चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन ने बेतिया जीएमसीएच में पत्रकारों के साथ हुई मारपीट की घटना को बेहद दुखद और निंदनीय बताया है। उन्होंने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि जीएमसीएच लगातार विवादों में रहा है, और अब पत्रकारों पर हुए हमले ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विधायक ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में मीडिया और पत्रकारों को संविधान का चौथा स्तंभ माना जाता है, ऐसे में रिपोर्टिंग के दौरान पत्रकारों को रोकना और उनके साथ मारपीट करना घोर निंदनीय है। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया कि घटना के बाद भी अब तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है, जो अपने आप में कानून-व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाता है। अभिषेक रंजन ने आरोप लगाया कि जीएमसीएच में पहले से ही मरीजों और उनके परिजनों के साथ दुर्व्यवहार की शिकायतें आती रही हैं। उनका दावा है कि अस्पताल की अव्यवस्थाओं को छिपाने के लिए कुछ असामाजिक तत्वों का इस्तेमाल कर पत्रकारों को डराने और उन्हें रिपोर्टिंग से रोकने की कोशिश की जा रही है, ताकि अस्पताल के भीतर व्याप्त कुव्यवस्था जनता और मीडिया की नजरों से दूर रहे। विधायक ने इस घटना को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला बताया। उन्होंने कहा कि पहले आम लोगों और मरीजों के परिजनों को परेशान किया जाता था, लेकिन अब पत्रकारों को निशाना बनाया जा रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए।
चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन ने बेतिया जीएमसीएच में पत्रकारों के साथ हुई मारपीट की घटना को बेहद दुखद और निंदनीय बताया है। उन्होंने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि जीएमसीएच लगातार विवादों में रहा है, और अब पत्रकारों पर हुए हमले ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विधायक ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में मीडिया और पत्रकारों को संविधान का चौथा स्तंभ माना जाता है, ऐसे में रिपोर्टिंग के दौरान पत्रकारों को रोकना और उनके साथ मारपीट करना घोर निंदनीय है। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया कि घटना के बाद भी अब तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है, जो अपने आप में कानून-व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाता है। अभिषेक रंजन ने आरोप लगाया कि जीएमसीएच में पहले से ही मरीजों और उनके परिजनों के साथ दुर्व्यवहार की शिकायतें आती रही हैं। उनका दावा है कि अस्पताल की अव्यवस्थाओं को छिपाने के लिए कुछ असामाजिक तत्वों का इस्तेमाल कर पत्रकारों को डराने और उन्हें रिपोर्टिंग से रोकने की कोशिश की जा रही है, ताकि अस्पताल के भीतर व्याप्त कुव्यवस्था जनता और मीडिया की नजरों से दूर रहे। विधायक ने इस घटना को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला बताया। उन्होंने कहा कि पहले आम लोगों और मरीजों के परिजनों को परेशान किया जाता था, लेकिन अब पत्रकारों को निशाना बनाया जा रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए।
- भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी को उनके जन्मदिन के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं और बधाइयां दी गई हैं। यह बधाई 20 जून को प्रेषित की गई।1
- चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन ने बेतिया जीएमसीएच में पत्रकारों के साथ हुई मारपीट की घटना को बेहद दुखद और निंदनीय बताया है। उन्होंने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि जीएमसीएच लगातार विवादों में रहा है, और अब पत्रकारों पर हुए हमले ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विधायक ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में मीडिया और पत्रकारों को संविधान का चौथा स्तंभ माना जाता है, ऐसे में रिपोर्टिंग के दौरान पत्रकारों को रोकना और उनके साथ मारपीट करना घोर निंदनीय है। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया कि घटना के बाद भी अब तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है, जो अपने आप में कानून-व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाता है। अभिषेक रंजन ने आरोप लगाया कि जीएमसीएच में पहले से ही मरीजों और उनके परिजनों के साथ दुर्व्यवहार की शिकायतें आती रही हैं। उनका दावा है कि अस्पताल की अव्यवस्थाओं को छिपाने के लिए कुछ असामाजिक तत्वों का इस्तेमाल कर पत्रकारों को डराने और उन्हें रिपोर्टिंग से रोकने की कोशिश की जा रही है, ताकि अस्पताल के भीतर व्याप्त कुव्यवस्था जनता और मीडिया की नजरों से दूर रहे। विधायक ने इस घटना को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला बताया। उन्होंने कहा कि पहले आम लोगों और मरीजों के परिजनों को परेशान किया जाता था, लेकिन अब पत्रकारों को निशाना बनाया जा रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए।1
- बेतिया स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच) में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उस समय तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब पूर्व में कार्यरत गोस्वामी सिक्योरिटी सर्विस के गार्डों ने नई सुरक्षा एजेंसी के गार्डों का विरोध करते हुए हंगामा और नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों पर आरोप है कि इस दौरान उन्होंने नए पदस्थापित गार्डों के साथ धक्का-मुक्की की और उन्हें काम करने से रोका। विरोध प्रदर्शन कर रहे गार्डों का कहना है कि वे वर्ष 2017 से जीएमसीएच में कार्यरत थे और कोरोना महामारी के दौरान भी अपनी जान जोखिम में डालकर ड्यूटी निभाई थी। इसके बावजूद, नई सुरक्षा एजेंसी के आने से करीब 400 पुराने गार्डों के सामने बेरोजगारी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। गोस्वामी सिक्योरिटी सर्विस के गार्ड अवध किशोर पांडे ने आरोप लगाया कि पहले की एजेंसी स्थानीय स्तर पर कार्यालय संचालित कर कर्मचारियों को काम देती थी, जबकि नई एजेंसी के संचालक उन्हें पटना बुला रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नौकरी देने के नाम पर ₹30,000 की मांग की जा रही है, और कर्मचारियों से मोबाइल पर यह कहलवाया जा रहा है कि उन्हें बिना पैसे के बहाल किया जा रहा है। गार्डों ने मांग की है कि नई एजेंसी बेतिया में ही कार्यालय खोले, बहाली प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा करे और योग्य पुराने कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराए। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनके साथ न्याय नहीं होगा, तब तक वे नई सुरक्षा एजेंसी का विरोध जारी रखेंगे। उन्होंने जिला प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर पुराने सुरक्षा गार्डों के रोजगार की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी की है।1
- बिहार पशुपालन विभाग ने नौतन प्रखंड में गरीब और जरूरतमंद लाभुकों को 90 प्रतिशत अनुदान पर ब्लैक बंगाल बकरियों का वितरण किया है। इस पहल के माध्यम से ग्रामीणों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है, जिसे आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। डॉ. अमित कुमार श्रीवास्तव ने इस बात पर बल दिया कि बकरी पालन ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके आर्थिक सशक्तिकरण के लिए एक बड़ा कदम है। बिहार सरकार की इस बकरी वितरण योजना से गांवों की आर्थिक तस्वीर बदलने की उम्मीद है।1
- सुगौली पुलिस ने मिली सूचना के आधार पर एक छापेमारी कर कार्रवाई की। इस दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में 260 लीटर देशी चुलाई शराब बरामद की और एक कारोबारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।1
- जन सुराज के व्यावसायिक प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष संजीव कुमार सोनी ने भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत भूषण तिवारी की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। योगापट्टी प्रखंड के मच्छरगांवा नगर पंचायत अंतर्गत हथिया गांव निवासी सोनी ने इस घटना की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि सच्चाई सामने आनी चाहिए। उन्होंने शनिवार की देर शाम करीब आठ बजे अपनी यह बात रखी। संजीव कुमार सोनी ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि सभी पुलिस कार्रवाई संविधान और कानून के दायरे में ही होनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि किसी पुलिस कार्रवाई को लेकर जनता के मन में संदेह पैदा होता है, तो सरकार की यह जिम्मेदारी है कि वह निष्पक्ष जांच कराकर सच्चाई को उजागर करे। सोनी ने आरोप लगाया कि इस एनकाउंटर को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, जन सुराज पार्टी ने भी स्वतंत्र एजेंसी या उच्चस्तरीय समिति से इस घटना की जांच कराने की मांग की है, ताकि न्याय और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।1
- नौतन थाना क्षेत्र के खड्डा कुंजलही मलाह टोली गांव में बरात के दौरान शुरू हुआ विवाद शनिवार दोपहर को फिर से भड़क उठा, जिसके परिणामस्वरूप एक युवक चाकू लगने से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार, बीती रात बरात में दो समुदायों के युवकों के बीच वर्चस्व को लेकर मारपीट हुई थी। शनिवार दोपहर यह विवाद तब गहराया जब गांव के हीरामन चौधरी नहर चौक पर अपनी बाइक धुलवाने पहुंचे। वहां पुराने विवाद को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए, जिसके बाद हाथापाई शुरू हो गई और एक पक्ष के लोगों ने हीरामन चौधरी पर चाकू से हमला कर उन्हें घायल कर दिया। घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण माहौल बन गया। सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ-2 रजनीकांत प्रियदर्शी, थानाध्यक्ष प्रमोद पासवान, बीडीओ शैलेन्द्र कुमार सिंह सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी और क्विक एक्शन टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर स्थिति को शांत किया। एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस बल तैनात कर कैंप किया गया है। घायल युवक का इलाज जीएमसीएच में चल रहा है, जबकि प्रशासन गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार प्रयासरत है।1