उन्नाव के बिठूर-परियर मार्ग पर महीनों से चल रहा निर्माणाधीन पुलिया का कार्य लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। सावन और कांवड़ यात्रा की तैयारियों के बीच, बरसात के कारण पुलिया के पास बने वैकल्पिक मार्ग पर भारी जलभराव हो गया है। इस कीचड़ और फिसलन भरी सड़क के चलते आए दिन वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं, जिससे स्थानीय निवासी, स्कूली बच्चे और मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बाबा बलखंडेश्वर महादेव विकास सेवा समिति के अध्यक्ष रविशंकर मिश्रा ने मुख्य विकास अधिकारी से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने पुलिया निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराने और इसे शीघ्र पूरा करने का आग्रह किया है ताकि कांवड़ यात्रियों को सुरक्षित रास्ता मिल सके। वहीं, स्थानीय निवासी दिलीप, शिवम, प्रदीप, सौरभ, अनिल और अन्य ग्रामीणों ने करीब एक करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना में घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का दावा है कि निर्माण स्थल पर कोई सूचना बोर्ड नहीं लगाया गया है और पीडब्ल्यूडी विभाग व ठेकेदार की मिलीभगत से मानकों की अनदेखी की जा रही है। यह मार्ग उन्नाव, कानपुर, बिठूर, लखनऊ और हरदोई जैसे कई जिलों को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है, जहाँ से हर दिन सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। स्थानीय लोगों ने चेताया है कि सावन के दौरान इस रास्ते से लाखों कांवड़िये गुजरेंगे और यदि समय रहते कार्य पूरा नहीं हुआ, तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता सुबोध कुमार ने आश्वासन दिया है कि पुलिया का निर्माण कार्य प्रगति पर है और एक सप्ताह के भीतर आवागमन शुरू कर दिया जाएगा।
उन्नाव के बिठूर-परियर मार्ग पर महीनों से चल रहा निर्माणाधीन पुलिया का कार्य लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। सावन और कांवड़ यात्रा की तैयारियों के बीच, बरसात के कारण पुलिया के पास बने वैकल्पिक मार्ग पर भारी जलभराव हो गया है। इस कीचड़ और फिसलन भरी सड़क के चलते आए दिन वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं, जिससे स्थानीय निवासी, स्कूली बच्चे और मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बाबा बलखंडेश्वर महादेव विकास सेवा समिति के अध्यक्ष रविशंकर मिश्रा ने मुख्य विकास अधिकारी से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने पुलिया निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराने और इसे शीघ्र पूरा करने का आग्रह किया है ताकि कांवड़ यात्रियों को सुरक्षित रास्ता मिल सके। वहीं, स्थानीय निवासी दिलीप, शिवम, प्रदीप, सौरभ, अनिल और अन्य ग्रामीणों ने करीब एक करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना में घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का दावा है कि निर्माण स्थल पर कोई सूचना बोर्ड नहीं लगाया गया है और पीडब्ल्यूडी विभाग व ठेकेदार की मिलीभगत से मानकों की अनदेखी की जा रही है। यह मार्ग उन्नाव, कानपुर, बिठूर, लखनऊ और हरदोई जैसे कई जिलों को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है, जहाँ से हर दिन सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। स्थानीय लोगों ने चेताया है कि सावन के दौरान इस रास्ते से लाखों कांवड़िये गुजरेंगे और यदि समय रहते कार्य पूरा नहीं हुआ, तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता सुबोध कुमार ने आश्वासन दिया है कि पुलिया का निर्माण कार्य प्रगति पर है और एक सप्ताह के भीतर आवागमन शुरू कर दिया जाएगा।
- उन्नाव में साइबर अपराधियों के संगठित नेटवर्क के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इसका पर्दाफाश किया है। साइबर क्राइम थाना, सर्विलांस टीम और कोतवाली सदर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 6 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके पास से साइबर अपराध में इस्तेमाल किए जा रहे 9 स्मार्टफोन भी बरामद किए हैं। पुलिस जांच में यह बड़ा खुलासा हुआ है कि ये आरोपी संदिग्ध बैंक खातों, चेक और एटीएम के जरिए साइबर ठगी की रकम निकालते थे और फिर उसे कमीशन के आधार पर आपस में बांट लेते थे। इस मामले में कार्रवाई करते हुए करीब 1 लाख रुपये फ्रीज करा दिए गए हैं, जबकि अन्य संदिग्ध बैंक खातों की जांच अभी भी जारी है। उन्नाव पुलिस ने साफ किया है कि साइबर अपराधियों के इस पूरे नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए उनका यह अभियान लगातार जारी रहेगा।1
- उन्नाव के बांगरमऊ स्थित हफीजाबाद में शुक्रवार को गविष्ठि (गो-रक्षार्थ धर्मयुद्ध) यात्रा के अंतर्गत जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती '1008' जी महाराज का ऐतिहासिक स्वागत किया गया। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से शुरू हुआ यह स्वागत कार्यक्रम सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ बाबा बलखण्डेश्वर (परशुराम) मंदिर परिसर तक पहुँचा, जहाँ हजारों श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा और जयघोष के साथ उनका अभिनंदन किया। कार्यक्रम के दौरान संपूर्ण वातावरण भक्तिमय रहा। मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पादुका पूजन के साथ मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के आयोजक डॉ. शशांक शेखर शुक्ला और संयोजक आचार्य पं. ऋषिकांत मिश्रा शास्त्री ने पादुकाओं का पूजन कर आशीर्वाद लिया। मंच का संचालन ऋषि वैभव प्रबल जी ने किया, जबकि सुनील द्विवेदी जी ने गविष्ठि यात्रा के उद्देश्यों और गौसंरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर अपने प्रवचन में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती जी महाराज ने गौमाता को भारतीय संस्कृति और राष्ट्रजीवन की आधारशिला बताया। उन्होंने हिंदू समाज से गौसेवा को जीवन का दायित्व बनाने और गौ-रक्षा को जनआंदोलन का रूप देने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने यह स्पष्ट संदेश दिया कि अब गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने का समय आ गया है।4
- कानपुर नगर में खबरों और विज्ञापन के लिए मोबाइल नंबर 7309027016 पर संपर्क किया जा सकता है।1
- छोटे बच्चों को कलर्स (रंगों) की पहचान कराना सिखाने और उनके लिए मजेदार कलर रिकग्निशन एक्टिविटीज के तरीकों के बारे में चर्चा की गई है। इसमें बच्चों को आसानी से रंग सिखाने के उपायों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।1
- उन्नाव के औरास थाना क्षेत्र में सक्रिय मोबाइल झपटमारों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीन शातिर बदमाशों को धर-दबोचा है। पुलिस ने मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर माखनखेड़ा चौराहे के पास से इन तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनके कब्जे से वारदात में छीने गए दो मोबाइल फोन और लूट की घटना में इस्तेमाल की गई डिस्कवर मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए इन आरोपियों ने बीते 8 जुलाई की शाम को नंदौली पुलिया के पास एक बाइक सवार युवक से मोबाइल झपट लिया था। इस वारदात को अंजाम देने वाले तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद अब औरास पुलिस द्वारा उन्हें न्यायालय में पेश किया जा रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक कांवड़िए ने इंस्पेक्टर को सरेआम धमकी देते हुए कहा, "ज्यादा वर्दी का गुरूर हो तो बता दो अभी, 5 मिनट में उतरवा दूंगा।" यह विवाद तब शुरू हुआ जब कुछ कांवड़िये डीजे (DJ) के ऊपर चढ़े हुए थे और इंस्पेक्टर ने उन्हें नीचे उतरने के लिए कहा था। इस बात पर कांवड़िए भड़क गए और इंस्पेक्टर को ही धमकी दे डाली, जिसके बाद इंस्पेक्टर वहां बेसहारा खड़े नजर आए। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जल्द ही कांवड़ यात्रा शुरू होने वाली है।1