अनूपपुर में कलेक्टर हर्षल पंचोली की अध्यक्षता और पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराव की उपस्थिति में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न कार्यों की विस्तृत चर्चा हुई और पूर्व में लिए गए निर्णयों के अनुपालन की समीक्षा की गई। कलेक्टर पंचोली ने सभी निर्माण एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय से सड़क सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता पर लागू करने के निर्देश दिए, यह कहते हुए कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को ओवरलोड वाहनों पर विशेष निगरानी रखने और नियमानुसार कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया, क्योंकि ओवरलोडिंग सड़क दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण है। पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराव ने जिले में सड़क सुरक्षा मजबूत करने और यातायात नियमों के प्रभावी पालन के लिए विशेष जनजागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। उन्होंने हेलमेट के अनिवार्य उपयोग और यातायात नियमों के पालन के संबंध में व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने आमजन से वाहन चलाते समय नियमित रूप से हेलमेट का उपयोग करने की अपील की, इसे कानूनी आवश्यकता के साथ-साथ जीवन की सुरक्षा का महत्वपूर्ण साधन बताया। बैठक में यातायात विभाग ने बताया कि जिले में पहले से चिन्हित 11 ब्लैक स्पॉट्स में से अधिकांश स्थानों पर सुधारात्मक कार्य और दुर्घटनाओं में कमी आने के कारण उन्हें ब्लैक स्पॉट की श्रेणी से हटा दिया गया है। वर्तमान में केवल 4 ब्लैक स्पॉट बचे हैं, जो राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित हैं। विभाग ने यह भी जानकारी दी कि वर्ष 2026 में अब तक 187 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें 232 लोग घायल हुए हैं और 71 लोगों की मृत्यु हुई है। इस पर कलेक्टर पंचोली ने दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी और ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स सांदा तिराहा, बदरा तिराहा, पसला ढाबा और तुलरा चौराहा पर रात्रिकालीन प्रकाश व्यवस्था, स्पीड ब्रेकर, संकेतक बोर्ड और अन्य आवश्यक सुरक्षात्मक व्यवस्थाएं शीघ्र स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए संबंधित विभागों को समन्वित और प्रभावी कार्रवाई करनी होगी, तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में चचाई रोड स्थित नो-एंट्री पॉइंट पर प्रकाश व्यवस्था, भुंडा कोना एवं राजेंद्रग्राम क्षेत्र में स्पीड ब्रेकर निर्माण, अमरकंटक चौराहे में स्पीड ब्रेकर लगाने, और आदर्श मार्ग, शंकर मंदिर तिराहा सहित अन्य प्रमुख तिराहों व चौराहों पर अतिक्रमण एवं यातायात जाम की समस्या के निराकरण हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए गए। नगर पालिका अनूपपुर, यातायात विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों को समन्वय स्थापित कर सप्ताह में एक दिन अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने का भी निर्देश दिया गया। इस बैठक में डिप्टी कलेक्टर कमलेश पुरी, जिला परिवहन अधिकारी सुरेंद्र सिंह गौतम, यातायात प्रभारी विनोद दुबे सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
अनूपपुर में कलेक्टर हर्षल पंचोली की अध्यक्षता और पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराव की उपस्थिति में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न कार्यों की विस्तृत चर्चा हुई और पूर्व में लिए गए निर्णयों के अनुपालन की समीक्षा की गई। कलेक्टर पंचोली ने सभी निर्माण एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय से सड़क सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता पर लागू करने के निर्देश दिए, यह कहते हुए कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को ओवरलोड वाहनों पर विशेष निगरानी रखने और नियमानुसार कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया, क्योंकि ओवरलोडिंग सड़क दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण है। पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराव ने जिले में सड़क सुरक्षा मजबूत करने और यातायात नियमों के प्रभावी पालन के लिए विशेष जनजागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। उन्होंने हेलमेट के अनिवार्य उपयोग और यातायात नियमों के पालन के संबंध में व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने आमजन से वाहन चलाते समय नियमित रूप से हेलमेट का उपयोग करने की अपील की, इसे कानूनी आवश्यकता के साथ-साथ जीवन की सुरक्षा का महत्वपूर्ण साधन बताया। बैठक में यातायात विभाग ने बताया कि जिले में पहले से चिन्हित 11 ब्लैक स्पॉट्स में से अधिकांश स्थानों पर सुधारात्मक कार्य और दुर्घटनाओं में कमी आने के कारण उन्हें ब्लैक स्पॉट की श्रेणी से हटा दिया गया है। वर्तमान में केवल 4 ब्लैक स्पॉट बचे हैं, जो राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित हैं। विभाग ने यह भी जानकारी दी कि वर्ष 2026 में अब तक 187 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें 232 लोग घायल हुए हैं और 71 लोगों की मृत्यु हुई है। इस पर कलेक्टर पंचोली ने दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी और ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स सांदा तिराहा, बदरा तिराहा, पसला ढाबा और तुलरा चौराहा पर रात्रिकालीन प्रकाश व्यवस्था, स्पीड ब्रेकर, संकेतक बोर्ड और अन्य आवश्यक सुरक्षात्मक व्यवस्थाएं शीघ्र स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए संबंधित विभागों को समन्वित और प्रभावी कार्रवाई करनी होगी, तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में चचाई रोड स्थित नो-एंट्री पॉइंट पर प्रकाश व्यवस्था, भुंडा कोना एवं राजेंद्रग्राम क्षेत्र में स्पीड ब्रेकर निर्माण, अमरकंटक चौराहे में स्पीड ब्रेकर लगाने, और आदर्श मार्ग, शंकर मंदिर तिराहा सहित अन्य प्रमुख तिराहों व चौराहों पर अतिक्रमण एवं यातायात जाम की समस्या के निराकरण हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए गए। नगर पालिका अनूपपुर, यातायात विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों को समन्वय स्थापित कर सप्ताह में एक दिन अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने का भी निर्देश दिया गया। इस बैठक में डिप्टी कलेक्टर कमलेश पुरी, जिला परिवहन अधिकारी सुरेंद्र सिंह गौतम, यातायात प्रभारी विनोद दुबे सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
- अनूपपुर में कलेक्टर हर्षल पंचोली की अध्यक्षता और पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराव की उपस्थिति में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न कार्यों की विस्तृत चर्चा हुई और पूर्व में लिए गए निर्णयों के अनुपालन की समीक्षा की गई। कलेक्टर पंचोली ने सभी निर्माण एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय से सड़क सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता पर लागू करने के निर्देश दिए, यह कहते हुए कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को ओवरलोड वाहनों पर विशेष निगरानी रखने और नियमानुसार कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया, क्योंकि ओवरलोडिंग सड़क दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण है। पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराव ने जिले में सड़क सुरक्षा मजबूत करने और यातायात नियमों के प्रभावी पालन के लिए विशेष जनजागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। उन्होंने हेलमेट के अनिवार्य उपयोग और यातायात नियमों के पालन के संबंध में व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने आमजन से वाहन चलाते समय नियमित रूप से हेलमेट का उपयोग करने की अपील की, इसे कानूनी आवश्यकता के साथ-साथ जीवन की सुरक्षा का महत्वपूर्ण साधन बताया। बैठक में यातायात विभाग ने बताया कि जिले में पहले से चिन्हित 11 ब्लैक स्पॉट्स में से अधिकांश स्थानों पर सुधारात्मक कार्य और दुर्घटनाओं में कमी आने के कारण उन्हें ब्लैक स्पॉट की श्रेणी से हटा दिया गया है। वर्तमान में केवल 4 ब्लैक स्पॉट बचे हैं, जो राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित हैं। विभाग ने यह भी जानकारी दी कि वर्ष 2026 में अब तक 187 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें 232 लोग घायल हुए हैं और 71 लोगों की मृत्यु हुई है। इस पर कलेक्टर पंचोली ने दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी और ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स सांदा तिराहा, बदरा तिराहा, पसला ढाबा और तुलरा चौराहा पर रात्रिकालीन प्रकाश व्यवस्था, स्पीड ब्रेकर, संकेतक बोर्ड और अन्य आवश्यक सुरक्षात्मक व्यवस्थाएं शीघ्र स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए संबंधित विभागों को समन्वित और प्रभावी कार्रवाई करनी होगी, तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में चचाई रोड स्थित नो-एंट्री पॉइंट पर प्रकाश व्यवस्था, भुंडा कोना एवं राजेंद्रग्राम क्षेत्र में स्पीड ब्रेकर निर्माण, अमरकंटक चौराहे में स्पीड ब्रेकर लगाने, और आदर्श मार्ग, शंकर मंदिर तिराहा सहित अन्य प्रमुख तिराहों व चौराहों पर अतिक्रमण एवं यातायात जाम की समस्या के निराकरण हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए गए। नगर पालिका अनूपपुर, यातायात विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों को समन्वय स्थापित कर सप्ताह में एक दिन अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने का भी निर्देश दिया गया। इस बैठक में डिप्टी कलेक्टर कमलेश पुरी, जिला परिवहन अधिकारी सुरेंद्र सिंह गौतम, यातायात प्रभारी विनोद दुबे सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।1
- महाराणा प्रताप जयंती के विशेष अवसर पर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की जनपद पंचायत मरवाही अंतर्गत ग्राम पंचायत परासी के समस्त ठाकुर समाज ने हार्दिक शुभकामनाएँ अर्पित की हैं। इस विशेष संदेश में, वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप को उनके शौर्य, स्वाभिमान और मातृभूमि की रक्षा के प्रति उनके धर्म के लिए शत-शत नमन किया गया है। उन्हें 'राजपूती आन-बान-शान के प्रतीक', 'मातृभूमि के गौरव' और 'स्वाभिमान के सूर्य' के रूप में याद करते हुए भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई है। संदेश में कहा गया है कि महाराणा प्रताप ने कभी झुकना नहीं सीखा, संघर्ष जिनकी पहचान बना और जिन्होंने वीरता की अमर गाथा लिखी। यह श्रद्धांजलि 'जय महाराणा प्रताप!', 'जय मेवाड़!' और 'जय मातृभूमि!' के नारों के साथ संपन्न होती है।1
- शहडोल नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत जय स्तंभ चौक स्थित कलेक्ट्रेट कार्यालय के विराट सभागार में बुधवार को दोपहर करीब 4:00 बजे तक समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, अधिवक्ता और पत्रकार उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य UCC पर चर्चा करना और अंतिम ड्राफ्ट के लिए जनसुझाव आमंत्रित करना था। इस दौरान जनता से अंतिम जनसुझाव भी लिए गए।1
- Post by Ramesh Kumar Kewat1
- नए शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के अवसर पर आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों का उत्साहपूर्वक स्वागत किया गया, जहाँ वार्ड पार्षद सिल्लू रजक ने विशेष रूप से बच्चों का अभिनंदन किया। इस मौके पर पार्षद रजक ने बच्चों का टीका-चंदन कर उनका उत्साहवर्धन किया और उन्हें प्रोत्साहन स्वरूप ट्रॉफी तथा बिस्किट वितरित किए। पार्षद सिल्लू रजक ने बच्चों को नियमित रूप से आंगनबाड़ी आने, शिक्षा ग्रहण करने और एक स्वस्थ व संस्कारित जीवन जीने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों का सर्वांगीण विकास ही समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की नींव है। इस कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। बच्चों और उनके अभिभावकों ने इस पहल की सराहना करते हुए नए सत्र के लिए अपनी शुभकामनाएँ दीं। यह कार्यक्रम इस महत्वपूर्ण संदेश के साथ संपन्न हुआ कि बच्चे ही देश का भविष्य हैं, और उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए शिक्षा तथा संस्कारों दोनों का होना अत्यंत आवश्यक है।3
- पुलिस ने एक मोटरसाइकिल चोरी के मामले का सफलतापूर्वक खुलासा किया है। इस कार्रवाई के तहत, दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और उनके कब्जे से कुल सात वाहन जब्त किए गए हैं।1
- मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में राज्य शासन ने अपनी प्रक्रिया तेज कर दी है। इसी क्रम में अनूपपुर कलेक्ट्रेट स्थित नर्मदा सभागार में उच्च स्तरीय समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में UCC के अध्ययन और परीक्षण के लिए गठित समिति के सदस्य बुधपाल सिंह ने संहिता के प्रावधानों के बारे में विस्तृत जानकारी दी और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों तथा प्रबुद्ध नागरिकों से इसे अधिक व्यावहारिक बनाने के लिए सुझाव एवं विचार प्राप्त किए। समिति सदस्य श्री बुधपाल सिंह ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि समान नागरिक संहिता का प्रावधान भारतीय संविधान के अनुच्छेद-44 में निहित है, जिसका मुख्य उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए सामाजिक समानता, न्याय और कल्याण सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि गोवा में यह व्यवस्था आजादी के पूर्व से ही लागू है, और अब उत्तराखंड, गुजरात व असम जैसे राज्यों के बाद मध्य प्रदेश इसे लागू करने वाला देश का चौथा राज्य होगा। श्री सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रस्तावित व्यवस्था में जनजातीय समुदाय की विशिष्ट परंपराओं, संस्कृति और रीति-रिवाजों का पूरा सम्मान करते हुए अनुसूचित जनजातियों को इस संहिता के दायरे से पूरी तरह बाहर रखा गया है। उन्होंने नागरिकों को आश्वस्त किया कि UCC के लागू होने से किसी भी धर्म की पूजा-पद्धति, धार्मिक गतिविधियों या नागरिक की धार्मिक स्वतंत्रता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि यह कानून केवल सामाजिक और नागरिक सुधारों तक सीमित है। वर्तमान कानूनी विसंगतियों पर चर्चा करते हुए बुधपाल सिंह ने बताया कि अभी विवाह, विवाह विच्छेद (तलाक), भरण-पोषण, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण (गोद लेना) और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे विषय अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के अधीन हैं। UCC का मुख्य लक्ष्य इन सभी विषयों पर एक समान कानूनी व्यवस्था स्थापित करना है, ताकि विशेष रूप से महिलाओं को समाज में पुरुषों के बराबर अधिकार मिल सकें। संहिता के लागू होने से विवाह का अनिवार्य पंजीकरण होगा, बेटे-बेटियों को पैतृक संपत्ति में बराबर का हक मिलेगा, गोद लेने की प्रक्रिया पूरी तरह धर्मनिरपेक्ष होगी और बहुविवाह जैसी कुप्रथाओं पर प्रभावी रोक लगेगी। विचार-विमर्श सत्र में उपस्थित नागरिकों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने विवाह की आयु, भरण-पोषण की राशि और लिव-इन रिलेशनशिप के नियमन के प्रावधानों में पूर्ण स्पष्टता पर जोर दिया। उन्होंने आमजन तक कानून की सही जानकारी पहुंचाने के लिए जमीनी स्तर पर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने का सुझाव भी दिया। इस बैठक में जिला पंचायत सदस्य रंजीत सर्राटी, नगर पालिका परिषद अनूपपुर की उपाध्यक्ष श्रीमती सोनाली तिवारी, नगर परिषद डूमर कछार के अध्यक्ष सुनील कुमार चौरसिया, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष संतोष परिहार, सामाजिक कार्यकर्ता सुशील शर्मा, विजय सिंह, निखिल कुमार, मुकेश गौतम, राकेश द्विवेदी सहित अन्य गणमान्य नागरिकों ने भी समान नागरिक संहिता के संबंध में अपने सुझाव प्रस्तुत किए। कलेक्टर हर्षल पंचोली ने बताया कि यह उच्च स्तरीय समिति प्रत्येक जिले में जाकर नागरिकों से सीधा संवाद कर रही है और उन्होंने सभी अधिकारियों, सामुदायिक संगठनों तथा आम नागरिकों से आगामी पांच दिनों में इस प्रक्रिया को एक व्यापक 'जन आंदोलन' का रूप देने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग बैठक में शामिल नहीं हो सके, वे आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अपने ऑनलाइन सुझाव दर्ज कराएं, ताकि समाज के हर वर्ग के विचारों को समाहित करते हुए एक सर्वसमावेशी और न्यायसंगत अंतिम ड्राफ्ट तैयार किया जा सके।1
- शहडोल जिले के सोहागपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत आकाशवाणी केंद्र के पास बिजली लाइन में फॉल्ट सुधारने के दौरान एक आउटसोर्स कर्मचारी की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई है। इस घटना ने बिजली विभाग और आउटसोर्स कंपनियों की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक की पहचान मालाचुआ निवासी कुंदन सिंह के रूप में हुई है, जो क्रिस्टा कंपनी के माध्यम से बिजली विभाग में कार्यरत था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुंदन सिंह बिजली लाइन पर मरम्मत का काम कर रहा था, तभी अचानक लाइन में हाई वोल्टेज करंट प्रवाहित हो गया, जिसकी चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस दुखद हादसे के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि आउटसोर्स कर्मचारियों से पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के बिना ही जोखिम भरे कार्य कराए जाते हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि कर्मचारी लाइन पर काम कर रहा था तो संबंधित लाइन का शटडाउन क्यों नहीं लिया गया और किसकी अनुमति से बिजली आपूर्ति चालू की गई। लोगों ने घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और संबंधित कंपनी के जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। यह हादसा एक बार फिर बिजली विभाग में सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी और आउटसोर्स कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा करता है।1