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उमरिया जिले के जनपद पंचायत पाली अंतर्गत ग्राम पंचायत बरहाई के ग्राम कर्कटी में नाली निर्माण कार्य में सरपंच और सचिव पर गंभीर अनियमितताएं बरतने का आरोप लगा है। यह कार्य मनरेगा मजदूरों से करवाया जाना था, लेकिन इसे जेसीबी मशीन का उपयोग करके किया गया है। निर्माण कार्य के दौरान जगह-जगह नल जल योजना की पाइपलाइन भी उखाड़ दी गई है, जिससे सरकारी योजनाओं को नुकसान पहुँच रहा है। आरोप है कि यह कार्य गलत तरीके से किया जा रहा है।
Shyamkumargupta
उमरिया जिले के जनपद पंचायत पाली अंतर्गत ग्राम पंचायत बरहाई के ग्राम कर्कटी में नाली निर्माण कार्य में सरपंच और सचिव पर गंभीर अनियमितताएं बरतने का आरोप लगा है। यह कार्य मनरेगा मजदूरों से करवाया जाना था, लेकिन इसे जेसीबी मशीन का उपयोग करके किया गया है। निर्माण कार्य के दौरान जगह-जगह नल जल योजना की पाइपलाइन भी उखाड़ दी गई है, जिससे सरकारी योजनाओं को नुकसान पहुँच रहा है। आरोप है कि यह कार्य गलत तरीके से किया जा रहा है।
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- उमरिया जिले के प्रभारी मंत्री और अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान ने मंगलवार को जिले के एक दिवसीय दौरे पर रहते हुए विकासखंड पाली के ग्राम अमिलिहा में आयोजित जन कल्याण शिविर में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया और लाभार्थियों को प्रमाण पत्र, खाद व बीज, लाडली लक्ष्मी योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं की सामग्री व प्रमाण पत्र वितरित किए। इस शिविर का आयोजन मध्यप्रदेश सरकार द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में किया जा रहा है, ताकि जनता की समस्याओं का उनके गाँव और घर पर ही समाधान हो सके तथा उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। उमरिया जिले के सभी विकासखंडों, खंड स्तरीय, नगर निगमों और नगर परिषदों में ऐसे शिविर लगाए जा रहे हैं। प्रभारी मंत्री ने जोर दिया कि इन जनकल्याण शिविरों का मुख्य फोकस केंद्र सरकार की योजनाओं पर रहेगा। उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार ने विकास, सुशासन, गरीब कल्याण और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, आयुष्मान भारत योजना, उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, मुद्रा योजना और जनधन योजना जैसी कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की हैं, जिनसे करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है। उन्होंने कहा कि इन शिविरों के माध्यम से इन योजनाओं की जानकारी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाई जाएगी और पात्र हितग्राहियों को इन योजनाओं से जोड़ने का विशेष अभियान चलाया जाएगा। नागर सिंह चौहान ने यह भी बताया कि शिविरों में मध्यप्रदेश सरकार की जनहितकारी योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार लाड़ली बहना योजना, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से जनकल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इन सभी योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को शिविरों में लाभ दिलाने की व्यवस्था की जाएगी, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के नागरिकों को सीधा फायदा मिलेगा। शिविरों की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी एक ही स्थान पर उपलब्ध रहेंगे, जिससे नागरिकों की शिकायतें, समस्याएँ और योजनाओं से संबंधित आवेदन मौके पर ही निपटाए जा सकेंगे। प्रशासन का प्रयास है कि अधिक से अधिक मामलों का समाधान मौके पर ही हो और जिन नागरिकों को किसी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है, उनके आवेदन स्वीकार कर उन्हें संबंधित योजना से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जा सके, जिससे उन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी। प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान ने भाजपा कार्यकर्ताओं और क्षेत्र के नागरिकों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनकल्याण शिविर शासन और जनता के बीच संवाद का एक प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गाँव-गाँव और वार्ड-वार्ड जाकर शिविरों की जानकारी पहुंचाने और पात्र लोगों को प्रेरित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत और मुख्यमंत्री मोहन यादव के विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प को जनभागीदारी के बिना पूरा नहीं किया जा सकता। उन्होंने क्षेत्रवासियों से 16, 17 और 18 जून को आयोजित शिविरों में अधिक से अधिक संख्या में पहुँचकर योजनाओं का लाभ लेने और समस्याओं का त्वरित समाधान कराने की अपील की। जनकल्याण शिविरों को सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और सुशासन को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इसी दौरे के दौरान, प्रभारी मंत्री ने पाली जनपद के ग्राम भिम्माडोंगरी में नल जल योजना का भी निरीक्षण किया, जहाँ विभाग के अधिकारी एच.एस. धुर्वे और सब इंजीनियर हिमांशु जायसवाल ने उन्हें निरीक्षण कराया। उन्होंने पाया कि इस गाँव के लोगों को शुद्ध पीने का पानी मिल रहा है और विभाग के अधिकारी शुद्ध जल उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।3
- उमरिया नगर के जय स्तंभ चौक और गांधी चौक पर महाराणा प्रताप सिंह जी की जयंती के अवसर पर निकाली गई भव्य जुलूस यात्रा का हिंदू मुस्लिम एकता मंच द्वारा गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया। मंच के सदस्यों ने जुलूस में शामिल लोगों का माल्यार्पण कर, पुष्पवर्षा कर और उन्हें सम्मानित कर स्वागत किया। इस दौरान महाराणा प्रताप के साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के आदर्शों को याद किया गया। कार्यक्रम के दौरान हिंदू मुस्लिम एकता मंच के संस्थापक मो. असलम शेर ने अपने संबोधन में कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक समाज या वर्ग के नहीं, बल्कि पूरे देश के गौरव हैं। उन्होंने बताया कि महाराणा प्रताप के जीवन से हमें संघर्ष, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति समर्पण की प्रेरणा मिलती है। मो. असलम शेर के अनुसार, समाज में आपसी भाईचारा, एकता और सम्मान की भावना को मजबूत करना ही महाराणा प्रताप को सच्ची श्रद्धांजलि है। मंच के संयोजक राजेंद्र कोल ने भी इस अवसर पर कहा कि ऐसे आयोजन समाज में एकता, सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करते हैं तथा सभी समुदायों को मिलकर महापुरुषों के आदर्शों को आगे बढ़ाना चाहिए। इस अवसर पर मंच के पदाधिकारी मो. अल्ताफ, अब्दुल साबित, सचिन गुप्ता, मो. मंसूर, कृष्ण कांत तिवारी सहित कई नगरवासी उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सामाजिक सद्भाव, आपसी भाईचारा और राष्ट्रीय एकता का संदेश देना था।4
- नए शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के अवसर पर आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों का उत्साहपूर्वक स्वागत किया गया, जहाँ वार्ड पार्षद सिल्लू रजक ने विशेष रूप से बच्चों का अभिनंदन किया। इस मौके पर पार्षद रजक ने बच्चों का टीका-चंदन कर उनका उत्साहवर्धन किया और उन्हें प्रोत्साहन स्वरूप ट्रॉफी तथा बिस्किट वितरित किए। पार्षद सिल्लू रजक ने बच्चों को नियमित रूप से आंगनबाड़ी आने, शिक्षा ग्रहण करने और एक स्वस्थ व संस्कारित जीवन जीने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों का सर्वांगीण विकास ही समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की नींव है। इस कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। बच्चों और उनके अभिभावकों ने इस पहल की सराहना करते हुए नए सत्र के लिए अपनी शुभकामनाएँ दीं। यह कार्यक्रम इस महत्वपूर्ण संदेश के साथ संपन्न हुआ कि बच्चे ही देश का भविष्य हैं, और उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए शिक्षा तथा संस्कारों दोनों का होना अत्यंत आवश्यक है।3
- डिंडौरी के समनापुर विकासखंड में 15 से 17 जून तक आयोजित तीन दिवसीय जन कल्याण शिविर ग्रामीणों के लिए उत्सव जैसा रहा, जहाँ केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएँ सीधे लोगों तक पहुँचीं। इस शिविर में पात्र हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के लाभ के स्वीकृति पत्र और सामग्री प्रदान की गई, जिससे उनके चेहरों पर खुशी देखी गई। प्रशासन और विभिन्न विभागों ने मिलकर ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान किया और उन्हें शासन की योजनाओं से जोड़ा। स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, ग्रामीण आजीविका, कृषि और अन्य विभागों की सेवाएँ एक ही परिसर में उपलब्ध कराई गईं, जिससे ग्रामीणों को भटकना नहीं पड़ा। शिविर की सबसे बड़ी उपलब्धि मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सामने आई, जहाँ 28 महिला स्व-सहायता समूहों को ₹1 करोड़ 68 लाख की कैश क्रेडिट लिमिट (CCL) प्रदान की गई। यह आर्थिक सहायता महिलाओं को स्वरोजगार और छोटे व्यवसायों को आगे बढ़ाने में मदद करेगी, जिसे महिलाओं ने आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। स्वास्थ्य विभाग ने भी शिविर में सक्रिय भूमिका निभाते हुए 97 लोगों के रक्त परीक्षण किए (जिसमें हीमोग्लोबिन की जाँच भी शामिल थी), 101 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और 32 पात्र व्यक्तियों के आयुष्मान कार्ड बनाए। साथ ही, 15 जरूरतमंद हितग्राहियों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए। सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में 101 पात्र हितग्राहियों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन स्वीकृत की गई, जिससे बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को आर्थिक संबल मिलेगा। अनुग्रह सहायता योजना के 13 मामलों का निराकरण कर हितग्राहियों को राहत प्रदान की गई। कृषि विभाग द्वारा 12 किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड बनाए गए, जिससे उन्हें आसान ऋण सुविधा मिल सकेगी। अन्य विभागों की विभिन्न योजनाओं के तहत भी बड़ी संख्या में पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। इस कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पावंती कुशराम, जिला पंचायत सदस्य श्री प्रीतम मरावी, जनपद सदस्य श्री राहुल पांडे, सरपंच श्रीमती ऊषा श्याम, श्री सुशील मार्को, श्री कोमनका बनवासी, भाजपा मीडिया प्रभारी श्री लखन बर्मन, श्री भाटिया जी सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री पंकज जैन और श्री रोहित उपाध्याय की मौजूदगी में हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। जनप्रतिनिधियों ने बताया कि शासन की मंशा है कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रहे, और यह जन कल्याण शिविर इसी उद्देश्य को साकार करने का माध्यम बन रहे हैं। समनापुर का यह शिविर ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और जनसेवा का एक सफल उदाहरण बनकर उभरा है, जहाँ योजनाओं ने कागजों से निकलकर सीधे लोगों के जीवन में बदलाव लाया है।4
- कटनी जिले की जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के अंतर्गत ग्राम पंचायत कटरिया में दबंगों द्वारा कथित तौर पर सरकारी भूमि पर अवैध रूप से सागौन के पेड़ काट दिए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यह सरकारी भूमि हल्का नंबर 66, खसरा नंबर 27 पर स्थित है, जहाँ 25 से 30 सागौन के पेड़ काटे गए हैं। ग्रामवासियों के अनुसार, इस भूमि पर ग्राम पंचायत द्वारा सड़क निर्माण की भी स्वीकृति दी गई थी, लेकिन सड़क नहीं बनी और "बद्री जैसा सवाल" नामक व्यक्ति ने इस जगह पर कब्जा कर लिया। ग्रामवासियों का यह भी आरोप है कि दबंग ने पटवारी से मिलकर सरकारी जमीन को अपने रिकॉर्ड में दर्ज करवा लिया है। ग्रामीणों ने बताया कि जिस जगह पर 150 साल पुराने सागौन के पेड़ थे, वे खसरे में 2024-25 में दर्ज नहीं थे, लेकिन 2026-27 में सरपंच, पटवारी और वन विभाग की कथित मिलीभगत से उन्हें खसरे में दर्ज करवा लिया गया। सबसे बड़ी बात यह है कि नदी के किनारे लगे सभी सागौन के पेड़ों को कटवा दिया गया। ग्रामवासियों का इन पेड़ों से गहरा लगाव था क्योंकि ये उनके पूर्वजों के समय के पेड़ थे और गांव की धरोहर माने जाते थे। सरकारी नियमों के अनुसार, नदी-नालों के किनारे 40 से 200 मीटर तक के पेड़ों की कटाई नहीं की जा सकती, फिर भी इन नियमों की अवहेलना करते हुए 150 साल पुराने वृक्षों को दबंगई के चलते काट दिया गया। समस्त ग्रामवासी प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि ऐसे अपराध करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। यह जानकारी कटनी से संवाददाता मुकेश कुमार यादव की रिपोर्ट में सामने आई है।3
- अनूपपुर के नेशनल हाईवे-43 पर स्थित सांडा मोड़ पर एक आइसक्रीम विक्रेता अपनी व्यस्तताओं के बावजूद मानवता और जीव प्रेम की अनूठी मिसाल पेश कर रहा है। यह युवक भीषण गर्मी में प्रतिदिन बंदरों की प्यास बुझाने का काम कर रहा है, जिसकी स्थानीय लोग भी सराहना कर रहे हैं। सांडा मोड़ के पास सरई के घने पेड़ों में बड़ी संख्या में बंदर रहते हैं। गर्मी बढ़ने के साथ ही पानी के स्रोत कम होने लगते हैं, जिससे इन वन्य जीवों को पानी के लिए भटकना पड़ता है। ऐसे मुश्किल समय में यह आइसक्रीम विक्रेता अपनी आजीविका चलाने के साथ-साथ बेजुबान जीवों की सेवा को भी अपना दायित्व मान रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वह अपनी दुकान पर ग्राहकों को आइसक्रीम बेचने के बीच-बीच में पास के हैंडपंप तक जाता है, उसे चलाकर पानी निकालता है, और जैसे ही पानी बहता है, पेड़ों पर बैठे बंदरों का झुंड अपनी प्यास बुझाने के लिए वहां पहुंच जाता है। बंदरों के पानी पी लेने के बाद युवक अपनी दुकान पर लौट आता है और दिन भर कई बार इस प्रक्रिया को दोहराता है ताकि कोई भी जीव प्यासा न रहे। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब लोग अपने स्वार्थ में व्यस्त रहते हैं, ऐसे में एक सामान्य आइसक्रीम विक्रेता द्वारा वन्य जीवों के प्रति दिखाई जा रही यह संवेदनशीलता समाज के लिए प्रेरणादायक है। विशेषज्ञों का भी मानना है कि गर्मी में पक्षियों और वन्य जीवों के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना एक बड़ा पुण्य का कार्य है, क्योंकि पानी की कमी से जीव गंभीर संकट में पड़ सकते हैं। इस आइसक्रीम विक्रेता का सेवा कार्य किसी प्रचार के लिए नहीं, बल्कि जीवों के प्रति उसकी सहज संवेदना का परिणाम है। उसका यह प्रयास यह संदेश देता है कि मानवता केवल इंसानों की सेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रकृति और उसमें रहने वाले प्रत्येक जीव के प्रति दया और जिम्मेदारी निभाने में भी है। उसका यह निस्वार्थ कार्य साबित करता है कि दूसरों के लिए किया गया छोटा सा प्रयास भी किसी बड़े पुण्य और तीर्थ यात्रा से कम नहीं होता।1
- उमरिया में जन कल्याण शिविर के दौरान, प्रभारी मंत्री ने अमिलिया गाँव का दौरा किया और वहाँ की जनता की समस्याओं को सुना। इसके अतिरिक्त, उन्होंने भीम्मदोगरी गाँव में शासन द्वारा चलाई जा रही नल-जल योजना का निरीक्षण भी किया, जिसका उद्देश्य ग्रामवासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है। इस निरीक्षण के दौरान, विभाग से एच.एस. धुर्वे और सब इंजीनियर हिमांशु जायसवाल भी उपस्थित रहे।1
- अनूपपुर में कलेक्टर हर्षल पंचोली की अध्यक्षता और पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराव की उपस्थिति में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न कार्यों की विस्तृत चर्चा हुई और पूर्व में लिए गए निर्णयों के अनुपालन की समीक्षा की गई। कलेक्टर पंचोली ने सभी निर्माण एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय से सड़क सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता पर लागू करने के निर्देश दिए, यह कहते हुए कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को ओवरलोड वाहनों पर विशेष निगरानी रखने और नियमानुसार कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया, क्योंकि ओवरलोडिंग सड़क दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण है। पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराव ने जिले में सड़क सुरक्षा मजबूत करने और यातायात नियमों के प्रभावी पालन के लिए विशेष जनजागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। उन्होंने हेलमेट के अनिवार्य उपयोग और यातायात नियमों के पालन के संबंध में व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने आमजन से वाहन चलाते समय नियमित रूप से हेलमेट का उपयोग करने की अपील की, इसे कानूनी आवश्यकता के साथ-साथ जीवन की सुरक्षा का महत्वपूर्ण साधन बताया। बैठक में यातायात विभाग ने बताया कि जिले में पहले से चिन्हित 11 ब्लैक स्पॉट्स में से अधिकांश स्थानों पर सुधारात्मक कार्य और दुर्घटनाओं में कमी आने के कारण उन्हें ब्लैक स्पॉट की श्रेणी से हटा दिया गया है। वर्तमान में केवल 4 ब्लैक स्पॉट बचे हैं, जो राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित हैं। विभाग ने यह भी जानकारी दी कि वर्ष 2026 में अब तक 187 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें 232 लोग घायल हुए हैं और 71 लोगों की मृत्यु हुई है। इस पर कलेक्टर पंचोली ने दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी और ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स सांदा तिराहा, बदरा तिराहा, पसला ढाबा और तुलरा चौराहा पर रात्रिकालीन प्रकाश व्यवस्था, स्पीड ब्रेकर, संकेतक बोर्ड और अन्य आवश्यक सुरक्षात्मक व्यवस्थाएं शीघ्र स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए संबंधित विभागों को समन्वित और प्रभावी कार्रवाई करनी होगी, तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में चचाई रोड स्थित नो-एंट्री पॉइंट पर प्रकाश व्यवस्था, भुंडा कोना एवं राजेंद्रग्राम क्षेत्र में स्पीड ब्रेकर निर्माण, अमरकंटक चौराहे में स्पीड ब्रेकर लगाने, और आदर्श मार्ग, शंकर मंदिर तिराहा सहित अन्य प्रमुख तिराहों व चौराहों पर अतिक्रमण एवं यातायात जाम की समस्या के निराकरण हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए गए। नगर पालिका अनूपपुर, यातायात विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों को समन्वय स्थापित कर सप्ताह में एक दिन अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने का भी निर्देश दिया गया। इस बैठक में डिप्टी कलेक्टर कमलेश पुरी, जिला परिवहन अधिकारी सुरेंद्र सिंह गौतम, यातायात प्रभारी विनोद दुबे सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।1
- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एमपी नगर स्थित शासकीय प्रेस के सामने एक युवक बिजली के खंभे पर चढ़ गया। युवक के खंभे पर चढ़ने की खबर मिलते ही मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। सूचना मिलते ही एमपी नगर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास कर रही है। हालांकि, युवक के खंभे पर चढ़ने के कारणों का फिलहाल कोई खुलासा नहीं हुआ है।1