प्लस ट्रस्ट और दिशा फाउंडेशन जौनपुर के तत्वावधान में हिंदी भवन के अजय सभागार में तीन दिवसीय प्लस ट्रस्ट ग्रामीण महिला उद्यमी (RWE) उड़ान फेलोशिप ओरियंटेशन वर्कशॉप मॉड्यूल का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। 17 से 19 जून 2026 तक चले इस आवासीय कार्यशाला में जौनपुर, मिर्ज़ापुर, आजमगढ़ और वाराणसी से प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यशाला के पहले दिन, प्रतिभागियों का पंजीकरण और परिचय सत्र हुआ, जिसे हदीसुन निशा और स्वयंसेवक करिश्मा ने संचालित किया। इसके बाद कुमारी सीमा ने प्लस ट्रस्ट उड़ान फेलोशिप के बारे में विस्तार से बताया और प्रतिभागियों के साथ आपसी चर्चा के लिए 'पर्ची गतिविधि खेल' का आयोजन किया। सीमा और लाल प्रकाश राही ने 'जीवन नदी' गतिविधि के माध्यम से प्रतिभागियों को अपनी जीवन यात्रा पर चिंतन करना सिखाया। प्लस ट्रस्ट टीम, एंकर और पूर्व फेलो जैसे रिंकी देवी, पूनम व रीतू ने ऑनलाइन व ऑफलाइन माध्यम से अपने अनुभव साझा किए, जबकि कुमारी सीमा व लाल प्रकाश राही ने 'फाइफ फिंगर एक्टिविटी' पर जानकारी दी। दिन का समापन महिला उद्यमियों के लिए बाजार अवलोकन एवं अनुभव साझाकरण सत्र के साथ हुआ, जिसे कुमारी सीमा, बिंदू यादव, रंजना और लाल प्रकाश राही ने मॉडरेट किया, जिसके बाद रात्रि भोजन और सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। कार्यशाला के दूसरे दिन प्रतिभागियों के लिए शैक्षणिक भ्रमण प्रस्तावित था। नाश्ते के बाद, सभी ने नौपेड़वा, बक्शा का भ्रमण किया और बक्शा ब्लॉक के कृषि विज्ञान केंद्र का दौरा किया। यहाँ, प्रतिभागियों को प्राकृतिक खेती और इसके समुचित उपयोग के बारे में गहन जानकारी मिली। कृषि विज्ञान केंद्र के सभागार में आयोजित दो दिवसीय जन जागरूकता कार्यशाला में भाग लेते हुए, उन्हें पारंपरिक प्राकृतिक खेती के बारे में बताया गया और देशी व जर्सी गाय के गोबर के बीच अंतर स्पष्ट किया गया। इस दौरान 'खेत बचाओ अभियान', 'विकसित कृषि संकल्प अभियान', 'स्वस्थ मिट्टी, सशक्त किसान, समृद्ध भारत' पर विशेष जोर दिया गया। प्रतिभागियों ने आधुनिक पारंपरिक खेती, बकरी पालन, मछली पालन, मधुमक्खी पालन सहित अन्य विषयों की जानकारी प्राप्त की। कांजी नेवादा (नौपेड़वा) में, उन्होंने बैंक सखी सविता देवी से मुलाकात की, जिन्होंने देशी 'गुड़' के माध्यम से स्वावलंबन की अपनी कहानी साझा की और बताया कि वह कैसे अन्य स्थानों से गुड़ मंगाकर विभिन्न उत्पाद बनाकर बाजार में अपनी पहचान बना रही हैं। दिन के तीसरे और चौथे सत्र में पूर्व फेलो और एंकर साथियों, जिनमें कुमारी सीमा, आफाक, सिम्मी, नीलम, बिंदू यादव, ममता और पूनम शामिल थीं, ने अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम के तीसरे और समापन दिवस पर, प्रतिभागियों को प्रोजेक्ट प्रस्ताव का प्रस्तुतीकरण करना सिखाया गया, जहाँ उन्होंने अपने स्वयं के तैयार किए गए प्रस्तावों को प्रस्तुत किया। एक सत्र महिला उद्यमियों के लिए विभिन्न अवसरों पर केंद्रित था, विशेषकर वेस्टेज मटेरियल से हैंडमेड वस्तुओं के उत्पादन और मार्केटिंग के संबंध में जानकारी दी गई। तीसरे सत्र में, मॉडरेटर सीमा और लाल प्रकाश राही ने फेलोशिप प्रस्ताव विकास पर जोर दिया, जिसमें प्रस्तावों को चार्ट पेपर पर प्रस्तुत करना, पूर्व फेलो के कामों को समझना, कार्यशाला के अनुभवों का आत्मचिंतन करते हुए अपने प्रस्ताव बनाना और परियोजना समूह के विकास पर चर्चा करना शामिल था। अंत में, सीमा और लाल प्रकाश राही ने संयुक्त रूप से सभी प्रतिभागियों को तहे दिल से धन्यवाद देते हुए प्रमाण पत्र वितरित किए और कार्यक्रम के सफल समापन की घोषणा की।
प्लस ट्रस्ट और दिशा फाउंडेशन जौनपुर के तत्वावधान में हिंदी भवन के अजय सभागार में तीन दिवसीय प्लस ट्रस्ट ग्रामीण महिला उद्यमी (RWE) उड़ान फेलोशिप ओरियंटेशन वर्कशॉप मॉड्यूल का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। 17 से 19 जून 2026 तक चले इस आवासीय कार्यशाला में जौनपुर, मिर्ज़ापुर, आजमगढ़ और वाराणसी से प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यशाला के पहले दिन, प्रतिभागियों का पंजीकरण और परिचय सत्र हुआ, जिसे हदीसुन निशा और स्वयंसेवक करिश्मा ने संचालित किया। इसके बाद कुमारी सीमा ने प्लस ट्रस्ट उड़ान फेलोशिप के बारे में विस्तार से बताया और प्रतिभागियों के साथ आपसी चर्चा के लिए 'पर्ची गतिविधि खेल' का आयोजन किया। सीमा और लाल प्रकाश राही ने 'जीवन नदी' गतिविधि के माध्यम से प्रतिभागियों को अपनी जीवन यात्रा पर चिंतन करना सिखाया। प्लस ट्रस्ट टीम, एंकर और पूर्व फेलो जैसे रिंकी
देवी, पूनम व रीतू ने ऑनलाइन व ऑफलाइन माध्यम से अपने अनुभव साझा किए, जबकि कुमारी सीमा व लाल प्रकाश राही ने 'फाइफ फिंगर एक्टिविटी' पर जानकारी दी। दिन का समापन महिला उद्यमियों के लिए बाजार अवलोकन एवं अनुभव साझाकरण सत्र के साथ हुआ, जिसे कुमारी सीमा, बिंदू यादव, रंजना और लाल प्रकाश राही ने मॉडरेट किया, जिसके बाद रात्रि भोजन और सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। कार्यशाला के दूसरे दिन प्रतिभागियों के लिए शैक्षणिक भ्रमण प्रस्तावित था। नाश्ते के बाद, सभी ने नौपेड़वा, बक्शा का भ्रमण किया और बक्शा ब्लॉक के कृषि विज्ञान केंद्र का दौरा किया। यहाँ, प्रतिभागियों को प्राकृतिक खेती और इसके समुचित उपयोग के बारे में गहन जानकारी मिली। कृषि विज्ञान केंद्र के सभागार में आयोजित दो दिवसीय जन जागरूकता कार्यशाला में भाग लेते हुए, उन्हें पारंपरिक प्राकृतिक खेती
के बारे में बताया गया और देशी व जर्सी गाय के गोबर के बीच अंतर स्पष्ट किया गया। इस दौरान 'खेत बचाओ अभियान', 'विकसित कृषि संकल्प अभियान', 'स्वस्थ मिट्टी, सशक्त किसान, समृद्ध भारत' पर विशेष जोर दिया गया। प्रतिभागियों ने आधुनिक पारंपरिक खेती, बकरी पालन, मछली पालन, मधुमक्खी पालन सहित अन्य विषयों की जानकारी प्राप्त की। कांजी नेवादा (नौपेड़वा) में, उन्होंने बैंक सखी सविता देवी से मुलाकात की, जिन्होंने देशी 'गुड़' के माध्यम से स्वावलंबन की अपनी कहानी साझा की और बताया कि वह कैसे अन्य स्थानों से गुड़ मंगाकर विभिन्न उत्पाद बनाकर बाजार में अपनी पहचान बना रही हैं। दिन के तीसरे और चौथे सत्र में पूर्व फेलो और एंकर साथियों, जिनमें कुमारी सीमा, आफाक, सिम्मी, नीलम, बिंदू यादव, ममता और पूनम शामिल थीं, ने अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम के तीसरे और
समापन दिवस पर, प्रतिभागियों को प्रोजेक्ट प्रस्ताव का प्रस्तुतीकरण करना सिखाया गया, जहाँ उन्होंने अपने स्वयं के तैयार किए गए प्रस्तावों को प्रस्तुत किया। एक सत्र महिला उद्यमियों के लिए विभिन्न अवसरों पर केंद्रित था, विशेषकर वेस्टेज मटेरियल से हैंडमेड वस्तुओं के उत्पादन और मार्केटिंग के संबंध में जानकारी दी गई। तीसरे सत्र में, मॉडरेटर सीमा और लाल प्रकाश राही ने फेलोशिप प्रस्ताव विकास पर जोर दिया, जिसमें प्रस्तावों को चार्ट पेपर पर प्रस्तुत करना, पूर्व फेलो के कामों को समझना, कार्यशाला के अनुभवों का आत्मचिंतन करते हुए अपने प्रस्ताव बनाना और परियोजना समूह के विकास पर चर्चा करना शामिल था। अंत में, सीमा और लाल प्रकाश राही ने संयुक्त रूप से सभी प्रतिभागियों को तहे दिल से धन्यवाद देते हुए प्रमाण पत्र वितरित किए और कार्यक्रम के सफल समापन की घोषणा की।
- मिर्ज़ापुर में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में पुलिस लाइन में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर, जिले के आलाधिकारियों ने योगाभ्यास किया, जिसमें सभी ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।1
- मीरजापुर नगर में जलनिगम की लापरवाही और ठेकेदारों व अधिकारियों की मनमानी खुदाई के कारण कई वार्डों में आम जनता को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। रविवार सुबह गुडहट्टी रोड पर जलनिगम द्वारा जेसीबी से की जा रही खुदाई के दौरान सफाई व्यवस्था का निरीक्षण कर रहे नपाध्यक्ष श्यामसुंदर केशरी की नजर अचानक उनके कैंप कार्यालय के पास चल रही इस खुदाई पर पड़ी। जेसीबी से की जा रही अनियंत्रित खुदाई के चलते कई घरों के पाइपलाइन कनेक्शन टूट गए, जिससे स्थानीय लोगों और दुकानदारों ने नपाध्यक्ष से शिकायत की। नपाध्यक्ष श्यामसुंदर केशरी ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए जलनिगम के अधिकारियों और ठेकेदारों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने सवाल किया कि बिना किसी अनुमति बोर्ड लगाए, किसके आदेश से जेसीबी से खुदाई की जा रही थी? उन्होंने नगर पालिका के अधिकारियों, स्थानीय जनता और सभासद को सूचना न देने और जिलाधिकारी से मैनुअल खुदाई की बात होने के बावजूद जेसीबी के इस्तेमाल पर भी आपत्ति जताई। केशरी ने स्पष्ट पूछा कि जेसीबी खुदाई से जिन घरों के पानी और सीवर कनेक्शन टूट रहे हैं, उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। इस दौरान उन्होंने कई जलनिगम अधिकारियों को फोन पर भी डांटा और कहा कि जलनिगम के कार्यों के कारण नगर पालिका की छवि धूमिल हो रही है। नपाध्यक्ष ने जलनिगम के अधिकारियों को कैंप कार्यालय बुलाकर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि आगे जहां भी कार्य हो, वहां जलनिगम का बोर्ड लगाकर काम किया जाए, जिस पर संबंधित ठेकेदार और जेई का नाम दर्ज हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि खुदाई से आम जनता के घरों के पानी और सीवर कनेक्शन नहीं टूटने चाहिए, और यदि टूटते भी हैं तो उन्हें तुरंत सही किया जाए। केशरी ने यह भी निर्देश दिया कि जलनिगम का जेई मौके पर मौजूद रहकर खुदाई करवाए और जांच के बाद ही कनेक्शन करवाकर मिट्टी को पाटे। उन्होंने कहा कि जहां भी पानी और सीवर लाइन गई है, वहां मैनुअल खुदाई ही की जाए, क्योंकि आम जनता की सुविधा सबसे पहले है और जलनिगम द्वारा खुदाई के नाम पर फैलाई जा रही अव्यवस्था बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मौके पर सभासद अलंकार जायसवाल, रवि टंडन और पप्पू टंडन सहित अन्य लोग मौजूद रहे।1
- गोपीगंज कोतवाली क्षेत्र के चूड़िहारी मोहल्ला में मां की डांट से नाराज़ होकर एक 15 वर्षीय किशोरी हैदरी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से उसके परिवार में गहरा कोहराम मच गया है। हैदरी ख्वाजा मैनुद्दीन की पुत्री थी। जानकारी के अनुसार, सोमवार की सुबह किसी बात को लेकर हैदरी की मां ने उसे डांटा था। इससे नाराज़ होकर किशोरी अपने कमरे में चली गई और रोशनदान में दुपट्टे का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। घटना के समय परिवार के अन्य सदस्य घर के बाहर थे। जब परिजन कुछ देर बाद घर लौटे और कमरा अंदर से बंद पाया, तो काफी प्रयासों के बाद दरवाजा तोड़ दिया। कमरे के अंदर का दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए। परिजनों ने आनन-फानन में किशोरी को फंदे से उतारा और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोपीगंज ले गए, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन ने घटना की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। मृतका के पिता ख्वाजा मैनुद्दीन ने थाने में लिखित तहरीर दी है, जिसमें बताया गया है कि उनकी पुत्री ने मां की डांट से नाराज़ होकर यह आत्मघाती कदम उठाया। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।1
- भदोही जनपद के डीघ क्षेत्र में रविवार को मौसम ने अचानक करवट ली, जहाँ आसमान में बादल छाने के बाद बूंदाबांदी शुरू हुई और धीरे-धीरे बारिश में बदल गई। कई घंटों तक रुक-रुक कर हुई हल्की वर्षा से भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को काफी राहत मिली। इस मौसमी बदलाव से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और वातावरण सुहावना हो गया। क्षेत्र के किसानों ने भी इस बारिश को अपनी फसलों के लिए बेहद लाभकारी बताया है, जिससे उनके खेतों में नमी बढ़ गई और उनके चेहरे खिल उठे। स्थानीय लोगों ने भी इस लगातार पड़ रही गर्मी के बीच हुई बारिश को एक बड़ी राहत बताया। मौसम विभाग ने भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई थी।1
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- वाराणसी जिले के ग्राम पंचायत भवानीपुर, पोस्ट बभनियाँव स्थित एक सरकारी तालाब पर कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से कब्जा किया जा रहा है। अत्यंत खेद का विषय है कि इस सरकारी तालाब को पटवा कर उस पर लगातार अतिक्रमण किया जा रहा है, जिससे उसका अस्तित्व समाप्त होने की कगार पर है। इस अवैध कब्जे के कारण क्षेत्र का भूजल स्तर भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। क्षेत्र के लोगों ने योगी सरकार से तत्काल इस तालाब को कब्जे से मुक्त कराने और उसकी साफ-सफाई करवाने की मांग की है।1
- मीरजापुर पुलिस ने गो-तस्करी के खिलाफ चलाए गए अभियान में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। लालगंज पुलिस ने गोवध निवारण अधिनियम से जुड़े एक मामले में वांछित दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन आरोपियों के पास से एक स्कॉर्पियो वाहन और दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के निर्देश पर विशेष अभियान के तहत की गई इस कार्रवाई में, गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान बिहार के कैमूर जनपद निवासी अजय बाबा उर्फ अजय कुमार चौबे और राजेश कुमार चौधरी के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि उनका एक संगठित गिरोह है, जो गोवंशों को वाहनों में क्रूरतापूर्वक लादकर बिहार सहित अन्य प्रदेशों में ले जाता था। इस गिरोह के सदस्य स्कॉर्पियो वाहन संख्या यूपी-35 एक्यू-8228 का उपयोग आगे चलकर पुलिस चेकिंग और बैरियर की निगरानी के लिए करते थे, ताकि गोवंशों से लदे मुख्य वाहन आसानी से निकल सकें। दोनों अभियुक्तों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय भेज दिया गया है। गिरफ्तार अभियुक्त अजय बाबा उर्फ अजय कुमार चौबे का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है और उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में गो-तस्करी, पशु क्रूरता, हत्या के प्रयास सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। फिलहाल, लालगंज पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही है और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।1
- गोपीगंज कोतवाली क्षेत्र के कौलापुर गांव निवासी 57 वर्षीय हैंडपाइप मिस्त्री माताफेर गौतम उर्फ छोटे मिस्त्री की पारिवारिक विवाद के बाद गंगा नदी में डूबने से मौत हो गई है। 20 जून की देर रात घर से लापता हुए माताफेर गौतम का शव रविवार दोपहर बाद स्थानीय गोताखोरों की मदद से गंगा नदी से बरामद किया गया। डंगर गौतम के पुत्र माताफेर गौतम 20 जून की देर रात पारिवारिक विवाद से नाराज होकर अपने घर कौलापुर गांव से कहीं चले गए थे। परिजनों ने उनकी काफी तलाश की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल पाया, जिससे परिवार में चिंता का माहौल था। परिजनों ने तभी से आशंका जताई थी कि उन्होंने गंगा नदी में कूदकर आत्महत्या कर ली होगी। रविवार सुबह करीब 7:30 बजे ग्राम बिहरोजपुर स्थित ज्ञानानंद घाट पर माताफेर गौतम की चप्पल और गमछा मिलने के बाद, परिजनों की गंगा में कूदने की आशंका और पुख्ता हो गई। सूचना मिलते ही गोपीगंज पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की सहायता से गंगा नदी में उनकी तलाश शुरू की। माताफेर गौतम हैंडपाइप बनाने का काम करते थे। उनके परिवार में दो विवाहित पुत्र और दो विवाहित पुत्रियां हैं। गोताखोरों की अथक खोज के बाद रविवार दोपहर बाद उनका शव गंगा से निकाला गया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।1
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