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शहडोल नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत जय स्तंभ चौक स्थित कलेक्ट्रेट कार्यालय के विराट सभागार में बुधवार को दोपहर करीब 4:00 बजे तक समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, अधिवक्ता और पत्रकार उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य UCC पर चर्चा करना और अंतिम ड्राफ्ट के लिए जनसुझाव आमंत्रित करना था। इस दौरान जनता से अंतिम जनसुझाव भी लिए गए।
Akhilesh Mishra
शहडोल नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत जय स्तंभ चौक स्थित कलेक्ट्रेट कार्यालय के विराट सभागार में बुधवार को दोपहर करीब 4:00 बजे तक समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, अधिवक्ता और पत्रकार उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य UCC पर चर्चा करना और अंतिम ड्राफ्ट के लिए जनसुझाव आमंत्रित करना था। इस दौरान जनता से अंतिम जनसुझाव भी लिए गए।
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- शहडोल नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत जय स्तंभ चौक स्थित कलेक्ट्रेट कार्यालय के विराट सभागार में बुधवार को दोपहर करीब 4:00 बजे तक समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, अधिवक्ता और पत्रकार उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य UCC पर चर्चा करना और अंतिम ड्राफ्ट के लिए जनसुझाव आमंत्रित करना था। इस दौरान जनता से अंतिम जनसुझाव भी लिए गए।1
- नए शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के अवसर पर आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों का उत्साहपूर्वक स्वागत किया गया, जहाँ वार्ड पार्षद सिल्लू रजक ने विशेष रूप से बच्चों का अभिनंदन किया। इस मौके पर पार्षद रजक ने बच्चों का टीका-चंदन कर उनका उत्साहवर्धन किया और उन्हें प्रोत्साहन स्वरूप ट्रॉफी तथा बिस्किट वितरित किए। पार्षद सिल्लू रजक ने बच्चों को नियमित रूप से आंगनबाड़ी आने, शिक्षा ग्रहण करने और एक स्वस्थ व संस्कारित जीवन जीने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों का सर्वांगीण विकास ही समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की नींव है। इस कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। बच्चों और उनके अभिभावकों ने इस पहल की सराहना करते हुए नए सत्र के लिए अपनी शुभकामनाएँ दीं। यह कार्यक्रम इस महत्वपूर्ण संदेश के साथ संपन्न हुआ कि बच्चे ही देश का भविष्य हैं, और उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए शिक्षा तथा संस्कारों दोनों का होना अत्यंत आवश्यक है।3
- पुलिस ने एक मोटरसाइकिल चोरी के मामले का सफलतापूर्वक खुलासा किया है। इस कार्रवाई के तहत, दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और उनके कब्जे से कुल सात वाहन जब्त किए गए हैं।1
- भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) की उमरिया इकाई ने सुश्री मीनाक्षी नटराजन जी का नामांकन निरस्त किए जाने के विरोध में गांधी चौक, उमरिया में प्रदर्शन किया। इस दौरान संगठन के सदस्यों ने ECI का पुतला दहन कर अपनी नाराजगी व्यक्त की। पुतला दहन के माध्यम से NSUI ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर गहरा असंतोष जताया और निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता तथा पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए। संगठन ने स्पष्ट किया कि उनका यह आंदोलन किसी विशेष व्यक्ति के खिलाफ नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों, पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर किया गया है।1
- अनूपपुर के नेशनल हाईवे-43 पर स्थित सांडा मोड़ पर एक आइसक्रीम विक्रेता अपनी व्यस्तताओं के बावजूद मानवता और जीव प्रेम की अनूठी मिसाल पेश कर रहा है। यह युवक भीषण गर्मी में प्रतिदिन बंदरों की प्यास बुझाने का काम कर रहा है, जिसकी स्थानीय लोग भी सराहना कर रहे हैं। सांडा मोड़ के पास सरई के घने पेड़ों में बड़ी संख्या में बंदर रहते हैं। गर्मी बढ़ने के साथ ही पानी के स्रोत कम होने लगते हैं, जिससे इन वन्य जीवों को पानी के लिए भटकना पड़ता है। ऐसे मुश्किल समय में यह आइसक्रीम विक्रेता अपनी आजीविका चलाने के साथ-साथ बेजुबान जीवों की सेवा को भी अपना दायित्व मान रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वह अपनी दुकान पर ग्राहकों को आइसक्रीम बेचने के बीच-बीच में पास के हैंडपंप तक जाता है, उसे चलाकर पानी निकालता है, और जैसे ही पानी बहता है, पेड़ों पर बैठे बंदरों का झुंड अपनी प्यास बुझाने के लिए वहां पहुंच जाता है। बंदरों के पानी पी लेने के बाद युवक अपनी दुकान पर लौट आता है और दिन भर कई बार इस प्रक्रिया को दोहराता है ताकि कोई भी जीव प्यासा न रहे। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब लोग अपने स्वार्थ में व्यस्त रहते हैं, ऐसे में एक सामान्य आइसक्रीम विक्रेता द्वारा वन्य जीवों के प्रति दिखाई जा रही यह संवेदनशीलता समाज के लिए प्रेरणादायक है। विशेषज्ञों का भी मानना है कि गर्मी में पक्षियों और वन्य जीवों के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना एक बड़ा पुण्य का कार्य है, क्योंकि पानी की कमी से जीव गंभीर संकट में पड़ सकते हैं। इस आइसक्रीम विक्रेता का सेवा कार्य किसी प्रचार के लिए नहीं, बल्कि जीवों के प्रति उसकी सहज संवेदना का परिणाम है। उसका यह प्रयास यह संदेश देता है कि मानवता केवल इंसानों की सेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रकृति और उसमें रहने वाले प्रत्येक जीव के प्रति दया और जिम्मेदारी निभाने में भी है। उसका यह निस्वार्थ कार्य साबित करता है कि दूसरों के लिए किया गया छोटा सा प्रयास भी किसी बड़े पुण्य और तीर्थ यात्रा से कम नहीं होता।1
- भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) जिला उमरिया ने सुश्री मीनाक्षी नटराजन के नामांकन निरस्त किए जाने के विरोध में उमरिया के गांधी चौक पर भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) का पुतला फूँककर प्रदर्शन किया। इस दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपनी गहरी नाराज़गी व्यक्त की और इसकी निष्पक्षता तथा पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाए। प्रदर्शन के दौरान, NSUI ने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं और विपक्षी दलों के नेताओं तथा प्रत्याशियों के साथ असमान व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने भाजपा सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता को प्रभावित करने का भी आरोप लगाया, जिससे केंद्र और विभिन्न स्तरों पर सत्ता पक्ष के प्रभाव में इन संस्थाओं की भूमिका पर प्रश्नचिह्न लग गया है। NSUI ने मांग की कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए ताकि जनता का विश्वास लोकतांत्रिक व्यवस्था में बना रहे, विशेषकर मध्यप्रदेश के राज्यसभा चुनाव में सुश्री मीनाक्षी नटराजन के नामांकन निरस्तीकरण के विवादित फैसले की पारदर्शी समीक्षा की मांग की गई। NSUI जिला अध्यक्ष मो. असलम शेर ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव कराने से मजबूत नहीं होता, बल्कि निष्पक्ष चुनाव और सभी दलों को समान अवसर मिलने से मजबूत होता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि जनता के मन में चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो उनका पारदर्शी जवाब मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि NSUI का यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों, पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर है, और छात्र तथा युवा लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपनी आवाज़ उठाते रहेंगे। इस कार्यक्रम में मो. असलम शेर के साथ कृष्ण कांत तिवारी, रोहनी श्याम, आकाश प्रजापति, अनुज वर्मा, अनुराग तिवारी, खुशी मोगरे, अजय विश्वकर्मा, अर्पिता तिवारी, आंचल चौधरी, सागर यादव, अमित बर्मन, अजय, संदीप, आकाश, विकाश प्रजापति सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। मो. असलम शेर ने अंत में भाजपा सरकार से लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग को बंद करने का आह्वान किया।1
- मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक बार फिर आदिवासी परिवार की पुश्तैनी जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन के समक्ष आरोप लगाया है कि विभागीय अधिकारियों और बिचौलियों की मिलीभगत से उनकी जमीन को छलपूर्वक हड़प लिया गया है, जिससे उन्हें उनके अधिकारों से वंचित कर दिया गया। पीड़ित परिवार ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्हें आर्थिक सहायता और मुआवजे का झांसा देकर विश्वास में लिया गया। इस दौरान लाखों रुपये मूल्य की उनकी भूमि से संबंधित दस्तावेज तैयार कर लिए गए, और बाद में उन्हें ही उनकी जमीन से बेदखल करने का प्रयास किया गया। परिवार का आरोप है कि उन्हें 32 लाख रुपये का चेक दिखाकर बाद में वापस ले लिया गया, जिसके कारण वे न्याय के लिए भटकने को मजबूर हैं। जनसुनवाई में यह गंभीर मामला सामने आते ही कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने संबंधित अधिकारियों से तत्काल जानकारी तलब की। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं, साथ ही स्पष्ट किया कि किसी भी गरीब, आदिवासी या कमजोर वर्ग के व्यक्ति के साथ अन्याय बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अब पूरे जिले की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस जांच के बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाता है या यह मामला भी केवल फाइलों में दब कर रह जाएगा। यह प्रकरण आदिवासी हितों की रक्षा के दावों के बीच प्रशासनिक जवाबदेही और व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।1
- शहडोल जिले के सोहागपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत आकाशवाणी केंद्र के पास बिजली लाइन में फॉल्ट सुधारने के दौरान एक आउटसोर्स कर्मचारी की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई है। इस घटना ने बिजली विभाग और आउटसोर्स कंपनियों की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक की पहचान मालाचुआ निवासी कुंदन सिंह के रूप में हुई है, जो क्रिस्टा कंपनी के माध्यम से बिजली विभाग में कार्यरत था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुंदन सिंह बिजली लाइन पर मरम्मत का काम कर रहा था, तभी अचानक लाइन में हाई वोल्टेज करंट प्रवाहित हो गया, जिसकी चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस दुखद हादसे के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि आउटसोर्स कर्मचारियों से पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के बिना ही जोखिम भरे कार्य कराए जाते हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि कर्मचारी लाइन पर काम कर रहा था तो संबंधित लाइन का शटडाउन क्यों नहीं लिया गया और किसकी अनुमति से बिजली आपूर्ति चालू की गई। लोगों ने घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और संबंधित कंपनी के जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। यह हादसा एक बार फिर बिजली विभाग में सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी और आउटसोर्स कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा करता है।1