गुरु पूर्णिमा पर ग्राम पंचमपुरा में संत कबीर सम्मेलन का आयोजन, संतों के प्रवचनों से भक्त हुए भावविभोर अम्बाह। ग्राम पंचायत कमतरी के ग्राम पंचमपुरा में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर संत श्री बालक साहेब जी के सान्निध्य में भव्य संत कबीर सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों से आए अनेक संत-महात्माओं ने भाग लेकर श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक एवं धार्मिक प्रवचनों का लाभ प्रदान किया। संतों ने अपने प्रवचनों में संत कबीरदास जी की वाणी, उनके आदर्शों और मानवता, प्रेम, सत्य एवं सद्भाव के संदेश को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी। संतों के ओजस्वी विचारों और भजनों से श्रद्धालु भावविभोर हो उठे तथा पूरे आयोजन स्थल पर भक्तिमय वातावरण बना रहा। सम्मेलन के दौरान श्रद्धालुओं ने संत-महात्माओं का माल्यार्पण कर आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम के समापन पर सभी श्रद्धालुओं के लिए भंडारा प्रसादी का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम ने क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक सौहार्द का संदेश प्रसारित किया।
गुरु पूर्णिमा पर ग्राम पंचमपुरा में संत कबीर सम्मेलन का आयोजन, संतों के प्रवचनों से भक्त हुए भावविभोर अम्बाह। ग्राम पंचायत कमतरी के ग्राम पंचमपुरा में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर संत श्री बालक साहेब जी के सान्निध्य में भव्य संत कबीर सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों से आए अनेक संत-महात्माओं ने भाग लेकर श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक एवं धार्मिक प्रवचनों का लाभ प्रदान किया। संतों ने अपने प्रवचनों में संत कबीरदास जी की वाणी, उनके आदर्शों और मानवता, प्रेम, सत्य एवं सद्भाव के संदेश को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी। संतों के ओजस्वी विचारों और भजनों से श्रद्धालु भावविभोर हो उठे तथा पूरे आयोजन स्थल पर भक्तिमय वातावरण बना रहा। सम्मेलन के दौरान श्रद्धालुओं ने संत-महात्माओं का माल्यार्पण कर आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम के समापन पर सभी श्रद्धालुओं के लिए भंडारा प्रसादी का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम ने क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक सौहार्द का संदेश प्रसारित किया।
- सौरों से गंगाजल लेकर पोरसा पहुंचे सैकड़ों कांवड़िए, आज श्रावण के दूसरे सोमवार पर भोलेनाथ को अर्पित करेंगे पवित्र जल हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा पोरसा, श्रद्धा और आस्था के साथ कांवड़ यात्रा पूरी कर लौटे शिवभक्त पोरसा,,,,,,,,,श्रावण माह के दूसरे सोमवार को लेकर शहर पोरसा और आसपास के क्षेत्र में भगवान शिव की भक्ति का माहौल बना हुआ है। सैकड़ों कांवड़िए दूर-दराज से पवित्र गंगाजल लेकर पोरसा पहुंचे हैं। शिवभक्त सोमवार की सुबह अपने-अपने मनचाहे एवं चिन्हित भोले बाबा के मंदिरों में पहुंचकर विधि-विधान से गंगाजल अर्पित करेंगे और भगवान शिव से सुख-समृद्धि, परिवार की खुशहाली तथा मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद मांगेंगे। पोरसा के कई दर्जन कांवड़िए पवित्र गंगाजल लेने के लिए गुरुवार शाम करीब 5 बजे सौरों के लिए रवाना हुए थे। कांवड़िए देर रात करीब 2 बजे सौरों पहुंचे। शुक्रवार दोपहर लगभग 1 बजे पवित्र गंगाजल से कांवड़ भरकर शिवभक्त वापस पोरसा के लिए रवाना हुए। श्रद्धालुओं ने पैदल यात्रा करते हुए सौरों से शिकोहाबाद, बटेश्वर तथा उत्तर प्रदेश के नगरा घाट सहित विभिन्न मार्गों से होकर अपनी कांवड़ यात्रा पूरी की। रविवार दोपहर कांवड़िए पोरसा पहुंच गए। यात्रा के दौरान शिवभक्तों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। रास्ते भर "हर-हर महादेव", "बोल बम" और "जय भोलेनाथ" के जयघोष गूंजते रहे। कठिन यात्रा के बावजूद श्रद्धालुओं के चेहरे पर थकान के बजाय भगवान शिव के प्रति आस्था और भक्ति का भाव दिखाई दिया। इन शिवभक्तों ने पूरी की कांवड़ यात्रा पोरसा के कांवड़ियों में सोनू बंसल, रमन गर्ग, दीपू बंसल, सैंकी गुप्ता, मनोज नामदेव, भागीरथ, दिलीप, आकाश गोयल, आशीष गुप्ता, मोनू गुप्ता, विराट राजपूत, वरुण सिंह सहित अन्य शिवभक्त शामिल रहे। सभी कांवड़िए सोमवार को अपने-अपने चिन्हित महादेव मंदिरों में पहुंचकर पवित्र गंगाजल अर्पित करेंगे। कांवड़ लाने की परंपरा में छिपा है गहरा आध्यात्मिक संदेश हिंदू धार्मिक परंपरा में कांवड़ यात्रा भगवान शिव के प्रति समर्पण, श्रद्धा और तपस्या का प्रतीक मानी जाती है। श्रद्धालु पवित्र नदी से जल लेकर उसे कांवड़ में धारण करते हैं और पैदल यात्रा कर अपने आराध्य भगवान शिव को अर्पित करते हैं। इस पूरी यात्रा का उद्देश्य केवल जल चढ़ाना नहीं, बल्कि शरीर, मन और वाणी को संयमित रखते हुए भगवान शिव के प्रति अपनी श्रद्धा और समर्पण प्रकट करना भी है। मान्यता है कि जिस पवित्र जल को श्रद्धालु आस्था के साथ लाते हैं, उसे शिवलिंग पर अर्पित करना भगवान शिव की आराधना का विशेष स्वरूप है। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालु कठिन रास्तों, मौसम और शारीरिक थकान का सामना करते हुए भी अपनी आस्था को बनाए रखते हैं। यही कठिनाई इस यात्रा को तपस्या और साधना का स्वरूप प्रदान करती है। कांवड़ को पवित्रता और नियमों के साथ लाना माना जाता है महत्वपूर्ण कांवड़ यात्रा में पवित्रता और अनुशासन का विशेष महत्व माना जाता है। श्रद्धालु गंगाजल भरने से लेकर उसे भोलेनाथ को अर्पित करने तक कांवड़ की शुचिता बनाए रखने का प्रयास करते हैं। कांवड़ को जमीन पर रखने से बचना, जल को अपवित्र न होने देना, यात्रा के दौरान संयम रखना और भगवान शिव का स्मरण करते हुए यात्रा करना धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। कांवड़ यात्रा केवल व्यक्तिगत आस्था की यात्रा नहीं, बल्कि संयम, सेवा, त्याग और श्रद्धा का संदेश भी देती है। शिवभक्त रास्ते में एक-दूसरे की सहायता करते हुए आगे बढ़ते हैं। यही भावना भगवान शिव के प्रति भक्ति के साथ सामाजिक एकता और भाईचारे को भी मजबूत करती है। भोलेनाथ को गंगाजल चढ़ाने का क्या है महत्व? श्रावण मास में भगवान शिव को गंगाजल अर्पित करने की परंपरा अत्यंत प्राचीन और श्रद्धा से जुड़ी हुई है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान शिव ने मां गंगा को अपनी जटाओं में धारण कर पृथ्वी पर गंगा के अवतरण को संभव बनाया था। इसी कारण गंगा जल को भगवान शिव की पूजा में विशेष पवित्र माना जाता है। श्रावण सोमवार के दिन शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित कर श्रद्धालु भगवान शिव का अभिषेक करते हैं। भक्तों का विश्वास है कि श्रद्धा और विधि-विधान से किया गया जलाभिषेक मन को शांति प्रदान करता है तथा भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है। हालांकि धार्मिक फल की प्राप्ति आस्था और मान्यता का विषय है, लेकिन इस परंपरा का मूल संदेश भक्ति, विनम्रता और भगवान के प्रति पूर्ण समर्पण है। आज सुबह मंदिरों में होगा जलाभिषेक श्रावण के दूसरे सोमवार की सुबह पोरसा के विभिन्न शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की संभावना है। कांवड़िए अपनी-अपनी कांवड़ लेकर मंदिर पहुंचेंगे और भगवान भोलेनाथ का गंगाजल से अभिषेक करेंगे। जलाभिषेक के दौरान हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से शिवालय गूंज उठेंगे। कांवड़ियों के लिए यह यात्रा केवल कई किलोमीटर की दूरी तय करने का अवसर नहीं, बल्कि भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था को समर्पित करने वाली एक आध्यात्मिक यात्रा है। सौरों से पवित्र गंगाजल लेकर पोरसा तक पहुंचे इन शिवभक्तों की यात्रा ने एक बार फिर क्षेत्र में श्रद्धा, भक्ति, सेवा और सनातन परंपरा की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत की है। हर-हर महादेव। बोल बम बम1
- एसपी ने अंबाह अनुभाग के थाना प्रभारियों की ली समीक्षा बैठक, लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश अंबाह। पुलिस अधीक्षक मुरैना धर्मराज मीना ने रविवार को अंबाह अनुभाग के थाना प्रभारियों की समीक्षा बैठक ली। एसडीओपी अंबाह कार्यालय में आयोजित बैठक में अंबाह, पोरसा, नगरा एवं महुआ थाना क्षेत्रों की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक के दौरान सीएम हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों की थाना-वार समीक्षा करते हुए पुलिस अधीक्षक ने शिकायतों का गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ परीक्षण कर शिकायतकर्ताओं को संतुष्टिपूर्ण एवं तथ्यात्मक निराकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अनावश्यक रूप से शिकायतों को लंबित नहीं रखने पर भी जोर दिया। एसपी ने लंबित अपराध, विवेचनाओं एवं अन्य प्रकरणों की समीक्षा करते हुए प्राथमिकता के आधार पर उनका समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश थाना प्रभारियों को दिए। अपराधों की रोकथाम के लिए थाना क्षेत्रों में लगातार पेट्रोलिंग और प्रभावी निगरानी व्यवस्था बनाए रखने को कहा। उन्होंने आदतन एवं सक्रिय अपराधियों तथा असामाजिक तत्वों के खिलाफ नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की सक्रिय मौजूदगी बनाए रखने और आगामी आयोजनों एवं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया। बैठक में मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार संचालित जनविश्वास अभियान के तहत कार्रवाई, फरियादियों की शिकायतों का त्वरित निराकरण, थाना स्तर पर जनसुनवाई को प्रभावी बनाने, अपराध की सूचना पर तत्काल कार्रवाई, विवेचना की गुणवत्ता में सुधार तथा पुलिस और आमजन के बीच बेहतर समन्वय एवं विश्वास बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में अपराध की प्रवृत्तियों और स्थानीय समस्याओं का नियमित विश्लेषण कर प्रभावी एवं परिणामपरक पुलिसिंग सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण, अपराध नियंत्रण और आमजन की समस्याओं के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।4
- संत शिरोमणि रविदास कलश यात्रा का धौलपुर सीमा पर हुआ भव्य स्वागत आज दिनांक 9 अगस्त,2026 को संत शिरोमणि रविदास जी महाराज की कलश यात्रा का धौलपुर जिले में मंगल प्रवेश हुआ संत शिरोमणि रविदास जी महाराज की यात्रा करौली जिले की यात्रा पूर्ण कर धौलपुर जिले की सीमा बथुआ खो सरमथुरा में प्रवेश किया, रथ यात्रा को करौली धौलपुर लोकसभा क्षेत्र के रथ यात्रा के प्रभारी बृजलाल डीकोलिया धौलपुर के जिला अध्यक्ष राजवीर सिंह राजावत एवं धौलपुर करौली लोकसभा यात्रा के प्रभारी श्रवण कुमार वर्मा, यात्रा के जिला संयोजक कमल पहाड़िया, सहसंयोजक बनवारी लाल जाटव एवं सह संयोजक चतुर सिंह जाटव को कलश दिया धौलपुर जिले की सीमा में कलश यात्रा के रथ का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया यह रथ यात्रा धौलपुर जिले की चारों विधानसभाओं में भ्रमण करेगी बसेड़ी, बड़ी, राजाखेड़ा एवं धौलपुर विधानसभा में गांव गांव जाएगी अंत में इस यात्रा का समापन धौलपुर विधानसभा भाजपा कार्यालय धौलपुर पर समापन होगी, इस अवसर पर करौली धौलपुर लोकसभा प्रत्याशी इंदु देवी जाटव, पूर्व विधायक बसेड़ी सुखराम कोली, भरतपुर संभाग सह मीडिया प्रभारी मुकेश सक्सेना, पंचायत समिति सदस्य दीपू कुशवाहा, पूर्व युवा मोर्चा अध्यक्ष भूपेन्द्र घुरैया, डॉ मनोज शर्मा, पूर्व कार्यालय प्रभारी नन्द किशोर शुक्ला, सोशल मीडिया प्रभारी लोकेंद्र सिंह चौहान, विस्तारक रामू शर्मा, पूर्व मंत्री विनय परमार, प्रीति गोयल एवं करौली विधानसभा के जिला उपाध्यक्ष योगेश शर्मा, अजय पाल जादोंन, जिला प्रवक्ता जितेन सिंह पचाना, जिला मंत्री पुष्पेंद्र सैनी, महामंत्री जसवंत माच, करौली देहात मंडल अध्यक्ष रामेंद्र सिंह जादौन, विधि प्रकोष्ठ जिला सहसंयोजक विकास सिंह जाड़ोन, शहर मंडल अध्यक्ष करौली आशुतोष तिवारी आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे4
- संत शिरोमणि रविदास कलश यात्रा का धौलपुर सीमा पर हुआ भव्य स्वागत धौलपुर । संत शिरोमणि रविदास जी महाराज की कलश यात्रा का धौलपुर जिले में मंगल प्रवेश हुआ। संत शिरोमणि रविदास जी महाराज की यात्रा करौली जिले की यात्रा पूर्ण कर धौलपुर जिले की सीमा बथुआ खो सरमथुरा में प्रवेश किया, रथ यात्रा को करौली धौलपुर लोकसभा क्षेत्र के रथ यात्रा के प्रभारी बृजलाल डीकोलिया धौलपुर के जिला अध्यक्ष राजवीर सिंह राजावत एवं धौलपुर करौली लोकसभा यात्रा के प्रभारी श्रवण कुमार वर्मा, यात्रा के जिला संयोजक कमल पहाड़िया, सहसंयोजक बनवारी लाल जाटव एवं सह संयोजक चतुर सिंह जाटव को कलश दिया धौलपुर जिले की सीमा में कलश यात्रा के रथ का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया यह रथ यात्रा धौलपुर जिले की चारों विधानसभाओं में भ्रमण करेगी बसेड़ी, बड़ी, राजाखेड़ा एवं धौलपुर विधानसभा में गांव गांव जाएगी अंत में इस यात्रा का समापन धौलपुर विधानसभा भाजपा कार्यालय धौलपुर पर समापन होगी, इस अवसर पर करौली धौलपुर लोकसभा प्रत्याशी इंदु देवी जाटव, पूर्व विधायक बसेड़ी सुखराम कोली, मीडिया प्रभारी मुकेश सक्सेना, पंचायत समिति सदस्य दीपू कुशवाहा, भूपेन्द्र घुरैया, डॉ मनोज शर्मा,नन्द किशोर शुक्ला, लोकेंद्र चौहान, रामू शर्मा,विनय परमार, प्रीति गोयल एवं करौली विधानसभा के जिला उपाध्यक्ष योगेश शर्मा, अजय पाल जादोंन, जिला प्रवक्ता जितेन सिंह पचाना, जिला मंत्री पुष्पेंद्र सैनी, महामंत्री जसवंत माच, करौली देहात मंडल अध्यक्ष रामेंद्र सिंह जादौन, विधि प्रकोष्ठ जिला सहसंयोजक विकास सिंह जाड़ोन, शहर मंडल अध्यक्ष करौली आशुतोष तिवारी आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे l4
- गुरु पूर्णिमा पर ग्राम पंचमपुरा में संत कबीर सम्मेलन का आयोजन, संतों के प्रवचनों से भक्त हुए भावविभोर अम्बाह। ग्राम पंचायत कमतरी के ग्राम पंचमपुरा में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर संत श्री बालक साहेब जी के सान्निध्य में भव्य संत कबीर सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों से आए अनेक संत-महात्माओं ने भाग लेकर श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक एवं धार्मिक प्रवचनों का लाभ प्रदान किया। संतों ने अपने प्रवचनों में संत कबीरदास जी की वाणी, उनके आदर्शों और मानवता, प्रेम, सत्य एवं सद्भाव के संदेश को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी। संतों के ओजस्वी विचारों और भजनों से श्रद्धालु भावविभोर हो उठे तथा पूरे आयोजन स्थल पर भक्तिमय वातावरण बना रहा। सम्मेलन के दौरान श्रद्धालुओं ने संत-महात्माओं का माल्यार्पण कर आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम के समापन पर सभी श्रद्धालुओं के लिए भंडारा प्रसादी का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम ने क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक सौहार्द का संदेश प्रसारित किया।1