वैदिक वाङ्मय में विज्ञान के आधारभूत सिद्धांतों पर बीएचयू में व्याख्यान* __वैदिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान के बीच संवाद स्थापित कर शोध एवं ज्ञान के नए आयाम विकसित करने की आवश्यकता : प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी_ *वैदिक वाङ्मय में विज्ञान के आधारभूत सिद्धांतों पर बीएचयू में व्याख्यान* __वैदिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान के बीच संवाद स्थापित कर शोध एवं ज्ञान के नए आयाम विकसित करने की आवश्यकता : प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी_ वाराणसी। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के वैदिक विज्ञान केंद्र द्वारा वैदिक ज्ञान परंपरा और आधुनिक विज्ञान के बीच समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से ‘वेद-विज्ञान व्याख्यानमाला’ के प्रथम पुष्प के अंतर्गत बुधवार को ‘वैदिक वाङ्मय में विज्ञान के आधारभूत सिद्धांत’ विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने की। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष एवं रसायन विज्ञान के विशेषज्ञ प्रो. बी. के. पांडेय तथा केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के नासिक परिसर के वेद, पौरोहित्य एवं कर्मकांड विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. मनोज कुमार मिश्र ने व्याख्यान प्रस्तुत किए। अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने ‘वेद-विज्ञान व्याख्यानमाला’ की सराहना करते हुए इसे एक बहुत अच्छी पहल बताया। उन्होंने कहा कि वैदिक विज्ञान केंद्र के माध्यम से वैदिक ज्ञान परंपरा और आधुनिक विज्ञान के बीच सार्थक संवाद स्थापित करने की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने केंद्र की गतिविधियों को आगे बढ़ाने और व्याख्यानों, सम्मेलनों तथा कार्यशालाओं के माध्यम से विद्वानों के ज्ञान एवं अनुभवों को अधिकाधिक लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया। कुलपति ने सुझाव दिया कि विद्वानों के व्याख्यानों की रिकॉर्डिंग कर उन्हें यूट्यूब जैसे डिजिटल माध्यमों पर उपलब्ध कराया जाए, ताकि युवा पीढ़ी भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ सके और इन व्याख्यानों से लाभान्वित हो सके। उन्होंने कहा कि विद्वानों के ज्ञान एवं अनुभवों को व्यवस्थित रूप से संरक्षित कर व्यापक स्तर पर उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि निरंतर और सुनियोजित प्रयासों से वैदिक विज्ञान केंद्र राष्ट्रीय स्तर पर विद्वानों एवं शोधार्थियों के लिए ज्ञान-विमर्श का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। वैदिक वाङ्मय में वैज्ञानिक अवधारणाओं पर चर्चा मुख्य वक्ता प्रो. बी. के. पांडेय ने अपने व्याख्यान में विज्ञान, ज्ञान और वैदिक वाङ्मय के पारस्परिक संबंधों पर चर्चा की। उन्होंने वैदिक साहित्य में निहित वैज्ञानिक अवधारणाओं को आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने विशेष रूप से फोटोनिक्स (प्रकाश-संश्लेषण), इन्फ्रारेड किरणों तथा धातु-सृष्टि विज्ञान से संबंधित विषयों का उल्लेख करते हुए वैदिक वाङ्मय में वर्णित ज्ञान की वैज्ञानिक व्याख्या प्रस्तुत की। उन्होंने सूर्य की किरणों के विशिष्ट गुणों और उनके प्रभावों को वैदिक मंत्रों के संदर्भ में समझने का प्रयास किया। प्रो. पांडेय ने कहा कि वैदिक ज्ञान परंपरा का अध्ययन उसके मूल संदर्भों को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। उन्होंने ज्ञान की अवधारणाओं तथा संस्कृत की धातुओं और शब्दों के माध्यम से विज्ञान के अर्थ को समझाते हुए वैदिक साहित्य के अध्ययन में भाषाई, दार्शनिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के महत्व को रेखांकित किया। वैदिक साहित्य की व्यापकता और समग्रता पर विमर्श वक्ता प्रो. मनोज कुमार मिश्र ने वैदिक साहित्य की विशिष्टता, व्यापकता और समग्रता पर विचार रखे। उन्होंने बताया कि वैदिक साहित्य में मानव जीवन के भौतिक विकास से लेकर ब्रह्मांड की संरचना तक विभिन्न विषयों से संबंधित ज्ञान की अवधारणाएं निहित हैं। उन्होंने वैदिक वाङ्मय को समझने के लिए उसके मूल संदर्भों, परंपराओं और ज्ञान की अवधारणाओं के सम्यक अध्ययन की आवश्यकता पर चर्चा की। उन्होंने वैदिक ज्ञान परंपरा की प्रासंगिकता को समझने में उसके व्यवस्थित अध्ययन के महत्व को भी रेखांकित किया। कार्यक्रम में सारस्वत संरक्षक प्रो. रामचन्द्र पांडेय ने वैदिक गणितीय प्रक्रिया और खगोलीय विज्ञान से संबंधित विषयों पर प्रकाश डाला। वैदिक विज्ञान केंद्र के उद्देश्यों पर जोर कार्यक्रम के आरंभ में वैदिक विज्ञान केंद्र के समन्वयक प्रो. विनय कुमार पांडेय ने स्वागत भाषण दिया तथा व्याख्यानमाला के उद्देश्यों और केंद्र की गतिविधियों से परिचित कराया। उन्होंने वैदिक ज्ञान परंपरा और आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण के बीच संवाद को प्रोत्साहित करने में ऐसे अकादमिक आयोजनों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के शिक्षक, विद्वान तथा शोधार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. धीरज कुमार मिश्र ने किया। अंत में प्रो. विनय कुमार पांडेय ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
वैदिक वाङ्मय में विज्ञान के आधारभूत सिद्धांतों पर बीएचयू में व्याख्यान* __वैदिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान के बीच संवाद स्थापित कर शोध एवं ज्ञान के नए आयाम विकसित करने की आवश्यकता : प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी_ *वैदिक वाङ्मय में विज्ञान के आधारभूत सिद्धांतों पर बीएचयू में व्याख्यान* __वैदिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान के बीच संवाद स्थापित कर शोध एवं ज्ञान के नए आयाम विकसित करने की आवश्यकता : प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी_ वाराणसी। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के वैदिक विज्ञान केंद्र द्वारा वैदिक ज्ञान परंपरा और आधुनिक विज्ञान के बीच समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से ‘वेद-विज्ञान व्याख्यानमाला’ के प्रथम पुष्प के अंतर्गत बुधवार को ‘वैदिक वाङ्मय में विज्ञान के आधारभूत सिद्धांत’ विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने की। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष एवं रसायन विज्ञान के विशेषज्ञ प्रो. बी. के. पांडेय तथा केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के नासिक परिसर के वेद, पौरोहित्य एवं कर्मकांड विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. मनोज कुमार मिश्र ने व्याख्यान प्रस्तुत किए। अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने ‘वेद-विज्ञान व्याख्यानमाला’ की सराहना करते हुए इसे एक बहुत अच्छी पहल बताया। उन्होंने कहा कि वैदिक विज्ञान केंद्र के माध्यम से वैदिक ज्ञान परंपरा और आधुनिक विज्ञान के बीच सार्थक संवाद स्थापित करने की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने केंद्र की गतिविधियों को आगे बढ़ाने और व्याख्यानों, सम्मेलनों तथा कार्यशालाओं के माध्यम से विद्वानों के ज्ञान एवं अनुभवों को अधिकाधिक लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया। कुलपति ने सुझाव दिया कि विद्वानों के व्याख्यानों की रिकॉर्डिंग कर उन्हें यूट्यूब जैसे डिजिटल माध्यमों पर उपलब्ध कराया जाए, ताकि युवा पीढ़ी भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ सके और इन व्याख्यानों से लाभान्वित हो सके। उन्होंने कहा कि विद्वानों के ज्ञान एवं अनुभवों को व्यवस्थित रूप से संरक्षित कर व्यापक स्तर पर उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि निरंतर और सुनियोजित प्रयासों से वैदिक विज्ञान केंद्र राष्ट्रीय स्तर पर विद्वानों एवं शोधार्थियों के लिए ज्ञान-विमर्श का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। वैदिक वाङ्मय में वैज्ञानिक अवधारणाओं पर चर्चा मुख्य वक्ता प्रो. बी. के. पांडेय ने अपने व्याख्यान में विज्ञान, ज्ञान और वैदिक वाङ्मय के पारस्परिक संबंधों पर चर्चा की। उन्होंने वैदिक साहित्य में निहित वैज्ञानिक अवधारणाओं को आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने विशेष रूप से फोटोनिक्स (प्रकाश-संश्लेषण), इन्फ्रारेड किरणों तथा धातु-सृष्टि विज्ञान से संबंधित विषयों का उल्लेख करते हुए वैदिक वाङ्मय में वर्णित ज्ञान की वैज्ञानिक व्याख्या प्रस्तुत की। उन्होंने सूर्य की किरणों के विशिष्ट गुणों और उनके प्रभावों को वैदिक मंत्रों के संदर्भ में समझने का प्रयास किया। प्रो. पांडेय ने कहा कि वैदिक ज्ञान परंपरा का अध्ययन उसके मूल संदर्भों को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। उन्होंने ज्ञान की अवधारणाओं तथा संस्कृत की धातुओं और शब्दों के माध्यम से विज्ञान के अर्थ को समझाते हुए वैदिक साहित्य के अध्ययन में भाषाई, दार्शनिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के महत्व को रेखांकित किया। वैदिक साहित्य की व्यापकता और समग्रता पर विमर्श वक्ता प्रो. मनोज कुमार मिश्र ने वैदिक साहित्य की विशिष्टता, व्यापकता और समग्रता पर विचार रखे। उन्होंने बताया कि वैदिक साहित्य में मानव जीवन के भौतिक विकास से लेकर ब्रह्मांड की संरचना तक विभिन्न विषयों से संबंधित ज्ञान की अवधारणाएं निहित हैं। उन्होंने वैदिक वाङ्मय को समझने के लिए उसके मूल संदर्भों, परंपराओं और ज्ञान की अवधारणाओं के सम्यक अध्ययन की आवश्यकता पर चर्चा की। उन्होंने वैदिक ज्ञान परंपरा की प्रासंगिकता को समझने में उसके व्यवस्थित अध्ययन के महत्व को भी रेखांकित किया। कार्यक्रम में सारस्वत संरक्षक प्रो. रामचन्द्र पांडेय ने वैदिक गणितीय प्रक्रिया और खगोलीय विज्ञान से संबंधित विषयों पर प्रकाश डाला। वैदिक विज्ञान केंद्र के उद्देश्यों पर जोर कार्यक्रम के आरंभ में वैदिक विज्ञान केंद्र के समन्वयक प्रो. विनय कुमार पांडेय ने स्वागत भाषण दिया तथा व्याख्यानमाला के उद्देश्यों और केंद्र की गतिविधियों से परिचित कराया। उन्होंने वैदिक ज्ञान परंपरा और आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण के बीच संवाद को प्रोत्साहित करने में ऐसे अकादमिक आयोजनों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के शिक्षक, विद्वान तथा शोधार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. धीरज कुमार मिश्र ने किया। अंत में प्रो. विनय कुमार पांडेय ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
- उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में एक विवाहिता पर जानलेवा हमला मीरजापुर मे एक विवाहिता पर गंभीर रूप से हमला किया गया बताया जाता है कि पीड़ित परिवार जब थाने पे फरियाद लेकर गया तो 5 दिन से परिवार को आज कल कर के लौटा दिया जा रहा है।1
- खराब मौसम और बारिश ने बिगाड़ा करवा चौथ का रंग, दुकानदारों की उम्मीदों पर फिरा पानी जनता न्यूज टीवी ब्यूरो चीफ राजमणी पाण्डेय चंदौली खराब मौसम और बारिश ने बिगाड़ा करवा चौथ का रंग, दुकानदारों की उम्मीदों पर फिरा पानी टांडाकला, चंदौली। सुहागिनों के प्रमुख पर्व करवा चौथ पर इस बार खराब मौसम और बारिश का असर देखने को मिला। सुबह से शुरू हुई बारिश के चलते बाजारों में अपेक्षाकृत कम रौनक रही। व्रत की तैयारियों के लिए खरीदारी करने वाली महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ा, वहीं दुकानदार भी ग्राहकों का इंतजार करते नजर आए। व्यापारियों को त्योहार पर अच्छी बिक्री की उम्मीद थी, लेकिन बारिश ने उनके कारोबार को प्रभावित किया। बारिश से बाजार में कीचड़, रास्तों पर फिसलन गुरुवार सुबह करीब पांच बजे से ही आसमान में बादल छाए रहे और बूंदाबांदी शुरू हो गई। सुबह करीब दस बजे के बाद बारिश तेज हो गई, जो दिनभर रुक-रुककर होती रही। बारिश के कारण बाजार में आवाजाही प्रभावित हुई। जरूरी सामान खरीदने निकली कुछ महिलाएं छाता लगाकर बाजार पहुंचीं, जबकि कई लोगों ने खराब मौसम के चलते बाहर निकलने से परहेज किया। लगातार बारिश से बाजार के रास्तों पर कीचड़ और फिसलन की स्थिति बन गई। गंगा घाट की ओर जाने वाले मार्गों पर भी लोगों को परेशानी हुई। वहीं, स्कूली बच्चों को बारिश के बीच आते-जाते देखा गया। धान और बाजरे की फसल को लेकर किसानों की चिंता बारिश का असर किसानों की चिंता के रूप में भी सामने आया। इस समय कई खेतों में धान की फसल पककर तैयार है, जबकि कुछ स्थानों पर किसान बाजरे की कटाई कर रहे हैं। ऐसे में बारिश के कारण कटी हुई फसल और खेतों में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, स्थानीय किसान मुन्ना पांडेय ने बताया कि फिलहाल हुई बारिश से फसल को बहुत बड़े नुकसान की आशंका नहीं है। आस्था पर मौसम का असर नहीं बारिश के चलते बाजार की चहल-पहल भले ही कम रही, लेकिन करवा चौथ को लेकर महिलाओं में व्रत और परंपराओं के प्रति उत्साह बना रहा। सुहागिनों ने अपने पति की लंबी आयु की कामना के लिए व्रत की तैयारियां जारी रखीं। हालांकि, त्योहार के दिन खराब मौसम ने दुकानदारों की बिक्री और आम लोगों की आवाजाही को प्रभावित किया।1
- रामचंदीपुर में किसान के मिट्टी ले जाने को लेकर विवाद की चर्चा, वीडियो वायरल लईक आफ़ताब1
- वाराणसी ब्रेकिंग न्यूज छावनी में तेंदुए की दहशत केंद्रीय विद्यालय के पास बंगला नं. 33 पर घूमता दिखा रात में सड़क पर खुलेआम घूमते वीडियो से इलाके में हड़कंप वाराणसी से न्यूज टू इंडिया उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन की रिपोर्ट वाराणसी के छावनी कैंटोनमेंट एरिया से एक सनसनीखेज वीडियो सामने आया है, केंद्रीय विद्यालय के पास बंगला नंबर 33 की तरफ देर रात एक तेंदुआ सड़क पर खुलेआम घूमता हुआ दिखाई दिया, प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा बनाया गया वीडियो रात का है, जिसमें साफ तौर पर देखा जा सकता है कि तेंदुआ झाड़ियों से निकलकर सड़क पर आता है और कुछ देर तक सड़क किनारे चलने के बाद वापस छावनी की झाड़ियों की ओर चला जाता है, उसकी आंखें रात में चमक रही थीं। बता दें कि कैंटोनमेंट एरिया में घनी झाड़ियां, पेड़ और खाली बंगले होने के कारण पहले भी जंगली जानवरों के देखे जाने की खबरें आती रही हैं, लेकिन रिहायशी और स्कूल वाले इलाके के इतने करीब तेंदुए के आने से स्थानीय लोगों, खासकर सुबह मॉर्निंग वॉक करने वालों और स्कूली बच्चों के परिजनों में दहशत फैल गई है, घटना की सूचना वन विभाग और कैंट प्रशासन को दे दी गई है, वन विभाग की टीम द्वारा इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है। News2India की अपील 1. छावनी क्षेत्र में रात में और सुबह अंधेरे में अकेले न निकलें 2. बच्चों को अकेले स्कूल या ट्यूशन न भेजें 3. यदि तेंदुआ दिखाई दे तो शोर न मचाएं, उसके पास जाने की कोशिश न करें 4. तुरंत वन विभाग, कैंट बोर्ड या डायल 112 पर सूचना दें फिलहाल तेंदुए को पकड़ने के लिए रेस्क्यू टीम लगी हुई है।1
- अर्नब चक्रवाती तूफान का कहर, खेतों में धान की फसल बर्बाद होने की आशंका सेवापुरी क्षेत्र के किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें, बेमौसम बारिश से बढ़ी परेशानी अर्नब चक्रवाती तूफान का कहर, खेतों में धान की फसल बर्बाद होने की आशंका सेवापुरी क्षेत्र के किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें, बेमौसम बारिश से बढ़ी परेशानी वाराणसी जिले के सेवापुरी विकासखंड के विभिन्न गांवों में अर्नब चक्रवाती तूफान के प्रभाव से हो रही बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। सुबह से हो रही बारिश के कारण खेतों में खड़ी धान की फसल के साथ ही कटाई के बाद खेतों में पड़ी फसल भी भीग गई है। इससे धान की गुणवत्ता और पैदावार प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। सेवापुरी क्षेत्र के भटौली, हरिहरपुर, सातो, हाथी बाजार, मनियारीपुर, बरेमा, सत्तनपुर, देईपुर, बड़ौरा और जगापट्टी सहित कई गांवों में बारिश का असर देखने को मिल रहा है। धान की कटाई के समय हुई बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खेतों में कटी हुई फसल भीगने से उसके खराब होने का खतरा है, वहीं खड़ी फसल को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान की चिंता सता रही है। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह ने बताया कि बेमौसम बारिश धान की फसल के लिए नुकसानदायक हो सकती है। हालांकि, रबी की फसलों की बुवाई के लिहाज से बारिश लाभकारी साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि यदि बारिश अधिक होती है, तो इससे रबी की फसलों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है। फिलहाल, बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसान मौसम साफ होने और अपनी फसल को सुरक्षित बचाने की उम्मीद लगाए हुए हैं।1
- बलिया(उत्तर प्रदेश): MLC चुनाव के नतीजों पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा, "जनता का बलिया(उत्तर प्रदेश): MLC चुनाव के नतीजों पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा, "जनता का जनादेश है। पढ़े-लिखे लोगों का जनादेश है। जो जनादेश आ रहा है उसका हम स्वागत करते हैं... विधानसभा के चुनाव में यही पढ़े लिखे लोग वोट देने नहीं जाएंगे बूथ पर। तब वही आम मतदाता बूथ पर दिखेगा।"1
- ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत पॉक्सो के दोषी को 20 साल की सजा, 30 हजार जुर्माना* *ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत पॉक्सो के दोषी को 20 साल की सजा, 30 हजार जुर्माना* वाराणसी। जनपद में चलाए जा रहे “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के क्रम में कमिश्नरेट वाराणसी पुलिस की प्रभावी पैरवी से पॉक्सो एक्ट के मामले में माननीय न्यायालय विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट), अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश वाराणसी ने अभियुक्त तनवीर खान को 20 वर्ष कठोर कारावास एवं 30,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल के निर्देशन में चल रहे इस अभियान में गुणवत्तापूर्ण विवेचना और लोक अभियोजक के संयुक्त प्रयास से यह सफलता मिली। थाना कैण्ट में पंजीकृत मु०अ०सं० 0116/2023 धारा 363, 366, 376(3), 323 भादवि व 5L/6 पॉक्सो एक्ट में आज दिनांक 29.10.2026 को अभियुक्त तनवीर खान पुत्र साबिर खाँ, निवासी सदर बाजार, थाना कैण्ट, वाराणसी को सजा सुनाई गई।1
- वाराणसी ब्रेकिंग छावनी में तेंदुए की दहशत, केंद्रीय विद्यालय के पास बंगला नं. 33 पर घूमता दिखा न्यूज़ टू इंडिया से उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन की खास रिपोर्ट वाराणसी News2India वाराणसी के छावनी कैंटोनमेंट एरिया से एक सनसनीखेज वीडियो सामने आया है। केंद्रीय विद्यालय के पास बंगला नंबर 33 की तरफ देर रात एक तेंदुआ सड़क पर खुलेआम घूमता हुआ दिखाई दिया। प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा बनाया गया वीडियो रात का है, जिसमें साफ तौर पर देखा जा सकता है कि तेंदुआ झाड़ियों से निकलकर सड़क पर आता है और कुछ देर तक सड़क किनारे चलने के बाद वापस छावनी की झाडियों की ओर चला जाता है। उसकी आंखें रात में चमक रही थीं। इलाके में दहशत का माहौल बता दें कि कैंटोनमेंट एरिया में घनी झाड़ियां, पेड़ और खाली बंगले होने के कारण पहले भी जंगली जानवरों के देखे जाने की खबरें आती रही हैं। लेकिन रिहायशी और स्कूल वाले इलाके के इतने करीब तेंदुए के आने से स्थानीय लोगों, खासकर सुबह मॉर्निंग वॉक करने वालों और स्कूली बच्चों के परिजनों में दहशत फैल गई है।वन विभाग को सूचना घटना की सूचना वन विभाग और कैंट प्रशासन को दे दी गई है। वन विभाग की टीम द्वारा इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है।News2India की अपील:1. छावनी क्षेत्र में रात में और सुबह अंधेरे में अकेले न निकलें। 2. बच्चों को अकेले स्कूल या ट्यूशन न भेजें। 3. यदि तेंदुआ दिखाई दे तो शोर न मचाएं, उसके पास जाने की कोशिश न करें। 4. तुरंत वन विभाग, कैंट बोर्ड या डायल 112 पर सूचना दें।फिलहाल तेंदुए को पकड़ने के लिए रेस्क्यू टीम लगी हुई है।1