गाजियाबाद स्थित गुलमोहर एनक्लेव सोसायटी के सेंट्रल पार्क में संचालित एक रसोई (किचन) के मामले में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) ने कड़ा रुख अपनाया है। बोर्ड ने सोसायटी प्रबंधन को आवश्यक अनुमति और लाइसेंस प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं, साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि यदि वैध अनुमति उपलब्ध नहीं है, तो किचन का संचालन तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए। ऐसा न करने पर भविष्य में होने वाली किसी भी प्रतिकूल कार्रवाई की जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी। यह कार्रवाई शिकायतकर्ता आर.के. गर्ग की शिकायत के बाद की गई। गर्ग ने आरोप लगाया था कि पूर्व RWA सचिव विनम्र जैन ने सेंट्रल पार्क के सामने कार्यक्रमों में भोजन तैयार कराने के उद्देश्य से इस किचन का निर्माण कराया था। शिकायत में यह भी कहा गया था कि किचन से निकलने वाले धुएं और प्रदूषण के कारण आसपास के निवासियों तथा पार्क में आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिकायत के आधार पर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने 15 जून 2026 को स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सोसायटी के प्रतिनिधि और मैनेजर राहुल त्यागी ने अधिकारियों को बताया कि संबंधित रसोई पिछले चार माह से बंद है और इसका उपयोग केवल विवाह, जन्मदिन जैसे आयोजनों में भोजन तैयार करने के लिए किया जाता है। हालांकि, निरीक्षण रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि किचन से उत्पन्न होने वाले धुएं, दुर्गंध, शोर एवं अपशिष्ट के वैज्ञानिक निस्तारण की कोई समुचित व्यवस्था नहीं पाई गई। इसके बाद क्षेत्रीय अधिकारी ने सोसायटी सचिव ए.के. दोहरे को पत्र जारी कर सक्षम स्थानीय निकाय की अनुमति, FSSAI पंजीकरण तथा अन्य आवश्यक स्वीकृतियां प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी के जवाब में बोर्ड ने शिकायतकर्ता को बताया कि मामले का स्थलीय निरीक्षण हो चुका है तथा आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र सोसायटी के वर्तमान सचिव और गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) को भी भेज दिया गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के इस कदम से गुलमोहर एनक्लेव सोसायटी के निवासियों के बीच पार्क क्षेत्र के उपयोग, पर्यावरण संरक्षण और निवासियों के अधिकारों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
गाजियाबाद स्थित गुलमोहर एनक्लेव सोसायटी के सेंट्रल पार्क में संचालित एक रसोई (किचन) के मामले में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) ने कड़ा रुख अपनाया है। बोर्ड ने सोसायटी प्रबंधन को आवश्यक अनुमति और लाइसेंस प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं, साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि यदि वैध अनुमति उपलब्ध नहीं है, तो किचन का संचालन तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए। ऐसा न करने पर भविष्य में होने वाली किसी भी प्रतिकूल कार्रवाई की जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी। यह कार्रवाई शिकायतकर्ता आर.के. गर्ग की शिकायत के बाद की गई। गर्ग ने आरोप लगाया था कि पूर्व RWA सचिव विनम्र जैन ने सेंट्रल पार्क के सामने कार्यक्रमों में भोजन तैयार कराने के उद्देश्य
से इस किचन का निर्माण कराया था। शिकायत में यह भी कहा गया था कि किचन से निकलने वाले धुएं और प्रदूषण के कारण आसपास के निवासियों तथा पार्क में आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिकायत के आधार पर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने 15 जून 2026 को स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सोसायटी के प्रतिनिधि और मैनेजर राहुल त्यागी ने अधिकारियों को बताया कि संबंधित रसोई पिछले चार माह से बंद है और इसका उपयोग केवल विवाह, जन्मदिन जैसे आयोजनों में भोजन तैयार करने के लिए किया जाता है। हालांकि, निरीक्षण रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि किचन से उत्पन्न होने वाले धुएं, दुर्गंध, शोर एवं अपशिष्ट
के वैज्ञानिक निस्तारण की कोई समुचित व्यवस्था नहीं पाई गई। इसके बाद क्षेत्रीय अधिकारी ने सोसायटी सचिव ए.के. दोहरे को पत्र जारी कर सक्षम स्थानीय निकाय की अनुमति, FSSAI पंजीकरण तथा अन्य आवश्यक स्वीकृतियां प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी के जवाब में बोर्ड ने शिकायतकर्ता को बताया कि मामले का स्थलीय निरीक्षण हो चुका है तथा आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र सोसायटी के वर्तमान सचिव और गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) को भी भेज दिया गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के इस कदम से गुलमोहर एनक्लेव सोसायटी के निवासियों के बीच पार्क क्षेत्र के उपयोग, पर्यावरण संरक्षण और निवासियों के अधिकारों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
- इंदिरापुरम के गौर ग्रीन एवेन्यू में हुए अग्निकांड के बाद, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने जिलेभर में अग्नि सुरक्षा मानकों की जाँच के लिए एक विशेष अभियान तेज़ कर दिया है। जीडीए की प्रवर्तन टीमें समूह आवासीय सोसाइटियों, होटलों, बैंक्वेट हॉलों, अस्पतालों, कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का लगातार निरीक्षण कर रही हैं। इस अभियान के तहत, अब तक की जाँच में कुल 206 भवनों और प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा संबंधी गंभीर कमियाँ पाई गई हैं। इन मामलों में से 56 पर सीलिंग सहित अन्य प्रवर्तनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है, जबकि शेष मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। जीडीए ने रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) को भी निर्देश दिए हैं कि वे यह सुनिश्चित करें कि फायर अलार्म, स्प्रिंकलर सिस्टम, हाइड्रेंट और आपातकालीन निकास मार्ग पूरी तरह से कार्यशील रहें। साथ ही, अग्निशमन विभाग की क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से लगभग 100 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि अग्नि सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।1
- ज्येष्ठ माह के आखिरी बड़े मंगल के अवसर पर डिंपल यादव ने इटावा स्थित हनुमान मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का भी आयोजन किया। मंदिर में दर्शन करने के बाद डिंपल यादव ने स्वयं श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित कराया और भंडारे की व्यवस्था में सक्रिय रूप से भाग लिया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बड़े मंगल का दिन हनुमान भक्तों के लिए विशेष आस्था का माना जाता है, और इसी परंपरा के तहत उत्तर प्रदेश के कई शहरों में हनुमान मंदिरों में विशेष पूजा और जगह-जगह भंडारों का आयोजन किया जाता है। राजनीतिक परिप्रेक्ष्य से देखा जाए तो, विपक्षी दलों के नेता भी अब धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में सक्रिय भागीदारी दिखा रहे हैं। इस कदम को जनता के बीच अपनी उपस्थिति मजबूत करने और स्थानीय भावनाओं से सीधे जुड़ने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।1
- जनपद लखीमपुर खीरी में स्थित, भगवान भोलेनाथ की नगरी के रूप में विख्यात गोला गोकर्णनाथ में भगवान शिव के दर्शन किए गए।1
- गाजियाबाद में तहसील बार एसोसिएशन (पंजी.) ने उत्तर प्रदेश शासन के निबन्धन विभाग द्वारा जारी ई-पंजीयन संबंधी "हिटलर शाही आदेश" के विरोध में 12वें दिन भी धरना जारी रखा। यह आंदोलन निबन्धन विभाग के पत्रांक 2523/ई-पंजीकरण/शि0 दिनांक 04-06-2026 के तहत रजिस्ट्री का कार्य प्राइवेट एजेंसियों को सौंपे जाने के खिलाफ है। सदर तहसील परिसर, गाँधी नगर, गाजियाबाद में अध्यक्ष श्री अशोक कुमार वर्मा एड0 और सचिव श्री दीपक वार्ष्णेय एड0 के नेतृत्व में अधिवक्ता, बैनामा लेखक, स्टांप वेंडर, मुंशी और टाइपिस्ट साथी धरने पर बैठे हैं। एसोसिएशन ने अपने ज्ञापन में आरोप लगाया है कि यह नई व्यवस्था "टैक्स पेयर्स की गाढ़ी कमाई लूटने" और "शासकीय धन की लूट" के इरादे से लाई गई है। उनका कहना है कि इससे गाजियाबाद में हजारों और पूरे प्रदेश में लाखों अधिवक्ता, बैनामा लेखक, स्टांप वेंडर और मुंशी बेरोजगार हो जाएंगे। संगठन ने सरकार द्वारा करोड़ों रुपया प्राइवेट एजेंसियों को भुगतान करने की योजना को "सरासर भ्रष्टाचार" बताया। इससे पहले 18 जून 2026 को माननीय नेता प्रतिपक्ष श्री माता प्रसाद पाण्डेय जी को दिए गए ज्ञापन में भी इसी "हिटलर शाही आदेश" को वापस लेने और दोषियों पर कठोरतम कार्यवाही करने की मांग की गई थी। इस बीच, गाजियाबाद के मोदी नगर और लोनी सहित प्रदेश के कुल 45 जिलों में 11 जून से रजिस्ट्री कार्य और न्यायालय का बहिष्कार जारी है। तहसील बार एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इस "जनविरोधी आदेश" को शीघ्र वापस नहीं लिया, तो आंदोलन और भी उग्र रूप लेगा। इसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।4
- गाजियाबाद के डासना क्षेत्र में दिल्ली-मुरादाबाद हाईवे के निकट स्थित लगभग 250 बीघा सरकारी भूमि को जिला प्रशासन ने अवैध कब्जे से मुक्त करा लिया है। इस भूमि की अनुमानित कीमत करीब 250 करोड़ रुपये बताई जा रही है। जांच में सामने आया कि सरकारी जमीन पर फर्जी प्रविष्टियां कराकर अवैध रूप से कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा था। सोमवार को पुलिस और प्रशासन की एक संयुक्त टीम मौके पर पहुँची और मुनादी के ज़रिए लोगों को चेतावनी दी कि यह सरकारी भूमि है और इस पर किसी भी प्रकार का निर्माण, कब्जा या क्रय-विक्रय न किया जाए। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार के निर्देश पर, पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक एसआईटी (विशेष जांच दल) का गठन किया जाएगा, जिसमें चार अधिकारी स्तर के अधिकारियों सहित वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। यह एसआईटी इस बात की जांच करेगी कि सरकारी ज़मीन पर कब्ज़े की साज़िश किसने रची और इसमें किन लोगों की भूमिका रही। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा, साथ ही भूमि पर किए गए अवैध निर्माणों के खिलाफ भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- ब्रेकिंग न्यूज़ के अनुसार, नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के कई अन्य क्षेत्रों में तेज हवाएँ चल रही हैं।1
- लखनऊ में हुए एक दर्दनाक हादसे के मद्देनजर, गाजियाबाद के मोदीनगर प्रशासन और पुलिस ने पूरी सतर्कता बरतते हुए कदम उठाए हैं। इसी क्रम में, मोदीनगर क्षेत्र के कोचिंग सेंटरों में एक विशेष जांच अभियान चलाया गया है। इस अभियान के दौरान, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा मानकों, अग्निशमन उपकरणों, आपातकालीन निकास द्वारों, भवन की संरचना और विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं की गहनता से जांच की। अधिकारियों ने सभी संचालकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। जांच में जिन संस्थानों में कमियां पाई गईं, उन्हें तत्काल सुधार करने के आदेश दिए गए हैं। सहायक पुलिस आयुक्त मोदीनगर, भास्कर वर्मा ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के उद्देश्य से सभी कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण किया जा रहा है और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं। यह विशेष जांच अभियान लखनऊ हादसे के बाद मोदीनगर में सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच-पड़ताल के लिए चलाया जा रहा है।1
- लखनऊ में हुए एक दर्दनाक हादसे की एक और तस्वीर सामने आई है, जिसमें बच्चे अपनी जान बचाने की कोशिश करते हुए नज़र आए। इस भयावह घटना में कुल 15 बच्चों की जान चली गई, जिनकी आयु मात्र 19 से 21 साल के बीच थी।1