अनूपपुर के कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित नर्मदा सभागार में सोमवार को कलेक्टर हर्षल पंचोली ने विभिन्न निर्माण विभागों के कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इस बैठक में शासकीय कार्यप्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता, गतिशीलता और उच्च दक्षता लाने के उद्देश्य से तैयार किए गए एकीकृत वर्क मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री को निर्देश दिए कि वे जिले के समस्त अधोसंरचनात्मक निर्माण कार्यों की जानकारी संबंधित विभागों से समन्वय कर इस पोर्टल पर हर 15 दिन में अनिवार्य रूप से दर्ज कराएं। पोर्टल पर कार्यों के वर्तमान स्थिति, वित्तीय व्यय, जमीन संबंधी विवाद, कमिटमेंट एंट्री के साथ समय और स्थान के स्टाम्प वाली लाइव फोटो अपलोड की जाएगी, ताकि विकास कार्यों की वास्तविक समय में निगरानी सुनिश्चित हो सके। कलेक्टर पंचोली ने शासन की योजना के अंतर्गत ग्रामों में संचालित निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने और प्रतिदिन की प्रगति की समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने जिला खनिज प्रतिष्ठान मद से स्वीकृत कार्यों की प्रशासनिक प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा करने का आदेश दिया। जिले की महत्वपूर्ण अधोसंरचनाओं का उल्लेख करते हुए, उन्होंने अनूपपुर बायपास मार्ग को प्रमुख विकास कार्यों में से एक बताया और इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समय-सीमा में पूर्ण कराने पर बल दिया। कलेक्टर ने चेतावनी दी कि शासकीय कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी अधिकारी पूरी गंभीरता से अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने वाले इस वर्क मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल का मुख्य उद्देश्य लोक निर्माण विभाग (भवन), ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, म.प्र. सड़क विकास प्राधिकरण, जनजातीय कार्य, जल संसाधन, सर्व शिक्षा अभियान, विद्युत तथा स्वास्थ्य विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभागों की परियोजनाओं को गति देना है। यह पोर्टल न केवल समय और वित्तीय संसाधनों की फिजूलखर्ची को रोकेगा, बल्कि पेपरलेस व्यवस्था के माध्यम से अंतरविभागीय समन्वय को मजबूत कर जन-कल्याणकारी योजनाओं को बिना किसी प्रशासनिक देरी के समय पर पूरा करेगा। कलेक्टर ने यह भी निर्देशित किया कि कार्य पूर्ण होने के उपरांत स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में गरिमामय लोकार्पण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएं। इस बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अर्चना कुमारी सहित विभिन्न निर्माण विभागों के कार्यपालन यंत्री और नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी उपस्थित थे।
अनूपपुर के कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित नर्मदा सभागार में सोमवार को कलेक्टर हर्षल पंचोली ने विभिन्न निर्माण विभागों के कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इस बैठक में शासकीय कार्यप्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता, गतिशीलता और उच्च दक्षता लाने के उद्देश्य से तैयार किए गए एकीकृत वर्क मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री को निर्देश दिए कि वे जिले के समस्त अधोसंरचनात्मक निर्माण कार्यों की जानकारी संबंधित विभागों से समन्वय कर इस पोर्टल पर हर 15 दिन में अनिवार्य रूप से दर्ज कराएं। पोर्टल पर कार्यों के वर्तमान स्थिति, वित्तीय व्यय, जमीन संबंधी विवाद, कमिटमेंट एंट्री के साथ समय और स्थान के स्टाम्प वाली लाइव फोटो अपलोड की जाएगी, ताकि विकास कार्यों की वास्तविक समय में निगरानी सुनिश्चित हो सके। कलेक्टर पंचोली ने शासन की योजना के अंतर्गत ग्रामों में संचालित निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने और प्रतिदिन की प्रगति की समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने जिला खनिज प्रतिष्ठान मद से स्वीकृत कार्यों की प्रशासनिक प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा करने का आदेश दिया। जिले की महत्वपूर्ण अधोसंरचनाओं का उल्लेख करते हुए, उन्होंने अनूपपुर बायपास मार्ग को प्रमुख विकास कार्यों में से एक बताया और इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समय-सीमा में पूर्ण कराने पर बल दिया। कलेक्टर ने चेतावनी दी कि शासकीय कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी अधिकारी पूरी गंभीरता से अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने वाले इस वर्क मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल का मुख्य उद्देश्य लोक निर्माण विभाग (भवन), ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, म.प्र. सड़क विकास प्राधिकरण, जनजातीय कार्य, जल संसाधन, सर्व शिक्षा अभियान, विद्युत तथा स्वास्थ्य विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभागों की परियोजनाओं को गति देना है। यह पोर्टल न केवल समय और वित्तीय संसाधनों की फिजूलखर्ची को रोकेगा, बल्कि पेपरलेस व्यवस्था के माध्यम से अंतरविभागीय समन्वय को मजबूत कर जन-कल्याणकारी योजनाओं को बिना किसी प्रशासनिक देरी के समय पर पूरा करेगा। कलेक्टर ने यह भी निर्देशित किया कि कार्य पूर्ण होने के उपरांत स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में गरिमामय लोकार्पण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएं। इस बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अर्चना कुमारी सहित विभिन्न निर्माण विभागों के कार्यपालन यंत्री और नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी उपस्थित थे।
- अनूपपुर जिले में सर्पदंश की घटनाओं ने दो लोगों की जान ले ली, जबकि एक महिला का इलाज जारी है। जिला चिकित्सालय अनूपपुर में उपचार के दौरान एक नवविवाहिता की मौत हो गई। शहडोल जिले के बुढार थाना अंतर्गत सरईकापा गांव निवासी 24 वर्षीय सरिता पति अवधेश चौधरी को सोमवार रात घर के पीछे बाड़ी में किसी अज्ञात जहरीले सांप ने जांघ के पास डस लिया था। सांप के नहीं मिलने और सरिता की हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे निजी वाहन से देर रात जिला चिकित्सालय अनूपपुर में भर्ती कराया, जहाँ उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। ड्यूटी डॉक्टर हिमांशु पांडेय ने घटना की जानकारी अस्पताल पुलिस को दी। मंगलवार सुबह जिला अस्पताल पुलिस के प्रधान आरक्षक कमलेश प्रसाद ने मृतका नवविवाहिता होने के कारण कार्यपालक दण्डाधिकारी/तहसीलदार अनूपपुर वेद प्रकाश सिंह की उपस्थिति में शव का पंचनामा किया। परिवार की महिलाओं द्वारा महिला के शव का अंदरुनी परीक्षण कराकर, ड्यूटी डॉक्टर से पोस्टमॉर्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। संबंधित थाना को घटना की जानकारी देते हुए अग्रिम जांच करने की बात कही गई है। इसी क्रम में, भालूमाडा थाना अंतर्गत पयारी क्रमांक एक निवासी 27 वर्षीय रविशंकर पिता स्व. मनोहर चौधरी की दो दिन पूर्व घर में सोते समय एक अत्यंत जहरीले करैत सर्प के काटने से मृत्यु हो गई थी। गंभीर स्थिति में उन्हें कोतमा चिकित्सालय ले जाया गया था, जहाँ उन्होंने दम तोड़ दिया। कोतमा पुलिस द्वारा कार्यवाही के बाद शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया था। परिजनों एवं रिश्तेदारों के एकत्रित होने तथा रात में रुकने के दौरान, रविशंकर की 48 वर्षीय मां इंद्रवती चौधरी पति स्व. मनोहर चौधरी को भी देर रात करैत सर्प ने दाएं हाथ की बीच की उंगली में काट लिया। परिजनों ने हो-हल्ला सुनकर सांप को मारकर इंद्रवती को उपचार के लिए फुनगा अस्पताल से जिला चिकित्सालय अनूपपुर में भर्ती कराया है, जहाँ चिकित्सकों ने उनकी हालत खतरे से बाहर बताई है और वर्तमान में उनका उपचार जारी है।1
- शहडोल कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित सोन सभागार में साप्ताहिक जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस दौरान कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने जिले के विभिन्न दूरस्थ क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याओं और शिकायतों को गंभीरता से सुना, और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। जनसुनवाई में कई महत्वपूर्ण आवेदन प्राप्त हुए। शहडोल जिले के वार्ड नम्बर 15, बुढार निवासी ईशिका राजपूत ने टीसी (स्थानांतरण प्रमाण पत्र) प्रदाय करवाने का अनुरोध किया, वहीं ग्राम बरेली निवासी महेश प्रसाद गुप्ता ने पीएम स्वनिधि योजना का लाभ दिलाने की मांग रखी। इसके अतिरिक्त, ग्राम खैरहा निवासी हुजुरूददीन ने अपने घर में बोरिंग कराने के लिए अनुमति प्रदान करने का आवेदन दिया, और ग्राम कटकोना निवासी राम स्वरूप बैगा ने विद्युत कनेक्शन लगवाने संबंधी शिकायत दर्ज कराई। कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने सभी प्राप्त आवेदनों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को तुरंत प्रेषित किया। उन्होंने अधिकारियों को शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। इस जनसुनवाई में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शिवम प्रजापति के साथ-साथ विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।1
- शहडोल के वार्ड क्रमांक 11 से बीते दिनों लापता हुए रमेश शराफ की गुमशुदगी की रिपोर्ट कोतवाली थाने में दर्ज कराई गई थी। इसी बीच, पुलिस को मुडना नदी में एक अज्ञात व्यक्ति का शव तैरता हुआ मिला। शव की शिनाख्त न होने पर पुलिस ने उसे दफना दिया, लेकिन परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने शव को 24 घंटे भी सुरक्षा में नहीं रखा और न ही पहले उसकी सही शिनाख्त करवाई। जब मृत व्यक्ति की पहचान महेश शराफ के रूप में हुई, तो परिजनों ने उसकी शिनाख्त की। इसके बाद, कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को लगभग 4:00 बजे जमीन में दफनाए गए शव को निकलवाकर परिजनों को सुपुर्द किया।1
- कोरिया जिले के वन क्षेत्रों में पेड़ों की कटाई का सिलसिला इन दिनों जोरों पर है। एक खास रिपोर्ट के अनुसार, जिले के जंगलों में यह गतिविधि बड़े पैमाने पर चल रही है।1
- एक अज्ञात और असहाय महिला गंभीर हालत में मिली है, जिसे तत्काल सहायता और उचित देखभाल की सख्त आवश्यकता है। इस घटना ने मानवता को शर्मसार किया है। युवा शक्ति ने इस बेसहारा महिला को शुरुआती सहारा दिया है, लेकिन अब उसे आगे सहयोग की दरकार है। सभी सम्माननीय पत्रकार बंधुओं और जनप्रतिनिधियों से विनम्र निवेदन किया गया है कि वे इस मानवीय मामले को गंभीरता से लें, संबंधित विभागों तक बात पहुँचाने में मदद करें और आवश्यक सहयोग प्रदान करें। यह छोटा-सा सहयोग एक जरूरतमंद महिला के जीवन में नई उम्मीद जगा सकता है, क्योंकि मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं है।1
- शहडोल जिले में 16 जून 2026 को कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित सोन सभागार में साप्ताहिक जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस दौरान कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने जिले के विभिन्न दूरस्थ क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की समस्याओं और शिकायतों को गंभीरता से सुना। जनसुनवाई में कई नागरिकों ने अपनी अर्जियां प्रस्तुत कीं। इनमें वार्ड नम्बर 15 बुढार निवासी ईशिका राजपूत ने टीसी प्रदाय करवाने, ग्राम बरेली निवासी महेश प्रसाद गुप्ता ने पीएम स्वनिधि योजना का लाभ दिलाने, ग्राम खैरहा निवासी हुजुरूददीन ने घर में बोरिंग कराने हेतु अनुमति प्रदान करने, और ग्राम कटकोना निवासी राम स्वरूप बैगा ने विद्युत कनेक्शन लगवाने संबंधी आवेदन दिए। कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने सभी प्राप्त आवेदनों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को तुरंत भेजते हुए शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस जनसुनवाई में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।1
- मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में मंगलवार को सर्पदंश की तीन घटनाओं ने दो लोगों की जान ले ली, जबकि एक महिला गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। जहरीले सांप के काटने से उपचार के दौरान एक नवविवाहिता और एक युवक की मृत्यु हो गई। वहीं, एक अन्य घटना में युवक की मां को सांप ने काट लिया, जिनका उपचार चल रहा है और उनकी हालत चिकित्सकों द्वारा खतरे से बाहर बताई गई है। जानकारी के अनुसार, शहडोल जिले के बुढार थाना क्षेत्र के सरईकापा गांव में सोमवार रात 24 वर्षीय सरिता पति अवधेश चौधरी अपने मायके में घर के पीछे बाड़ी में गई थीं, तभी एक अज्ञात अत्यंत जहरीले सांप ने उनके जांघ के पास डंस दिया। उनकी तेज आवाज सुनकर परिजन बाहर निकले और सांप की तलाश की, लेकिन वह नहीं मिला। सरिता की हालत बिगड़ती देख उन्हें जिला चिकित्सालय अनूपपुर में भर्ती कराया गया, जहां मंगलवार को इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। मृतिका के नवविवाहिता होने के कारण, पुलिस ने तहसीलदार अनूपपुर वेद प्रकाश सिंह की उपस्थिति में उनके शव का पंचनामा और परीक्षण कराकर पोस्टमॉर्टम कराया। इसके बाद शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया और संबंधित थाने को घटना की जानकारी देकर अग्रिम जांच के निर्देश दिए गए। इसी तरह, जिले के भालूमाडा थाना क्षेत्र के ग्राम पयारी क्रमांक एक निवासी 27 वर्षीय रविशंकर को घर के अंदर जमीन पर सोते समय सांप ने काट लिया, जिससे उनकी हालत गंभीर हो गई। परिजन उन्हें उपचार के लिए कोतमा चिकित्सालय ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कोतमा पुलिस ने आवश्यक कार्यवाही के बाद शव को अंतिम संस्कार हेतु परिजनों को सौंप दिया। इसी दौरान, परिवार और रिश्तेदारों के एकत्रित होकर रात में घर में ठहरने के चलते, 48 वर्षीय इंद्रवती चौधरी अन्य लोगों के साथ जमीन पर सो रही थीं, तभी देर रात सांप ने उनके दाएं हाथ की बीच वाली उंगली में काट दिया। हो-हल्ला होने पर परिजनों ने सांप को देखा और उसे मार डाला, जिसके बाद इंद्रवती को उपचार हेतु फुन्गा अस्पताल से जिला चिकित्सालय अनूपपुर में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने उनकी हालत वर्तमान में खतरे से बाहर बताई है और वे अभी भी अस्पताल में उपचाररत हैं।1
- मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में राज्यसभा के लिए कांग्रेस की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के विरोध में मंगलवार को जोरदार प्रदर्शन किया गया। जिला युवा कांग्रेस भालूमाड़ा और कोतमा नगर में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला जलाकर भाजपा और चुनाव आयोग के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया। इस दौरान राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा गया, जिसमें लोकतंत्र की रक्षा और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग की गई। जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष मानवेंद्र मिश्रा ने आरोप लगाया कि भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत से लोकतंत्र की आत्मा को चोट पहुंचाई गई है, और उनके हाथ लोकतंत्र के खून से सने हैं। उन्होंने इस नामांकन निरस्तीकरण को संविधान की मर्यादाओं का उल्लंघन और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला करार दिया। कोतमा नगर में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया और राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार कोतमा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि विपक्षी दलों के प्रत्याशियों को सत्ता के दबाव में चुनाव प्रक्रिया से बाहर करने की तानाशाही प्रवृत्ति पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली और निष्पक्षता की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच और दुर्भावनापूर्ण मंशा से नामांकन रद्द करने वाले संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर को तत्काल निलंबित कर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। इस प्रदर्शन में एनएसयूआई जिलाध्यक्ष रफी अहमद सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ता, पदाधिकारी और समर्थक मौजूद रहे, जिन्होंने जनहित और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।1