70 साल का वनवास खत्म, योगी सरकार ने विस्थापित किसानों को दिया जमीन का मालिकाना हक, मंजीत सिंह ने जताया आभार पीलीभीत (सबलू खान) दशकों से अपनी ही जमीन पर पराए बनकर रह रहे हजारों किसानों के लिए योगी कैबिनेट का ताजा फैसला दिवाली से कम नहीं है।पाकिस्तान और अन्य स्थानों से विस्थापित होकर आए किसानों के साथ साथ पूर्वांचल से आकर तराई में बसे किसानों को भूमि का मालिकाना हक देने के ऐतिहासिक निर्णय पर भाजपा नेता व जिला पंचायत सदस्य मंजीत सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जोरदार आभार प्रकट किया है। मंजीत सिंह ने तीखे शब्दों में कहा कि आजादी के बाद से ही पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, रामपुर और बिजनौर जैसे जिलों में बसे विस्थापित किसानों को पिछली सरकारों ने सिर्फ वोट बैंक समझा। किसी ने भी इनके बुनियादी हक की सुध नहीं ली।सिंह ने बताया कि वह पिछले 20 वर्षों से इस मुद्दे को लेकर सड़कों से लेकर राजभवन तक संघर्ष कर रहे थे। उन्होंने कई बार मुख्यमंत्री और राज्यपाल के समक्ष इस पीड़ा को रखा, जिसे अब जाकर योगी सरकार ने कानून बनाकर न्याय में बदला है। अब किसान बनेगा अपनी जमीन का असली मालिक कैबिनेट के इस फैसले से पीलीभीत के ट्रांस शारदा और लखीमपुर के पलिया क्षेत्र के किसानों को सबसे बड़ी राहत मिली है। अब तक मालिकाना हक न होने के कारण ये किसान अपनी ही जमीन पर बंधुआ जैसी स्थिति में थे। भाजपा नेता ने कहा कि इस ऐतिहासिक बदलाव के बाद अब किसान अपनी जमीन पर सरकारी बैंकों से कर्ज ले सकेंगे। न्यायालयों में जमानत के लिए अपनी भूमि के कागजात लगा सकेंगे। सहकारी समितियों से सुगमता से खाद और बीज प्राप्त कर सकेंगे।गन्ना किसान अब अपना गन्ना सट्टा बनवाकर सीधे चीनी मिलों को आपूर्ति कर सकेंगे। मंजीत सिंह ने स्पष्ट किया कि जो काम 70 सालों में नहीं हो सका, उसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दृढ़ इच्छाशक्ति ने मुमकिन कर दिखाया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला उन विस्थापित किसानों के सम्मान की बहाली है, जिन्होंने अपनी मेहनत से तराई की बंजर जमीन को सोना बनाया था, लेकिन कागजों में उनका कोई वजूद नहीं था। इस फैसले से क्षेत्र के हजारों परिवारों में हर्ष की लहर है।
70 साल का वनवास खत्म, योगी सरकार ने विस्थापित किसानों को दिया जमीन का मालिकाना हक, मंजीत सिंह ने जताया आभार पीलीभीत (सबलू खान) दशकों से अपनी ही जमीन पर पराए बनकर रह रहे हजारों किसानों के लिए योगी कैबिनेट का ताजा फैसला दिवाली से कम नहीं है।पाकिस्तान और अन्य स्थानों से विस्थापित होकर आए किसानों के साथ साथ पूर्वांचल से आकर तराई में बसे किसानों को भूमि का मालिकाना हक देने के ऐतिहासिक निर्णय पर भाजपा नेता व जिला पंचायत सदस्य मंजीत सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जोरदार आभार प्रकट किया है। मंजीत सिंह ने तीखे शब्दों में कहा कि आजादी के बाद से ही पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, रामपुर और बिजनौर जैसे जिलों में बसे विस्थापित किसानों को पिछली सरकारों ने सिर्फ वोट बैंक समझा। किसी ने भी इनके बुनियादी हक की सुध नहीं ली।सिंह ने बताया कि वह पिछले 20 वर्षों से इस मुद्दे को लेकर सड़कों से लेकर राजभवन तक संघर्ष कर रहे थे। उन्होंने कई बार मुख्यमंत्री और राज्यपाल के समक्ष इस पीड़ा को रखा, जिसे अब जाकर योगी सरकार ने कानून बनाकर न्याय में बदला है। अब किसान बनेगा अपनी जमीन का असली मालिक कैबिनेट के इस फैसले से पीलीभीत के ट्रांस शारदा और लखीमपुर के पलिया क्षेत्र के किसानों को सबसे बड़ी राहत मिली है। अब तक मालिकाना हक न होने के कारण ये किसान अपनी ही जमीन पर बंधुआ जैसी स्थिति में थे। भाजपा नेता ने कहा कि इस ऐतिहासिक बदलाव के बाद अब किसान अपनी जमीन पर सरकारी बैंकों से कर्ज ले सकेंगे। न्यायालयों में जमानत के लिए अपनी भूमि के कागजात लगा सकेंगे। सहकारी समितियों से सुगमता से खाद और बीज प्राप्त कर सकेंगे।गन्ना किसान अब अपना गन्ना सट्टा बनवाकर सीधे चीनी मिलों को आपूर्ति कर सकेंगे। मंजीत सिंह ने स्पष्ट किया कि जो काम 70 सालों में नहीं हो सका, उसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दृढ़ इच्छाशक्ति ने मुमकिन कर दिखाया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला उन विस्थापित किसानों के सम्मान की बहाली है, जिन्होंने अपनी मेहनत से तराई की बंजर जमीन को सोना बनाया था, लेकिन कागजों में उनका कोई वजूद नहीं था। इस फैसले से क्षेत्र के हजारों परिवारों में हर्ष की लहर है।
- वायरल वीडियो उत्तर प्रदेश के मेरठ का बताया जा रहा आज सुबह एक दुखद सड़क हादसा हुआ। सुबह करीब 7 बजे काली नदी के पास 35 स्कूली बच्चों से भरी एक बस अचानक सड़क किनारे पलट गई। इस हादसे में 10 से अधिक बच्चे घायल हुए हैं। स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुँचकर राहत कार्य शुरू किया और बच्चों को बस से बाहर निकाला।1
- थाना पूरनपुर क्षेत्र में जिलाधिकारी महोदय के CUG नंबर पर कॉल कर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए धमकी देने व अभियुक्त की गिरफ्तारी व अन्य कृत कार्यवाही के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी पूरनपुर की बाइट👇🏻1
- जिलाधिकारी ने पूरनपुर मण्डी में स्थापित गेहूं क्रय केन्द्रों का किया औचक निरीक्षण। पीलीभीत सूचना विभाग 07 अप्रैल 2026/ ज1
- किसान नेता की गिरफ्तारी को लेकर किसान संगठनों का हंगामा। पूरनपुर। अन्नदाता किसान यूनियन के प्रदेश सचिव बलजिंदर सिंह की गिरफ्तारी को लेकर मंगलवार शाम 6 बजे को कोतवाली गेट पर किसान संगठनों ने जमकर हंगामा किया। जानकारी के अनुसार बलजिंदर सिंह ने जिलाधिकारी से फोन पर वार्ता के दौरान मंडी में घेरकर पीटने की बात कही थी। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन हरकत में आया और मंगलवार शाम करीब चार बजे कोतवाली पूरनपुर में किसान नेता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें मंडी से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के दौरान घुघचिहाई, माधोटांडा और पूरनपुर कोतवाली की भारी पुलिस बल तैनात रहा। वहीं किसान नेता की गिरफ्तारी की वीडियो बनाने वाले घाटमपुर निवासी किसान आकाशदीप को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी से पहले बलजिंदर सिंह ने एक वीडियो जारी कर जिलाधिकारी से माफी भी मांगी थी। माफी के करीब एक घंटे बाद ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी। गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही विभिन्न किसान संगठनों के पदाधिकारी कोतवाली पहुंचे और कार्रवाई पर सवाल उठाए। किसानों का आरोप है कि मंडी में फसल भीगने से नुकसान हो रहा है, ऐसे में गुस्सा स्वाभाविक है। माफी के बाद भी कार्रवाई से नाराज किसानों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ कोतवाली गेट पर विरोध प्रदर्शन किया।1
- Post by Pankaj gupta1
- पीलीभीत। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में जिलाधिकारी (DM) को फोन पर धमकी देने का हाई-प्रोफाइल मामला अब एक नए मोड़ पर आ गया है। जिलाधिकारी के सीयूजी (CUG) नंबर पर कॉल कर अभद्र भाषा का प्रयोग करने और 'घेरकर पीटने' की धमकी देने वाले किसान नेता बलजिंदर सिंह ने मंगलवार को अपने कृत्य पर खेद जताते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली है। क्या था पूरा मामला? अन्नदाता किसान यूनियन के प्रदेश सचिव बलजिंदर सिंह ने हाल ही में जिलाधिकारी के सरकारी नंबर पर कॉल किया था। उस समय फोन जिलाधिकारी के पीए (PA) के पास था। मंडियों में किसानों की समस्याओं को लेकर बातचीत के दौरान बलजिंदर सिंह इस कदर आक्रोशित हो गए कि उन्होंने जिलाधिकारी के खिलाफ बेहद तल्ख और अमर्यादित टिप्पणी कर दी। उन्होंने आवेश में यहाँ तक कह दिया था कि वे जिलाधिकारी को घेरकर पीटेंगे। इस बातचीत का ऑडियो वायरल होने के बाद जिले के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया था और किसान नेता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तलवार लटकने लगी थी। वीडियो जारी कर दी सफाई: "आपा खो बैठा था" मंगलवार को सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में बलजिंदर सिंह के तेवर पूरी तरह बदले हुए नजर आए। उन्होंने अपने शब्दों को वापस लेते हुए घटना के पीछे की वजह बताई: भावुकता और गुस्सा: किसान नेता ने कहा कि उनके पिता पिछले 7 दिनों से मंडी में गेहूं की फसल लेकर खड़े थे, लेकिन उनकी तौल नहीं हो पा रही थी। किसानों की बदहाली: मंडियों में किसानों की दुर्दशा देखकर वह अपना आपा खो बैठे और गुस्से में गलत शब्दों का प्रयोग कर दिया। कार्यशैली की प्रशंसा: माफी मांगते हुए उन्होंने डीएम ज्ञानेंद्र सिंह की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, "जिलाधिकारी एक अच्छे और बेहद शालीन अधिकारी हैं, जो हमेशा लोगों से सभ्यता से बात करते हैं।" "मैंने जो भी कहा वह गुस्से और भावावेश में कहा था। मैं अपने शब्दों को वापस लेता हूँ और भविष्य में ऐसी गलती न दोहराने का वचन देता हूँ।" — बलजिंदर सिंह, किसान नेता प्रशासनिक रुख फिलहाल, किसान नेता की इस सार्वजनिक माफी के बाद प्रशासन के रुख में क्या बदलाव आता है, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं। जहाँ एक तरफ किसानों की समस्याओं को लेकर आक्रोश व्याप्त है, वहीं संवैधानिक पदों पर बैठे अधिकारियों के प्रति ऐसी भाषा को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। मुख्य बिंदु: मामला: डीएम पीलीभीत को फोन पर धमकी देने का। आरोपी: बलजिंदर सिंह (प्रदेश सचिव, अन्नदाता किसान यूनियन)। ताजा अपडेट: वीडियो जारी कर डीएम की प्रशंसा की और माफी मांगी।1
- पीलीभीत।पूरनपुर में किसान संगठनों का हंगामा किसान नेता बलजिंदर सिंह की गिरफ्तारी के विरोध में कोतवाली गेट पर किसानों का जोरदार प्रदर्शन मंडी में फसल भीगने से नाराज थे किसान डीएम से फोन पर विवाद के बाद दर्ज हुआ मुकदमा माफी मांगने के बाद भी हुई गिरफ्तारी कई थानों की पुलिस रही तैनात1
- आज दिनांक 06.04.2026 को दिल्ली असेंबली में सुरक्षा के उल्लंघन की सूचना के संबंध में श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय पीलीभीत की प्रेस बाइट।👇🏻1