मंडला के अंबेडकर वार्ड स्थित श्री गुरुद्वारा साहिब में श्री अमृतवेला संगत समिति द्वारा आयोजित समर चालिया महोत्सव का समापन अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ किया गया। इस 40 दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान के दौरान निरंतर चल रहे अखंड पाठ के भोग का कार्यक्रम संपन्न हुआ, जिसमें सभी परिवारों की सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की गई और नई पीढ़ी को आध्यात्मिकता की ओर अग्रसर करने का उद्देश्य रखा गया। इस महोत्सव का समापन गुरु का अटूट लंगर वितरित कर किया गया। समापन समारोह में बड़ी संख्या में एकत्रित हुई संगत ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पावन आरती, पूजा, अरदास और पल्लव पूजा की। गुरुद्वारा साहिब का माहौल गुरुवाणी, मधुर भजनों और अरदास के स्वर से पूरी तरह आध्यात्मिक हो उठा, जहाँ उपस्थित श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा के साथ मत्था टेककर अपने परिवारों और समाज के कल्याण के लिए प्रार्थना की। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि यह आयोजन वर्ष में दो बार होता है, जिसमें ग्रीष्मकाल में समर चालिया और शीतकाल में विंटर चालिया महोत्सव मनाया जाता है, जिसे सभी आस्था प्रेमी और संगत पूरी निष्ठा और सेवा भाव से मनाते हैं। समिति के सदस्यों के अनुसार, समर चालिया का मुख्य उद्देश्य बच्चों को धार्मिक संस्कारों और अध्यात्म की राह से जोड़ना है। ग्रीष्मकालीन अवकाश के 40 दिनों के इस समय का उपयोग कर बच्चों को मोबाइल फोन की लत से दूर रखकर अपनी संस्कृति, इतिहास और धार्मिक मूल्यों को सीखने का एक बेहतरीन मंच प्रदान किया गया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में वितरित किए गए गुरु के अटूट लंगर में सभी आस्था प्रेमियों, पुरुषों, महिलाओं और बच्चों ने पूरी श्रद्धा के साथ पंगत में बैठकर गुरु प्रसादी ग्रहण की, जिससे पूरे आयोजन का माहौल भक्तिमय बना रहा।
मंडला के अंबेडकर वार्ड स्थित श्री गुरुद्वारा साहिब में श्री अमृतवेला संगत समिति द्वारा आयोजित समर चालिया महोत्सव का समापन अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ किया गया। इस 40 दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान के दौरान निरंतर चल रहे अखंड पाठ के भोग का कार्यक्रम संपन्न हुआ, जिसमें सभी परिवारों की सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की गई और नई पीढ़ी को आध्यात्मिकता की ओर अग्रसर करने का उद्देश्य रखा गया। इस महोत्सव का समापन गुरु का अटूट लंगर वितरित कर किया गया। समापन समारोह में बड़ी संख्या में एकत्रित हुई संगत ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पावन आरती, पूजा, अरदास और पल्लव पूजा की। गुरुद्वारा साहिब का माहौल गुरुवाणी, मधुर भजनों और अरदास के स्वर से पूरी तरह आध्यात्मिक हो उठा, जहाँ उपस्थित श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा के साथ मत्था टेककर अपने परिवारों और समाज के कल्याण के लिए प्रार्थना की। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि यह आयोजन वर्ष में दो बार होता है, जिसमें ग्रीष्मकाल में समर चालिया और शीतकाल में विंटर चालिया महोत्सव मनाया जाता है, जिसे सभी आस्था प्रेमी और संगत पूरी निष्ठा और सेवा भाव से मनाते हैं। समिति के सदस्यों के अनुसार, समर चालिया का मुख्य उद्देश्य बच्चों को धार्मिक संस्कारों और अध्यात्म की राह से जोड़ना है। ग्रीष्मकालीन अवकाश के 40 दिनों के इस समय का उपयोग कर बच्चों को मोबाइल फोन की लत से दूर रखकर अपनी संस्कृति, इतिहास और धार्मिक मूल्यों को सीखने का एक बेहतरीन मंच प्रदान किया गया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में वितरित किए गए गुरु के अटूट लंगर में सभी आस्था प्रेमियों, पुरुषों, महिलाओं और बच्चों ने पूरी श्रद्धा के साथ पंगत में बैठकर गुरु प्रसादी ग्रहण की, जिससे पूरे आयोजन का माहौल भक्तिमय बना रहा।
- मंडला के बबलिया में स्वीकृत नवीन तहसील भवन का निर्माण कार्य धीमी गति और घटिया गुणवत्ता के कारण विवादों में घिर गया है। ग्राम पंचायत देवरी कला बबलिया के सरपंच चरण सिंह पंद्राम और उपसरपंच संजय सोनी ने अधिकारियों व ठेकेदार पर सीधे तौर पर मिलीभगत का आरोप लगाया है, जिससे भ्रष्टाचार का पर्दाफाश हुआ है। जनप्रतिनिधियों ने निर्माण में तकनीकी मानकों की घोर अनदेखी का खुलासा किया है। मौके पर खड़े किए गए कॉलम (पिलर) सीधे न होकर आड़े-तिरछे हैं। कंक्रीट मिक्सिंग के दौरान वाइब्रेटर मशीन का उपयोग नहीं किया गया है, और पिलरों की ढलाई एक बार में करने के बजाय टुकड़ों में सेंट्रिंग लगाकर की गई है। इस कारण गिट्टी-सीमेंट के अलग-अलग जोड़ और दरारें साफ दिखाई दे रही हैं, जिन्हें सीमेंट से लीपापोती कर छिपाने का प्रयास किया जा रहा है। भीषण गर्मी में नियमों के अनुसार तराई करने के बजाय, केवल 27 बोरे लपेटकर दिखावा किया जा रहा है। इस भवन निर्माण के समय पर पूरा न होने से स्थानीय किसानों और आम जनता को भारी परेशानी हो रही है। आक्रोशित ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मंडला कलेक्टर से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक तकनीकी टीम भेजी जाए और दोषी ठेकेदार व अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।1
- वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पद्म भूषण हेमेन्द्र सिंह पंवार का निधन हो गया है, जिससे इस पूरे जगत में शोक की लहर छा गई है। मंडला के कान्हा परिवार से जुड़े पंवार के निधन से कान्हा परिवार में भी गहरा शोक है। उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।1
- यातायात व्यवस्था सुधारने मैदान में उतरी पुलिस, नियम उल्लंघन पर वसूला ₹9000 समन श यातायात व्यवस्था सुधारने मैदान में उतरी पुलिस, नियम उल्लंघन पर वसूला ₹9000 समन शुल्क1
- एक बिजली के खंभे का तार नीचे झूल रहा है, जिसके कारण उसके सुधार कार्य की आवश्यकता है।1
- मंडला के नारायणगंज स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस सप्ताह के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य माहवारी स्वच्छता के महत्व पर संदेश देना और किशोरियों को जागरूक करना था, जिसके तहत रंगोली और चित्रकला जैसी कई प्रतियोगिताएं भी कराई गईं। इस कार्यक्रम में बीसीएम, बीईई, सीएचसी के स्वास्थ्य अधिकारी, राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के साथिया और बड़ी संख्या में किशोरी बालिकाओं ने भाग लिया। आपसी चर्चा के माध्यम से किशोरियों को माहवारी स्वच्छता प्रबंधन के वैज्ञानिक तरीकों की विस्तृत जानकारी दी गई। जागरूकता बढ़ाने के लिए बालिकाओं के बीच चित्रकला, रंगोली और प्रश्नोत्तरी जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिसमें अच्छा प्रदर्शन करने वाली प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और किशोरियों को निःशुल्क सेनेटरी पैड का वितरण भी किया गया। इसके अतिरिक्त, ग्रामीण स्तर पर जागरूकता रैलियां निकाली गईं और दीवारों पर प्रेरक स्लोगन लिखकर समाज को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का सकारात्मक संदेश दिया गया।1
- गृह मंत्री अमित शाह के एक बयान पर आदिवासियों में गहरा गुस्सा देखने को मिला है। अमित शाह ने कथित तौर पर आदिवासियों को 'बनवासी' कहा, जिसके बाद आदिवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। इस घटना के विरोध में, आदिवासी कांग्रेस ने गृह मंत्री अमित शाह का पुतला फूंका।1