए शशि मोहन सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायगढ़, स्वयं मौके पर पहुंचे और घटना स्थल का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को मामले की हर पहलू से जांच करने के निर्देश भी दिए। बताया जा रहा है कि बैंक के अंदरूनी हिस्सों का सूक्ष्म निरीक्षण करने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वास्तव में चोरी हुई है या नहीं और यदि हुई है तो नुकसान कितना हुआ है। वहीं पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है तथा रात के समय क्षेत्र में हुई संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। एसएसपी की तत्पर कार्यप्रणाली और मौके पर पहुंचकर की गई समीक्षा को देखते हुए यह माना जा रहा है कि पुलिस जल्द ही इस पूरे मामले का खुलासा कर सकती है। घटना के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं और लोगों की निगाहें अब पुलिस जांच और बैंक प्रबंधन की रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।1
- #शहडोल #shahdol1
- Post by Manoj shrivastav1
- सीधी। जिले के रामपुर नैकिन क्षेत्र स्थित अमिलाई चरखी घाटी में रीवा–अमरकंटक मार्ग (NH) पर अचानक सड़क धंसने से बड़ा हादसा होते-होते टल गया। सड़क के बीचों-बीच बना गहरा गड्ढा इतना भयावह है कि ग्रामीणों द्वारा डाले गए 50 से अधिक पत्थर भी उसमें समा गए, जिससे नीचे बड़ी खोखली संरचना या सुरंग जैसी स्थिति होने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक यदि समय रहते यह गड्ढा नहीं दिखता तो किसी भी समय बड़ा सड़क हादसा हो सकता था। खतरे को देखते हुए ग्रामीणों ने खुद ही पत्थर, झंडे और अवरोधक लगाकर रास्ते को चिन्हित किया, ताकि रात में गुजरने वाले वाहन चालक सावधान रह सकें। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में भारी लापरवाही के कारण यह स्थिति बनी है। लोगों ने प्रशासन से निर्माण कंपनी की उच्च स्तरीय जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। ⚠️ सावधानी जरूरी: चरखी घाटी और पास की चुहिया घाटी से गुजरने वाले वाहन चालकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि सड़क का हिस्सा अभी भी असुरक्षित और धंसाव के खतरे में बताया जा रहा है। 👉 फिलहाल ग्रामीणों द्वारा लगाए गए अस्थायी अवरोध ही लोगों को खतरे से आगाह कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से स्थायी मरम्मत और जांच का इंतजार बना हुआ है।1
- Post by SK Kashyapपत्रकार रींवापार1