अनूपपुर जिले में सर्पदंश की घटनाओं ने दो लोगों की जान ले ली, जबकि एक महिला का इलाज जारी है। जिला चिकित्सालय अनूपपुर में उपचार के दौरान एक नवविवाहिता की मौत हो गई। शहडोल जिले के बुढार थाना अंतर्गत सरईकापा गांव निवासी 24 वर्षीय सरिता पति अवधेश चौधरी को सोमवार रात घर के पीछे बाड़ी में किसी अज्ञात जहरीले सांप ने जांघ के पास डस लिया था। सांप के नहीं मिलने और सरिता की हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे निजी वाहन से देर रात जिला चिकित्सालय अनूपपुर में भर्ती कराया, जहाँ उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। ड्यूटी डॉक्टर हिमांशु पांडेय ने घटना की जानकारी अस्पताल पुलिस को दी। मंगलवार सुबह जिला अस्पताल पुलिस के प्रधान आरक्षक कमलेश प्रसाद ने मृतका नवविवाहिता होने के कारण कार्यपालक दण्डाधिकारी/तहसीलदार अनूपपुर वेद प्रकाश सिंह की उपस्थिति में शव का पंचनामा किया। परिवार की महिलाओं द्वारा महिला के शव का अंदरुनी परीक्षण कराकर, ड्यूटी डॉक्टर से पोस्टमॉर्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। संबंधित थाना को घटना की जानकारी देते हुए अग्रिम जांच करने की बात कही गई है। इसी क्रम में, भालूमाडा थाना अंतर्गत पयारी क्रमांक एक निवासी 27 वर्षीय रविशंकर पिता स्व. मनोहर चौधरी की दो दिन पूर्व घर में सोते समय एक अत्यंत जहरीले करैत सर्प के काटने से मृत्यु हो गई थी। गंभीर स्थिति में उन्हें कोतमा चिकित्सालय ले जाया गया था, जहाँ उन्होंने दम तोड़ दिया। कोतमा पुलिस द्वारा कार्यवाही के बाद शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया था। परिजनों एवं रिश्तेदारों के एकत्रित होने तथा रात में रुकने के दौरान, रविशंकर की 48 वर्षीय मां इंद्रवती चौधरी पति स्व. मनोहर चौधरी को भी देर रात करैत सर्प ने दाएं हाथ की बीच की उंगली में काट लिया। परिजनों ने हो-हल्ला सुनकर सांप को मारकर इंद्रवती को उपचार के लिए फुनगा अस्पताल से जिला चिकित्सालय अनूपपुर में भर्ती कराया है, जहाँ चिकित्सकों ने उनकी हालत खतरे से बाहर बताई है और वर्तमान में उनका उपचार जारी है।
अनूपपुर जिले में सर्पदंश की घटनाओं ने दो लोगों की जान ले ली, जबकि एक महिला का इलाज जारी है। जिला चिकित्सालय अनूपपुर में उपचार के दौरान एक नवविवाहिता की मौत हो गई। शहडोल जिले के बुढार थाना अंतर्गत सरईकापा गांव निवासी 24 वर्षीय सरिता पति अवधेश चौधरी को सोमवार रात घर के पीछे बाड़ी में किसी अज्ञात जहरीले सांप ने जांघ के पास डस लिया था। सांप के नहीं मिलने और सरिता की हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे निजी वाहन से देर रात जिला चिकित्सालय अनूपपुर में भर्ती कराया, जहाँ उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। ड्यूटी डॉक्टर हिमांशु पांडेय ने घटना की जानकारी अस्पताल पुलिस को दी। मंगलवार सुबह जिला अस्पताल पुलिस के प्रधान आरक्षक कमलेश प्रसाद ने मृतका नवविवाहिता होने के कारण कार्यपालक दण्डाधिकारी/तहसीलदार अनूपपुर वेद प्रकाश सिंह की उपस्थिति में शव का पंचनामा किया। परिवार की महिलाओं द्वारा महिला के शव का अंदरुनी परीक्षण कराकर, ड्यूटी डॉक्टर से पोस्टमॉर्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। संबंधित थाना को घटना की जानकारी देते हुए अग्रिम जांच करने की बात कही गई है। इसी क्रम में, भालूमाडा थाना अंतर्गत पयारी क्रमांक एक निवासी 27 वर्षीय रविशंकर पिता स्व. मनोहर चौधरी की दो दिन पूर्व घर में सोते समय एक अत्यंत जहरीले करैत सर्प के काटने से मृत्यु हो गई थी। गंभीर स्थिति में उन्हें कोतमा चिकित्सालय ले जाया गया था, जहाँ उन्होंने दम तोड़ दिया। कोतमा पुलिस द्वारा कार्यवाही के बाद शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया था। परिजनों एवं रिश्तेदारों के एकत्रित होने तथा रात में रुकने के दौरान, रविशंकर की 48 वर्षीय मां इंद्रवती चौधरी पति स्व. मनोहर चौधरी को भी देर रात करैत सर्प ने दाएं हाथ की बीच की उंगली में काट लिया। परिजनों ने हो-हल्ला सुनकर सांप को मारकर इंद्रवती को उपचार के लिए फुनगा अस्पताल से जिला चिकित्सालय अनूपपुर में भर्ती कराया है, जहाँ चिकित्सकों ने उनकी हालत खतरे से बाहर बताई है और वर्तमान में उनका उपचार जारी है।
- मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) में कांग्रेस ने प्रदेश सरकार द्वारा बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी के विरोध में मनेंद्रगढ़ के आमखेरवा चौक पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और प्रतीकात्मक पुतला दहन भी किया गया। प्रदर्शनकारियों ने विद्युत विभाग के अधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा। कांग्रेस नेताओं ने सरकार से बढ़ी हुई विद्युत दरों को तत्काल वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि बिजली दरों में यह वृद्धि आम उपभोक्ताओं, किसानों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों और मध्यम वर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है। कांग्रेस का आरोप है कि जनता को राहत देने के बजाय सरकार महंगाई का बोझ बढ़ाने का काम कर रही है। इस प्रदर्शन में जिला कांग्रेस कमेटी, ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई और आदिवासी कांग्रेस सहित कांग्रेस के विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए।3
- छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के सोनहत थाना क्षेत्र के नौगई गांव में बीती रात एक विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। दो पक्षों के बीच हुए संघर्ष के बाद आगजनी की घटना हुई, जिसमें एक कार के साथ चार लोग झुलस गए। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई।4
- उमरिया जिले के जनपद पंचायत पाली अंतर्गत ग्राम पंचायत अमिलिया में आयोजित जन कल्याण शिविर का आज तीसरा दिन है। जानकारी के अनुसार, शिविर में प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी जैसे पटवारी, सरपंच, सचिव और जनपद के अधिकारी तो मौजूद हैं, लेकिन कोई भी हितग्राही दिखाई नहीं दे रहा है। ऐसा प्रतीत होता है कि हितग्राहियों की इस शिविर में कोई रुचि नहीं है और उन्हें किसी भी प्रकार की सुविधा की आवश्यकता नहीं है, जिसके चलते उनकी गैरमौजूदगी दर्ज की गई है।4
- उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली में आयोजित जनकल्याण शिविर उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब प्रदेश के अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री और जिला प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान निर्धारित कार्यक्रम के बावजूद शिविर में नहीं पहुंचे। लोग घंटों तक उनके आने का इंतजार करते रहे, जबकि मंत्री का काफिला शिविर स्थल के पास से गुजरते हुए उमरिया की ओर चला गया। पाली नगर पालिका क्षेत्र में गायत्री मंदिर के सामने आयोजित इस शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए थे और प्रशासन ने हितग्राहियों को प्रमाण पत्र, खाद-बीज समेत कई योजनाओं का लाभ वितरित किया। कार्यक्रम के अनुसार मंत्री नागर सिंह चौहान को दोपहर 12:30 बजे शिविर में शामिल होना था, लेकिन वे नहीं आए। लोगों ने आरोप लगाया कि मंत्री का काफिला अंबेडकर चौक से गुजरा, जो शिविर स्थल से करीब ही है, फिर भी वे शामिल हुए बिना आगे बढ़ गए, जिससे उनमें निराशा और नाराजगी देखी गई। दूसरी ओर, कांग्रेस और यूथ कांग्रेस के पदाधिकारी भी अपने कार्यकर्ताओं के साथ मंत्री का इंतजार कर रहे थे। वे नगर पालिका पाली द्वारा बनाए जा रहे नए बस स्टैंड के निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं की शिकायत प्रभारी मंत्री को सौंपना चाहते थे। मंत्री के न पहुंचने पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रवि मिश्रा और यूथ कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष रजनीश तिवारी ने जिला कलेक्टर राखी सहाय को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच की मांग की। उन्होंने इसे जनता की अपेक्षाओं की अनदेखी बताया और कहा कि अगर मंत्री को नहीं आना था, तो लोगों को इंतजार नहीं कराना चाहिए था। हालांकि, मंत्री की अनुपस्थिति के बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने शिविर की गतिविधियां जारी रखीं। कलेक्टर राखी सहाय ने स्वयं शिविर पहुंचकर विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया और लोगों की समस्याएं सुनीं। अधिकारियों द्वारा हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ भी वितरित किया गया। जारी आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, मंत्री नागर सिंह चौहान को सुबह अमिलिहा और दोपहर 12:30 बजे पाली में जनकल्याण शिविर में शामिल होना था, जिसके बाद उन्हें अन्य कार्यक्रमों में भी भाग लेना था। पाली शिविर में उनके न पहुंचने से यह सवाल दिनभर चर्चा का विषय बना रहा।4
- डिंडौरी के समनापुर विकासखंड में 15 से 17 जून तक आयोजित तीन दिवसीय जन कल्याण शिविर ग्रामीणों के लिए उत्सव जैसा रहा, जहाँ केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएँ सीधे लोगों तक पहुँचीं। इस शिविर में पात्र हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के लाभ के स्वीकृति पत्र और सामग्री प्रदान की गई, जिससे उनके चेहरों पर खुशी देखी गई। प्रशासन और विभिन्न विभागों ने मिलकर ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान किया और उन्हें शासन की योजनाओं से जोड़ा। स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, ग्रामीण आजीविका, कृषि और अन्य विभागों की सेवाएँ एक ही परिसर में उपलब्ध कराई गईं, जिससे ग्रामीणों को भटकना नहीं पड़ा। शिविर की सबसे बड़ी उपलब्धि मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सामने आई, जहाँ 28 महिला स्व-सहायता समूहों को ₹1 करोड़ 68 लाख की कैश क्रेडिट लिमिट (CCL) प्रदान की गई। यह आर्थिक सहायता महिलाओं को स्वरोजगार और छोटे व्यवसायों को आगे बढ़ाने में मदद करेगी, जिसे महिलाओं ने आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। स्वास्थ्य विभाग ने भी शिविर में सक्रिय भूमिका निभाते हुए 97 लोगों के रक्त परीक्षण किए (जिसमें हीमोग्लोबिन की जाँच भी शामिल थी), 101 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और 32 पात्र व्यक्तियों के आयुष्मान कार्ड बनाए। साथ ही, 15 जरूरतमंद हितग्राहियों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए। सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में 101 पात्र हितग्राहियों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन स्वीकृत की गई, जिससे बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को आर्थिक संबल मिलेगा। अनुग्रह सहायता योजना के 13 मामलों का निराकरण कर हितग्राहियों को राहत प्रदान की गई। कृषि विभाग द्वारा 12 किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड बनाए गए, जिससे उन्हें आसान ऋण सुविधा मिल सकेगी। अन्य विभागों की विभिन्न योजनाओं के तहत भी बड़ी संख्या में पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। इस कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पावंती कुशराम, जिला पंचायत सदस्य श्री प्रीतम मरावी, जनपद सदस्य श्री राहुल पांडे, सरपंच श्रीमती ऊषा श्याम, श्री सुशील मार्को, श्री कोमनका बनवासी, भाजपा मीडिया प्रभारी श्री लखन बर्मन, श्री भाटिया जी सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री पंकज जैन और श्री रोहित उपाध्याय की मौजूदगी में हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। जनप्रतिनिधियों ने बताया कि शासन की मंशा है कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रहे, और यह जन कल्याण शिविर इसी उद्देश्य को साकार करने का माध्यम बन रहे हैं। समनापुर का यह शिविर ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और जनसेवा का एक सफल उदाहरण बनकर उभरा है, जहाँ योजनाओं ने कागजों से निकलकर सीधे लोगों के जीवन में बदलाव लाया है।4
- मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में राज्य शासन ने अपनी प्रक्रिया तेज कर दी है। इसी क्रम में अनूपपुर कलेक्ट्रेट स्थित नर्मदा सभागार में उच्च स्तरीय समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में UCC के अध्ययन और परीक्षण के लिए गठित समिति के सदस्य बुधपाल सिंह ने संहिता के प्रावधानों के बारे में विस्तृत जानकारी दी और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों तथा प्रबुद्ध नागरिकों से इसे अधिक व्यावहारिक बनाने के लिए सुझाव एवं विचार प्राप्त किए। समिति सदस्य श्री बुधपाल सिंह ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि समान नागरिक संहिता का प्रावधान भारतीय संविधान के अनुच्छेद-44 में निहित है, जिसका मुख्य उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए सामाजिक समानता, न्याय और कल्याण सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि गोवा में यह व्यवस्था आजादी के पूर्व से ही लागू है, और अब उत्तराखंड, गुजरात व असम जैसे राज्यों के बाद मध्य प्रदेश इसे लागू करने वाला देश का चौथा राज्य होगा। श्री सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रस्तावित व्यवस्था में जनजातीय समुदाय की विशिष्ट परंपराओं, संस्कृति और रीति-रिवाजों का पूरा सम्मान करते हुए अनुसूचित जनजातियों को इस संहिता के दायरे से पूरी तरह बाहर रखा गया है। उन्होंने नागरिकों को आश्वस्त किया कि UCC के लागू होने से किसी भी धर्म की पूजा-पद्धति, धार्मिक गतिविधियों या नागरिक की धार्मिक स्वतंत्रता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि यह कानून केवल सामाजिक और नागरिक सुधारों तक सीमित है। वर्तमान कानूनी विसंगतियों पर चर्चा करते हुए बुधपाल सिंह ने बताया कि अभी विवाह, विवाह विच्छेद (तलाक), भरण-पोषण, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण (गोद लेना) और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे विषय अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के अधीन हैं। UCC का मुख्य लक्ष्य इन सभी विषयों पर एक समान कानूनी व्यवस्था स्थापित करना है, ताकि विशेष रूप से महिलाओं को समाज में पुरुषों के बराबर अधिकार मिल सकें। संहिता के लागू होने से विवाह का अनिवार्य पंजीकरण होगा, बेटे-बेटियों को पैतृक संपत्ति में बराबर का हक मिलेगा, गोद लेने की प्रक्रिया पूरी तरह धर्मनिरपेक्ष होगी और बहुविवाह जैसी कुप्रथाओं पर प्रभावी रोक लगेगी। विचार-विमर्श सत्र में उपस्थित नागरिकों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने विवाह की आयु, भरण-पोषण की राशि और लिव-इन रिलेशनशिप के नियमन के प्रावधानों में पूर्ण स्पष्टता पर जोर दिया। उन्होंने आमजन तक कानून की सही जानकारी पहुंचाने के लिए जमीनी स्तर पर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने का सुझाव भी दिया। इस बैठक में जिला पंचायत सदस्य रंजीत सर्राटी, नगर पालिका परिषद अनूपपुर की उपाध्यक्ष श्रीमती सोनाली तिवारी, नगर परिषद डूमर कछार के अध्यक्ष सुनील कुमार चौरसिया, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष संतोष परिहार, सामाजिक कार्यकर्ता सुशील शर्मा, विजय सिंह, निखिल कुमार, मुकेश गौतम, राकेश द्विवेदी सहित अन्य गणमान्य नागरिकों ने भी समान नागरिक संहिता के संबंध में अपने सुझाव प्रस्तुत किए। कलेक्टर हर्षल पंचोली ने बताया कि यह उच्च स्तरीय समिति प्रत्येक जिले में जाकर नागरिकों से सीधा संवाद कर रही है और उन्होंने सभी अधिकारियों, सामुदायिक संगठनों तथा आम नागरिकों से आगामी पांच दिनों में इस प्रक्रिया को एक व्यापक 'जन आंदोलन' का रूप देने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग बैठक में शामिल नहीं हो सके, वे आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अपने ऑनलाइन सुझाव दर्ज कराएं, ताकि समाज के हर वर्ग के विचारों को समाहित करते हुए एक सर्वसमावेशी और न्यायसंगत अंतिम ड्राफ्ट तैयार किया जा सके।1
- उमरिया जिले के जनपद पंचायत पाली अंतर्गत ग्राम पंचायत बरहाई के ग्राम कर्कटी में नाली निर्माण कार्य में सरपंच और सचिव पर गंभीर अनियमितताएं बरतने का आरोप लगा है। यह कार्य मनरेगा मजदूरों से करवाया जाना था, लेकिन इसे जेसीबी मशीन का उपयोग करके किया गया है। निर्माण कार्य के दौरान जगह-जगह नल जल योजना की पाइपलाइन भी उखाड़ दी गई है, जिससे सरकारी योजनाओं को नुकसान पहुँच रहा है। आरोप है कि यह कार्य गलत तरीके से किया जा रहा है।4
- छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के सोनहत थाना क्षेत्र में हुई हिंसक घटना को लेकर पुलिस ने नया खुलासा किया है। सोनहत थाना प्रभारी विनोद पासवान के अनुसार, मृतक भाजपा नेता भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह और मनोज त्रिपाठी के बीच लंबे समय से अवैध रेत खनन को लेकर विवाद चल रहा था। पुलिस ने पहले दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर विवाद और खनन गतिविधियों को बंद कराने का प्रयास किया था, जिसके बाद कुछ समय के लिए मामला शांत रहा था। हालांकि, हाल ही में यह विवाद फिर से शुरू हो गया था। मंगलवार को भी एक घटना हुई थी, जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। थाना प्रभारी ने बताया कि घटना के दिन लल्ला सिंह अपने मित्रों और परिजनों के साथ मनोज त्रिपाठी के गांव पहुंचे थे, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया और आगजनी की घटना हुई। इस आगजनी में लल्ला सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोगों की मौत की भी सूचना है। कई घायल अस्पताल में भर्ती हैं और उनका उपचार जारी है। पुलिस ने इस मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया है और अधिकारियों ने बताया कि जांच जारी है तथा जल्द ही अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी की जाएगी। फिलहाल, क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और मामले की गहन जांच की जा रही है।1
- डिंडोरी में एक बाइक के अनियंत्रित होने से हुए हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई है। इस घटना में दो अन्य लोग घायल भी हुए हैं, जिनका उपचार जिला चिकित्सालय में जारी है।2