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सुसनेर में आशा-ऊषा कार्यकर्ताओं ने अनोखे अंदाज़ में विरोध प्रदर्शन किया है। कार्यकर्ताओं ने सीधे बीएमओ को सूचित किया है कि उनका हेडकाउंट सर्वे का काम ठप रहेगा।
राकेश बिकुन्दीया
सुसनेर में आशा-ऊषा कार्यकर्ताओं ने अनोखे अंदाज़ में विरोध प्रदर्शन किया है। कार्यकर्ताओं ने सीधे बीएमओ को सूचित किया है कि उनका हेडकाउंट सर्वे का काम ठप रहेगा।
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- मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सुसनेर में एक वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ किया है। इस कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया जा रहा है।1
- सुसनेर में आशा-ऊषा कार्यकर्ताओं ने अनोखे अंदाज़ में विरोध प्रदर्शन किया है। कार्यकर्ताओं ने सीधे बीएमओ को सूचित किया है कि उनका हेडकाउंट सर्वे का काम ठप रहेगा।1
- यह संदेश दिया जा रहा है कि हर व्यक्ति को 'एक पेड़ मां के नाम' लगाना चाहिए, जिससे वृक्षारोपण को बढ़ावा मिले और पर्यावरण को बचाया जा सके।1
- मोहन बड़ोदिया नगर में जिला कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना के निर्देश पर एक बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू किया गया है। यह अभियान वर्ष 2016 में हुई इसी तरह की कार्रवाई के लगभग 10 साल बाद चलाया जा रहा है। गुरुवार दोपहर को राजस्व विभाग की टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में आगर-सारंगपुर रोड और नलखेड़ा रोड पर सड़क किनारे सीमा निर्धारण की प्रक्रिया पूरी की। आगर-सारंगपुर रोड पर सड़क के मध्य से दोनों ओर 25-25 फीट तक, वहीं नलखेड़ा रोड पर दोनों ओर 20-20 फीट तक सीमा चिन्हित कर चूना लाइन डाली गई। इस मुहिम के तहत प्रशासनिक टीम ने निर्धारित सीमा के भीतर आने वाले 50 से अधिक दुकानों के अतिक्रमण को चिन्हित किया। तीन जेसीबी मशीनों की सहायता से ठेले, अवैध गुमटियां, दुकानदारों के सामने रखे टीनशेड और नलखेड़ा रोड चौराहे के सामने स्थित प्रतीक्षालय का अतिक्रमण हटाया गया। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य सड़कों को अतिक्रमण मुक्त बनाना और यातायात व्यवस्था को सुचारु करना है। अधिकारियों द्वारा सीमांकन का काम शुरू करते ही स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया और अतिक्रमण हटने पर राहत महसूस की, जबकि अतिक्रमण करने वालों में अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान तहसीलदार श्रीमती दिव्या जैन, नायब तहसीलदार मुकेश गुप्ता, मोहन बड़ोदिया थाना प्रभारी अरविंद सिंह तोमर, राजस्व विभाग के पटवारी, कोटवार और ग्राम पंचायत मोहन बड़ोदिया के सचिव अर्जुन सिंह चौहान सहित अन्य कर्मचारी व अधिकारी मौजूद रहे। तहसीलदार ने ग्राम पंचायत सचिव को प्रतीक्षालय की साफ-सफाई और पुताई करने के निर्देश भी दिए हैं।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर दतिया जिले में "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान 2.0 के तहत पुलिस परिसर में एक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े, पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल और वन मंडलाधिकारी (डीएफओ) मोहम्मद माज ने पौधारोपण कर जिलेवासियों को पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास का संदेश दिया। इस दौरान अधिकारियों ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए और उनके संरक्षण तथा नियमित देखभाल का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम में पुलिस विभाग, वन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों-कर्मचारियों ने भी सक्रिय रूप से पौधारोपण में भाग लिया। भीषण गर्मी को देखते हुए, अधिकारियों ने परिसर में रखे सकोरों में पक्षियों के लिए पानी और दाना भी डाला, साथ ही नागरिकों से अपील की कि वे अपने घरों, कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर पक्षियों के लिए पानी और दाने की व्यवस्था कर जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाएं और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखें। कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने ज़ोर दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी ज़िम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का सामूहिक कर्तव्य है। उन्होंने प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन को देखते हुए वृक्षारोपण की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि पौधा लगाने के साथ-साथ उसका संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल ने पेड़ों की पृथ्वी के प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में भूमिका पर प्रकाश डाला और पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने में हर व्यक्ति की भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। वन मंडलाधिकारी मोहम्मद माज ने "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान को प्रकृति और मातृत्व के सम्मान का प्रतीक बताते हुए, अधिक से अधिक वृक्षारोपण, जल संरक्षण, पक्षियों के संरक्षण और जैव विविधता के संवर्धन में सक्रिय योगदान देने का आग्रह किया। अधिकारियों ने कहा कि स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण भावी पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपने स्तर पर पौधारोपण कर पर्यावरण को संरक्षित करने, लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने और गर्मी में पक्षियों के लिए पानी-दाने की व्यवस्था कर संवेदनशीलता का परिचय देने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए दतिया को हरा-भरा बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।1
- एक छोटे से चूहे को पकड़ने की साधारण सी कोशिश अप्रत्याशित रूप से एक ऐसी स्थिति में बदल गई जिसकी किसी ने उम्मीद नहीं की थी, और इसे ‘अब तक का सबसे महंगा चूहे का शिकार’ बताया जा रहा है। इस घटना से जुड़ी एक वायरल क्लिप में लोगों को उस छोटे से जानवर का पीछा करते हुए देखा जा सकता है।1
- मोहन बड़ोदिया के ग्राम सरसोदिया में श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ किया गया। कथा के पहले दिन एक भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह कलश यात्रा गांव के प्रमुख मार्गों से होकर गुज़री, जहाँ भक्तों ने जयघोष करते हुए एक धार्मिक वातावरण का निर्माण किया। कथा के प्रथम दिवस पर विद्वान कथावाचक पंडित सुरेश कृष्ण त्रिपाठी ने श्रीमद् भागवत महापुराण की महिमा का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को कथा का श्रवण कराया। उन्होंने बताया कि भागवत कथा मानव जीवन को सही दिशा देने के साथ-साथ धर्म, भक्ति और संस्कारों का संदेश देती है। इस दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से कथा का रसपान किया। आयोजन समिति ने जानकारी दी कि कथा का आयोजन आगामी दिनों तक जारी रहेगा, जिसमें प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की अच्छी उपस्थिति रही और पूरे गांव में धार्मिक उत्साह का माहौल देखने को मिला।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में सुसनेर महाविद्यालय में एक विशेष पौधारोपण एवं स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के विद्यार्थियों और स्टाफ ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस संयुक्त प्रयास के माध्यम से सभी प्रतिभागियों ने मिलकर पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया, जो हरियाली और स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने पर केंद्रित था।1