Shuru
Apke Nagar Ki App…
लौकहवा डिप के जानलेवा बनने के विरोध में एक बड़े जनसैलाब ने प्रदर्शन किया। लोगों ने 'अब पुल बनाओ' के नारे लगाते हुए पुल निर्माण की जोरदार मांग की। इस गंभीर मुद्दे पर प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है।
Rahul Ratna
लौकहवा डिप के जानलेवा बनने के विरोध में एक बड़े जनसैलाब ने प्रदर्शन किया। लोगों ने 'अब पुल बनाओ' के नारे लगाते हुए पुल निर्माण की जोरदार मांग की। इस गंभीर मुद्दे पर प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले के हुसैनाबाद पुलिस चौकी मोड़ पर हल्की बारिश ने स्थानीय विकास कार्यों और सरकारी दावों की पोल खोल दी है। सड़क पर भारी जलभराव के कारण आम जनता का आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया है, जिससे लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर पानी से भरी सड़कों पर यात्रा करने को मजबूर होना पड़ रहा है। इस जलभराव के चलते हुसैनाबाद पुलिस चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों को भी ड्यूटी पर आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। चौकी के पास स्थित बाजार क्षेत्र और पूरे हुसैनाबाद बाजार का भी बुरा हाल है, जहाँ दुकानदारों और राहगीरों को जलभराव के कारण गंभीर परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। जल निकासी की कोई उचित व्यवस्था न होने के कारण सड़कें पूरी तरह से तालाब का रूप ले चुकी हैं, जिससे प्रशासन और पीडब्ल्यूडी विभाग पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।1
- गोंडा जिले के मुजेहना ब्लॉक की ग्राम सभा त्रिलोकपुर में, खड़ंजा मार्ग बाबा मठिया आगापुरवा की तत्काल मरम्मत कराने या नया मार्ग बनाने की जोरदार मांग उठाई गई है। इसके साथ ही, गांवों में हैंडपंपों और जल योजनाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार की गहन जांच कर एक भ्रष्टाचार-मुक्त व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी पुरजोर अपील की गई है।4
- गोंडा सदर विधानसभा के खोरहांसा स्थित मिरन टोला में पिछले 15-20 वर्षों से जलभराव की गंभीर समस्या लोगों को परेशान कर रही है। आम आदमी पार्टी, गोंडा सदर विधानसभा के सचिव दिलदार हुसैन ने एक वीडियो के माध्यम से इस क्षेत्र की वास्तविक स्थिति को उजागर किया है। बरसात होते ही गंदा पानी सीधे लोगों के घरों में घुस जाता है, जिससे उनकी दिनचर्या प्रभावित होती है। सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो जाती हैं, आवागमन बाधित हो जाता है और आम नागरिकों का जीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। यह विडंबना है कि इतनी पुरानी समस्या का आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। इस गंभीर स्थिति के मद्देनजर, आम आदमी पार्टी ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों से तत्काल स्थलीय निरीक्षण कर इस समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है, ताकि क्षेत्रवासियों को हर वर्ष इस पीड़ा का सामना न करना पड़े। पार्टी ने यह भी बताया कि इस समस्या को पहले भी उठाया जा चुका है और तत्पश्चात कुछ लोगों द्वारा उन्हें धमकी भी दी गई है। आम आदमी पार्टी ने घोषणा की है कि वह इस जनसमस्या को शीघ्र ही जिलाधिकारी महोदय, गोंडा के समक्ष उठाएगी और जनता के अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी।1
- अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान (संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश) के तत्वावधान में आज बहराइच के बाल शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज सभागार में पर्यावरण, जल संरक्षण एवं नशा उन्मूलन विषय पर एक परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में नगर और ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न विद्यालय व महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, आचार्यों, प्राचार्यों और प्रबंधकों के साथ-साथ बड़ी संख्या में समाजसेवी, शिक्षाशास्त्री व पर्यावरणविद् उपस्थित रहे। सभी उपस्थित लोगों ने पर्यावरण, जल संरक्षण और अवैध नशा कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे जन जागरण अभियान से हर व्यक्ति को जोड़ने का सामूहिक संकल्प लिया। मुख्य अतिथि महामना मालवीय मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष इं० हरिशंकर सिंह ने जोर देकर कहा कि पर्यावरण व जल संरक्षण मानव जीवन के लिए अनिवार्य आवश्यकता है; हम सभी को मिलकर अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना चाहिए और उनका संरक्षण भी करना चाहिए ताकि पर्यावरण मानवानुकूल बना रहे। उन्होंने नशा उन्मूलन को सामाजिक अभिशाप बताते हुए अवैध नशा के खिलाफ जन जागरण अभियान चलाने का आह्वान किया। जिला समाज कल्याण अधिकारी श्रध्दा पाण्डेय ने बताया कि छात्रों व युवाओं में नशा का प्रचलन तेज़ी से बढ़ रहा है, जिस पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जन जागरण अभियान आवश्यक है। उपनिदेशक कृषि (डी०डी०ए०जी०) विनय वर्मा ने स्वस्थ रहने के लिए प्रकृति आधारित परंपरागत खेती, रसायन व उर्वरक रहित कृषि, गौ पालन और सब्जी उत्पादन पर बल दिया। आयोजक महामना मालवीय मिशन अध्यक्ष (अवध) संजीव श्रीवास्तव एडवोकेट ने बताया कि संगठन पंचवटी प्रजाति के वृक्षों का रोपण कर उनके संरक्षण का प्रभावी प्रयास कर रहा है और अवैध नशा कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जन जागरण अभियान चला रहा है। इस कार्यक्रम का संचालन शिक्षा एवं समाज शास्त्री डॉ तस्लीमा जैदी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन पर्यावरणविद राकेश चंद्र श्रीवास्तव एडवोकेट ने दिया। बाल शिक्षा निकेतन की प्राचार्य अर्चना मराठे ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। मालवीय मिशन जिला संयोजक अनिल मिश्रा एडवोकेट, संघ विचारक ओम प्रकाश सक्सेना, संविधान विशेषज्ञ अनिल त्रिपाठी, प्रवक्ता डॉ पंकज श्रीवास्तव, शिक्षाविद अरशद रईस और योगाचार्य सुशील बाजपाई सहित अन्य वक्ताओं ने भी जल एवं पर्यावरण संरक्षण तथा अवैध नशा कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए निरंतर जन जागरण अभियान चलाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में सहभागी 200 छात्र-छात्राओं को बौद्ध शोध संस्थान लखनऊ द्वारा प्रमाण पत्र देकर पुरस्कृत भी किया गया। समापन अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने सामूहिक रूप से नशा विरोधी एवं पर्यावरण संरक्षण हेतु जन जागरण अभियान चलाए जाने का संकल्प दोहराया।4
- उत्तर प्रदेश में राप्ती नदी की बाढ़ के कारण हर साल लोगों का जीवन प्रभावित होता है और उनकी ज़िंदगियां उजड़ जाती हैं। इस वार्षिक प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान के बावजूद, प्रभावित लोगों को अभी भी राहत का इंतज़ार है।1
- बलरामपुर जिले में रात के समय तेज हवाओं, तूफान और बारिश का अनुभव किया गया। ये मौसमी परिस्थितियां जिले के सबसे बड़े ताजिया के साथ ही बनी रहीं।1
- जनपद बलरामपुर में पूर्व सांसद प्रत्याशी युगल किशोर शुक्ल एडवोकेट ने लौकहवा डिप पर पुल बनाने की माँग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया और सूबे के मुख्यमंत्री को इस संबंध में एक पत्र भी लिखा। क्षेत्रीय लोगों के साथ किए गए इस धरना प्रदर्शन में बताया गया कि विधानसभा तुलसीपुर के विकास खंड हर्रैया सतघरवा अंतर्गत हरिहरगंज ललिया बनकटवा (अन्य जिला मार्ग) पर किलोमीटर 11 पर स्थित लौकहवा डिप पर पुल नहीं होने से बारिश के दौरान लाखों लोगों का आवागमन बाढ़ आते ही ठप हो जाता है। आरोप है कि बारिश का पानी हेंगहा, डोरवा, गौरैय्या और चकैया जैसे जंगली एवं पहाड़ी नालों से बहकर सड़क पर आ जाता है, जिससे लौकहवा डिप पर डबल रोड सिंगल रोड में बदल जाती है और सड़क नीचे धंस जाती है। यह स्थिति अक्सर तेज़ चलने वाले वाहनों की दुर्घटनाओं का कारण बनती है, जिनमें कई बार लोगों की जान भी जा चुकी है। मकुनहवा के पूर्व प्रधान, स्वर्गीय चेत राम वर्मा, ने इसी सड़क पर बाढ़ में बहकर अपनी जान गंवाई थी। ऐसी कई घटनाओं में तैराकों और सुरक्षा बलों ने लोगों की जानें बचाई हैं। यह सड़क इसलिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इस पर ललिया थाना और हर्रैया सतघरवा ब्लॉक मुख्यालय शिवपुरा स्थित है। साथ ही, भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात नवीं सशस्त्र सीमा बल (SSB) बलरामपुर के जवान और सोहेलवा वन्य जीव प्रभाग के बनकटवा रेंज के कर्मचारी भी इसी सड़क का इस्तेमाल करते हैं। यह मार्ग विकास खंड हर्रैया सतघरवा के लोगों के लिए जिला मुख्यालय बलरामपुर आने का सबसे मुख्य रास्ता भी है, जो भारी बारिश और बाढ़ में अक्सर बंद हो जाता है। इस प्रदर्शन में पूर्व सांसद प्रत्याशी युगल किशोर शुक्ल एडवोकेट के साथ मन मोहन तिवारी, कृष्णा राम, अमरेश, राकेश, काशी राम, जय शंकर, महेश, राम निवास, छोटकउ पन्नालाल, शाहिद, दिनेश, इरफान समेत तमाम लोग मौजूद रहे। सभी ने लौकहवा डिप पुल के निर्माण को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया और मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र भेजकर इसे नितांत आवश्यक बताया ताकि क्षेत्र की जनता को इस गंभीर समस्या से निजात मिल सके।2
- बलरामपुर जिले के हुसैनाबाद पुलिस चौकी मोड़ पर हुई हल्की बारिश ने कथित विकास कार्यों और सरकारी दावों की पोल खोल दी है। सड़कों पर भारी जलभराव के कारण आम जनता का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है, और लोग अपनी जान जोखिम में डालकर पानी से भरी सड़क पर चलने को मजबूर हैं। इस जलभराव से हुसैनाबाद पुलिस चौकी पर तैनात पुलिस कर्मियों को भी अपनी ड्यूटी पर आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। चौकी के समीप स्थित बाजार क्षेत्र और हुसैनाबाद का पूरा बाजार भी बदहाल स्थिति में है, जिससे दुकानदारों और राहगीरों को भारी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। जल निकासी के लिए कोई समुचित व्यवस्था न होने के कारण सड़कें तालाब का रूप ले चुकी हैं, और वाहन चालक भी किसी तरह अपनी जान जोखिम में डालकर इन रास्तों से गुजर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि हल्की बारिश में यह स्थिति है तो लगातार बारिश होने पर हालात और भी गंभीर हो सकते हैं। क्षेत्र के लोग प्रशासन से सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर विकास के दावे और सरकारी योजनाएं कहां गईं, और क्या इस समस्या के समाधान के लिए कोई बजट नहीं है। वे यह भी जानना चाहते हैं कि क्या हुसैनाबाद के लोगों को हर बरसात में इसी तरह जलभराव और बदहाल सड़कों का सामना करना पड़ेगा, या फिर प्रशासन इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए कोई ठोस और प्रभावी कदम उठाएगा। अब पूरे क्षेत्र की जनता की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं और लोग जल्द से जल्द जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग कर रहे हैं।1