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बलरामपुर जिले के वन परिक्षेत्र में वन विभाग की नाक के नीचे ही 'पेड़ों की हत्या' का गंभीर खेल चल रहा है। यहां साहबों के दफ्तर के ठीक पीछे साल के पेड़ों को गाडलिंग कर सुखाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य बाद में उन पर अवैध कब्जा करना है। कांग्रेस जिला प्रभारी संजीत चौबे ने खुद एक वीडियो बनाकर इस पूरे मामले की पोल खोली है और विभाग की मिलीभगत पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वन विभाग के फॉरेस्ट अफसर इस स्थिति से भली-भांति परिचित होने के बावजूद अंधे-बहरे बने बैठे हैं। जनता अब यह सवाल पूछ रही है कि क्या अधिकारी कुंभकर्णी नींद में हैं या फिर उनका 'हिस्सा' उन तक पहुंच चुका है।

15 hrs ago
user_Ali Khan
Ali Khan
बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
15 hrs ago

बलरामपुर जिले के वन परिक्षेत्र में वन विभाग की नाक के नीचे ही 'पेड़ों की हत्या' का गंभीर खेल चल रहा है। यहां साहबों के दफ्तर के ठीक पीछे साल के पेड़ों को गाडलिंग कर सुखाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य बाद में उन पर अवैध कब्जा करना है। कांग्रेस जिला प्रभारी संजीत चौबे ने खुद एक वीडियो बनाकर इस पूरे मामले की पोल खोली है और विभाग की मिलीभगत पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वन विभाग के फॉरेस्ट अफसर इस स्थिति से भली-भांति परिचित होने के बावजूद अंधे-बहरे बने बैठे हैं। जनता अब यह सवाल पूछ रही है कि क्या अधिकारी कुंभकर्णी नींद में हैं या फिर उनका 'हिस्सा' उन तक पहुंच चुका है।

More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
  • सरगुजा जिले की ऐतिहासिक और पौराणिक धरोहर 'रामगढ़' में इस वर्ष आयोजित होने वाले दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव के लिए प्रशासन और स्थानीय स्तर पर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। पिछले 50 वर्षों से लगातार आयोजित हो रहे इस महोत्सव को इस बार और भी भव्य और गरिमामय स्वरूप दिया जा रहा है, जिसका आयोजन 29 और 30 जून को होगा। छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने बताया कि रामगढ़ केवल सरगुजा ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर है। मान्यताओं के अनुसार, इसी पावन धरा पर महाकवि कालिदास ने अपने विश्व प्रसिद्ध काव्य 'मेघदूत' की रचना की थी, और भगवान श्रीराम ने अपने वनवास काल के दौरान इस स्थल पर समय व्यतीत किया था। मंत्री राजेश अग्रवाल ने विशेष रूप से यह भी बताया कि इस वर्ष का रामगढ़ महोत्सव और भी खास होने वाला है, क्योंकि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पहली बार इस आयोजन में सम्मिलित होंगे। मुख्यमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति से महोत्सव की भव्यता और गरिमा में चार-चांद लग जाएंगे। पर्यटन मंत्री ने विश्वास जताया है कि सांस्कृतिक, धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से यह महोत्सव छत्तीसगढ़ के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा, जहाँ राज्य की लोक संस्कृति और समृद्ध विरासत का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।
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    सरगुजा जिले की ऐतिहासिक और पौराणिक धरोहर 'रामगढ़' में इस वर्ष आयोजित होने वाले दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव के लिए प्रशासन और स्थानीय स्तर पर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। पिछले 50 वर्षों से लगातार आयोजित हो रहे इस महोत्सव को इस बार और भी भव्य और गरिमामय स्वरूप दिया जा रहा है, जिसका आयोजन 29 और 30 जून को होगा।

छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने बताया कि रामगढ़ केवल सरगुजा ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर है। मान्यताओं के अनुसार, इसी पावन धरा पर महाकवि कालिदास ने अपने विश्व प्रसिद्ध काव्य 'मेघदूत' की रचना की थी, और भगवान श्रीराम ने अपने वनवास काल के दौरान इस स्थल पर समय व्यतीत किया था।

मंत्री राजेश अग्रवाल ने विशेष रूप से यह भी बताया कि इस वर्ष का रामगढ़ महोत्सव और भी खास होने वाला है, क्योंकि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पहली बार इस आयोजन में सम्मिलित होंगे। मुख्यमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति से महोत्सव की भव्यता और गरिमा में चार-चांद लग जाएंगे। पर्यटन मंत्री ने विश्वास जताया है कि सांस्कृतिक, धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से यह महोत्सव छत्तीसगढ़ के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा, जहाँ राज्य की लोक संस्कृति और समृद्ध विरासत का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।
    user_Raza
    Raza
    अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    6 hrs ago
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दमन की धरती से देशवासियों को संबोधित करते हुए पिछले 11 वर्षों में भारत द्वारा विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में हासिल की गई अभूतपूर्व उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएँ बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है, और इसी संकल्प के साथ गरीब, किसान, युवा तथा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। इस दौरान, प्रधानमंत्री ने दमन में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया, जिन्हें क्षेत्र के आर्थिक विकास, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा देने वाला बताया। उन्होंने विकसित भारत के निर्माण में दमन और दीव की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए केंद्र सरकार की पूरी प्रतिबद्धता दोहराई। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने बताया कि आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। उन्होंने 'डिजिटल इंडिया', 'मेक इन इंडिया', 'स्टार्टअप इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' जैसे अभियानों को देश की नई पहचान बताते हुए करोड़ों लोगों को पक्के घर, स्वच्छ पेयजल, बिजली, गैस कनेक्शन और मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर दिया, उन्हें देश के विकास की सबसे बड़ी ताकत बताया और कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाएँ महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का काम कर रही हैं, जिससे वे आज हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। युवाओं को देश का भविष्य बताते हुए उन्होंने नई शिक्षा नीति, कौशल विकास कार्यक्रम और स्टार्टअप संस्कृति के माध्यम से उनके लिए नए अवसर पैदा करने की बात कही और उन्हें विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसके लिए आधुनिक बुनियादी ढाँचे, बेहतर कनेक्टिविटी, डिजिटल सेवाओं और जनभागीदारी को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश के 140 करोड़ नागरिकों के सामूहिक प्रयास से भारत विश्व की अग्रणी शक्तियों में शामिल होगा। दमन में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया और विकास परियोजनाओं के लिए आभार व्यक्त किया। यह कार्यक्रम क्षेत्र के विकास को नई दिशा देने के साथ-साथ विकसित भारत के संकल्प को भी मजबूत करता है।
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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दमन की धरती से देशवासियों को संबोधित करते हुए पिछले 11 वर्षों में भारत द्वारा विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में हासिल की गई अभूतपूर्व उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएँ बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है, और इसी संकल्प के साथ गरीब, किसान, युवा तथा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। इस दौरान, प्रधानमंत्री ने दमन में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया, जिन्हें क्षेत्र के आर्थिक विकास, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा देने वाला बताया। उन्होंने विकसित भारत के निर्माण में दमन और दीव की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए केंद्र सरकार की पूरी प्रतिबद्धता दोहराई।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने बताया कि आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। उन्होंने 'डिजिटल इंडिया', 'मेक इन इंडिया', 'स्टार्टअप इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' जैसे अभियानों को देश की नई पहचान बताते हुए करोड़ों लोगों को पक्के घर, स्वच्छ पेयजल, बिजली, गैस कनेक्शन और मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया।

प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर दिया, उन्हें देश के विकास की सबसे बड़ी ताकत बताया और कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाएँ महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का काम कर रही हैं, जिससे वे आज हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। युवाओं को देश का भविष्य बताते हुए उन्होंने नई शिक्षा नीति, कौशल विकास कार्यक्रम और स्टार्टअप संस्कृति के माध्यम से उनके लिए नए अवसर पैदा करने की बात कही और उन्हें विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसके लिए आधुनिक बुनियादी ढाँचे, बेहतर कनेक्टिविटी, डिजिटल सेवाओं और जनभागीदारी को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश के 140 करोड़ नागरिकों के सामूहिक प्रयास से भारत विश्व की अग्रणी शक्तियों में शामिल होगा। दमन में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया और विकास परियोजनाओं के लिए आभार व्यक्त किया। यह कार्यक्रम क्षेत्र के विकास को नई दिशा देने के साथ-साथ विकसित भारत के संकल्प को भी मजबूत करता है।
    user_Pradesh Khabar News Network
    Pradesh Khabar News Network
    Media company अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    14 hrs ago
  • पलामू ज़िले के सतबरवा प्रखंड और उसके आसपास के क्षेत्रों में मुहर्रम का पर्व पूरी श्रद्धा, अनुशासन और आपसी भाईचारे के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न अखाड़ों द्वारा पारंपरिक ताज़िया जुलूस निकाले गए, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजन के दौरान खामडीह के ताज़िया की विशेष चर्चा रही। मो. सदाम के नेतृत्व में और स्थानीय युवाओं के सहयोग से इसे बेहद आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जिसने वहाँ मौजूद लोगों का ध्यान विशेष रूप से आकर्षित किया। जुलूस में शामिल लोगों ने शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखते हुए अनुशासन का उत्कृष्ट परिचय दिया और पूरे आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराया। इस सफल आयोजन में अब्दुल रहीम, समसूदीन, कुदूस, निजामुद्दीन अंसारी, अफरोज, कलम, मगरू, पिंटू, लड्डू, सुबहान, निजाम, मकसूद, मकबूल, नाजिम, भोलू, लाडले एवं असरफ सहित कई स्थानीय लोगों का सराहनीय योगदान रहा। मुहर्रम के इस अवसर पर, लोगों ने इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की, साथ ही शांति, भाईचारे और आपसी सौहार्द का महत्वपूर्ण संदेश दिया। पूरे कार्यक्रम को प्रशासन एवं पुलिस की कड़ी निगरानी में शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया गया।
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    पलामू ज़िले के सतबरवा प्रखंड और उसके आसपास के क्षेत्रों में मुहर्रम का पर्व पूरी श्रद्धा, अनुशासन और आपसी भाईचारे के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न अखाड़ों द्वारा पारंपरिक ताज़िया जुलूस निकाले गए, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

आयोजन के दौरान खामडीह के ताज़िया की विशेष चर्चा रही। मो. सदाम के नेतृत्व में और स्थानीय युवाओं के सहयोग से इसे बेहद आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जिसने वहाँ मौजूद लोगों का ध्यान विशेष रूप से आकर्षित किया। जुलूस में शामिल लोगों ने शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखते हुए अनुशासन का उत्कृष्ट परिचय दिया और पूरे आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराया।

इस सफल आयोजन में अब्दुल रहीम, समसूदीन, कुदूस, निजामुद्दीन अंसारी, अफरोज, कलम, मगरू, पिंटू, लड्डू, सुबहान, निजाम, मकसूद, मकबूल, नाजिम, भोलू, लाडले एवं असरफ सहित कई स्थानीय लोगों का सराहनीय योगदान रहा। मुहर्रम के इस अवसर पर, लोगों ने इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की, साथ ही शांति, भाईचारे और आपसी सौहार्द का महत्वपूर्ण संदेश दिया। पूरे कार्यक्रम को प्रशासन एवं पुलिस की कड़ी निगरानी में शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया गया।
    user_अपडेट पलामू न्यूज़
    अपडेट पलामू न्यूज़
    Press advisory Medininagar(Daltonganj), Palamu•
    14 hrs ago
  • पलामू जिले के चैनपुर प्रखंड में 24 और 25 तारीख को एक जनकल्याण कार्यक्रम/शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में कई ग्रामीण जनता ने आकर विभिन्न योजनाओं के लिए अपना पंजीकरण कराया। मुख्य रूप से आयुष्मान कार्ड, लाल कार्ड और गैस सिलेंडर के साथ-साथ पीएम आवास योजना के लिए भी रजिस्ट्रेशन किए गए। सभी से अनुरोध किया गया कि वे इस तरह के कैंप के तहत अपना-अपना लाभ उठाएं।
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    पलामू जिले के चैनपुर प्रखंड में 24 और 25 तारीख को एक जनकल्याण कार्यक्रम/शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में कई ग्रामीण जनता ने आकर विभिन्न योजनाओं के लिए अपना पंजीकरण कराया। मुख्य रूप से आयुष्मान कार्ड, लाल कार्ड और गैस सिलेंडर के साथ-साथ पीएम आवास योजना के लिए भी रजिस्ट्रेशन किए गए। सभी से अनुरोध किया गया कि वे इस तरह के कैंप के तहत अपना-अपना लाभ उठाएं।
    user_पब्लिक न्यूज़ झारखंड पलामू
    पब्लिक न्यूज़ झारखंड पलामू
    Advertising agency मेदिनीनगर (डाल्टनगंज), पलामू, झारखंड•
    19 hrs ago
  • सोनभद्र जिले के रेणुकूट में मोहर्रम के पाक महीने की दसवीं तारीख पर श्रद्धा और अकीदत के साथ एक जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए, जिन्होंने 'या हुसैन' के नारे लगाते हुए मातम किया। इस अवसर पर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह मुस्तैदी बरती। रेणुकूट में निकला यह जुलूस सुंदर और शांत रहा।
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    सोनभद्र जिले के रेणुकूट में मोहर्रम के पाक महीने की दसवीं तारीख पर श्रद्धा और अकीदत के साथ एक जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए, जिन्होंने 'या हुसैन' के नारे लगाते हुए मातम किया। इस अवसर पर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह मुस्तैदी बरती। रेणुकूट में निकला यह जुलूस सुंदर और शांत रहा।
    user_Abida Khatoon पत्रकार जूही खान
    Abida Khatoon पत्रकार जूही खान
    Media company दुद्धी, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • सोनभद्र के दुद्धी स्थित विंढमगंज थाना क्षेत्र के महुली गांव में शनिवार को मोहर्रम की दसवीं तारीख यौमे आशूरा पर हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में एक विशाल मातमी जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में हजारों अकीदतमंदों ने ताजिया, सीपट, इस्लामी परचम और भारतीय तिरंगे के साथ भागीदारी की। पूरे क्षेत्र में "या अली... या हुसैन..." की गूंज और मातम के बीच गम, अकीदत और भाईचारे का माहौल देखने को मिला। जुलूस का पहला मिलान ट्रांसफार्मर के पास हुआ, जबकि मुख्य मिलान शनिचर बाजार में संपन्न हुआ। यहां विभिन्न ताजियादारों ने ताजिया और सीपट का मिलान कर आपसी एकता और सौहार्द का संदेश दिया। इसके बाद जुलूस रीवा-रांची मुख्य मार्ग से होते हुए महुली बस स्टैंड और श्री राजा बरियार शाह खेल मैदान पहुंचा। मैदान में अखाड़ों के कलाकारों ने लाठी, डंडा, तलवार और आग के रोमांचकारी करतब दिखाए, जिससे दर्शकों ने उनकी खूब सराहना की। इस आयोजन में दुलदुल घोड़ा वाला ताजिया और ताजमहल की आकृति वाला ताजिया विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। मोहर्रम का यह दिन इस्लाम में त्याग, सत्य और इंसाफ के लिए हजरत इमाम हुसैन की महान कुर्बानी की याद दिलाता है। इसी शहादत को याद करते हुए अकीदतमंदों ने गम का इजहार किया। शाम 6:55 बजे रोजेदारों ने रोजा इफ्तार किया, जिसके बाद सभी ताजियादार ताजिया और सीपट लेकर कर्बला पहुंचे। वहां फातेहा पढ़ने के बाद पूरे धार्मिक रीति-रिवाज के साथ ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान ग्राम प्रधान अरविंद जायसवाल ने श्रद्धालुओं के लिए शरबत और खिचड़ा वितरित कराया, साथ ही विभिन्न ताजियादारों को अंगवस्त्र और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। विंढमगंज थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल पूरे कार्यक्रम के दौरान मुस्तैद रहा। पुलिस की सतर्कता और स्थानीय लोगों के सहयोग से मोहर्रम का यह आयोजन शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में अंजुमन कमेटी महुली के सदर कलामुद्दीन सिद्दीकी, अखाड़ा समिति के अध्यक्ष यूनुस, संरक्षक सेकरार आलम, जिला पंचायत सदस्य जुबेर आलम सहित अनवर आलम, शमशेर आलम, सैफ अली, नफीस आलम, शहंशाह आलम, शमीम अंसारी, सैयद, दिलीप कुमार कन्नौजिया और हजारों की संख्या में अकीदतमंद व क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
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    सोनभद्र के दुद्धी स्थित विंढमगंज थाना क्षेत्र के महुली गांव में शनिवार को मोहर्रम की दसवीं तारीख यौमे आशूरा पर हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में एक विशाल मातमी जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में हजारों अकीदतमंदों ने ताजिया, सीपट, इस्लामी परचम और भारतीय तिरंगे के साथ भागीदारी की। पूरे क्षेत्र में "या अली... या हुसैन..." की गूंज और मातम के बीच गम, अकीदत और भाईचारे का माहौल देखने को मिला।

जुलूस का पहला मिलान ट्रांसफार्मर के पास हुआ, जबकि मुख्य मिलान शनिचर बाजार में संपन्न हुआ। यहां विभिन्न ताजियादारों ने ताजिया और सीपट का मिलान कर आपसी एकता और सौहार्द का संदेश दिया। इसके बाद जुलूस रीवा-रांची मुख्य मार्ग से होते हुए महुली बस स्टैंड और श्री राजा बरियार शाह खेल मैदान पहुंचा। मैदान में अखाड़ों के कलाकारों ने लाठी, डंडा, तलवार और आग के रोमांचकारी करतब दिखाए, जिससे दर्शकों ने उनकी खूब सराहना की। इस आयोजन में दुलदुल घोड़ा वाला ताजिया और ताजमहल की आकृति वाला ताजिया विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।

मोहर्रम का यह दिन इस्लाम में त्याग, सत्य और इंसाफ के लिए हजरत इमाम हुसैन की महान कुर्बानी की याद दिलाता है। इसी शहादत को याद करते हुए अकीदतमंदों ने गम का इजहार किया। शाम 6:55 बजे रोजेदारों ने रोजा इफ्तार किया, जिसके बाद सभी ताजियादार ताजिया और सीपट लेकर कर्बला पहुंचे। वहां फातेहा पढ़ने के बाद पूरे धार्मिक रीति-रिवाज के साथ ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

इस दौरान ग्राम प्रधान अरविंद जायसवाल ने श्रद्धालुओं के लिए शरबत और खिचड़ा वितरित कराया, साथ ही विभिन्न ताजियादारों को अंगवस्त्र और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। विंढमगंज थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल पूरे कार्यक्रम के दौरान मुस्तैद रहा। पुलिस की सतर्कता और स्थानीय लोगों के सहयोग से मोहर्रम का यह आयोजन शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में अंजुमन कमेटी महुली के सदर कलामुद्दीन सिद्दीकी, अखाड़ा समिति के अध्यक्ष यूनुस, संरक्षक सेकरार आलम, जिला पंचायत सदस्य जुबेर आलम सहित अनवर आलम, शमशेर आलम, सैफ अली, नफीस आलम, शहंशाह आलम, शमीम अंसारी, सैयद, दिलीप कुमार कन्नौजिया और हजारों की संख्या में अकीदतमंद व क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
    user_Rakesh Kumar kanaujiya
    Rakesh Kumar kanaujiya
    दुद्धी, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में बंधुआ मजदूरी का एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक फैक्ट्री में 12 मजदूरों को अमानवीय यातनाओं के बीच बंधक बनाकर रखा गया था। पुलिस ने इन मजदूरों को मुक्त कराया है, जिनके शरीर और आत्मा पर सैकड़ों चोटों के निशान थे। मुजफ्फरनगर पुलिस की इस कार्रवाई को देखकर लोग उसकी दरियादिली की मिसाल दे रहे हैं। तितावी थाना क्षेत्र की पहल पर हुई इस कार्रवाई में, एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने खुद इन मजदूरों का माला पहनाकर स्वागत किया। पुलिस ने न केवल इन्हें बंधुआ मजदूरी से आज़ाद कराया, बल्कि थाने में इनके रहने-खाने का भी प्रबंध किया। ये मजदूर दूर प्रांतों के रहने वाले हैं और इनके घर सूचना भेज दी गई है, जिसके बाद इनके परिवार उनसे मिलने आ रहे हैं। मजदूरों ने पुलिस के इस प्रयास को नया जीवनदान बताया है।
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    उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में बंधुआ मजदूरी का एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक फैक्ट्री में 12 मजदूरों को अमानवीय यातनाओं के बीच बंधक बनाकर रखा गया था। पुलिस ने इन मजदूरों को मुक्त कराया है, जिनके शरीर और आत्मा पर सैकड़ों चोटों के निशान थे।

मुजफ्फरनगर पुलिस की इस कार्रवाई को देखकर लोग उसकी दरियादिली की मिसाल दे रहे हैं। तितावी थाना क्षेत्र की पहल पर हुई इस कार्रवाई में, एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने खुद इन मजदूरों का माला पहनाकर स्वागत किया। पुलिस ने न केवल इन्हें बंधुआ मजदूरी से आज़ाद कराया, बल्कि थाने में इनके रहने-खाने का भी प्रबंध किया। ये मजदूर दूर प्रांतों के रहने वाले हैं और इनके घर सूचना भेज दी गई है, जिसके बाद इनके परिवार उनसे मिलने आ रहे हैं। मजदूरों ने पुलिस के इस प्रयास को नया जीवनदान बताया है।
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Voice of people गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    5 hrs ago
  • सोनभद्र जिले के दुद्धी कस्बे में शुक्रवार को नगर और आसपास के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में लोगों ने मिलकर पारंपरिक मोहर्रम जुलूस निकाला। यह जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, जिसमें समुदाय की एकता और सांस्कृतिक धरोहर की स्पष्ट झलक देखने को मिली। जुलूस में ताज़िये, सिप्पड़ और कई अखाड़े शामिल थे। ढोल-ताशे की गूँज के बीच लोगों ने 'या अली, या हुसैन' के नारे लगाकर मातम और श्राद्ध की अपनी परंपरा को बनाए रखा। यह जुलूस देर शाम संकटमोचन मंदिर तिराहे पर स्थित अखाड़े में समाप्त हुआ, जहाँ घंटों तक अखाड़ा प्रदर्शन चला। कलाकारों ने विशेष रूप से लाठी-डंडे के हैरतअंगेज पारंपरिक कौशल का प्रदर्शन कर दर्शकों का मन मोह लिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कलाकारों को मंच पर मौजूद मुख्य अतिथि और विशिष्ट आगंतुकों द्वारा नगद इनाम और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। जुलूस के दौरान विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने जगह-जगह खिचड़ी और जलपान की व्यवस्था की, जिसका लोगों ने भरपूर लाभ उठाया। इस्लाहुल मुस्लेमीन कमेटी और केंद्रीय अखाड़ा कमेटी ने आयोजन में शांति बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाई, जिसमें मुस्लिम समाज के कई लोगों ने भी सुचारु संचालन में सहयोग दिया। जुलूस कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच निकाला गया। नगर और मार्गों पर पुलिस व प्रशासनिक व्यवस्था चाक-चौबंद रही। मौके पर सीओ राजेश कुमार राय, प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह, एएसआई संजय सिंह, एसआई अमित कुमार और श्यामजी यादव मौजूद थे, जिन्होंने सुरक्षा और मार्ग संचालन का जायजा लिया, जिससे जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सका। देर रात निकले ताज़ियों को बढ़नी नाला स्थित कर्बला पर सुपुर्दे-खाक किया गया। कार्यक्रम में नगरपंचायत अध्यक्ष कमलेश मोहन, केंद्रीय अखाड़ा समिति के अध्यक्ष मुजीब खान, सचिव मैनुद्दीन खलीफा, जामा मस्जिद के सदर कल्लन खान, तालिब खान, राकेश आजाद, मुख्तार अन्सारी, अहमद अली, कलीमुल्लाह खान, निजामुद्दीन, रफी खां, इब्राहिम खां, राकेश आज़ाद, सेराज खान, फिरोज खलीफा, टुन्नू खान, रौशन अली, महबूब खान, नेहाल खलीफा और मन्नू खान सहित बड़ी संख्या में नगरवासी व क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
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    सोनभद्र जिले के दुद्धी कस्बे में शुक्रवार को नगर और आसपास के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में लोगों ने मिलकर पारंपरिक मोहर्रम जुलूस निकाला। यह जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, जिसमें समुदाय की एकता और सांस्कृतिक धरोहर की स्पष्ट झलक देखने को मिली।

जुलूस में ताज़िये, सिप्पड़ और कई अखाड़े शामिल थे। ढोल-ताशे की गूँज के बीच लोगों ने 'या अली, या हुसैन' के नारे लगाकर मातम और श्राद्ध की अपनी परंपरा को बनाए रखा। यह जुलूस देर शाम संकटमोचन मंदिर तिराहे पर स्थित अखाड़े में समाप्त हुआ, जहाँ घंटों तक अखाड़ा प्रदर्शन चला। कलाकारों ने विशेष रूप से लाठी-डंडे के हैरतअंगेज पारंपरिक कौशल का प्रदर्शन कर दर्शकों का मन मोह लिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कलाकारों को मंच पर मौजूद मुख्य अतिथि और विशिष्ट आगंतुकों द्वारा नगद इनाम और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। जुलूस के दौरान विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने जगह-जगह खिचड़ी और जलपान की व्यवस्था की, जिसका लोगों ने भरपूर लाभ उठाया। इस्लाहुल मुस्लेमीन कमेटी और केंद्रीय अखाड़ा कमेटी ने आयोजन में शांति बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाई, जिसमें मुस्लिम समाज के कई लोगों ने भी सुचारु संचालन में सहयोग दिया।

जुलूस कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच निकाला गया। नगर और मार्गों पर पुलिस व प्रशासनिक व्यवस्था चाक-चौबंद रही। मौके पर सीओ राजेश कुमार राय, प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह, एएसआई संजय सिंह, एसआई अमित कुमार और श्यामजी यादव मौजूद थे, जिन्होंने सुरक्षा और मार्ग संचालन का जायजा लिया, जिससे जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सका। देर रात निकले ताज़ियों को बढ़नी नाला स्थित कर्बला पर सुपुर्दे-खाक किया गया। कार्यक्रम में नगरपंचायत अध्यक्ष कमलेश मोहन, केंद्रीय अखाड़ा समिति के अध्यक्ष मुजीब खान, सचिव मैनुद्दीन खलीफा, जामा मस्जिद के सदर कल्लन खान, तालिब खान, राकेश आजाद, मुख्तार अन्सारी, अहमद अली, कलीमुल्लाह खान, निजामुद्दीन, रफी खां, इब्राहिम खां, राकेश आज़ाद, सेराज खान, फिरोज खलीफा, टुन्नू खान, रौशन अली, महबूब खान, नेहाल खलीफा और मन्नू खान सहित बड़ी संख्या में नगरवासी व क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
    user_विवेक कुमार चन्द्रवंशी
    विवेक कुमार चन्द्रवंशी
    Local News Reporter दुद्धी, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • जशपुर जिले, जो मुख्यमंत्री जी का गृह जिला भी है, के पत्थलगांव में एक महिला के घर में घुसकर उसे अभद्र गालियाँ देने और कैमरे के सामने अपनी दबंगई का प्रदर्शन करने वाले व्यक्ति को कथित तौर पर जेल या पुलिस की कार्रवाई के बजाय 'एल्डरमैन' (नामांकित पार्षद) की कुर्सी से नवाज़ा गया है। यह घटना सत्ता और प्रशासन के 'अंधे प्रेम' को उजागर करती है, जहाँ कानून अब सत्ताधारियों की जेबों में सिमटकर रह गया है। वायरल वीडियो में, इस घटना के कथित 'नायक' श्री अवधेश गुप्ता एक निहत्थी महिला के घर में घुसकर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए दिखाई देते हैं। वीडियो में उन्होंने यह भी कहा, "बीजेपी की गुंडागर्दी कैसी होती है, आज दिखा देता हूं।" यह तब हुआ है जब पार्टी के शीर्ष नेता लगातार 'महिला सम्मान', 'बेटी बचाओ' और 'सुशासन' की बात करते हैं, जबकि उनके 'रत्न' कहे जाने वाले लोग सरेआम पार्टी की प्रतिष्ठा को धूमिल कर रहे हैं। प्रशासन ने इस व्यक्ति में शायद 'क्षमता' देखी कि जो एक महिला को इतनी शिद्दत से डरा सकता है, वह नगर पंचायत को भी अपने 'खौफ' से संभाल लेगा। जनता को उम्मीद थी कि पुलिस-प्रशासन इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तत्काल सख्त धाराओं में एफआईआर दर्ज करेगा और आरोपी को सलाखों के पीछे भेजेगा। हालांकि, प्रशासन ने चौंकाते हुए सबको 'आउट ऑफ द बॉक्स' सोचकर जवाब दिया। जशपुर जिले के नगरीय निकायों के नामांकित पार्षदों की आधिकारिक सूची में न.पा. पत्थलगांव के अंतर्गत तीसरे नंबर पर सम्मान के साथ "श्री अवधेश गुप्ता" का नाम दर्ज है। यह दर्शाता है कि जिस व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर होनी चाहिए थी, उसे प्रशासन द्वारा वीआईपी ट्रीटमेंट देते हुए एल्डरमैन की कुर्सी पर बैठाया गया है। यह स्थिति इस 'सिस्टम' पर सवाल खड़े करती है, जहाँ 'क्रिमिनल रिकॉर्ड' और 'गुंडागर्दी का वायरल वीडियो' अब राजनीति में तरक्की के लिए एक 'शानदार रेज्यूमे' माना जाने लगा है। पत्थलगांव की जनता, क्षेत्रीय विधायक गोमती साय जी से कई सवाल पूछ रही है। इन सवालों में पूछा जा रहा है कि क्या महिला के घर में घुसकर जान से मारने की धमकी देना 'सुशासन' के नए पाठ्यक्रम का हिस्सा है, क्या एल्डरमैन की कुर्सी अवधेश गुप्ता जैसे लोगों को उनके 'पार्टी की गुंडागर्दी' के प्रदर्शन के लिए दी गई है, और क्या महिलाओं के सम्मान की कसमें खाने वाले नेताओं के लिए यह वायरल वीडियो सिर्फ एक कॉमेडी क्लिप है जिस पर पुलिस-प्रशासन आँखें मूंदे बैठा है। यह पूरा वाकया केवल एक व्यक्ति की बदसलूकी नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम के खोखलेपन और सत्ता के अहंकार का एक वीभत्स तमाशा है। यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या अब पत्थलगांव में न्याय की किताब रसूखदारों के इशारों पर और उनकी गालियों के आधार पर लिखी जाएगी। अंततः, लोगों को आगाह किया गया है कि वे अपनी शिकायतें लेकर पुलिस के पास जाने से पहले दो बार सोच लें, क्योंकि शिकायतकर्ता को ही 'गुंडागर्दी' का दूसरा भाग देखने को मिल सकता है।
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    जशपुर जिले, जो मुख्यमंत्री जी का गृह जिला भी है, के पत्थलगांव में एक महिला के घर में घुसकर उसे अभद्र गालियाँ देने और कैमरे के सामने अपनी दबंगई का प्रदर्शन करने वाले व्यक्ति को कथित तौर पर जेल या पुलिस की कार्रवाई के बजाय 'एल्डरमैन' (नामांकित पार्षद) की कुर्सी से नवाज़ा गया है। यह घटना सत्ता और प्रशासन के 'अंधे प्रेम' को उजागर करती है, जहाँ कानून अब सत्ताधारियों की जेबों में सिमटकर रह गया है।

वायरल वीडियो में, इस घटना के कथित 'नायक' श्री अवधेश गुप्ता एक निहत्थी महिला के घर में घुसकर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए दिखाई देते हैं। वीडियो में उन्होंने यह भी कहा, "बीजेपी की गुंडागर्दी कैसी होती है, आज दिखा देता हूं।" यह तब हुआ है जब पार्टी के शीर्ष नेता लगातार 'महिला सम्मान', 'बेटी बचाओ' और 'सुशासन' की बात करते हैं, जबकि उनके 'रत्न' कहे जाने वाले लोग सरेआम पार्टी की प्रतिष्ठा को धूमिल कर रहे हैं। प्रशासन ने इस व्यक्ति में शायद 'क्षमता' देखी कि जो एक महिला को इतनी शिद्दत से डरा सकता है, वह नगर पंचायत को भी अपने 'खौफ' से संभाल लेगा।

जनता को उम्मीद थी कि पुलिस-प्रशासन इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तत्काल सख्त धाराओं में एफआईआर दर्ज करेगा और आरोपी को सलाखों के पीछे भेजेगा। हालांकि, प्रशासन ने चौंकाते हुए सबको 'आउट ऑफ द बॉक्स' सोचकर जवाब दिया। जशपुर जिले के नगरीय निकायों के नामांकित पार्षदों की आधिकारिक सूची में न.पा. पत्थलगांव के अंतर्गत तीसरे नंबर पर सम्मान के साथ "श्री अवधेश गुप्ता" का नाम दर्ज है। यह दर्शाता है कि जिस व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर होनी चाहिए थी, उसे प्रशासन द्वारा वीआईपी ट्रीटमेंट देते हुए एल्डरमैन की कुर्सी पर बैठाया गया है। यह स्थिति इस 'सिस्टम' पर सवाल खड़े करती है, जहाँ 'क्रिमिनल रिकॉर्ड' और 'गुंडागर्दी का वायरल वीडियो' अब राजनीति में तरक्की के लिए एक 'शानदार रेज्यूमे' माना जाने लगा है।

पत्थलगांव की जनता, क्षेत्रीय विधायक गोमती साय जी से कई सवाल पूछ रही है। इन सवालों में पूछा जा रहा है कि क्या महिला के घर में घुसकर जान से मारने की धमकी देना 'सुशासन' के नए पाठ्यक्रम का हिस्सा है, क्या एल्डरमैन की कुर्सी अवधेश गुप्ता जैसे लोगों को उनके 'पार्टी की गुंडागर्दी' के प्रदर्शन के लिए दी गई है, और क्या महिलाओं के सम्मान की कसमें खाने वाले नेताओं के लिए यह वायरल वीडियो सिर्फ एक कॉमेडी क्लिप है जिस पर पुलिस-प्रशासन आँखें मूंदे बैठा है। यह पूरा वाकया केवल एक व्यक्ति की बदसलूकी नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम के खोखलेपन और सत्ता के अहंकार का एक वीभत्स तमाशा है। यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या अब पत्थलगांव में न्याय की किताब रसूखदारों के इशारों पर और उनकी गालियों के आधार पर लिखी जाएगी। अंततः, लोगों को आगाह किया गया है कि वे अपनी शिकायतें लेकर पुलिस के पास जाने से पहले दो बार सोच लें, क्योंकि शिकायतकर्ता को ही 'गुंडागर्दी' का दूसरा भाग देखने को मिल सकता है।
    user_ANURAG
    ANURAG
    Newspaper publisher Bagicha, Jashpur•
    6 hrs ago
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