रीवा जिले की नगर परिषद गुढ़ में एक बड़ा राजनीतिक भूचाल आ गया है, जहाँ कई वरिष्ठ पार्षदों ने अध्यक्ष के कथित भ्रष्टाचार और तानाशाही के खिलाफ एकजुट होकर पीआईसी (पार्षद सूचना समिति) सदस्य पदों से सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। इस ऐतिहासिक बगावत ने स्थानीय प्रशासन को हिला दिया है और स्थानीय राजनीति में हड़कंप मच गया है। इन नाराज पार्षदों ने नगर परिषद अध्यक्ष पर मनमानी करने, कथित भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने और आर्थिक अनियमितताओं में संलिप्त रहने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर परिषद गुढ़ को एक औपचारिक पत्र सौंपकर स्पष्ट किया कि वे अध्यक्ष की कार्यप्रणाली और उनके अलोकतांत्रिक रवैये से असहमत हैं। त्यागपत्र में पार्षदों ने सीधे तौर पर अध्यक्ष को कटघरे में खड़ा करते हुए आरोप लगाया है कि परिषद में लगातार वित्तीय अनियमितताएं हो रही हैं और विकास कार्यों की आड़ में कथित भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है। पार्षदों ने बताया कि वे अध्यक्ष द्वारा अपनाए जा रहे मनमाने रवैये, कथित भ्रष्टाचार और आर्थिक अनियमितताओं से संबंधित कार्यप्रणाली से खुद को पूरी तरह अलग रखते हुए, ऐसी संदिग्ध गतिविधियों में किसी भी प्रकार की सहभागिता अथवा समर्थन से स्वयं को पूरी तरह पृथक रख रहे हैं। पीआईसी से इस्तीफा देने वाले पार्षदों ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वे जनता के प्रतिनिधि हैं और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग को मूकदर्शक बनकर नहीं देख सकते। उनका कहना है कि अध्यक्ष की इस कार्यप्रणाली से नगर का विकास पूरी तरह रुक गया है और सिर्फ चहेतों को लाभ पहुँचाया जा रहा है। इन गलत गतिविधियों का हिस्सा न बनने और अपनी साफ-सुथरी छवि बनाए रखने के लिए ही उन्होंने यह कड़ा कदम उठाया है। पार्षदों ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी से जनभावनाओं और परिषद के हितों को ध्यान में रखते हुए उनके सामूहिक त्यागपत्र को बिना किसी देरी के तत्काल स्वीकार करने का विनम्र निवेदन किया है। इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बाद अब सभी की निगाहें प्रशासन और मुख्य नगर पालिका अधिकारी के अगले कदम पर टिकी हैं, यह देखना दिलचस्प होगा कि गुढ़ नगर परिषद की राजनीति क्या नया मोड़ लेती है।
रीवा जिले की नगर परिषद गुढ़ में एक बड़ा राजनीतिक भूचाल आ गया है, जहाँ कई वरिष्ठ पार्षदों ने अध्यक्ष के कथित भ्रष्टाचार और तानाशाही के खिलाफ एकजुट होकर पीआईसी (पार्षद सूचना समिति) सदस्य पदों से सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। इस ऐतिहासिक बगावत ने स्थानीय प्रशासन को हिला दिया है और स्थानीय राजनीति में हड़कंप मच गया है। इन नाराज पार्षदों ने नगर परिषद अध्यक्ष पर मनमानी करने, कथित भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने और आर्थिक अनियमितताओं में संलिप्त रहने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर परिषद गुढ़ को एक औपचारिक पत्र सौंपकर स्पष्ट किया कि वे अध्यक्ष की कार्यप्रणाली और उनके अलोकतांत्रिक रवैये से असहमत हैं। त्यागपत्र में पार्षदों ने सीधे तौर पर अध्यक्ष को कटघरे में खड़ा करते हुए आरोप लगाया है कि परिषद में लगातार वित्तीय अनियमितताएं हो रही हैं और विकास कार्यों की आड़ में कथित भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है। पार्षदों ने बताया कि वे अध्यक्ष द्वारा अपनाए जा रहे मनमाने रवैये, कथित भ्रष्टाचार और आर्थिक अनियमितताओं से संबंधित कार्यप्रणाली से खुद को पूरी तरह अलग रखते हुए, ऐसी संदिग्ध गतिविधियों में किसी भी प्रकार की सहभागिता अथवा समर्थन से स्वयं को पूरी तरह पृथक रख रहे हैं। पीआईसी से इस्तीफा देने वाले पार्षदों ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वे जनता के प्रतिनिधि हैं और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग को मूकदर्शक बनकर नहीं देख सकते। उनका कहना है कि अध्यक्ष की इस कार्यप्रणाली से नगर का विकास पूरी तरह रुक गया है और सिर्फ चहेतों को लाभ पहुँचाया जा रहा है। इन गलत गतिविधियों का हिस्सा न बनने और अपनी साफ-सुथरी छवि बनाए रखने के लिए ही उन्होंने यह कड़ा कदम उठाया है। पार्षदों ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी से जनभावनाओं और परिषद के हितों को ध्यान में रखते हुए उनके सामूहिक त्यागपत्र को बिना किसी देरी के तत्काल स्वीकार करने का विनम्र निवेदन किया है। इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बाद अब सभी की निगाहें प्रशासन और मुख्य नगर पालिका अधिकारी के अगले कदम पर टिकी हैं, यह देखना दिलचस्प होगा कि गुढ़ नगर परिषद की राजनीति क्या नया मोड़ लेती है।
- welden1
- रीवा पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर की जा रही विवादित पोस्टों पर पैनी नजर रख रही है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री पर तत्काल ध्यान दिया जाए।1
- सतना जिले के नयागाँव में जन्मे दीपक त्रिपाठी आज विंध्य क्षेत्र में जनसेवा और समर्पण की एक बेमिसाल मिसाल बन चुके हैं। वे गौ सेवा को अपना परम धर्म मानते हैं और अपने कार्यों से समाज को एक नई दिशा दिखा रहे हैं। पुरुषोत्तम मास में गैवीनाथ धाम पहुँचने वाले श्रद्धालुओं के लिए वे लगातार महाप्रसाद वितरित करते हैं, और उनका यह सेवा कार्य साल भर जारी रहता है। दीपक त्रिपाठी के निस्वार्थ भाव से किए गए सेवा कार्यों की एक लंबी सूची है। कोविड काल के दौरान उन्होंने प्रतिदिन 500 लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की थी। इसके साथ ही, उन्होंने 72 कन्याओं के विवाह में दहेज की पूरी सामग्री उपहार स्वरूप प्रदान की और चित्रकूट के जंगलों में बंदरों के लिए रोजाना भोजन का प्रबंध करते हैं। उनकी दिनचर्या में हर दिन तीन घंटे की पूजा के बाद समाज सेवा के लिए निकलना शामिल है। वे आदिवासी बस्तियों में कंबल, छाता और पन्नी वितरित कर जरूरतमंदों का सहारा बनते हैं। धार्मिक स्थलों पर मंदिर निर्माण, बोरवेल लगाने और शहीद स्मारकों में सहयोग देकर उन्होंने यह साबित किया है कि धन का सही उपयोग केवल जन-कल्याण में ही है। आज उनके साथी रोहित पाण्डेय “सेलौरा” के जन्मदिन के अवसर पर भी उनकी जनसेवा की यह धारा लगातार बह रही है। निस्संदेह, दीपक त्रिपाठी की सेवा योजनाएँ भविष्य में इस क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव लाएंगी। विंध्यवासी उन्हें अपना भरपूर आशीर्वाद और प्यार दें ताकि वे ऐसे ही नेक काम करते रहें। जय गैवीनाथ!2
- सतना जिले के तिकुरिया टोला बायपास मैहर रोड पर एक बड़ा सड़क हादसा हुआ है, जहाँ बस और मोटरसाइकिल की भिड़ंत में रामपुर बघेलान थाना अंतर्गत चकदही निवासी दो सगे भाई, विनय यादव (उम्र 26 वर्ष) और विवेक यादव (उम्र 28 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई। इस दुर्घटना में उनकी बहन बंदना यादव की स्थिति नाजुक बनी हुई है। परिजनों ने बताया कि पोस्टमार्टम कराने के लिए जिला अस्पताल पहुंचने के बावजूद, जिला प्रशासन का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इसी बात से नाराज होकर समस्त परिजनों ने सेमरिया चौराहा बस स्टैंड पर चक्का जाम कर दिया।1
- सतना शहर में दिनदहाड़े चेन स्नेचिंग की एक वारदात सामने आई है, जिसमें मीरा गुप्ता नाम की महिला को निशाना बनाया गया। यह घटना तब हुई जब महिला बाजार से अपने घर लौट रही थी। एक बाइक सवार नकाबपोश बदमाश ने इस वारदात को अंजाम दिया और घटना के बाद मौके से फरार हो गया। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिससे शहर में सनसनी फैल गई है।1