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डिंडौरी के समनापुर विकासखंड में 15 से 17 जून तक आयोजित तीन दिवसीय जन कल्याण शिविर ग्रामीणों के लिए उत्सव जैसा रहा, जहाँ केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएँ सीधे लोगों तक पहुँचीं। इस शिविर में पात्र हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के लाभ के स्वीकृति पत्र और सामग्री प्रदान की गई, जिससे उनके चेहरों पर खुशी देखी गई। प्रशासन और विभिन्न विभागों ने मिलकर ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान किया और उन्हें शासन की योजनाओं से जोड़ा। स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, ग्रामीण आजीविका, कृषि और अन्य विभागों की सेवाएँ एक ही परिसर में उपलब्ध कराई गईं, जिससे ग्रामीणों को भटकना नहीं पड़ा। शिविर की सबसे बड़ी उपलब्धि मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सामने आई, जहाँ 28 महिला स्व-सहायता समूहों को ₹1 करोड़ 68 लाख की कैश क्रेडिट लिमिट (CCL) प्रदान की गई। यह आर्थिक सहायता महिलाओं को स्वरोजगार और छोटे व्यवसायों को आगे बढ़ाने में मदद करेगी, जिसे महिलाओं ने आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। स्वास्थ्य विभाग ने भी शिविर में सक्रिय भूमिका निभाते हुए 97 लोगों के रक्त परीक्षण किए (जिसमें हीमोग्लोबिन की जाँच भी शामिल थी), 101 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और 32 पात्र व्यक्तियों के आयुष्मान कार्ड बनाए। साथ ही, 15 जरूरतमंद हितग्राहियों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए। सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में 101 पात्र हितग्राहियों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन स्वीकृत की गई, जिससे बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को आर्थिक संबल मिलेगा। अनुग्रह सहायता योजना के 13 मामलों का निराकरण कर हितग्राहियों को राहत प्रदान की गई। कृषि विभाग द्वारा 12 किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड बनाए गए, जिससे उन्हें आसान ऋण सुविधा मिल सकेगी। अन्य विभागों की विभिन्न योजनाओं के तहत भी बड़ी संख्या में पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। इस कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पावंती कुशराम, जिला पंचायत सदस्य श्री प्रीतम मरावी, जनपद सदस्य श्री राहुल पांडे, सरपंच श्रीमती ऊषा श्याम, श्री सुशील मार्को, श्री कोमनका बनवासी, भाजपा मीडिया प्रभारी श्री लखन बर्मन, श्री भाटिया जी सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री पंकज जैन और श्री रोहित उपाध्याय की मौजूदगी में हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। जनप्रतिनिधियों ने बताया कि शासन की मंशा है कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रहे, और यह जन कल्याण शिविर इसी उद्देश्य को साकार करने का माध्यम बन रहे हैं। समनापुर का यह शिविर ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और जनसेवा का एक सफल उदाहरण बनकर उभरा है, जहाँ योजनाओं ने कागजों से निकलकर सीधे लोगों के जीवन में बदलाव लाया है।

2 hrs ago
user_खमोद चंदेल
खमोद चंदेल
डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago
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डिंडौरी के समनापुर विकासखंड में 15 से 17 जून तक आयोजित तीन दिवसीय जन कल्याण शिविर ग्रामीणों के लिए उत्सव जैसा रहा, जहाँ केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएँ सीधे लोगों तक पहुँचीं। इस शिविर में पात्र हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के लाभ के स्वीकृति पत्र और सामग्री प्रदान की गई, जिससे उनके चेहरों पर खुशी देखी गई। प्रशासन और विभिन्न विभागों ने मिलकर ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान किया और उन्हें शासन की योजनाओं से जोड़ा। स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, ग्रामीण आजीविका, कृषि और अन्य विभागों की सेवाएँ एक ही परिसर में उपलब्ध कराई गईं, जिससे ग्रामीणों को भटकना नहीं पड़ा। शिविर की

सबसे बड़ी उपलब्धि मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सामने आई, जहाँ 28 महिला स्व-सहायता समूहों को ₹1 करोड़ 68 लाख की कैश क्रेडिट लिमिट (CCL) प्रदान की गई। यह आर्थिक सहायता महिलाओं को स्वरोजगार और छोटे व्यवसायों को आगे बढ़ाने में मदद करेगी, जिसे महिलाओं ने आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। स्वास्थ्य विभाग ने भी शिविर में सक्रिय भूमिका निभाते हुए 97 लोगों के रक्त परीक्षण किए (जिसमें हीमोग्लोबिन की जाँच भी शामिल थी), 101 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और 32 पात्र व्यक्तियों के आयुष्मान कार्ड बनाए। साथ ही, 15 जरूरतमंद हितग्राहियों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए

गए। सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में 101 पात्र हितग्राहियों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन स्वीकृत की गई, जिससे बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को आर्थिक संबल मिलेगा। अनुग्रह सहायता योजना के 13 मामलों का निराकरण कर हितग्राहियों को राहत प्रदान की गई। कृषि विभाग द्वारा 12 किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड बनाए गए, जिससे उन्हें आसान ऋण सुविधा मिल सकेगी। अन्य विभागों की विभिन्न योजनाओं के तहत भी बड़ी संख्या में पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। इस कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पावंती कुशराम, जिला पंचायत सदस्य श्री प्रीतम मरावी, जनपद सदस्य श्री राहुल पांडे, सरपंच श्रीमती ऊषा श्याम, श्री सुशील मार्को, श्री कोमनका बनवासी,

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भाजपा मीडिया प्रभारी श्री लखन बर्मन, श्री भाटिया जी सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री पंकज जैन और श्री रोहित उपाध्याय की मौजूदगी में हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। जनप्रतिनिधियों ने बताया कि शासन की मंशा है कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रहे, और यह जन कल्याण शिविर इसी उद्देश्य को साकार करने का माध्यम बन रहे हैं। समनापुर का यह शिविर ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और जनसेवा का एक सफल उदाहरण बनकर उभरा है, जहाँ योजनाओं ने कागजों से निकलकर सीधे लोगों के जीवन में बदलाव लाया है।

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  • शहडोल कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित सोन सभागार में साप्ताहिक जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस दौरान कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने जिले के विभिन्न दूरस्थ क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याओं और शिकायतों को गंभीरता से सुना, और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। जनसुनवाई में कई महत्वपूर्ण आवेदन प्राप्त हुए। शहडोल जिले के वार्ड नम्बर 15, बुढार निवासी ईशिका राजपूत ने टीसी (स्थानांतरण प्रमाण पत्र) प्रदाय करवाने का अनुरोध किया, वहीं ग्राम बरेली निवासी महेश प्रसाद गुप्ता ने पीएम स्वनिधि योजना का लाभ दिलाने की मांग रखी। इसके अतिरिक्त, ग्राम खैरहा निवासी हुजुरूददीन ने अपने घर में बोरिंग कराने के लिए अनुमति प्रदान करने का आवेदन दिया, और ग्राम कटकोना निवासी राम स्वरूप बैगा ने विद्युत कनेक्शन लगवाने संबंधी शिकायत दर्ज कराई। कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने सभी प्राप्त आवेदनों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को तुरंत प्रेषित किया। उन्होंने अधिकारियों को शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। इस जनसुनवाई में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शिवम प्रजापति के साथ-साथ विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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    शहडोल कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित सोन सभागार में साप्ताहिक जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस दौरान कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने जिले के विभिन्न दूरस्थ क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याओं और शिकायतों को गंभीरता से सुना, और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।

जनसुनवाई में कई महत्वपूर्ण आवेदन प्राप्त हुए। शहडोल जिले के वार्ड नम्बर 15, बुढार निवासी ईशिका राजपूत ने टीसी (स्थानांतरण प्रमाण पत्र) प्रदाय करवाने का अनुरोध किया, वहीं ग्राम बरेली निवासी महेश प्रसाद गुप्ता ने पीएम स्वनिधि योजना का लाभ दिलाने की मांग रखी। इसके अतिरिक्त, ग्राम खैरहा निवासी हुजुरूददीन ने अपने घर में बोरिंग कराने के लिए अनुमति प्रदान करने का आवेदन दिया, और ग्राम कटकोना निवासी राम स्वरूप बैगा ने विद्युत कनेक्शन लगवाने संबंधी शिकायत दर्ज कराई।

कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने सभी प्राप्त आवेदनों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को तुरंत प्रेषित किया। उन्होंने अधिकारियों को शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। इस जनसुनवाई में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शिवम प्रजापति के साथ-साथ विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
    user_अजय कुमार केवट
    अजय कुमार केवट
    Photographer सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • शहडोल के वार्ड क्रमांक 11 से बीते दिनों लापता हुए रमेश शराफ की गुमशुदगी की रिपोर्ट कोतवाली थाने में दर्ज कराई गई थी। इसी बीच, पुलिस को मुडना नदी में एक अज्ञात व्यक्ति का शव तैरता हुआ मिला। शव की शिनाख्त न होने पर पुलिस ने उसे दफना दिया, लेकिन परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने शव को 24 घंटे भी सुरक्षा में नहीं रखा और न ही पहले उसकी सही शिनाख्त करवाई। जब मृत व्यक्ति की पहचान महेश शराफ के रूप में हुई, तो परिजनों ने उसकी शिनाख्त की। इसके बाद, कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को लगभग 4:00 बजे जमीन में दफनाए गए शव को निकलवाकर परिजनों को सुपुर्द किया।
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    शहडोल के वार्ड क्रमांक 11 से बीते दिनों लापता हुए रमेश शराफ की गुमशुदगी की रिपोर्ट कोतवाली थाने में दर्ज कराई गई थी। इसी बीच, पुलिस को मुडना नदी में एक अज्ञात व्यक्ति का शव तैरता हुआ मिला। शव की शिनाख्त न होने पर पुलिस ने उसे दफना दिया, लेकिन परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने शव को 24 घंटे भी सुरक्षा में नहीं रखा और न ही पहले उसकी सही शिनाख्त करवाई।

जब मृत व्यक्ति की पहचान महेश शराफ के रूप में हुई, तो परिजनों ने उसकी शिनाख्त की। इसके बाद, कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को लगभग 4:00 बजे जमीन में दफनाए गए शव को निकलवाकर परिजनों को सुपुर्द किया।
    user_Akhilesh Mishra
    Akhilesh Mishra
    सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • अनूपपुर में कलेक्टर हर्षल पंचोली की अध्यक्षता और पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराव की उपस्थिति में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न कार्यों की विस्तृत चर्चा हुई और पूर्व में लिए गए निर्णयों के अनुपालन की समीक्षा की गई। कलेक्टर पंचोली ने सभी निर्माण एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय से सड़क सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता पर लागू करने के निर्देश दिए, यह कहते हुए कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को ओवरलोड वाहनों पर विशेष निगरानी रखने और नियमानुसार कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया, क्योंकि ओवरलोडिंग सड़क दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण है। पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराव ने जिले में सड़क सुरक्षा मजबूत करने और यातायात नियमों के प्रभावी पालन के लिए विशेष जनजागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। उन्होंने हेलमेट के अनिवार्य उपयोग और यातायात नियमों के पालन के संबंध में व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने आमजन से वाहन चलाते समय नियमित रूप से हेलमेट का उपयोग करने की अपील की, इसे कानूनी आवश्यकता के साथ-साथ जीवन की सुरक्षा का महत्वपूर्ण साधन बताया। बैठक में यातायात विभाग ने बताया कि जिले में पहले से चिन्हित 11 ब्लैक स्पॉट्स में से अधिकांश स्थानों पर सुधारात्मक कार्य और दुर्घटनाओं में कमी आने के कारण उन्हें ब्लैक स्पॉट की श्रेणी से हटा दिया गया है। वर्तमान में केवल 4 ब्लैक स्पॉट बचे हैं, जो राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित हैं। विभाग ने यह भी जानकारी दी कि वर्ष 2026 में अब तक 187 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें 232 लोग घायल हुए हैं और 71 लोगों की मृत्यु हुई है। इस पर कलेक्टर पंचोली ने दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी और ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स सांदा तिराहा, बदरा तिराहा, पसला ढाबा और तुलरा चौराहा पर रात्रिकालीन प्रकाश व्यवस्था, स्पीड ब्रेकर, संकेतक बोर्ड और अन्य आवश्यक सुरक्षात्मक व्यवस्थाएं शीघ्र स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए संबंधित विभागों को समन्वित और प्रभावी कार्रवाई करनी होगी, तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में चचाई रोड स्थित नो-एंट्री पॉइंट पर प्रकाश व्यवस्था, भुंडा कोना एवं राजेंद्रग्राम क्षेत्र में स्पीड ब्रेकर निर्माण, अमरकंटक चौराहे में स्पीड ब्रेकर लगाने, और आदर्श मार्ग, शंकर मंदिर तिराहा सहित अन्य प्रमुख तिराहों व चौराहों पर अतिक्रमण एवं यातायात जाम की समस्या के निराकरण हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए गए। नगर पालिका अनूपपुर, यातायात विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों को समन्वय स्थापित कर सप्ताह में एक दिन अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने का भी निर्देश दिया गया। इस बैठक में डिप्टी कलेक्टर कमलेश पुरी, जिला परिवहन अधिकारी सुरेंद्र सिंह गौतम, यातायात प्रभारी विनोद दुबे सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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    अनूपपुर में कलेक्टर हर्षल पंचोली की अध्यक्षता और पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराव की उपस्थिति में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न कार्यों की विस्तृत चर्चा हुई और पूर्व में लिए गए निर्णयों के अनुपालन की समीक्षा की गई। कलेक्टर पंचोली ने सभी निर्माण एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय से सड़क सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता पर लागू करने के निर्देश दिए, यह कहते हुए कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को ओवरलोड वाहनों पर विशेष निगरानी रखने और नियमानुसार कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया, क्योंकि ओवरलोडिंग सड़क दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण है।

पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराव ने जिले में सड़क सुरक्षा मजबूत करने और यातायात नियमों के प्रभावी पालन के लिए विशेष जनजागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। उन्होंने हेलमेट के अनिवार्य उपयोग और यातायात नियमों के पालन के संबंध में व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने आमजन से वाहन चलाते समय नियमित रूप से हेलमेट का उपयोग करने की अपील की, इसे कानूनी आवश्यकता के साथ-साथ जीवन की सुरक्षा का महत्वपूर्ण साधन बताया।

बैठक में यातायात विभाग ने बताया कि जिले में पहले से चिन्हित 11 ब्लैक स्पॉट्स में से अधिकांश स्थानों पर सुधारात्मक कार्य और दुर्घटनाओं में कमी आने के कारण उन्हें ब्लैक स्पॉट की श्रेणी से हटा दिया गया है। वर्तमान में केवल 4 ब्लैक स्पॉट बचे हैं, जो राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित हैं। विभाग ने यह भी जानकारी दी कि वर्ष 2026 में अब तक 187 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें 232 लोग घायल हुए हैं और 71 लोगों की मृत्यु हुई है। इस पर कलेक्टर पंचोली ने दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी और ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स सांदा तिराहा, बदरा तिराहा, पसला ढाबा और तुलरा चौराहा पर रात्रिकालीन प्रकाश व्यवस्था, स्पीड ब्रेकर, संकेतक बोर्ड और अन्य आवश्यक सुरक्षात्मक व्यवस्थाएं शीघ्र स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए संबंधित विभागों को समन्वित और प्रभावी कार्रवाई करनी होगी, तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में चचाई रोड स्थित नो-एंट्री पॉइंट पर प्रकाश व्यवस्था, भुंडा कोना एवं राजेंद्रग्राम क्षेत्र में स्पीड ब्रेकर निर्माण, अमरकंटक चौराहे में स्पीड ब्रेकर लगाने, और आदर्श मार्ग, शंकर मंदिर तिराहा सहित अन्य प्रमुख तिराहों व चौराहों पर अतिक्रमण एवं यातायात जाम की समस्या के निराकरण हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए गए। नगर पालिका अनूपपुर, यातायात विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों को समन्वय स्थापित कर सप्ताह में एक दिन अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने का भी निर्देश दिया गया।

इस बैठक में डिप्टी कलेक्टर कमलेश पुरी, जिला परिवहन अधिकारी सुरेंद्र सिंह गौतम, यातायात प्रभारी विनोद दुबे सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
    user_Anupam Singh patrkar
    Anupam Singh patrkar
    अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    8 min ago
  • कबीरधाम पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह के निर्देश तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह और अमित पटेल के मार्गदर्शन में जिले में अपराध नियंत्रण, चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने और चोरी के माल की खरीदी-बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीपीओ) कवर्धा आशीष शुक्ला और थाना प्रभारी कोतवाली योगेश कश्यप के नेतृत्व में कवर्धा शहर की 07 कबाड़ी दुकानों पर छापामार कार्रवाई और सघन जांच की गई। इस कार्रवाई के दौरान, पुलिस टीम ने दुकानों में रखी विभिन्न प्रकार की कबाड़ सामग्री, अभिलेखों और खरीद-बिक्री संबंधी दस्तावेजों की जांच की, साथ ही दुकानदारों से कबाड़ सामग्री के स्रोत के संबंध में जानकारी प्राप्त की। जांच के दौरान, पुलिस अधिकारियों ने सभी कबाड़ी व्यवसायियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे किसी भी प्रकार का संदिग्ध अथवा चोरी का सामान न खरीदें और न ही उसका संग्रहण करें। कबाड़ी संचालकों को यह भी हिदायत दी गई कि वे खरीदी गई सामग्री का उचित रिकॉर्ड रखें तथा सामग्री बेचने वाले व्यक्तियों की पहचान संबंधी जानकारी सुरक्षित रखें, ताकि आवश्यकता पड़ने पर पुलिस जांच में सहयोग मिल सके। एसडीपीओ आशीष शुक्ला ने बताया कि जिले में चोरी और संपत्ति संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए इस प्रकार की जांच और अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि चोरी के माल की खरीदी-बिक्री में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों और प्रतिष्ठानों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा चोरी के सामान के संबंध में तत्काल पुलिस को सूचना दें। इस अभियान का उद्देश्य अपराधियों के लिए चोरी के माल के खपाने के रास्तों को बंद करना तथा जिले में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना है।
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    कबीरधाम पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह के निर्देश तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह और अमित पटेल के मार्गदर्शन में जिले में अपराध नियंत्रण, चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने और चोरी के माल की खरीदी-बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीपीओ) कवर्धा आशीष शुक्ला और थाना प्रभारी कोतवाली योगेश कश्यप के नेतृत्व में कवर्धा शहर की 07 कबाड़ी दुकानों पर छापामार कार्रवाई और सघन जांच की गई। इस कार्रवाई के दौरान, पुलिस टीम ने दुकानों में रखी विभिन्न प्रकार की कबाड़ सामग्री, अभिलेखों और खरीद-बिक्री संबंधी दस्तावेजों की जांच की, साथ ही दुकानदारों से कबाड़ सामग्री के स्रोत के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

जांच के दौरान, पुलिस अधिकारियों ने सभी कबाड़ी व्यवसायियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे किसी भी प्रकार का संदिग्ध अथवा चोरी का सामान न खरीदें और न ही उसका संग्रहण करें। कबाड़ी संचालकों को यह भी हिदायत दी गई कि वे खरीदी गई सामग्री का उचित रिकॉर्ड रखें तथा सामग्री बेचने वाले व्यक्तियों की पहचान संबंधी जानकारी सुरक्षित रखें, ताकि आवश्यकता पड़ने पर पुलिस जांच में सहयोग मिल सके।

एसडीपीओ आशीष शुक्ला ने बताया कि जिले में चोरी और संपत्ति संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए इस प्रकार की जांच और अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि चोरी के माल की खरीदी-बिक्री में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों और प्रतिष्ठानों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा चोरी के सामान के संबंध में तत्काल पुलिस को सूचना दें। इस अभियान का उद्देश्य अपराधियों के लिए चोरी के माल के खपाने के रास्तों को बंद करना तथा जिले में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना है।
    user_राजेश कुमार कश्यप
    राजेश कुमार कश्यप
    बोडला, कबीरधाम, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
  • मंडला जिले के विकासखंड बीजाडांडी अंतर्गत ग्राम लावर मुड़िया निवासी श्रीमती गीता तेकाम ने कृषि को सफल व्यवसाय में बदलकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। एम.ए. शिक्षित गीता ने नौकरी के पारंपरिक विकल्पों को छोड़ आधुनिक एवं प्राकृतिक कृषि को अपना लक्ष्य बनाया, जिससे वे पूरे क्षेत्र के किसानों के लिए एक आदर्श बन गई हैं। उनकी इस सफलता में कृषि विभाग और आत्मा परियोजना का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सहायक तकनीकी प्रबंधक मोहित गोल्हानी के मार्गदर्शन में गीता तेकाम ने चिया सीड और किनोवा जैसी उच्च मूल्य वाली सुपरफूड फसलों की खेती शुरू की। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों का त्याग कर जीवामृत और घनजीवामृत जैसे जैविक खादों को अपनाया, जिससे खेती की लागत कम हुई और भूमि की उर्वरा शक्ति भी बढ़ी। सीमित संसाधनों के बावजूद, उनके बेहतर प्रबंधन से कुल सकल आय 4 लाख 6 हजार 850 रुपये रही। इसमें से 1 लाख 4 हजार रुपये की लागत घटाने के बाद उन्हें 3 लाख 2 हजार 850 रुपये का शुद्ध वार्षिक लाभ प्राप्त हुआ। उनकी कार्यकुशलता को देखते हुए, उन्हें नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के तहत 'कृषि सखी' के रूप में चुना गया है। वर्तमान में, वे क्षेत्र के लगभग 125 किसानों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण भी दे रही हैं। अपने उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें जिला स्तरीय प्रगतिशील महिला कृषक सम्मान से भी सम्मानित किया जा चुका है। गीता तेकाम आज ग्रामीण महिला शक्ति का एक सशक्त प्रतीक हैं, जो आत्मविश्वास के साथ भारतीय कृषि को एक नई दिशा प्रदान कर रही हैं और जिला के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।
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    मंडला जिले के विकासखंड बीजाडांडी अंतर्गत ग्राम लावर मुड़िया निवासी श्रीमती गीता तेकाम ने कृषि को सफल व्यवसाय में बदलकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। एम.ए. शिक्षित गीता ने नौकरी के पारंपरिक विकल्पों को छोड़ आधुनिक एवं प्राकृतिक कृषि को अपना लक्ष्य बनाया, जिससे वे पूरे क्षेत्र के किसानों के लिए एक आदर्श बन गई हैं।

उनकी इस सफलता में कृषि विभाग और आत्मा परियोजना का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सहायक तकनीकी प्रबंधक मोहित गोल्हानी के मार्गदर्शन में गीता तेकाम ने चिया सीड और किनोवा जैसी उच्च मूल्य वाली सुपरफूड फसलों की खेती शुरू की। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों का त्याग कर जीवामृत और घनजीवामृत जैसे जैविक खादों को अपनाया, जिससे खेती की लागत कम हुई और भूमि की उर्वरा शक्ति भी बढ़ी।

सीमित संसाधनों के बावजूद, उनके बेहतर प्रबंधन से कुल सकल आय 4 लाख 6 हजार 850 रुपये रही। इसमें से 1 लाख 4 हजार रुपये की लागत घटाने के बाद उन्हें 3 लाख 2 हजार 850 रुपये का शुद्ध वार्षिक लाभ प्राप्त हुआ। उनकी कार्यकुशलता को देखते हुए, उन्हें नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के तहत 'कृषि सखी' के रूप में चुना गया है। वर्तमान में, वे क्षेत्र के लगभग 125 किसानों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण भी दे रही हैं। अपने उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें जिला स्तरीय प्रगतिशील महिला कृषक सम्मान से भी सम्मानित किया जा चुका है।

गीता तेकाम आज ग्रामीण महिला शक्ति का एक सशक्त प्रतीक हैं, जो आत्मविश्वास के साथ भारतीय कृषि को एक नई दिशा प्रदान कर रही हैं और जिला के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।
    user_Prahlad Kachhwaha
    Prahlad Kachhwaha
    Local News Reporter मंडला, मंडला, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक बार फिर आदिवासी परिवार की पुश्तैनी जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन के समक्ष आरोप लगाया है कि विभागीय अधिकारियों और बिचौलियों की मिलीभगत से उनकी जमीन को छलपूर्वक हड़प लिया गया है, जिससे उन्हें उनके अधिकारों से वंचित कर दिया गया। पीड़ित परिवार ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्हें आर्थिक सहायता और मुआवजे का झांसा देकर विश्वास में लिया गया। इस दौरान लाखों रुपये मूल्य की उनकी भूमि से संबंधित दस्तावेज तैयार कर लिए गए, और बाद में उन्हें ही उनकी जमीन से बेदखल करने का प्रयास किया गया। परिवार का आरोप है कि उन्हें 32 लाख रुपये का चेक दिखाकर बाद में वापस ले लिया गया, जिसके कारण वे न्याय के लिए भटकने को मजबूर हैं। जनसुनवाई में यह गंभीर मामला सामने आते ही कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने संबंधित अधिकारियों से तत्काल जानकारी तलब की। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं, साथ ही स्पष्ट किया कि किसी भी गरीब, आदिवासी या कमजोर वर्ग के व्यक्ति के साथ अन्याय बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अब पूरे जिले की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस जांच के बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाता है या यह मामला भी केवल फाइलों में दब कर रह जाएगा। यह प्रकरण आदिवासी हितों की रक्षा के दावों के बीच प्रशासनिक जवाबदेही और व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
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    मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक बार फिर आदिवासी परिवार की पुश्तैनी जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन के समक्ष आरोप लगाया है कि विभागीय अधिकारियों और बिचौलियों की मिलीभगत से उनकी जमीन को छलपूर्वक हड़प लिया गया है, जिससे उन्हें उनके अधिकारों से वंचित कर दिया गया।

पीड़ित परिवार ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्हें आर्थिक सहायता और मुआवजे का झांसा देकर विश्वास में लिया गया। इस दौरान लाखों रुपये मूल्य की उनकी भूमि से संबंधित दस्तावेज तैयार कर लिए गए, और बाद में उन्हें ही उनकी जमीन से बेदखल करने का प्रयास किया गया। परिवार का आरोप है कि उन्हें 32 लाख रुपये का चेक दिखाकर बाद में वापस ले लिया गया, जिसके कारण वे न्याय के लिए भटकने को मजबूर हैं।

जनसुनवाई में यह गंभीर मामला सामने आते ही कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने संबंधित अधिकारियों से तत्काल जानकारी तलब की। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं, साथ ही स्पष्ट किया कि किसी भी गरीब, आदिवासी या कमजोर वर्ग के व्यक्ति के साथ अन्याय बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अब पूरे जिले की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस जांच के बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाता है या यह मामला भी केवल फाइलों में दब कर रह जाएगा। यह प्रकरण आदिवासी हितों की रक्षा के दावों के बीच प्रशासनिक जवाबदेही और व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
    user_सुधीर यादव
    सुधीर यादव
    Local News Reporter सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • शहडोल जिले के थाना अमलाई पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी के कई मामलों का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों अमन तिवारी और दीपक उर्फ दीपू सिंह के कब्जे तथा उनकी निशानदेही पर कुल 7 वाहन बरामद किए हैं। बरामद किए गए वाहनों में 3 चोरी के और 4 अन्य वाहन शामिल हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग ₹2.70 लाख बताई गई है। इस मामले में नमन केवट और मंगेश सिंह नामक दो अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश पुलिस द्वारा लगातार जारी है। यह पूरी कार्रवाई थाना प्रभारी भूपेंद्रमाणि पांडेय के नेतृत्व में थाना अमलाई पुलिस और साइबर सेल की टीम ने मिलकर की।
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    शहडोल जिले के थाना अमलाई पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी के कई मामलों का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों अमन तिवारी और दीपक उर्फ दीपू सिंह के कब्जे तथा उनकी निशानदेही पर कुल 7 वाहन बरामद किए हैं। बरामद किए गए वाहनों में 3 चोरी के और 4 अन्य वाहन शामिल हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग ₹2.70 लाख बताई गई है। इस मामले में नमन केवट और मंगेश सिंह नामक दो अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश पुलिस द्वारा लगातार जारी है। यह पूरी कार्रवाई थाना प्रभारी भूपेंद्रमाणि पांडेय के नेतृत्व में थाना अमलाई पुलिस और साइबर सेल की टीम ने मिलकर की।
    user_अजय कुमार केवट
    अजय कुमार केवट
    Photographer सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में राज्य शासन ने अपनी प्रक्रिया तेज कर दी है। इसी क्रम में अनूपपुर कलेक्ट्रेट स्थित नर्मदा सभागार में उच्च स्तरीय समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में UCC के अध्ययन और परीक्षण के लिए गठित समिति के सदस्य बुधपाल सिंह ने संहिता के प्रावधानों के बारे में विस्तृत जानकारी दी और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों तथा प्रबुद्ध नागरिकों से इसे अधिक व्यावहारिक बनाने के लिए सुझाव एवं विचार प्राप्त किए। समिति सदस्य श्री बुधपाल सिंह ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि समान नागरिक संहिता का प्रावधान भारतीय संविधान के अनुच्छेद-44 में निहित है, जिसका मुख्य उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए सामाजिक समानता, न्याय और कल्याण सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि गोवा में यह व्यवस्था आजादी के पूर्व से ही लागू है, और अब उत्तराखंड, गुजरात व असम जैसे राज्यों के बाद मध्य प्रदेश इसे लागू करने वाला देश का चौथा राज्य होगा। श्री सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रस्तावित व्यवस्था में जनजातीय समुदाय की विशिष्ट परंपराओं, संस्कृति और रीति-रिवाजों का पूरा सम्मान करते हुए अनुसूचित जनजातियों को इस संहिता के दायरे से पूरी तरह बाहर रखा गया है। उन्होंने नागरिकों को आश्वस्त किया कि UCC के लागू होने से किसी भी धर्म की पूजा-पद्धति, धार्मिक गतिविधियों या नागरिक की धार्मिक स्वतंत्रता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि यह कानून केवल सामाजिक और नागरिक सुधारों तक सीमित है। वर्तमान कानूनी विसंगतियों पर चर्चा करते हुए बुधपाल सिंह ने बताया कि अभी विवाह, विवाह विच्छेद (तलाक), भरण-पोषण, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण (गोद लेना) और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे विषय अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के अधीन हैं। UCC का मुख्य लक्ष्य इन सभी विषयों पर एक समान कानूनी व्यवस्था स्थापित करना है, ताकि विशेष रूप से महिलाओं को समाज में पुरुषों के बराबर अधिकार मिल सकें। संहिता के लागू होने से विवाह का अनिवार्य पंजीकरण होगा, बेटे-बेटियों को पैतृक संपत्ति में बराबर का हक मिलेगा, गोद लेने की प्रक्रिया पूरी तरह धर्मनिरपेक्ष होगी और बहुविवाह जैसी कुप्रथाओं पर प्रभावी रोक लगेगी। विचार-विमर्श सत्र में उपस्थित नागरिकों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने विवाह की आयु, भरण-पोषण की राशि और लिव-इन रिलेशनशिप के नियमन के प्रावधानों में पूर्ण स्पष्टता पर जोर दिया। उन्होंने आमजन तक कानून की सही जानकारी पहुंचाने के लिए जमीनी स्तर पर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने का सुझाव भी दिया। इस बैठक में जिला पंचायत सदस्य रंजीत सर्राटी, नगर पालिका परिषद अनूपपुर की उपाध्यक्ष श्रीमती सोनाली तिवारी, नगर परिषद डूमर कछार के अध्यक्ष सुनील कुमार चौरसिया, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष संतोष परिहार, सामाजिक कार्यकर्ता सुशील शर्मा, विजय सिंह, निखिल कुमार, मुकेश गौतम, राकेश द्विवेदी सहित अन्य गणमान्य नागरिकों ने भी समान नागरिक संहिता के संबंध में अपने सुझाव प्रस्तुत किए। कलेक्टर हर्षल पंचोली ने बताया कि यह उच्च स्तरीय समिति प्रत्येक जिले में जाकर नागरिकों से सीधा संवाद कर रही है और उन्होंने सभी अधिकारियों, सामुदायिक संगठनों तथा आम नागरिकों से आगामी पांच दिनों में इस प्रक्रिया को एक व्यापक 'जन आंदोलन' का रूप देने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग बैठक में शामिल नहीं हो सके, वे आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अपने ऑनलाइन सुझाव दर्ज कराएं, ताकि समाज के हर वर्ग के विचारों को समाहित करते हुए एक सर्वसमावेशी और न्यायसंगत अंतिम ड्राफ्ट तैयार किया जा सके।
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    मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में राज्य शासन ने अपनी प्रक्रिया तेज कर दी है। इसी क्रम में अनूपपुर कलेक्ट्रेट स्थित नर्मदा सभागार में उच्च स्तरीय समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में UCC के अध्ययन और परीक्षण के लिए गठित समिति के सदस्य बुधपाल सिंह ने संहिता के प्रावधानों के बारे में विस्तृत जानकारी दी और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों तथा प्रबुद्ध नागरिकों से इसे अधिक व्यावहारिक बनाने के लिए सुझाव एवं विचार प्राप्त किए।

समिति सदस्य श्री बुधपाल सिंह ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि समान नागरिक संहिता का प्रावधान भारतीय संविधान के अनुच्छेद-44 में निहित है, जिसका मुख्य उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए सामाजिक समानता, न्याय और कल्याण सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि गोवा में यह व्यवस्था आजादी के पूर्व से ही लागू है, और अब उत्तराखंड, गुजरात व असम जैसे राज्यों के बाद मध्य प्रदेश इसे लागू करने वाला देश का चौथा राज्य होगा। श्री सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रस्तावित व्यवस्था में जनजातीय समुदाय की विशिष्ट परंपराओं, संस्कृति और रीति-रिवाजों का पूरा सम्मान करते हुए अनुसूचित जनजातियों को इस संहिता के दायरे से पूरी तरह बाहर रखा गया है। उन्होंने नागरिकों को आश्वस्त किया कि UCC के लागू होने से किसी भी धर्म की पूजा-पद्धति, धार्मिक गतिविधियों या नागरिक की धार्मिक स्वतंत्रता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि यह कानून केवल सामाजिक और नागरिक सुधारों तक सीमित है।

वर्तमान कानूनी विसंगतियों पर चर्चा करते हुए बुधपाल सिंह ने बताया कि अभी विवाह, विवाह विच्छेद (तलाक), भरण-पोषण, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण (गोद लेना) और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे विषय अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के अधीन हैं। UCC का मुख्य लक्ष्य इन सभी विषयों पर एक समान कानूनी व्यवस्था स्थापित करना है, ताकि विशेष रूप से महिलाओं को समाज में पुरुषों के बराबर अधिकार मिल सकें। संहिता के लागू होने से विवाह का अनिवार्य पंजीकरण होगा, बेटे-बेटियों को पैतृक संपत्ति में बराबर का हक मिलेगा, गोद लेने की प्रक्रिया पूरी तरह धर्मनिरपेक्ष होगी और बहुविवाह जैसी कुप्रथाओं पर प्रभावी रोक लगेगी।

विचार-विमर्श सत्र में उपस्थित नागरिकों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने विवाह की आयु, भरण-पोषण की राशि और लिव-इन रिलेशनशिप के नियमन के प्रावधानों में पूर्ण स्पष्टता पर जोर दिया। उन्होंने आमजन तक कानून की सही जानकारी पहुंचाने के लिए जमीनी स्तर पर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने का सुझाव भी दिया। इस बैठक में जिला पंचायत सदस्य रंजीत सर्राटी, नगर पालिका परिषद अनूपपुर की उपाध्यक्ष श्रीमती सोनाली तिवारी, नगर परिषद डूमर कछार के अध्यक्ष सुनील कुमार चौरसिया, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष संतोष परिहार, सामाजिक कार्यकर्ता सुशील शर्मा, विजय सिंह, निखिल कुमार, मुकेश गौतम, राकेश द्विवेदी सहित अन्य गणमान्य नागरिकों ने भी समान नागरिक संहिता के संबंध में अपने सुझाव प्रस्तुत किए। कलेक्टर हर्षल पंचोली ने बताया कि यह उच्च स्तरीय समिति प्रत्येक जिले में जाकर नागरिकों से सीधा संवाद कर रही है और उन्होंने सभी अधिकारियों, सामुदायिक संगठनों तथा आम नागरिकों से आगामी पांच दिनों में इस प्रक्रिया को एक व्यापक 'जन आंदोलन' का रूप देने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग बैठक में शामिल नहीं हो सके, वे आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अपने ऑनलाइन सुझाव दर्ज कराएं, ताकि समाज के हर वर्ग के विचारों को समाहित करते हुए एक सर्वसमावेशी और न्यायसंगत अंतिम ड्राफ्ट तैयार किया जा सके।
    user_Anupam Singh patrkar
    Anupam Singh patrkar
    अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    17 min ago
  • शहडोल जिले के सोहागपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत आकाशवाणी केंद्र के पास बिजली लाइन में फॉल्ट सुधारने के दौरान एक आउटसोर्स कर्मचारी की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई है। इस घटना ने बिजली विभाग और आउटसोर्स कंपनियों की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक की पहचान मालाचुआ निवासी कुंदन सिंह के रूप में हुई है, जो क्रिस्टा कंपनी के माध्यम से बिजली विभाग में कार्यरत था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुंदन सिंह बिजली लाइन पर मरम्मत का काम कर रहा था, तभी अचानक लाइन में हाई वोल्टेज करंट प्रवाहित हो गया, जिसकी चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस दुखद हादसे के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि आउटसोर्स कर्मचारियों से पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के बिना ही जोखिम भरे कार्य कराए जाते हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि कर्मचारी लाइन पर काम कर रहा था तो संबंधित लाइन का शटडाउन क्यों नहीं लिया गया और किसकी अनुमति से बिजली आपूर्ति चालू की गई। लोगों ने घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और संबंधित कंपनी के जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। यह हादसा एक बार फिर बिजली विभाग में सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी और आउटसोर्स कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा करता है।
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    शहडोल जिले के सोहागपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत आकाशवाणी केंद्र के पास बिजली लाइन में फॉल्ट सुधारने के दौरान एक आउटसोर्स कर्मचारी की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई है। इस घटना ने बिजली विभाग और आउटसोर्स कंपनियों की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मृतक की पहचान मालाचुआ निवासी कुंदन सिंह के रूप में हुई है, जो क्रिस्टा कंपनी के माध्यम से बिजली विभाग में कार्यरत था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुंदन सिंह बिजली लाइन पर मरम्मत का काम कर रहा था, तभी अचानक लाइन में हाई वोल्टेज करंट प्रवाहित हो गया, जिसकी चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

इस दुखद हादसे के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि आउटसोर्स कर्मचारियों से पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के बिना ही जोखिम भरे कार्य कराए जाते हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि कर्मचारी लाइन पर काम कर रहा था तो संबंधित लाइन का शटडाउन क्यों नहीं लिया गया और किसकी अनुमति से बिजली आपूर्ति चालू की गई।

लोगों ने घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और संबंधित कंपनी के जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। यह हादसा एक बार फिर बिजली विभाग में सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी और आउटसोर्स कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा करता है।
    user_सुधीर यादव
    सुधीर यादव
    Local News Reporter सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
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