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कुशीनगर में जनता को बिजली की समस्या से अभी भी राहत नहीं मिल पाई है। इसी बीच, पडरौना के रामकोला रोड पर एक जर्जर बिजली का खंभा गिरने की कगार पर है, जिससे इलाके में बड़ा खतरा मंडरा रहा है। इस जर्जर बिजली के पोल को गिरने से रोकने के लिए बिजली विभाग ने एक दूसरा नया पोल लगाया था। हालांकि, विडंबना यह है कि जर्जर पोल को सहारा देने के लिए लगाया गया यह नया खंभा भी अब स्वयं गिरने की स्थिति में आ गया है। वर्तमान में, ये दोनों बिजली के पोल गिरने के कगार पर हैं, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इस गंभीर स्थिति में, अब यह कहना मुश्किल है कि जर्जर पोल कैसे संभल पाएगा, और यह सब पूरी तरह से भगवान भरोसे है।
Ajeet kumar gond
कुशीनगर में जनता को बिजली की समस्या से अभी भी राहत नहीं मिल पाई है। इसी बीच, पडरौना के रामकोला रोड पर एक जर्जर बिजली का खंभा गिरने की कगार पर है, जिससे इलाके में बड़ा खतरा मंडरा रहा है। इस जर्जर बिजली के पोल को गिरने से रोकने के लिए बिजली विभाग ने एक दूसरा नया पोल लगाया था। हालांकि, विडंबना यह है कि जर्जर पोल को सहारा देने के लिए लगाया गया यह नया खंभा भी अब स्वयं गिरने की स्थिति में आ गया है। वर्तमान में, ये दोनों बिजली के पोल गिरने के कगार पर हैं, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इस गंभीर स्थिति में, अब यह कहना मुश्किल है कि जर्जर पोल कैसे संभल पाएगा, और यह सब पूरी तरह से भगवान भरोसे है।
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- पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने एक खुले मंच से घुसपैठियों के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार करते हुए उन्हें सीधा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, ‘जाओ, बांग्लादेश वापस जाओ…’। यह बयान सीमा सुरक्षा, अवैध घुसपैठ और राष्ट्रव्यापी राजनीतिक संघर्षों के बीच घुसपैठियों की तत्काल वापसी और कठोर कार्रवाई की मजबूत मांग को रेखांकित करता है।1
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- नोएडा फेज 2 में वेतन, बोनस और शोषण के खिलाफ 1,000 से अधिक फैक्ट्री कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। ये श्रमिक ₹20,000 न्यूनतम वेतन और 8 घंटे की शिफ्ट की मांग कर रहे थे, जिसे वे अपना संवैधानिक अधिकार बताते हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बढ़ती महंगाई के इस दौर में ₹11,000 से ₹13,000 की पगार में गुजारा करना असंभव है। अपनी इन जायज मांगों के बीच, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर हिंसक कार्रवाई की। पुलिस ने जनता को "कीड़े-मकौड़े की तरह" मारा, जिससे यह तीखा सवाल उठा कि "क्या हम कॉक्रोच हैं?" हालाँकि पुलिस के डंडे टूट गए, लेकिन प्रदर्शनकारियों का हौसला नहीं टूटा। इस घटना ने एक बार फिर ऐसे नेताओं की आवश्यकता पर बल दिया है जो जमीनी हकीकत को समझते हों, न कि सिर्फ AC कमरों में बैठकर फैसले लेने वाले हों।1
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- आज की ताज़ा ख़बर के अनुसार, गोरखपुर में विकास एक दुकान पर पहुँचे। इस दुकान के पास नारियल पानी और गन्ने का जूस उपलब्ध था। यह जानकारी नीतीश कुमार यादव जी ने अपने मुख्य इंस्टाग्राम चैनल ऑफिशियल 302 पर साझा की है।1