टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का बिगुल बांदा में बनी आंदोलन की रणनीति बांदा, 1 मार्च 2026। डिस्ट्रिक्ट टीचर्स सोसाइटी, बांदा में रविवार दोपहर आयोजित बैठक में शिक्षकों ने ट अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का बिल्कुल एकजुट होकर टीईटी (Teacher Eligibility Test) की अनिवार्यता के विरोध में व्यापक आंदोलन का ऐलान किया। यह बैठक अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ (JTFI) की बांदा इकाई के तत्वावधान में संपन्न हुई, जिसमें जनपद के विभिन्न शिक्षक संगठनों की सक्रिय भागीदारी रही।बैठक में अखिल भारतीय उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ, अटेवा, वी.बी.टी.सी. शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन, यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा), टीएससीटी, जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ, एससी/एसटी वेलफेयर एसोसिएशन, ऑल अधिकारी शिक्षक विकास परिषद, परिषदीय अनुदेशक उत्थान समिति, प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक संघ और शिक्षामित्र संघ सहित कई संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।बैठक में यह निर्णय लिया गया कि परिषदीय शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता थोपना उनके अधिकारों के साथ अन्याय है। इसी के विरोध में देशभर के लगभग दो दर्जन शिक्षक संगठनों ने मिलकर “अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक मोर्चा” का गठन किया है, जिसके माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई।आंदोलन की प्रमुख रणनीति इस प्रकार तय की गई—09 से 15 मार्च 2026 तक: “शिक्षक की पाती अभियान” चलाया जाएगा।13 अप्रैल 2026 को: जिला मुख्यालयों पर मशाल जुलूस निकाला जाएगा।03 मई 2026 को: राजधानी लखनऊ में विशाल महारैली आयोजित की जाएगी।बैठक में इन कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए विस्तृत रणनीति बनाई गई और सभी संगठनों ने सामूहिक रूप से आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया।,शिक्षकों का यह आंदोलन उनके सेवा सुरक्षा और पेशेवर सम्मान से जुड़ा हुआ है। जब पहले से कार्यरत शिक्षकों पर नई शर्तें लागू की जाती हैं, तो यह उनके अनुभव और योगदान की अनदेखी के रूप में देखा जाता है। वहीं साहित्यिक परिप्रेक्ष्य में, यह संघर्ष उस चेतना का प्रतीक है, जहां शिक्षा के दीप जलाने वाले स्वयं अपने अधिकारों की रोशनी तलाशने को विवश हैं।बैठक में प्रमुख रूप से अटेवा के प्रदेश संयुक्त मंत्री वीरेंद्र पटेल, संयोजक जयनारायण श्रीवास, महामंत्री धीरेंद्र सिंह, यूटा के प्रदेश उपाध्यक्ष/जिला अध्यक्ष निरंजन चक्रवर्ती, जिला संयोजक कुलदीप क्रांतिकारी, वीबीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के संरक्षक डी.सी. श्रीवास्तव, टीएससीटी के सहसंयोजक कुलदीप राणा, प्राथमिक शिक्षक संघ के मंडलिक मंत्री अच्छेलाल, कार्यवाहक अध्यक्ष जे.पी. वर्मा, मंत्री रामदेव सिंह, एससी/एसटी वेलफेयर एसोसिएशन के मंत्री मोहनलाल, ऑल अधिकारी कर्मचारी विकास परिषद के अध्यक्ष सुरेश कुमार राजा, परिषदीय अनुदेशक उत्थान समिति के अध्यक्ष चंद्रसेन पटेल सहित रामप्रकाश यादव, अवनीश प्रजापति, अकरम खान, जुल्फिकार अहमद, मोहम्मद नसीम अंसारी, श्यामबाबू, कृष्णा पाल सहित अनेक शिक्षक मौजूद रहे।
टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का बिगुल बांदा में बनी आंदोलन की रणनीति बांदा, 1 मार्च 2026। डिस्ट्रिक्ट टीचर्स सोसाइटी, बांदा में रविवार दोपहर आयोजित बैठक में शिक्षकों ने ट अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का बिल्कुल एकजुट होकर टीईटी (Teacher Eligibility Test) की अनिवार्यता के विरोध में व्यापक आंदोलन का ऐलान किया। यह बैठक अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ (JTFI) की बांदा इकाई के तत्वावधान में संपन्न हुई, जिसमें जनपद के विभिन्न शिक्षक संगठनों की सक्रिय भागीदारी रही।बैठक में अखिल भारतीय उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ, अटेवा, वी.बी.टी.सी. शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन, यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा), टीएससीटी, जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ, एससी/एसटी वेलफेयर एसोसिएशन, ऑल अधिकारी शिक्षक विकास परिषद, परिषदीय अनुदेशक उत्थान समिति, प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक संघ और शिक्षामित्र संघ सहित कई संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।बैठक में यह निर्णय लिया गया कि परिषदीय शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता थोपना उनके अधिकारों के साथ अन्याय है। इसी के विरोध में देशभर के लगभग दो दर्जन शिक्षक संगठनों ने मिलकर “अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक मोर्चा” का गठन किया है, जिसके माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई।आंदोलन की प्रमुख रणनीति इस प्रकार तय की गई—09 से 15 मार्च 2026 तक: “शिक्षक की पाती अभियान” चलाया जाएगा।13 अप्रैल 2026 को: जिला मुख्यालयों पर मशाल जुलूस निकाला जाएगा।03 मई 2026 को: राजधानी लखनऊ में विशाल महारैली आयोजित की जाएगी।बैठक में इन कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए विस्तृत रणनीति बनाई गई और सभी संगठनों ने सामूहिक रूप से आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया।,शिक्षकों का यह आंदोलन उनके सेवा सुरक्षा और पेशेवर सम्मान से जुड़ा हुआ है। जब पहले से कार्यरत शिक्षकों पर नई शर्तें लागू की जाती हैं, तो यह उनके अनुभव और योगदान की अनदेखी के रूप में देखा जाता है। वहीं साहित्यिक परिप्रेक्ष्य में, यह संघर्ष उस चेतना का प्रतीक है, जहां शिक्षा के दीप जलाने वाले स्वयं अपने अधिकारों की रोशनी तलाशने को विवश हैं।बैठक में प्रमुख रूप से अटेवा के प्रदेश संयुक्त मंत्री वीरेंद्र पटेल, संयोजक जयनारायण श्रीवास, महामंत्री धीरेंद्र सिंह, यूटा के प्रदेश उपाध्यक्ष/जिला अध्यक्ष निरंजन चक्रवर्ती, जिला संयोजक कुलदीप क्रांतिकारी, वीबीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के संरक्षक डी.सी. श्रीवास्तव, टीएससीटी के सहसंयोजक कुलदीप राणा, प्राथमिक शिक्षक संघ के मंडलिक मंत्री अच्छेलाल, कार्यवाहक अध्यक्ष जे.पी. वर्मा, मंत्री रामदेव सिंह, एससी/एसटी वेलफेयर एसोसिएशन के मंत्री मोहनलाल, ऑल अधिकारी कर्मचारी विकास परिषद के अध्यक्ष सुरेश कुमार राजा, परिषदीय अनुदेशक उत्थान समिति के अध्यक्ष चंद्रसेन पटेल सहित रामप्रकाश यादव, अवनीश प्रजापति, अकरम खान, जुल्फिकार अहमद, मोहम्मद नसीम अंसारी, श्यामबाबू, कृष्णा पाल सहित अनेक शिक्षक मौजूद रहे।
- बांदा में सेवारत शिक्षकों ने टेट अनिवार्यता के विरोध में संयुक्त शिक्षक महासंघ ने निकाला मशाल जुलूस निकाला।1
- बांदा पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देशन में जनपद में अपराध एवं अपराधियों पर नियंत्रण लगाये जाने तथा वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु चलाए जा रहे अभियान के क्रम में क्षेत्राधिकारी नरैनी कृष्ण कांत त्रिपाठी के निकट पर्यवेक्षण में थाना नरैनी पुलिस द्वारा व्यक्ति का अपहरण कर मारपीट करने वाले एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया है । गौरतलब हो कि दिनांक 12.04.2026 को कस्बा नरैनी के रहने वाले राजाराम गर्ग ने थाना नरैनी पर अपने पुत्र के कुछ लोगों द्वारा अपहरण कर मारपीट करने के सम्बन्ध में सूचना दी थी । जिसके सम्बन्ध में थाना नरैनी में अभियोग पंजीकृत करते हुए अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु की जा रही कार्यवाही के क्रम में आज घटना में शामिल एक अभियुक्त को कस्बा नरैनी से गिरफ्तार किया गया । घटना में शामिल अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे है ।2
- बांदा, 1 मार्च 2026। डिस्ट्रिक्ट टीचर्स सोसाइटी, बांदा में रविवार दोपहर आयोजित बैठक में शिक्षकों ने ट अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का बिल्कुल एकजुट होकर टीईटी (Teacher Eligibility Test) की अनिवार्यता के विरोध में व्यापक आंदोलन का ऐलान किया। यह बैठक अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ (JTFI) की बांदा इकाई के तत्वावधान में संपन्न हुई, जिसमें जनपद के विभिन्न शिक्षक संगठनों की सक्रिय भागीदारी रही।बैठक में अखिल भारतीय उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ, अटेवा, वी.बी.टी.सी. शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन, यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा), टीएससीटी, जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ, एससी/एसटी वेलफेयर एसोसिएशन, ऑल अधिकारी शिक्षक विकास परिषद, परिषदीय अनुदेशक उत्थान समिति, प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक संघ और शिक्षामित्र संघ सहित कई संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।बैठक में यह निर्णय लिया गया कि परिषदीय शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता थोपना उनके अधिकारों के साथ अन्याय है। इसी के विरोध में देशभर के लगभग दो दर्जन शिक्षक संगठनों ने मिलकर “अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक मोर्चा” का गठन किया है, जिसके माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई।आंदोलन की प्रमुख रणनीति इस प्रकार तय की गई—09 से 15 मार्च 2026 तक: “शिक्षक की पाती अभियान” चलाया जाएगा।13 अप्रैल 2026 को: जिला मुख्यालयों पर मशाल जुलूस निकाला जाएगा।03 मई 2026 को: राजधानी लखनऊ में विशाल महारैली आयोजित की जाएगी।बैठक में इन कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए विस्तृत रणनीति बनाई गई और सभी संगठनों ने सामूहिक रूप से आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया।,शिक्षकों का यह आंदोलन उनके सेवा सुरक्षा और पेशेवर सम्मान से जुड़ा हुआ है। जब पहले से कार्यरत शिक्षकों पर नई शर्तें लागू की जाती हैं, तो यह उनके अनुभव और योगदान की अनदेखी के रूप में देखा जाता है। वहीं साहित्यिक परिप्रेक्ष्य में, यह संघर्ष उस चेतना का प्रतीक है, जहां शिक्षा के दीप जलाने वाले स्वयं अपने अधिकारों की रोशनी तलाशने को विवश हैं।बैठक में प्रमुख रूप से अटेवा के प्रदेश संयुक्त मंत्री वीरेंद्र पटेल, संयोजक जयनारायण श्रीवास, महामंत्री धीरेंद्र सिंह, यूटा के प्रदेश उपाध्यक्ष/जिला अध्यक्ष निरंजन चक्रवर्ती, जिला संयोजक कुलदीप क्रांतिकारी, वीबीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के संरक्षक डी.सी. श्रीवास्तव, टीएससीटी के सहसंयोजक कुलदीप राणा, प्राथमिक शिक्षक संघ के मंडलिक मंत्री अच्छेलाल, कार्यवाहक अध्यक्ष जे.पी. वर्मा, मंत्री रामदेव सिंह, एससी/एसटी वेलफेयर एसोसिएशन के मंत्री मोहनलाल, ऑल अधिकारी कर्मचारी विकास परिषद के अध्यक्ष सुरेश कुमार राजा, परिषदीय अनुदेशक उत्थान समिति के अध्यक्ष चंद्रसेन पटेल सहित रामप्रकाश यादव, अवनीश प्रजापति, अकरम खान, जुल्फिकार अहमद, मोहम्मद नसीम अंसारी, श्यामबाबू, कृष्णा पाल सहित अनेक शिक्षक मौजूद रहे।1
- *खोया मोबाइल व पैसा पुलिस ने कराया वापस* रिपोर्ट-अल्तमश हुसैन-7054881233 बाँदा। पुलिस अधीक्षक बांदा पलाश बंसल के कुशल निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी साइबर मेविस टॉक के नेतृत्व में साइबर क्राइम पुलिस थाना बांदा टीम द्वारा व्यक्ति को खोए हुए मोबाइल फोन से यूपीआई के माध्यम से पीड़ित के खाते से निकाले गये कुल 20 हजार रुपये व खोया हुआ मोबाइल फोन वापस कराया गया। थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के रहने वाले प्रमोद कुमार शुक्ला ने साइबर क्राइम पुलिस थाना बांदा को सूचना दी कि उनका लड़का अहमदाबाद में रहकर काम करता है उसका मोबाइल फोन कहीं खो गया है। तथा किसी के द्वारा उनके खोए हुए मोबाइल का प्रयोग कर यूपीआई के माध्यम से उनके बैंक खाते से 20 हजार रुपए निकाल लिए गए । थाना साइबर क्राइम बांदा पुलिस टीम द्वारा कुशलता एवं सक्रियता से कार्य करते हुए पीड़ित के बैंक खाते में 20 हजार रुपये वापस कराये गए तथा खोया हुए मोबाइल फोन भी बरामद कर आवेदक/पीड़ित को सुपुर्द किया गया । आवेदक द्वारा पैसा व मोबाइल फोन वापस मिलने पर थाना साइबर क्राइम बांदा पुलिस टीम को धन्यवाद दिया गया।बांदा पुलिस द्वारा आम जनमानस से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल अथवा संदिग्ध लेन-देन के संबंध में तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचना दें या साइबर थाने/नजदीकी थानें में शिकायत दर्ज कराएं, जिससे समय रहते आवश्यक कार्यवाही की जा सके।2
- “अपराधी #सपा_नेता का खौफ! दिनदहाड़े युवक को कार में घसीटा अपहरण कर के पहाड़ी से फेंकने की साजिश थी, सूझबूझ से बची जान” बांदा के नरैनी में दबंगई का खौफनाक चेहरा सामने आया… जहां सपा नेता जगमोहन यादव उसके पुत्र शिवा यादव सहित दो अन्य पर आरोप, उसके बेटे और साथियों ने मिलकर एक युवक को जबरन कार में डालने की कोशिश की… राह चलते युवक को घसीटकर कार में बैठाया गया… और बेरहमी से पीटा गया… बताया जा रहा है कि एक दिन पहले हुए विवाद के बाद… शराब के नशे में इस वारदात को अंजाम दिया गया… लेकिन युवक ने हिम्मत नहीं हारी… चलती कार की चाभी बाहर फेंक दी… गाड़ी रुकते ही लोगों से मदद मांगी… भीड़ जुटते ही आरोपी मौके से फरार हो गए… घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है… देखें #पीड़ित_की_जुबानी 👇👇👇👇 #BandaNews #BreakingNews #UPCrime #KidnappingAttempt #UttarPradesh #CrimeNews #ViralNews #bandapolice #LawAndOrder #IndiaNews #Highlight #TrendingNews1
- #Apkiawajdigital लंदन/रियाद: सोशल मीडिया पर वायरल हो रही उस 'घायल' विमान की तस्वीरें अब एक बड़ी सैन्य सच्चाई के रूप में सामने आई हैं। सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर हुए ईरानी मिसाइल हमले की भीषणता का सबसे बड़ा सबूत हाल ही में इंग्लैंड के आसमान में देखा गया। मुख्य आकर्षण: पैचवर्क के नीचे छिपी हमले की दास्तां अमेरिकी वायुसेना का KC-135 स्ट्रैटोटैंकर, जो अब चर्चा का विषय बना हुआ है, हाल ही में इंग्लैंड के RAF Mildenhall पर उतरा। इसकी पूरी बॉडी पर सफेद रंग के अनगिनत 'पैच' (मदद के निशान) लगे हुए हैं, जो सीधे तौर पर 13 मार्च 2026 को हुए उस भयावह हमले की गवाही दे रहे हैं, जब ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों ने प्रिंस सुल्तान एयरबेस को निशाना बनाया था। खबर के बड़े बिंदु: श्रेपनल का हमला: विमान के फ्यूजलेज (शरीर) पर लगे ये पैच उन छेदों को भरने के लिए लगाए गए हैं जो मिसाइल फटने के बाद निकले लोहे के घातक टुकड़ों (Shrapnel) से हुए थे। मौत के बीच से वापसी: रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इतने गंभीर नुकसान के बाद भी विमान का सुरक्षित उड़ान भरना अमेरिकी इंजीनियरिंग और पायलटों के कौशल का अद्भुत उदाहरण है। अस्थायी मरम्मत: विमान पर दिख रहे निशान 'फील्ड रिपेयर' हैं, ताकि यह सुरक्षित रूप से उड़कर अपनी मुख्य रिपेयर डिपो तक पहुँच सके। सैन्य गलियारों में हलचल यह विमान केवल एक मशीन नहीं, बल्कि मध्य पूर्व में चल रहे हालिया तनाव का एक चलता-फिरता दस्तावेज़ है। 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के दौरान हुए इस हमले ने साबित कर दिया था कि अब हवाई युद्ध की रणनीति बदल रही है। रिफ्यूलिंग टैंकर, जिन्हें किसी भी वायुसेना की 'लाइफलाइन' कहा जाता है, अब सीधे निशाने पर हैं। "यह विमान बता रहा है कि उस रात प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर क्या बीती होगी। यह एक चमत्कार ही है कि यह आज हमारे सामने खड़ा है।" — रक्षा विश्लेषक निष्कर्ष: वायरल हो रही यह खबर पूरी तरह प्रामाणिक है। यह विमान अब पूरी दुनिया के लिए युद्ध की विभीषिका और तकनीकी मजबूती का प्रतीक बन गया है।1
- ➡️ मौदहा नगर के चार खरीद केंद्रों पर 6283 कुंतल गेहूं की तौल पूरी ➡️ शाम तक साढ़े 6 हजार कुंतल पार होने का अनुमान ➡️ पुलिस द्वारा सीज कर खड़े ट्रक बने तौल में बाधा ➡️ जगह की कमी से किसानों के ट्रैक्टर दूर खड़े, बढ़ी परेशानी ➡️ प्रशासन से ट्रक हटवाने की मांग, तौल प्रभावित ➡️ जल्द 7 हजार कुंतल का आंकड़ा पार होने की संभावना1
- जनपद बांदा के थाना कोतवाली नगर क्षेत्र से एक व्यक्ति द्वारा अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत होकर सूचना दी गई थी कि जनपद बांदा में नियुक्त एक डाक्टर की लापरवाही के चलते उनकी बेटी के पैर को काटना पड़ गया था । सूचना पर जिलाधिकारी बांदा के आदेश के क्रम में मुख्य चिकित्साधिकारी बांदा द्वारा एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई जिसके क्रम में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है । आगे की विधिक कार्यवाही प्रचलित है । अपर पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर सुश्री मेविस टॉक ।1