वर्षीतप की आराधना में भक्ति व तप की अद्भुत छटा चौबीसी, भक्तांबर विधान व गूंजा नगर, तपस्वियों की अनुमोदना,स्नेह ज्योति श्रीजी साध्वी की तपस्या के निमित्त आज निकलेगा वरघोड़ा जैन समाज के आध्यात्मिक वातावरण के बीच साध्वी स्नेह ज्योति श्रीजी आदि के वर्षी तप जैसी कठिन तपस्या के उपलक्ष्य में विविध धार्मिक आयोजनों की श्रृंखला जारी है। वाणी के जादूगर, वात्सल्य सम्राट आचार्य जीतरत्न सागर सूरीश्वर ससंघ एवं साध्वीवर्या कल्पज्योति श्रीजी म.सा., शासन ज्योति श्रीजी म.सा. सहित ठाणा-5 के पावन सानिध्य में भक्ति और तप की अनूठी छटा देखने को मिल रही है। सोमवार 20 अप्रैल को वर्षी तप की तपस्या पूर्ण होने पर वरघोड़ा भी नगर के प्रमुख मार्गों से निकाला जाएगा। उक्त जानकारी नरेन्द्र गंगवाल ने देते हुए बताया कि 19 अप्रैल को गंज मंदिर में आचार्यश्री के सानिध्य में श्री भक्तांबर महामंडल विधान का भव्य आयोजन हुआ। इसके पश्चात रात्रि में मानस भवन में गिरी वधामणा का आयोजन श्रद्धा और उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। वर्षीतप: आत्मशुद्धि का सर्वोच्च साधन जैन धर्म में वर्षीतप को अत्यंत कठिन एवं महान तपस्याओं में माना जाता है। यह लगभग एक वर्ष तक चलने वाली साधना है, जिसमें साधक एक दिन उपवास और दूसरे दिन आहार का नियम अपनाते हुए निरंतर संयम, आत्मचिंतन और साधना में लीन रहता है। यह तप केवल शरीर का त्याग नहीं, बल्कि मन, वचन और कर्म की शुद्धि का मार्ग है, जो आत्मा के उत्कर्ष और कर्मों के क्षय का माध्यम बनता है। आचार्य श्री के प्रेरक प्रवचन आचार्य जीतरत्न सागर सूरीश्वर महाराज ने भक्तांबर विधान के दौरान अपने प्रवचनों में कहा कि भक्तांबर स्तोत्र केवल शब्दों का संग्रह नहीं, बल्कि आत्मा को जागृत करने वाली दिव्य साधना है। उन्होंने कहा कि जब श्रद्धा, विश्वास और एकाग्रता के साथ भक्तांबर का पाठ किया जाता है, तब यह साधक के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और जीवन की अनेक बाधाओं को दूर करने की शक्ति प्रदान करता है। इसके काव्यों में ऐसे भी काव्य हैं जिनके जपने से गंभीर से गंभीर बीमारी भी दूर हो जाती है। वर्षीतप पर प्रकाश डालते हुए आचार्य श्री ने कहा कि संयम ही जीवन का सबसे बड़ा आभूषण है। जो व्यक्ति तप और त्याग के मार्ग पर चलता है, वही सच्चे अर्थों में आत्मकल्याण की दिशा में अग्रसर होता है। उन्होंने समाजजनों से आह्वान किया कि वे भी अपने जीवन में संयम, सदाचार और धर्म के मूल्यों को अपनाएं। चौबीसी में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब वर्षीतप के उपलक्ष्य में नगर के गंज मंदिर एवं महावीर भवन स्थानक में महिला मंडलों एवं लाभार्थी परिवारों द्वारा चौबीसी का आयोजन किया गया। भक्ति-भाव से ओतप्रोत इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, विशेषकर महिलाओं की सक्रिय सहभागिता रही। साध्वी स्नेह ज्योति श्रीजी का वर्षीतप पाढ़ना आज साध्वी स्नेह ज्योति श्रीजी के वर्षीतप की पूर्णाहुति (पाढ़ना) 20 अप्रैल को आयोजित होगी। इस अवसर पर सुबह 8 बजे मानस भवन से भव्य वरघोड़ा निकाला जाएगा, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होकर पुनः मानस भवन पहुंचेगा। इसके पश्चात धर्मसभा एवं स्वामी वात्सल्य का आयोजन होगा। एक साथ कई तपस्वियों की पूर्णाहुति इस अवसर पर श्रीमती स्मिता वोहरा के द्वितीय वर्षीतप सहित श्रीमती नीलिमा ललित कुमार बनवट, श्री शैलेष रांका, श्रीमती रूचि रांका एवं श्रीमती शीतल पीयूष रांका का भी वर्षीतप पूर्ण होने जा रहा है। सभी तपस्वियों की समाजजनों द्वारा अनुमोदना करते हुए उनके तप की सराहना की गई। तप, त्याग और आत्मबल का प्रेरक उदाहरण समाजजनों ने कहा कि वर्षीतप जैसी कठिन साधना आज के समय में त्याग, संयम और आत्मबल का अद्वितीय उदाहरण है। यह न केवल आत्मकल्याण का मार्ग है, बल्कि समाज को भी सकारात्मक ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान करता है। पूरे आयोजन में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने नगर के धार्मिक वातावरण को और अधिक सशक्त बना दिया।
वर्षीतप की आराधना में भक्ति व तप की अद्भुत छटा चौबीसी, भक्तांबर विधान व गूंजा नगर, तपस्वियों की अनुमोदना,स्नेह ज्योति श्रीजी साध्वी की तपस्या के निमित्त आज निकलेगा वरघोड़ा जैन समाज के आध्यात्मिक वातावरण के बीच साध्वी स्नेह ज्योति श्रीजी आदि के वर्षी तप जैसी कठिन तपस्या के उपलक्ष्य में विविध धार्मिक आयोजनों की श्रृंखला जारी है। वाणी के जादूगर, वात्सल्य सम्राट आचार्य जीतरत्न सागर सूरीश्वर ससंघ एवं साध्वीवर्या कल्पज्योति श्रीजी म.सा., शासन ज्योति श्रीजी म.सा. सहित ठाणा-5 के पावन सानिध्य में भक्ति और तप की अनूठी छटा देखने को मिल रही है। सोमवार 20 अप्रैल को वर्षी तप की तपस्या पूर्ण होने पर वरघोड़ा भी नगर के प्रमुख मार्गों से निकाला जाएगा। उक्त जानकारी नरेन्द्र गंगवाल ने देते हुए बताया कि 19 अप्रैल को गंज मंदिर में आचार्यश्री के सानिध्य में श्री भक्तांबर महामंडल विधान का भव्य आयोजन हुआ। इसके पश्चात रात्रि में मानस भवन में गिरी वधामणा का आयोजन श्रद्धा और उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। वर्षीतप: आत्मशुद्धि का सर्वोच्च साधन जैन धर्म में वर्षीतप को अत्यंत कठिन एवं महान तपस्याओं में माना जाता है। यह लगभग एक वर्ष तक चलने वाली साधना है, जिसमें साधक एक दिन उपवास और दूसरे दिन आहार का नियम अपनाते हुए निरंतर संयम, आत्मचिंतन और साधना में लीन रहता है। यह तप केवल शरीर का त्याग नहीं, बल्कि मन, वचन और कर्म की शुद्धि का मार्ग है, जो आत्मा के उत्कर्ष और कर्मों के क्षय का माध्यम बनता है। आचार्य श्री के प्रेरक प्रवचन आचार्य जीतरत्न सागर सूरीश्वर महाराज ने भक्तांबर विधान के दौरान अपने प्रवचनों में कहा कि भक्तांबर स्तोत्र केवल शब्दों का संग्रह नहीं, बल्कि आत्मा को जागृत करने वाली दिव्य साधना है। उन्होंने कहा कि जब श्रद्धा, विश्वास और एकाग्रता के साथ भक्तांबर का पाठ किया जाता है, तब यह साधक के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और जीवन की अनेक बाधाओं को दूर करने की शक्ति प्रदान करता है। इसके काव्यों में ऐसे भी काव्य हैं जिनके जपने से गंभीर से गंभीर बीमारी भी दूर हो जाती है। वर्षीतप पर प्रकाश डालते हुए आचार्य श्री ने कहा कि संयम ही जीवन का सबसे बड़ा आभूषण है। जो व्यक्ति तप और त्याग के मार्ग पर चलता है, वही सच्चे अर्थों में आत्मकल्याण की दिशा में अग्रसर होता है। उन्होंने समाजजनों से आह्वान किया कि वे भी अपने जीवन में संयम, सदाचार और धर्म के मूल्यों को अपनाएं। चौबीसी में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब वर्षीतप के उपलक्ष्य में नगर के गंज मंदिर एवं महावीर भवन स्थानक में महिला मंडलों एवं लाभार्थी परिवारों द्वारा चौबीसी का आयोजन किया गया। भक्ति-भाव से ओतप्रोत इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, विशेषकर महिलाओं की सक्रिय सहभागिता रही। साध्वी स्नेह ज्योति श्रीजी का वर्षीतप पाढ़ना आज साध्वी स्नेह ज्योति श्रीजी के वर्षीतप की पूर्णाहुति (पाढ़ना) 20 अप्रैल को आयोजित होगी। इस अवसर पर सुबह 8 बजे मानस भवन से भव्य वरघोड़ा निकाला जाएगा, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होकर पुनः मानस भवन पहुंचेगा। इसके पश्चात धर्मसभा एवं स्वामी वात्सल्य का आयोजन होगा। एक साथ कई तपस्वियों की पूर्णाहुति इस अवसर पर श्रीमती स्मिता वोहरा के द्वितीय वर्षीतप सहित श्रीमती नीलिमा ललित कुमार बनवट, श्री शैलेष रांका, श्रीमती रूचि रांका एवं श्रीमती शीतल पीयूष रांका का भी वर्षीतप पूर्ण होने जा रहा है। सभी तपस्वियों की समाजजनों द्वारा अनुमोदना करते हुए उनके तप की सराहना की गई। तप, त्याग और आत्मबल का प्रेरक उदाहरण समाजजनों ने कहा कि वर्षीतप जैसी कठिन साधना आज के समय में त्याग, संयम और आत्मबल का अद्वितीय उदाहरण है। यह न केवल आत्मकल्याण का मार्ग है, बल्कि समाज को भी सकारात्मक ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान करता है। पूरे आयोजन में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने नगर के धार्मिक वातावरण को और अधिक सशक्त बना दिया।
- नगर की यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए नगर निरीक्षक श्री गिरीश दुबे से नगर के प्रमुख जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने चर्चा की। इस बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा, सकल हिंदू समाज अध्यक्ष नरेंद्र कुशवाहा, मुकेश नामदेव, हिंदू उत्सव समिति अध्यक्ष नारायण भुरू मुकाती एवं राष्ट्रीय बजरंग दल प्रमुख दीपक राठौड़ आदि उपस्थित रहे। चर्चा के दौरान नगर के प्रमुख व्यापारिक क्षेत्र बड़ा बाजार एवं बुधवारा मार्ग पर विवाह समारोहों के चलते बढ़ते ट्रैफिक दबाव और अव्यवस्था पर प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि चार पहिया वाहनों के बाजार क्षेत्र में प्रवेश करने से आम नागरिकों, व्यापारियों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए T I श्री गिरीश दुबे ने तत्काल यातायात अधिकारी को निर्देश दिए कि सुबह 8:00 बजे से रात 9:00 बजे तक बड़ा बाजार एवं बुधवारा रोड पर चार पहिया वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाए। साथ ही, इस व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु बैरिकेडिंग की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए । मिलने वाले प्रतिनिधि मंडल में क्षैत्र के व्यापारिक प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाता तो पानी की गाड़ी, गैस सिलेंडर की गाड़ी, नपा की प्रधानमंत्री मोदी जी के स्वच्छता अभियान की कचरा लेने वाली गाड़ी आदि को प्रातः 10.00बजे तक अपने वाहन बाजार में अपने कार्य को अंजाम दें। बाजार क्षेत्र में यातायात सुचारू बनाएं रखने के लिए माता पूजन में बैंड बाजों के साथ चलने वाला वाहन अधिक जाम लगा रहे हैं। निश्चय ही नगर निरीक्षक श्री दुबे ने एक अच्छी पहल की, बेरिकेडिंग के पास यातायात पुलिस कर्मी चार पहिया वाहन चालकों को बैरीकेट हटाने से रोक सकते है। बैठक में शादी-विवाह एवं अन्य मांगलिक कार्यक्रमों में ध्वनि यंत्र के उपयोग को लेकर हुई चर्चा में ध्वनि यंत्रों का उपयोग सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार ही किया जाए, ताकि ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण रहे और आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इस पर सभी ने सहमति व्यक्त करते हुए नियमों के पालन की अपील की।2
- राजगढ़ से कालापीपल में आई हेलीकॉप्टर से बारात!! मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ग्राम निपानिया गढ़ी के सरपंच के बेटे अनमोल की बारात जब हेलीकॉप्टर से कालापीपल के ग्राम कोहड़ी पहुँची, तो पूरे इलाके में हलचल मच गई। दूल्हे की इस शाही एंट्री और अनमोल-अर्पिता के विवाह के इस अनोखे अंदाज को देखने के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। आसमान से जमीन पर उतरी इस बारात ने शादी के जश्न को ऐतिहासिक बना दिया, जिसकी चर्चा अब हर तरफ हो रही है। इस भव्य आयोजन ने न सिर्फ खुशियां बिखेरीं, बल्कि यह शादी क्षेत्र की सबसे चर्चित शादियों में शुमार हो गई है। मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले से रिपोर्टर जितेन्द्र कुमार पाटीदार की विशेष रिपोर्ट,📌📍1
- Post by Sajid Pathan1
- जिला स्तरीय कराटे चैंपियनशिप इंदौर के बड़ा नेहरू स्टेडियम में रखी गई वही दस्तक पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 4 स्वर्ण पदक,(गोल्ड मेडल) एवं 2 रजत पदक (सिल्वर मेडल)1 कांस्य पदक ( ब्रॉन्ज मैडम( हासिल किए। विद्यालय की 9 वर्षीय अनाबिया खान एवं 12 वर्षीय शबनूर खान ने शानदार खेल का परिचय देते हुए स्वर्ण पदक (Gold Medal) हासिल किया इसके साथ ही अक्सा ज़िन्दरान ने रजत पदक (Silver Medal) प्राप्त कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया। वहीं महम खान, शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक दस्तक पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर श्री अबरार सर ने एवं विद्यालय के प्रिंसिपल श्री मजीद शेख़ ने सभी विजेताओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। प्रतियोगिता का शुभारंभ फ़ुनाकोशी शोतोकान कराटे एकेडमी के चीफ सिहान अशोक सेन , एवं श्री मोना लीसा, सीनियर रश्मि ,जी दीपक कर्दम,दस्तक पब्लिक स्कूल की ओर से सीनियर कोच फारुख शेख शाउपस्थित रहे।4
- Post by Naved khan1
- *प्रेस नोट...* *ईको फ्रेंडली संपन्न हुआ राठौर समाज का सामूहिक विवाह एवं परिचय सम्मेलन* -पर्यावरण के अनुकूल सम्मेलन का आयोजन -प्लास्टिक मुक्त संपन्न पूरा सम्मेलन -तांबे, स्टील के लोटे से पानी पीने की व्यवस्था -कागज से बने डिस्पोजल का होगा इस्तेमाल -प्लास्टिक से बने डिस्पोजल पर प्रतिबंध रहा -कागज की बचत करते हुए डिजिटल निमंत्रण -कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता का पूरा ध्यान रखा -दहेज प्रथा जैसी कुप्रथा को लेकर जागरूकता -ईरान युद्ध के चलते लकड़ी भट्टी को किया उपयोग ---------------------- राठौर संघ भोपाल ने सामूहिक विवाह एवं परिचय सम्मेलन पर्यावरण के अनुकूल तरीकों से आयोजित किया। इस सम्मेलन का उद्देश्य सिर्फ सामाजिक या सांस्कृतिक तक सीमित नहीं होता, बल्कि पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाना भी होता है। सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वाह करते हुए पर्यावरण के तहत कई मुख्य बातों को ध्यान रखा गया। यह आयोजन 20 अप्रैल 2026 (अक्षय तृतीया) को पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेदिक चिकित्सा संस्थान, दशहरा मैदान, कलियासोत डेम, नेहरू नगर, भोपाल में संपन्न हुआ। राठौर संघ भोपाल ने समाज के लोगों से मिली सहायता और दान राशि से सामूहिक विवाह एवं परिचय सम्मेलन का आयोजन किया। इस दौरान समाज की एक पत्रिका का प्रकाशन भी किया गया। राठौर संघ के अनुसार परिचय सम्मेलन में लगभग 250 युवक, युवतियां अपना परिचय दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 8:00 बजे दीप प्रज्वलन एवं श्री गणेश वंदना के साथ हुआ। इसके बाद सुबह 9:00 बजे से 12:00 बजे तक परिचय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। परिचय सम्मेलन के बाद वैदिक रीति-रिवाजों से सामूहिक विवाह संस्कार संपन्न हुआ। इस अवसर पर नव दंपतियों को आशीर्वाद, अतिथियों एवं जनप्रतिनिधियों का अभिनंदन और विदाई समारोह आयोजित किया। कार्यक्रम के दौरान स्वल्पाहार और भोजन की भी व्यवस्था भी की गई थी। साथ ही इस सम्मेलन में दहेज जैसी कुप्रथा को लेकर समाज को जागरूक भी किया गया। *ईरान युद्ध के चलते लकड़ी भट्टी का फैसला...* ईरान युद्ध के बाद घरेलू गैस, पेट्रोल और डीजल को लेकर बनी स्थिति के मद्देनजर राठौर समाज ने लकड़ी भट्टी का फैसला लिया। सम्मेलन में बनने वाला भोजन अधिकांश लकड़ी की भट्टियों पर बनाया गया। *ईको फ्रेंडली संपन्न हुआ सम्मेलन...* राठौर संघ भोपाल ने सामूहिक विवाह एवं परिचय सम्मेलन को पूरी तरह पर्यावरण को समर्पित किया। पर्यावरण के अनुकूलता के अनुसार आयोजन किया। आयोजन को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त करने की कोशिश की गई। सम्मेलन में प्लास्टिक डिस्पोजल का नहीं, बल्कि कागज से बने डिस्पोजल का इस्तेमाल किया गया। इतना ही नहीं पानी पीने के लिए प्लास्टिक के ग्लास नहीं, बल्कि स्टील और तांबे के लोटे का उपयोग किया गया। *स्वच्छता का रखा पूरा ध्यान...* समारोह के दौरान स्वच्छता का पूरा ध्यान रखा गया। कार्यक्रम स्थल पर गंदगी और कचरा ना फैले। इसके लिए राठौर समाज की एक टीम ने साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखा। कार्यक्रम स्थल पर होने वाले कचरे को तत्काल हटाया गया। इतना ही नहीं कार्यक्रम के बाद भी कार्यक्रम स्थल को क्लीन भी किया गया। *निवेदन...* राज कुमार राठौर (राजू), अध्यक्ष, राठौर संघ भोपाल संतोष राठौर (वसंत), उपाध्यक्ष मदनलाल राठौर, कार्यक्रम अध्यक्ष गणेश राठौर, कोषाध्यक्ष जीएल राठौर महामंत्री समस्त राठौर समाज टीम *1
- शाजापुर जिले के मोहन बड़ोदिया थाना प्रभारी ने सीएम हेल्पलाइन की 51 में से 49 शिकायतों को संतुष्टि के साथ बंद कराया1
- कालापीपल : कालापीपल शुजालपुर रोड पर कार्य प्रगति पर हे!! और जिस से आम लोगों को जो आने जाने मे परेशानी होती थी उस से अब लोगों को आने जाने मे सुविधा ho जाएगी!! मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले से रिपोर्टर जितेन्द्र कुमार पाटीदार की विशेष रिपोर्ट,📌📍1