आसपुर में तेज बारिश 35 दिन बाद बारिश... आधे घंटे गिरी, अब 4 दिन झमाझम की उम्मीद किसानों को राहत, मुरझाती फसलों को बारिश से मिली संजीवनी आसपुर में बारिश से सड़कों पर भरा पानी। बारिश होने से क्षेत्र के एनीकट, बांध भी अब तक खाली पड़े हैं। ऐसे में फिर से बारिश होती है तो इनमें पानी की आवक के आसार बन सकते है। दिनभर रुक-रुक कर बरसे बदरा आसपुर विगत कई दिनों से रुठा मानसून रविवार को एक बार फिर से सक्रिय हुआ। बारिश के चलते खेतों में दम तोड़ती फसलों को जीवनदान मिला। गांव सहित क्षेत्र के कई गांवों में रविवार को सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। और झमाझम बारिश का दौर चलता रहा तेज हवाओं व बिजली के कड़कने के बीच सुबह से तेज बारिश शुरु हुई। इससे सड़कों पर पानी बहने लगा। वहीं, लोगों को गर्मी व उमस से कुछ राहत मिली। पिछले लंबे समय से बारिश नहीं होने से खरीफ की फसल सूखने के कगार पर थी, जिससे चलते किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें भी आ आई थीं। इसके चलते बारिश की कामना को लेकर पूजा-अर्चना का दौर भी शुरू हुआ। इस बीच बारिश का दौर शुरू होने से किसानों ने राहत की सांस ली है। आसपुर में तेज बारिश 35 दिन बाद बारिश... आधे घंटे गिरी, अब 4 दिन झमाझम की उम्मीद किसानों को राहत, मुरझाती फसलों को बारिश से मिली संजीवनी आसपुर में बारिश से सड़कों पर भरा पानी। बारिश होने से क्षेत्र के एनीकट, बांध भी अब तक खाली पड़े हैं। ऐसे में फिर से बारिश होती है तो इनमें पानी की आवक के आसार बन सकते है। दिनभर रुक-रुक कर बरसे बदरा आसपुर विगत कई दिनों से रुठा मानसून रविवार को एक बार फिर से सक्रिय हुआ। बारिश के चलते खेतों में दम तोड़ती फसलों को जीवनदान मिला। गांव सहित क्षेत्र के कई गांवों में रविवार को सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। और झमाझम बारिश का दौर चलता रहा तेज हवाओं व बिजली के कड़कने के बीच सुबह से तेज बारिश शुरु हुई। इससे सड़कों पर पानी बहने लगा। वहीं, लोगों को गर्मी व उमस से कुछ राहत मिली। पिछले लंबे समय से बारिश नहीं होने से खरीफ की फसल सूखने के कगार पर थी, जिससे चलते किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें भी आ आई थीं। इसके चलते बारिश की कामना को लेकर पूजा-अर्चना का दौर भी शुरू हुआ। इस बीच बारिश का दौर शुरू होने से किसानों ने राहत की सांस ली है। किसानों को राहत, मुरझाती फसलों को बारिश से मिली संजीवनी आसपुर में बारिश से सड़कों पर भरा पानी। बारिश होने से क्षेत्र के एनीकट, बांध भी अब तक खाली पड़े हैं। ऐसे में फिर से बारिश होती है तो इनमें पानी की आवक के आसार बन सकते है। दिनभर रुक-रुक कर बरसे बदरा आसपुर विगत कई दिनों से रुठा मानसून रविवार को एक बार फिर से सक्रिय हुआ। बारिश के चलते खेतों में दम तोड़ती फसलों को जीवनदान मिला। गांव सहित क्षेत्र के कई गांवों में रविवार को सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। और झमाझम बारिश का दौर चलता रहा तेज हवाओं व बिजली के कड़कने के बीच सुबह से तेज बारिश शुरु हुई। इससे सड़कों पर पानी बहने लगा। वहीं, लोगों को गर्मी व उमस से कुछ राहत मिली। पिछले लंबे समय से बारिश नहीं होने से खरीफ की फसल सूखने के कगार पर थी, जिससे चलते किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें भी आ आई थीं। इसके चलते बारिश की कामना को लेकर पूजा-अर्चना का दौर भी शुरू हुआ। इस बीच बारिश का दौर शुरू होने से किसानों ने राहत की सांस ली है।
आसपुर में तेज बारिश 35 दिन बाद बारिश... आधे घंटे गिरी, अब 4 दिन झमाझम की उम्मीद किसानों को राहत, मुरझाती फसलों को बारिश से मिली संजीवनी आसपुर में बारिश से सड़कों पर भरा पानी। बारिश होने से क्षेत्र के एनीकट, बांध भी अब तक खाली पड़े हैं। ऐसे में फिर से बारिश होती है तो इनमें पानी की आवक के आसार बन सकते है। दिनभर रुक-रुक कर बरसे बदरा आसपुर विगत कई दिनों से रुठा मानसून रविवार को एक बार फिर से सक्रिय हुआ। बारिश के चलते खेतों में दम तोड़ती फसलों को जीवनदान मिला। गांव सहित क्षेत्र के कई गांवों में रविवार को सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। और झमाझम बारिश का दौर चलता रहा तेज हवाओं व बिजली के कड़कने के बीच सुबह से तेज बारिश शुरु हुई। इससे सड़कों पर पानी बहने लगा। वहीं, लोगों को गर्मी व उमस से कुछ राहत मिली। पिछले लंबे समय से बारिश नहीं होने से खरीफ की फसल सूखने के कगार पर थी, जिससे चलते किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें भी आ आई थीं। इसके चलते बारिश की कामना को लेकर पूजा-अर्चना का दौर भी शुरू हुआ। इस बीच बारिश का दौर शुरू होने से किसानों ने राहत की सांस ली है। आसपुर में तेज बारिश 35 दिन बाद बारिश... आधे घंटे गिरी, अब 4 दिन झमाझम की उम्मीद किसानों को राहत, मुरझाती फसलों को बारिश से मिली संजीवनी आसपुर में बारिश से सड़कों पर भरा पानी। बारिश होने से क्षेत्र के एनीकट, बांध भी अब तक खाली पड़े हैं। ऐसे में फिर से बारिश होती है तो इनमें पानी की आवक के आसार बन सकते है। दिनभर रुक-रुक कर बरसे बदरा आसपुर विगत कई दिनों से रुठा मानसून रविवार को एक बार फिर से सक्रिय हुआ। बारिश के चलते खेतों में दम तोड़ती फसलों को जीवनदान मिला। गांव सहित क्षेत्र के कई गांवों में रविवार को सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। और झमाझम बारिश का दौर चलता रहा तेज हवाओं व बिजली के कड़कने के बीच सुबह से तेज बारिश शुरु हुई। इससे सड़कों पर पानी बहने लगा। वहीं, लोगों को गर्मी व उमस से कुछ राहत मिली। पिछले लंबे समय से बारिश नहीं होने से खरीफ की फसल सूखने के कगार पर थी, जिससे चलते किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें भी आ आई थीं। इसके चलते बारिश की कामना को लेकर पूजा-अर्चना का दौर भी शुरू हुआ। इस बीच बारिश का दौर शुरू होने से किसानों ने राहत की सांस ली है। किसानों को राहत, मुरझाती फसलों को बारिश से मिली संजीवनी आसपुर में बारिश से सड़कों पर भरा पानी। बारिश होने से क्षेत्र के एनीकट, बांध भी अब तक खाली पड़े हैं। ऐसे में फिर से बारिश होती है तो इनमें पानी की आवक के आसार बन सकते है। दिनभर रुक-रुक कर बरसे बदरा आसपुर विगत कई दिनों से रुठा मानसून रविवार को एक बार फिर से सक्रिय हुआ। बारिश के चलते खेतों में दम तोड़ती फसलों को जीवनदान मिला। गांव सहित क्षेत्र के कई गांवों में रविवार को सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। और झमाझम बारिश का दौर चलता रहा तेज हवाओं व बिजली के कड़कने के बीच सुबह से तेज बारिश शुरु हुई। इससे सड़कों पर पानी बहने लगा। वहीं, लोगों को गर्मी व उमस से कुछ राहत मिली। पिछले लंबे समय से बारिश नहीं होने से खरीफ की फसल सूखने के कगार पर थी, जिससे चलते किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें भी आ आई थीं। इसके चलते बारिश की कामना को लेकर पूजा-अर्चना का दौर भी शुरू हुआ। इस बीच बारिश का दौर शुरू होने से किसानों ने राहत की सांस ली है।
- नगरीय चुनावों में भाजपा की ऐतिहासिक जीत, जनता ने प्रधानमंत्री मोदी के विकास कार्यों पर लगाई मोहर : मुख्यमंत्री भाजपा की जीत कार्यकर्ताओं के परिश्रम का परिणाम, आगामी पंचायत चुनावों में भी बड़ी विजय का जताया विश्वास जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने पिछले ढाई वर्षों से अधिक के कार्यकाल में जो ऐतिहासिक कार्य किए हैं, राजस्थान की जनता ने नगरीय चुनावों में भाजपा को भारी समर्थन देकर उन पर अपनी मोहर लगाई है। जनता ने प्रधानमंत्री के विकसित भारत और विकसित राजस्थान के संकल्प को स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि नगरीय चुनावों में भाजपा की यह जीत कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम का परिणाम है और आगामी पंचायत चुनावों में भी भाजपा को बड़ी विजय हासिल होगी। मुख्यमंत्री सोमवार को भाजपा प्रदेश मुख्यालय पर नगरीय चुनावों में भाजपा के पक्ष में आए परिणामों को लेकर मीडिया से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने चुनावी जीत को भाजपा के कार्यकर्ताओं को समर्पित करते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं की मेहनत, समर्पण और जनसेवा की भावना के कारण पार्टी ने ऐतिहासिक विजय हासिल की है। उन्होंने कहा कि इन चुनावों के माध्यम से प्रदेश के युवाओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके विकास विजन पर एक बार फिर भरोसा जताया है। आज राजस्थान के साथ-साथ पूरे देश का युवा प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और उनकी नीतियों के साथ खड़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक विभिन्न योजनाओं को प्रभावी रूप से धरातल पर उतारा है। भाजपा के जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने जनता के बीच जाकर महिला, युवा और गरीब कल्याण से जुड़े कार्य किए हैं। सरकार की योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए गए। इसी का परिणाम है कि मतदाताओं ने भाजपा सरकार पर विश्वास जताते हुए नगरीय चुनावों में पार्टी के पक्ष में जनादेश दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने अपने संकल्प पत्र के 78 प्रतिशत वादे पूरे कर दिए हैं। सरकार नगरीय विकास संकल्प पत्र में किए गए वादों को भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ पूरा करेगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि नगरीय निकाय चुनावों के बाद अब आगामी पंचायत चुनावों में भी भाजपा को बड़ी जीत प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि जनता का यह विश्वास सरकार को और अधिक मजबूती के साथ विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की प्रेरणा देगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि इस जनादेश के माध्यम से मतदाताओं ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि भाजपा ही ऐसी पार्टी है, जो जनता की आवाज सुनकर संवेदनशीलता के साथ उनके हित में कार्य करती है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का उद्देश्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि जनविश्वास के अनुरूप विकास और जनकल्याण के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि नगरीय चुनावों का यह जनादेश ‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ के पक्ष में भी जनता की स्वीकृति को दर्शाता है। मतदाताओं ने माना है कि एक साथ चुनाव होने से विकास कार्यों में तेजी आती है और सरकारी संसाधनों एवं समय की बचत होती है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के शासनकाल पर निशाना साधते हुए कहा कि उस समय लगातार दो-दो वर्षों तक नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव होते रहते थे, जिससे विकास कार्य प्रभावित होते थे। उन्होंने कहा कि एक साथ चुनाव होने से प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी और सरकार तथा जनप्रतिनिधि अधिक प्रभावी ढंग से विकास कार्यों पर ध्यान दे सकेंगे।4
- सागवाड़ा नगरपालिका अध्यक्ष पद की दौड़ में कौन सबसे आगे? सागवाड़ा नगर पालिका 2026: अध्यक्ष पद की दौड़ में कौन सबसे आगे? सागवाड़ा नगर पालिका चुनाव 2026 में भाजपा ने 23 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। कांग्रेस 8 सीटों पर सिमट गई, जबकि सभी एग्जिट पोल और राजनीतिक आकलन पीछे छूट गए। अब शहर की सबसे बड़ी राजनीतिक चर्चा नगर पालिका अध्यक्ष के चेहरे को लेकर है। कोकिला कलाल (वार्ड 5) कड़े मुकाबले में जीत दर्ज कर चर्चा के केंद्र में हैं। ओबीसी वर्ग से आने वाली कोकिला कलाल को सामाजिक संतुलन और महिला नेतृत्व के दृष्टिकोण से मजबूत दावेदार माना जा रहा है। श्रद्धा पांचाल (वार्ड 11) 292 मतों के साथ प्रभावशाली जीत, पूर्व पार्षद का अनुभव, मजबूत जनाधार और संगठनात्मक सक्रियता उन्हें अध्यक्ष पद की दौड़ में प्रमुख नाम बना रही है। अन्य चर्चित नाम: निर्मला दरजी (वार्ड 19) आशा पाटीदार (वार्ड 33) रीना कंसारा (वार्ड 6) वहीं वार्ड 24 से पहली बार चुनाव लड़ने वाले रमीज राजा ने 25 साल पुराने कांग्रेस के गढ़ को ध्वस्त करते हुए रिकॉर्ड जीत दर्ज की और प्रतिद्वंद्वी की जमानत तक जब्त करवा दी। फिलहाल फैसला भाजपा संगठन के हाथ में है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि सागवाड़ा नगर पालिका अध्यक्ष की जिम्मेदारी किस चेहरे को सौंपी जाएगी। आपकी राय में नगर पालिका अध्यक्ष कौन बनना चाहिए?1
- भरत पंड्या संवाददाता डुंगरपुर 9829264909 डूंगरपुर नगर परिषद चुनाव 2026: जीत के बाद नवनिर्वाचित पार्षदों का शपथ ग्रहण, बोर्ड गठन की प्रक्रिया शुरू । भरत पंड्या संवाददाता डुंगरपुर 9829264909 डूंगरपुर नगर परिषद चुनाव 2026: जीत के बाद नवनिर्वाचित पार्षदों का शपथ ग्रहण, बोर्ड गठन की प्रक्रिया शुरू । डूंगरपुर। डूंगरपुर नगर परिषद चुनाव के नतीजे घोषित होने के तुरंत बाद विजयी घोषित हुए सभी पार्षदों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। निर्वाचन अधिकारियों द्वारा सभी नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को तय प्रक्रिया के तहत औपचारिक रूप से शपथ दिलवाई गई। 40 वार्डों वाली नगर परिषद में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 24, कांग्रेस के 12, भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के 3 और 1 निर्दलीय पार्षद ने जीत दर्ज की है। चुनावी नतीजे सामने आने और शपथ ग्रहण के बाद अब नगर परिषद के नए अध्यक्ष (सभापति) के चुनाव की प्रक्रिया को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। प्रमुख बिंदु: पद की शपथ: चुनाव में जीत हासिल करने वाले सभी दलों एवं निर्दलीय पार्षदों को आधिकारिक रूप से शपथ दिलाई गई। नगर परिषद की स्थिति: कुल 40 सीटों में से भाजपा 24, कांग्रेस 12, बीएपी 3 और निर्दलीय 1 सीट पर विजयी रहे हैं। सभापति चुनाव की तैयारी: शपथ ग्रहण संपन्न होने के साथ ही बोर्ड बनाने और सभापति के निर्वाचन के लिए राजनीतिक दलों ने अपनी गोटियां बिछाना शुरू कर दिया है।1
- डूंगरपुर में बहुमत के बाद भी बाड़ेबंदी बरकरार... प्रमाण पत्र लेने कलेक्ट्रेट पहुंचे पार्षद, बाहर परिवारों ने फूलमालाओं से किया स्वागत डूंगरपुर। नगर निकाय चुनाव का परिणाम साफ होने और डूंगरपुर व सागवाड़ा में भाजपा को बहुमत मिलने के बाद सोमवार देर शाम राजनीतिक हलचल और तेज हो गई। करीब एक सप्ताह से बाड़ेबंदी में रखे भाजपा और कांग्रेस के जीते प्रत्याशी सीधे डूंगरपुर जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां रिटर्निंग अधिकारी कार्यालय में विजेता पार्षदों ने अपने-अपने प्रमाण पत्र लिए और शपथ ली।कलेक्ट्रेट पहुंचने पर भाजपा के कई नेता और कार्यकर्ता प्रत्याशियों के स्वागत के लिए मौजूद रहे। वहीं 38 में से 12 सीटों पर जीत दर्ज करने वाले कांग्रेस के पार्षद भी बाड़ेबंदी से कलेक्ट्रेट पहुंचे और औपचारिकताएं पूरी कीं।प्रमाण पत्र लेने के बाद जैसे ही भाजपा के विजेता पार्षद कलेक्ट्रेट गेट से बाहर निकले, वहां पहले से मौजूद उनके परिवार के लोगों ने उन्हें घेर लिया। परिजनों ने फूलमालाएं पहनाकर विजेता प्रत्याशियों का स्वागत किया। करीब एक सप्ताह बाद परिवार से मुलाकात का यह दृश्य भावुक भी नजर आया। इसके बाद भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के विजेता पार्षद वापस बाड़ेबंदी के लिए रवाना हो गए। डूंगरपुर और सागवाड़ा में सभापति का चुनाव 21 सितंबर को होना है। ऐसे में बहुमत का आंकड़ा स्पष्ट होने के बावजूद दोनों प्रमुख दल अपने पार्षदों को एकजुट रखने में जुटे हैं। प्रमाण पत्र और शपथ की औपचारिकता पूरी होने के बाद भी पार्षदों का बाड़ेबंदी में लौटना इसी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।1
- कलाल समाज द्वारा गैंजी में हर्षोल्लास से स्थापित किए गए सिद्धि विनायक गैंजी। कस्बे में कलाल समाज के तत्वावधान में गणेश चतुर्थी का पर्व बड़ी ही श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। समाज द्वारा आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में भगवान श्री गणेश जी की मनमोहक प्रतिमा की स्थापना की गई। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान मुख्य यजमान श्रीमती ज्योति कलाल पत्नी श्री प्रवीण जी कलाल - DC विलास) दोनों जोडे ने विधि-विधानपूर्वक पूजन-अर्चन कर गणपति बाप्पा को विराजमान किया। इस दौरान वातावरण 'जय गणेश, जय गणेश देव' की मधुर आरती और भजनों से गुंजायमान रहा। आरती के दौरान समाज की महिलाओं, पुरुषों एवं गणमान्य नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और देश-प्रदेश में खुशहाली की प्रार्थना की। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी भक्तों एवं श्रद्धालुओं में प्रसादी वितरित की गई।4
- रास्तापाल में शहीदों की भूमि पर हमारे लोकप्रिय डूंगरपुर बांसवाड़ा के सांसद का स्वागत किया गया वागड़ की न्यूज़ चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले1
- आसपुर में तेज बारिश 35 दिन बाद बारिश... आधे घंटे गिरी, अब 4 दिन झमाझम की उम्मीद किसानों को राहत, मुरझाती फसलों को बारिश से मिली संजीवनी आसपुर में बारिश से सड़कों पर भरा पानी। बारिश होने से क्षेत्र के एनीकट, बांध भी अब तक खाली पड़े हैं। ऐसे में फिर से बारिश होती है तो इनमें पानी की आवक के आसार बन सकते है। दिनभर रुक-रुक कर बरसे बदरा आसपुर विगत कई दिनों से रुठा मानसून रविवार को एक बार फिर से सक्रिय हुआ। बारिश के चलते खेतों में दम तोड़ती फसलों को जीवनदान मिला। गांव सहित क्षेत्र के कई गांवों में रविवार को सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। और झमाझम बारिश का दौर चलता रहा तेज हवाओं व बिजली के कड़कने के बीच सुबह से तेज बारिश शुरु हुई। इससे सड़कों पर पानी बहने लगा। वहीं, लोगों को गर्मी व उमस से कुछ राहत मिली। पिछले लंबे समय से बारिश नहीं होने से खरीफ की फसल सूखने के कगार पर थी, जिससे चलते किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें भी आ आई थीं। इसके चलते बारिश की कामना को लेकर पूजा-अर्चना का दौर भी शुरू हुआ। इस बीच बारिश का दौर शुरू होने से किसानों ने राहत की सांस ली है। आसपुर में तेज बारिश 35 दिन बाद बारिश... आधे घंटे गिरी, अब 4 दिन झमाझम की उम्मीद किसानों को राहत, मुरझाती फसलों को बारिश से मिली संजीवनी आसपुर में बारिश से सड़कों पर भरा पानी। बारिश होने से क्षेत्र के एनीकट, बांध भी अब तक खाली पड़े हैं। ऐसे में फिर से बारिश होती है तो इनमें पानी की आवक के आसार बन सकते है। दिनभर रुक-रुक कर बरसे बदरा आसपुर विगत कई दिनों से रुठा मानसून रविवार को एक बार फिर से सक्रिय हुआ। बारिश के चलते खेतों में दम तोड़ती फसलों को जीवनदान मिला। गांव सहित क्षेत्र के कई गांवों में रविवार को सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। और झमाझम बारिश का दौर चलता रहा तेज हवाओं व बिजली के कड़कने के बीच सुबह से तेज बारिश शुरु हुई। इससे सड़कों पर पानी बहने लगा। वहीं, लोगों को गर्मी व उमस से कुछ राहत मिली। पिछले लंबे समय से बारिश नहीं होने से खरीफ की फसल सूखने के कगार पर थी, जिससे चलते किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें भी आ आई थीं। इसके चलते बारिश की कामना को लेकर पूजा-अर्चना का दौर भी शुरू हुआ। इस बीच बारिश का दौर शुरू होने से किसानों ने राहत की सांस ली है। किसानों को राहत, मुरझाती फसलों को बारिश से मिली संजीवनी आसपुर में बारिश से सड़कों पर भरा पानी। बारिश होने से क्षेत्र के एनीकट, बांध भी अब तक खाली पड़े हैं। ऐसे में फिर से बारिश होती है तो इनमें पानी की आवक के आसार बन सकते है। दिनभर रुक-रुक कर बरसे बदरा आसपुर विगत कई दिनों से रुठा मानसून रविवार को एक बार फिर से सक्रिय हुआ। बारिश के चलते खेतों में दम तोड़ती फसलों को जीवनदान मिला। गांव सहित क्षेत्र के कई गांवों में रविवार को सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। और झमाझम बारिश का दौर चलता रहा तेज हवाओं व बिजली के कड़कने के बीच सुबह से तेज बारिश शुरु हुई। इससे सड़कों पर पानी बहने लगा। वहीं, लोगों को गर्मी व उमस से कुछ राहत मिली। पिछले लंबे समय से बारिश नहीं होने से खरीफ की फसल सूखने के कगार पर थी, जिससे चलते किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें भी आ आई थीं। इसके चलते बारिश की कामना को लेकर पूजा-अर्चना का दौर भी शुरू हुआ। इस बीच बारिश का दौर शुरू होने से किसानों ने राहत की सांस ली है।1
- भरत पंड्या संवाददाता डुंगरपुर 9829264909 धर्म नगरी वसी में 7 दिवसीय गणेशोत्सव की भव्य शुरुआत: विधिवत स्थापना, पूजन और ब्रह्मभोज महाप्रसाद का हुआ आयोजन । भरत पंड्या संवाददाता डुंगरपुर 9829264909 धर्म नगरी वसी में 7 दिवसीय गणेशोत्सव की भव्य शुरुआत: विधिवत स्थापना, पूजन और ब्रह्मभोज महाप्रसाद का हुआ आयोजन । विशेष संवाददाता। धर्म नगरी वसी में 7 दिवसीय गणेशोत्सव कार्यक्रम का गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर भव्य और भक्तिमय माहौल में शुभारंभ हुआ। आयोजन की शुरुआत में श्रद्धालुओं द्वारा विधिवत रूप से भगवान गणपति की प्रतिमा स्थापित की गई और विशेष पूजन-अर्चन संपन्न कराया गया। स्थापना व पूजन के पश्चात विशाल ब्रह्मभोज और महाप्रसाद का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर महाप्रसाद ग्रहण किया और भगवान श्री गणेश का आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजन की मुख्य विशेषताएं: गणपति स्थापना: मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ भगवान गणेश की प्रतिमा विराजमान की गई। विशेष पूजन: भव्य आरती एवं धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। महाप्रसाद: पूजन के उपरांत विशाल ब्रह्मभोज व महाप्रसाद वितरण हुआ। 7 दिवसीय कार्यक्रम: आगामी सात दिनों तक लगातार विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक और भजन-कीर्तन के आयोजन होंगे। गणेशोत्सव को लेकर पूरी धर्म नगरी में भक्ति और उत्साह का वातावरण बना हुआ है तथा पांडालों को भव्य रूप से सजाया गया है।1
- नगर निकाय डूंगरपुर चुनाव परिणाम भारतीय जनता पार्टी ने हासिल किया बहुमत 40 मे से 24 वार्डो पर दर्ज की जीत। डूंगरपुर संवाददाता तेजसिंह राठौड 9929285157 नगरपालिका डूंगरपुर चुनाव परिणाम: भारतीय जनता पार्टी ने हासिल किया बहुमत, 24 वार्डों पर दर्ज की जीत । डूंगरपुर। नगरपालिका डूंगरपुर के चुनाव परिणामों की सूची जारी हो गई है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कुल 40 वार्डों में से 24 वार्डों में जीत दर्ज करते हुए स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। वहीं, इंडियन नेशनल कांग्रेस 12 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही। इस चुनाव में भारत आदिवासी पार्टी ने 3 सीटों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है, जबकि 1 सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार की जीत हुई है। दलगत स्थिति: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा): 24 सीटें इंडियन नेशनल कांग्रेस: 12 सीटें भारत आदिवासी पार्टी: 3 सीटें निर्दलीय: 1 सीट वार्ड वार विजयी अभ्यर्थियों की सूची: वार्ड 1: भोपाल सिंह (भारतीय जनता पार्टी) वार्ड 2: प्रकाश पंचाल (भारतीय जनता पार्टी) वार्ड 3: जशुबहेन डोडा (इंडियन नेशनल कांग्रेस) वार्ड 4: लक्ष्मी सेवक (भारतीय जनता पार्टी) वार्ड 5: डायालाल पाटीदार (इंडियन नेशनल कांग्रेस) वार्ड 6: बंशीलाल साद (इंडियन नेशनल कांग्रेस) वार्ड 7: मानशंकर यादव (इंडियन नेशनल कांग्रेस) वार्ड 8: किरण (इंडियन नेशनल कांग्रेस) वार्ड 9: फ़रीदा बेगम (इंडियन नेशनल कांग्रेस) वार्ड 10: रिज़वान कुरैशी (इंडियन नेशनल कांग्रेस) वार्ड 11: माया ननोमा (भारतीय जनता पार्टी) वार्ड 12: अनसार अहमद ख़ाँ (इंडियन नेशनल कांग्रेस) वार्ड 13: धर्मेन्द्र कुमार (भारतीय जनता पार्टी) वार्ड 14: हंसा देवी (भारतीय जनता पार्टी) वार्ड 15: नीता सोगपुरा (भारतीय जनता पार्टी) वार्ड 16: मनीष सेवक (भारतीय जनता पार्टी) वार्ड 17: मोहम्मद इकबाल (भारत आदिवासी पार्टी) वार्ड 18: मोहम्मद शाहिद (भारत आदिवासी पार्टी) वार्ड 19: शमशाद कुरैशी (भारत आदिवासी पार्टी) वार्ड 20: शैलेश मेहता (भारतीय जनता पार्टी) वार्ड 21: हिमांशु भावसार (भारतीय जनता पार्टी) वार्ड 22: भूपेन्द्र पालीवाल (भारतीय जनता पार्टी) वार्ड 23: मनन कलासुआ (भारतीय जनता पार्टी) वार्ड 24: योगेश कोटड़िया (इंडियन नेशनल कांग्रेस) वार्ड 25: भारतेन्द्र आमलिया (भारतीय जनता पार्टी) वार्ड 26: भरत नागदा (इंडियन नेशनल कांग्रेस) वार्ड 27: गणेश लाल (इंडियन नेशनल कांग्रेस) वार्ड 28: चेतन कुमार खराडी (भारतीय जनता पार्टी) वार्ड 29: सुशीला गुप्ता (भारतीय जनता पार्टी) वार्ड 30: सुमित्रा जैन (भारतीय जनता पार्टी) वार्ड 31: सुनील जैन (निर्दलीय) वार्ड 32: अनिल (भारतीय जनता पार्टी) वार्ड 33: वर्षा चौबीसा (भारतीय जनता पार्टी) वार्ड 34: प्रभु लाल पटेल (भारतीय जनता पार्टी) वार्ड 35: गौरव कंसारा (इंडियन नेशनल कांग्रेस) वार्ड 36: माया सुथार (भारतीय जनता पार्टी) वार्ड 37: प्रभु पण्ड्या (भारतीय जनता पार्टी) वार्ड 38: सूर्य सिंह शक्तावत (भारतीय जनता पार्टी) वार्ड 39: खुशबू चौहान (भारतीय जनता पार्टी) वार्ड 40: बीना लबाना (भारतीय जनता पार्टी)1