कन्नौज के सौरिख सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में एसीएमओ डॉ. के.पी. त्रिपाठी ने औचक निरीक्षण किया। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किए गए इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की कार्यप्रणाली को बारीकी से परखा और खामियां मिलने पर संबंधित अधिकारियों को सख्त हिदायत दी। निरीक्षण के दौरान अधिकतर स्टाफ मौके पर उपस्थित मिला, लेकिन बिना सूचना के अनुपस्थित कर्मचारियों पर एसीएमओ ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने अस्पताल अधीक्षक को निर्देशित किया कि अनुपस्थित कर्मियों के खिलाफ तत्काल स्पष्टीकरण तलब किया जाए। अस्पताल में 'जननी सुरक्षा योजना' के अंतर्गत मरीजों को मिलने वाले भुगतान की स्थिति बेहद कमजोर पाए जाने पर एसीएमओ ने गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने प्रभारी चिकित्सा अधिकारी और स्टाफ नर्सों के साथ बैठक कर निर्देश दिए कि प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं की पहली जांच (ANC) के समय ही उनके बैंक खाते की जानकारी दर्ज कर ली जाए, ताकि उन्हें प्रसव उपरांत मिलने वाली ₹1400 की सरकारी सहायता राशि तुरंत मिल सके। इसके अलावा, अस्पताल की बिजली व्यवस्था को लेकर भी उन्होंने नाराजगी जताई। अस्पताल का जनरेटर पिछले चार-पांच सालों से खराब पड़ा है और वर्तमान में लगी सोलर लाइटें 'ऑन-ग्रिड' होने के कारण बिजली जाने पर काम नहीं करती हैं। डॉ. त्रिपाठी ने बताया कि 25 केवीए जनरेटर की आवश्यकता के लिए शासन को मांग पत्र भेज दिया गया है और कम वोल्टेज की समस्या के समाधान के लिए विद्युत विभाग से भी समन्वय किया जाएगा। अस्पताल की समग्र कार्यप्रणाली संतोषजनक पाए जाने के बावजूद एसीएमओ ने परिसर में व्याप्त गंदगी पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने विशेष रूप से महिला शौचालयों की साफ-सफाई को प्राथमिकता देने और अस्पताल परिसर में उगी झाड़ियों व गंदगी को तत्काल साफ कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में संचारी और दस्तक अभियान चल रहा है, ऐसे में स्वास्थ्य केंद्र परिसर का स्वच्छ होना अत्यंत अनिवार्य है। एसीएमओ ने चेतावनी दी कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में पुनः निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी।
कन्नौज के सौरिख सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में एसीएमओ डॉ. के.पी. त्रिपाठी ने औचक निरीक्षण किया। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किए गए इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की कार्यप्रणाली को बारीकी से परखा और खामियां मिलने पर संबंधित अधिकारियों को सख्त हिदायत दी। निरीक्षण के दौरान अधिकतर स्टाफ मौके पर उपस्थित मिला, लेकिन बिना सूचना के अनुपस्थित कर्मचारियों पर एसीएमओ ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने अस्पताल अधीक्षक को निर्देशित किया कि अनुपस्थित कर्मियों के खिलाफ तत्काल स्पष्टीकरण तलब किया जाए। अस्पताल में 'जननी सुरक्षा योजना' के अंतर्गत मरीजों को मिलने वाले भुगतान की स्थिति बेहद कमजोर पाए जाने पर एसीएमओ ने गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने प्रभारी चिकित्सा अधिकारी और स्टाफ नर्सों के साथ बैठक कर निर्देश दिए कि प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं की पहली जांच (ANC) के समय ही उनके बैंक खाते की जानकारी दर्ज कर ली जाए, ताकि उन्हें प्रसव उपरांत मिलने वाली ₹1400 की सरकारी सहायता राशि तुरंत मिल सके। इसके अलावा, अस्पताल की बिजली व्यवस्था
को लेकर भी उन्होंने नाराजगी जताई। अस्पताल का जनरेटर पिछले चार-पांच सालों से खराब पड़ा है और वर्तमान में लगी सोलर लाइटें 'ऑन-ग्रिड' होने के कारण बिजली जाने पर काम नहीं करती हैं। डॉ. त्रिपाठी ने बताया कि 25 केवीए जनरेटर की आवश्यकता के लिए शासन को मांग पत्र भेज दिया गया है और कम वोल्टेज की समस्या के समाधान के लिए विद्युत विभाग से भी समन्वय किया जाएगा। अस्पताल की समग्र कार्यप्रणाली संतोषजनक पाए जाने के बावजूद एसीएमओ ने परिसर में व्याप्त गंदगी पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने विशेष रूप से महिला शौचालयों की साफ-सफाई को प्राथमिकता देने और अस्पताल परिसर में उगी झाड़ियों व गंदगी को तत्काल साफ कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में संचारी और दस्तक अभियान चल रहा है, ऐसे में स्वास्थ्य केंद्र परिसर का स्वच्छ होना अत्यंत अनिवार्य है। एसीएमओ ने चेतावनी दी कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में पुनः निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी।
- कन्नौज के सौरिख सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में एसीएमओ डॉ. के.पी. त्रिपाठी ने औचक निरीक्षण किया। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किए गए इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की कार्यप्रणाली को बारीकी से परखा और खामियां मिलने पर संबंधित अधिकारियों को सख्त हिदायत दी। निरीक्षण के दौरान अधिकतर स्टाफ मौके पर उपस्थित मिला, लेकिन बिना सूचना के अनुपस्थित कर्मचारियों पर एसीएमओ ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने अस्पताल अधीक्षक को निर्देशित किया कि अनुपस्थित कर्मियों के खिलाफ तत्काल स्पष्टीकरण तलब किया जाए। अस्पताल में 'जननी सुरक्षा योजना' के अंतर्गत मरीजों को मिलने वाले भुगतान की स्थिति बेहद कमजोर पाए जाने पर एसीएमओ ने गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने प्रभारी चिकित्सा अधिकारी और स्टाफ नर्सों के साथ बैठक कर निर्देश दिए कि प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं की पहली जांच (ANC) के समय ही उनके बैंक खाते की जानकारी दर्ज कर ली जाए, ताकि उन्हें प्रसव उपरांत मिलने वाली ₹1400 की सरकारी सहायता राशि तुरंत मिल सके। इसके अलावा, अस्पताल की बिजली व्यवस्था को लेकर भी उन्होंने नाराजगी जताई। अस्पताल का जनरेटर पिछले चार-पांच सालों से खराब पड़ा है और वर्तमान में लगी सोलर लाइटें 'ऑन-ग्रिड' होने के कारण बिजली जाने पर काम नहीं करती हैं। डॉ. त्रिपाठी ने बताया कि 25 केवीए जनरेटर की आवश्यकता के लिए शासन को मांग पत्र भेज दिया गया है और कम वोल्टेज की समस्या के समाधान के लिए विद्युत विभाग से भी समन्वय किया जाएगा। अस्पताल की समग्र कार्यप्रणाली संतोषजनक पाए जाने के बावजूद एसीएमओ ने परिसर में व्याप्त गंदगी पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने विशेष रूप से महिला शौचालयों की साफ-सफाई को प्राथमिकता देने और अस्पताल परिसर में उगी झाड़ियों व गंदगी को तत्काल साफ कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में संचारी और दस्तक अभियान चल रहा है, ऐसे में स्वास्थ्य केंद्र परिसर का स्वच्छ होना अत्यंत अनिवार्य है। एसीएमओ ने चेतावनी दी कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में पुनः निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी।2
- उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में चर्चित 'गोल्डन बाबा' अपने 'प्रतिज्ञा रथ' के साथ पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। दुर्वासा ऋषि आश्रम से होते हुए गोल्डन बाबा बजरिया स्थित सैनिक कैंटीन पर विमलेश मिश्रा के प्रतिष्ठान पहुंचे। अपनी इस यात्रा के दौरान उन्होंने एक विशेष संकल्प और अपनी यात्रा के मुख्य उद्देश्यों की जानकारी साझा की, जो अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। गोल्डन बाबा ने बताया कि उनके इस 'प्रतिज्ञा रथ' का मुख्य उद्देश्य पूरे उत्तर प्रदेश में सनातन धर्म का प्रचार और प्रसार करना है। उन्होंने प्रदेश के सभी 75 जिलों का भ्रमण करने का लक्ष्य रखा है। उनकी यह यात्रा लगातार जारी है और पिछले 48 दिनों में वे अब तक 15 जिलों का सफलतापूर्वक दौरा पूरा कर चुके हैं। इस यात्रा के दौरान गोल्डन बाबा ने अपनी एक बड़ी और अनोखी प्रतिज्ञा का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि उनका संकल्प है कि वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देश के अगले प्रधानमंत्री बनें। अपनी इस मनोकामना को पूरा करने के लिए बाबा ने एक कड़ा त्याग किया है। उन्होंने घोषणा की है कि जब तक योगी आदित्यनाथ प्रधानमंत्री की कुर्सी पर विराजमान नहीं हो जाते, तब तक उन्होंने हमेशा अपने पास रखने वाली अपनी 4 किलो वजन की चांदी की खड़ाऊं पहनना छोड़ दिया है। उनका यह 'प्रतिज्ञा रथ' और अनोखा संकल्प फर्रुखाबाद सहित आसपास के क्षेत्रों में आकर्षण और राजनीतिक व धार्मिक चर्चा का केंद्र बना हुआ है।2
- उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में बुधवार को चर्चित 'गोल्डन बाबा' अपने 'प्रतिज्ञा रथ' के साथ पहुंचे। दुर्वासा ऋषि आश्रम होते हुए वे बजरिया स्थित सैनिक कैंटीन पहुंचे, जहां विमलेश मिश्रा के प्रतिष्ठान पर उनका भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और अपनी विशेष प्रतिज्ञा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। पत्रकार आर्यन बाजपेई के अनुसार, गोल्डन बाबा पूरे उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों के भ्रमण पर निकले हैं और इस यात्रा के तहत वे अब तक 48 दिनों में 15 जिलों का दौरा पूरा कर चुके हैं। अपनी इस यात्रा के दौरान गोल्डन बाबा ने एक बड़ी घोषणा करते हुए संकल्प लिया कि नरेंद्र मोदी जी के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ही देश के अगले प्रधानमंत्री बनें। अपनी इस प्रतिज्ञा को पूरा होने तक उन्होंने हमेशा अपने साथ रखने वाली 4 किलो वजन की चांदी की खड़ाऊं पहनना छोड़ दिया है। उनका यह अनोखा त्याग पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। गोल्डन बाबा ने स्पष्ट किया कि उनकी 'प्रतिज्ञा रथ' यात्रा का मुख्य लक्ष्य पूरे प्रदेश में सनातन धर्म की ज्योति को फैलाना है। फर्रुखाबाद में उनके आगमन और इस अनोखी प्रतिज्ञा को लेकर स्थानीय लोगों में काफी उत्सुकता और जिज्ञासा देखी जा रही है। बाबा अपनी इस यात्रा को आगे बढ़ाते हुए अब अगले जिलों की ओर रवाना होने वाले हैं।4
- फर्रुखाबाद में रोडवेज बस से हुए एक एक्सीडेंट के बाद एक युवक की मौत हो गई है।1
- उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में अघोषित बिजली कटौती और बिना किसी सर्वे के लोड बढ़ाकर भेजे जा रहे मनमाने बिजली बिलों के खिलाफ जनता का भारी आक्रोश फूटा है। इसके विरोध में सोमवार को फर्रुखाबाद विकास मंच के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोगों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन अधिशासी अभियंता को सौंपा। फर्रुखाबाद विकास मंच के जिलाध्यक्ष भईयन मिश्रा ने तीखा आरोप लगाया कि पूर्व सूचना के बावजूद अधीक्षण अभियंता कार्यालय में उपस्थित नहीं रहे, जिससे प्रदर्शन कर रहे लोगों में नाराजगी और अधिक बढ़ गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि विभाग द्वारा बिना किसी डोर-टू-डोर सर्वे के ही उपभोक्ताओं का लोड बढ़ा दिया गया है और मनमाने बिजली बिल भेजे जा रहे हैं, जिसके कारण आम जनता पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है। प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर पहुंचे अधिशासी अभियंता (शहर) बृजभान सिंह ने उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया कि लाइन शिफ्टिंग के कारण होने वाली घोषित बिजली कटौती को फिलहाल बंद कर दिया जाएगा और यह कार्य अब अक्टूबर-नवंबर के महीने में कराया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि गर्मी के इस मौसम में उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी नहीं होने दी जाएगी। इसके साथ ही, मौके पर मौजूद कई उपभोक्ताओं की बिजली बिल से जुड़ी शिकायतों का तुरंत समाधान भी कराया गया।1
- फर्रुखाबाद में पिछले एक महीने से ट्रांसफार्मर फुंका पड़ा है, जिससे परेशान ग्रामीणों ने आखिरकार अपनी नाराजगी जताते हुए तहसील पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। एक महीने से इस समस्या का कोई समाधान न होने और फुके पड़े ट्रांसफार्मर को न बदले जाने के विरोध में ग्रामीणों को तहसील मुख्यालय का रुख करने के लिए मजबूर होना पड़ा।1
- उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में एक व्यक्ति को तेज लहरों के बीच कूदकर खुद को हीरो साबित करने की कोशिश करना बेहद भारी पड़ गया। अपनी जान के साथ खिलवाड़ करते हुए इस व्यक्ति ने बेहद तेज बहाव वाली लहरों में छलांग लगा दी, जिसके बाद वह बड़ी मुश्किल से बाल-बाल बचा।1