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viral video:- लोगों की बेवकूफी बनती है मौत की वजह, रेलवे ट्रैक की वीडियो उड़ा देगी होश! रश ऑवर के दौरान सिर्फ समय बचाने के लिए एक दिव्यांग व्यक्ति को रेलवे ट्रैक पार करते हुए देखा गया। उसकी वजह से आ रही ट्रेन को अपनी गति धीमी करनी पड़ी। अगर सही समय पर ट्रेन धीमी नहीं होती, तो वह चपेट में आ सकता था और उसकी जान जा सकती थी। लोग इतनी बेवकूफी भरी हरकतें क्यों करते हैं?
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viral video:- लोगों की बेवकूफी बनती है मौत की वजह, रेलवे ट्रैक की वीडियो उड़ा देगी होश! रश ऑवर के दौरान सिर्फ समय बचाने के लिए एक दिव्यांग व्यक्ति को रेलवे ट्रैक पार करते हुए देखा गया। उसकी वजह से आ रही ट्रेन को अपनी गति धीमी करनी पड़ी। अगर सही समय पर ट्रेन धीमी नहीं होती, तो वह चपेट में आ सकता था और उसकी जान जा सकती थी। लोग इतनी बेवकूफी भरी हरकतें क्यों करते हैं?
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- पोर्टर के सिस्टम का झोल और पीआर स्टंट एक्सपोज | Apna Cargo Partner सोशल मीडिया पर आजकल एक वीडियो बहुत वायरल हो रहा है जिसमें पोर्टर ऐप को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं—जैसे ₹999 रिफंड मिलना और कस्टमर के पैसे डूबने पर कंपनी का जिम्मेदार होना। लेकिन ग्राउंड पर सच्चाई क्या है? आज 'अपना कार्गो पार्टनर' चैनल पर इस पूरे फर्जी पीआर स्टंट का पर्दाफाश किया गया है! इस वीडियो में मैंने अपने खुद के असली सबूत दिखाए हैं: ❌ शामली ट्रिप का ₹4250 पेंडिंग पेमेंट और जेब से गया लेबर-कांटा खर्च। ❌ ऑफिस के चक्कर काटने के बाद व्हाट्सएप मैसेज का इग्नोर होना। ❌ -₹584 के चक्कर में बिना सोचे-समझे आईडी सस्पेंड कर देना। क्या सच में ग्राउंड पर यही हाल है? वीडियो को पूरा देखें और कमेंट करके अपनी राय ज़रूर बताएं। अगर आप चैनल पर नए हैं तो सब्सक्राइब करना न भूलें ताकि ऐसी ही सच्ची खबरें आप तक सबसे पहले पहुंचती रहें। 📌 Original Video Credit: Munna Kumar Guddu (Facebook Page) #PorterExposed #ApnaCargoPartner #CommercialDriver #GroundReality #PorterFraud #TransportLife #DriverIssues #DelhiNCRDrivers1
- Uttar Pradesh Ghaziabad स्वाट/सर्विलांस टीम ट्रान्स हिण्डन जोन व थाना इन्दिरपुरम पुलिस टीम द्वारा खुद को उच्च रैंक का अधिकारी बताकर नोटिस के सैटलमेन्ट के नाम पर अवैध वसूली करने वाले 03 शातिर अभियुक्त गिरफ्तार, कब्जे से 01 लाख 92 हजार रुपये व 03 मोबाइल फोन व 01 डायरी बरामद । उक्त सम्बन्ध में श्री धवल जायसवाल, पुलिस उपायुक्त नगर/ट्रांस हिंडन की वीडियो बाइट-1
- मुरादनगर में हत्या के बाद पुलिस का शिकंजा, तीन और वांछित आरोपी गिरफ्तार।कन्नौज गांव में खूनी संघर्ष का मामला, आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल हथियार बरामद। जनपद गाजियबाद के मुरादनगर ग्राम कन्नौज में हुई हत्या और जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए तीन और वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार भी बरामद किए हैं।पुलिस के मुताबिक, 30 अगस्त 2026 की शाम करीब 4:30 बजे रिंकू उर्फ रिशांत के साथ 'भाई' न कहने की बात को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि सोनू उर्फ कार्तिक शर्मा ने अपने साथियों के साथ मिलकर रिंकू के साथ मारपीट शुरू कर दी। परिजनों के विरोध करने पर मामला और बिगड़ गया और आरोपियों ने तलवार व अन्य हथियारों से हमला कर दिया।आरोप है कि हमलावर घर में घुस गए और वहां भी मारपीट की। हमले में देवेंद्र शर्मा की मौत हो गई, जबकि मनीष, अंकित, सचिन और रिंकू गंभीर रूप से घायल हो गए।मामले में तहरीर के आधार पर मुरादनगर थाना पुलिस ने BNS की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने 31 अगस्त को तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।इसी क्रम में 2 सितंबर 2026 को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने जितेंद्र उर्फ जीतू, दीपू त्यागी और मोहित उर्फ छोटा मोहित को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर एक तलवार, हथौड़ेनुमा बारूद वाली रॉड और लोहे का सरिया बरामद किया है।पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।1
- अलीगढ़ :- सड़कों के जाम में बेबस पिता,बीमार बेटी ने पिता की गोद में ही ली अंतिम सांस! बेटी की तबीयत बिगड़ी तो पिता उसे गोद में लेकर अस्पताल के लिए दौड़ा, लेकिन रास्ते में 2 KM लंबा जाम मिल गया। पिता जाम खुलने का इंतजार करता रहा… मगर जाम नहीं खुला। आखिरकार बीमार बेटी ने पिता की गोद में ही दम तोड़ दिया।1
- जनपद गाजियाबाद में आज दिनांक 02.09.2026 को पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट गाजियाबाद महोदय की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण गोष्ठी आयोजित की गई। आज दिनांक 02.09.2026 को पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट गाजियाबाद महोदय की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण गोष्ठी आयोजित की गई। इस बैठक में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था/यातायात), पुलिस उपायुक्त (यातायात), अपर पुलिस उपायुक्त (यातायात), समस्त सहायक पुलिस आयुक्त (यातायात) तथा समस्त यातायात निरीक्षक उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य पिछले महीने की प्रवर्तन कार्यवाहियों की समीक्षा करना, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में लगने वाले जाम से आम जनता को निजात दिलाना था। इसके साथ ही पुलिस प्रबंधन और अन्य कार्यदायी संस्थाओं के बीच समन्वय स्थापित कर लंबित कार्यों को यथाशीघ्र पूर्ण कराने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसके अलावा निम्न बिन्दुओं पर कार्ययोजना के तहत निम्न कार्यों को पूर्ण कराने हेतु निर्णय लिया गयाः- साप्ताहिक विशेष ड्रंक एण्ड ड्राइव अभियानः प्रत्येक सप्ताह के अंत में सड़क सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए, प्रत्येक शुक्रवार और शनिवार की शाम को विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान शराब पीकर वाहन चलाने वाले चालकों की कड़ी चेकिंग की जाएगी तथा शराब पीकर वाहन चलाते पाये जाने वाले चालको के विरूद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सके। जैब्रा लाइन नियमों का पालनः शहर के प्रमुख चौराहों और तिराहों पर जहां जैब्रा लाइनें बनी हैं, वहां वाहन चालकों को पी.ए. (पब्लिक एड्रेस) सिस्टम और सीसीटीवी कैमरों के जरिए सचेत किया जाएगा कि रेड लाईट होने पर अपने वाहन को जैब्रा लाइन के पीछे ही रोकें और यातायात नियमों का पालन करें। Ø आईटीएमएस के माध्यम से चालानः शहर में बिना हेलमेट, ट्रिपल राइडिंग और रेड लाइट उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरूद्ध आईटीएमएस (ITMS) के द्वारा कुल 1,26,105 चालान किए गए हैं। भविष्य में भी यातायात पुलिस नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी विशेष सतर्कता बरतेगी। इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकलः प्रत्येक सबजोन में यातायात व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त करने के लिए एक इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल की तैनाती की जाएगी। जैसे ही सबजोन के किसी भी हिस्से में जाम लगने की सूचना मिलेगी, यह टीम तुरंत मौके पर पहुंचकर यातायात को सुचारू और सामान्य कराएगी। सोशल मीडिया पर लाइव अपडेटः आम नागरिकों के दैनिक आवागमन को सुगम बनाने के लिए नगर के मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति की जानकारी यातायात पुलिस के सोशल मीडिया X हैंडल Gzbtrafficpol के माध्यम से नियमित रूप से अपडेट की जायेगी।1
- गाजियाबाद के मसूरी में किराए के कमरे पर मिला यातायात सिपाही का शव, पुलिस जांच में जुटी। गाजियाबाद के थाना मसूरी क्षेत्र से एक दुखद और सनसनीखेज खबर सामने आई है। मसूरी स्थित आकाश नगर में यातायात पुलिस में तैनात एक पुलिसकर्मी अपने किराए के कमरे में मृत अवस्था में पाए गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। मृतक पुलिसकर्मी की पहचान योगेश कुमार शर्मा के रूप में हुई है, जो गाजियाबाद यातायात पुलिस में कार्यरत थे। वह अपने किराए के मकान में बेड पर मृत पड़े मिले। पुलिस के अनुसार मृतक के शरीर पर किसी भी तरह की बाहरी चोट या हिंसा के जाहिरा निशान नहीं मिले हैं। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल पुलिस मामले में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई कर रही है। बाइट- सुनील कुमार, सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) मसूरी1
- कनावनी के किसानों का संघर्ष रंग लाया, आसपास के गांवों ने बढ़ाया समर्थन 20 वें दिन भी संघर्ष जारी गाजियाबाद। कनावनी के किसानों को आसपास के गांवों मकनपुर, अर्थला, पहलादगढ़ी, छिजारसी, बहलोलपुर, दुजाना और कचेडा सहित कई गांवों के किसानों का लगातार समर्थन मिल रहा है अन्य गांवों के किसान भी समर्थन देने धरना स्थल पर पहुंच रहे हैं ग्रामीणों ने कनावनी के किसानों के संघर्ष में पूरी ताकत के साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया। किसानों का कहना है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार कनावनी गांव की भूमि का मुआवजा निर्धारित आधार पर दिया जाना चाहिए, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन द्वारा कथित रूप से अन्य गांवों के आधार पर मुआवजा दिए जाने की प्रक्रिया की जा रही है। किसानों का आरोप है कि इस तरह की कार्रवाई से माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का अनुपालन नहीं हो रहा है। किसान श्रीचंद नागर ने बताया कि कनावनी के किसान पिछले 20 दिनों से अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से धरने पर बैठे हैं। किसानों की मांग बिल्कुल स्पष्ट है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए कनावनी गांव की भूमि का उचित मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि आसपास के गांवों से मिल रहा समर्थन किसानों की एकजुटता को दर्शाता है और अब यह संघर्ष लगातार मजबूत हो रहा है। किसानों ने स्पष्ट कहा कि जब तक माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का पूर्ण रूप से अनुपालन करते हुए कनावनी गांव की भूमि का उचित मुआवजा नहीं दिया जाता, तब तक उनका धरना लगातार जारी रहेगा। किसानों ने प्रशासन से मांग की कि मामले में किसी प्रकार की मनमानी न की जाए और न्यायालय के आदेश के अनुरूप ही मुआवजे की प्रक्रिया पूरी की जाए। किसानों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर पिछले 20 दिनों से धरने पर बैठे हैं, लेकिन अभी तक उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ है। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, उनका संघर्ष जारी रहेगा। आज धरने में मौजूद किसान एम.एस. नागर, चतर सिंह नागर, कैलाश नागर, श्याम सिंह अधाना, अंतराज कसाना, राजेंद्र नागर, जयपाल नागर, बाबू नागर, प्रवीण नागर, देवेंद्र नागर, अशोक कसाना, लेखराम जाटव, ओमप्रकाश बैंसला, बिजेंद्र बेसोया, अजय, अरुण, पिंटू आदि किसान मौजूद रहे।2
- गाजियाबाद पुलिस ने पूर्व आईबी अधिकारी सहित तीन लोग किए गिरफ्तार गाजियाबाद के इंदिरापुरम में NIA और CBI के नाम का डर दिखाकर करोड़ों की वसूली का खेल सामने आया है। खुद को बड़े सरकारी अधिकारी बताने वाले आरोपियों ने कारोबारी को ऐसा डराया कि मामला सेटल कराने के नाम पर 15 करोड़ रुपये तक की डिमांड कर डाली। पुलिस ने इस कथित वसूली गैंग के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 1 लाख 92 हजार रुपये कैश, तीन मोबाइल फोन और एक डायरी बरामद हुई है। वहीं दो आरोपी अभी फरार हैं। कहानी शुरू होती है गाजियाबाद के कारोबारी विकास मित्तल की दिल्ली स्थित फर्म से जुड़े एक नोटिस से... नोटिस NIA और CBI से संबंधित होने की बात सामने आई, और इसी को आरोपियों ने कमाई का हथियार बना लिया। पुलिस के मुताबिक, पहले फर्म के मैनेजर योगेश से संपर्क किया गया। सलमान नाम के शख्स ने दावा किया कि उसकी बड़े-बड़े अधिकारियों से पहचान है और वह नोटिस का सेटलमेंट करा सकता है। इसके बाद अनिल प्रताप सिंह ने खुद को उच्च रैंक का अधिकारी बताकर कारोबारी पक्ष से संपर्क किया। आरोप है कि कारोबारी को डराया गया— नोटिस का सेटलमेंट नहीं कराया तो जेल जाना पड़ेगा... फर्म बर्बाद हो जाएगी... और इसी डर के बीच मामले को निपटाने के नाम पर 15 करोड़ रुपये खर्च होने की बात कही गई। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने कारोबारी से डराने-धमकाने के जरिए रकम वसूलना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, पैसे लेने के लिए आरोपी खुद कारोबारी के पास पहुंचे। इसी मामले में शिकायत मिलने के बाद इंदिरापुरम पुलिस, स्वाट और सर्विलांस टीम ने जांच शुरू की। CCTV फुटेज, मैनुअल इनपुट और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने तीन आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अंकित द्विवेदी, अनिल प्रताप सिंह और सिद्धार्थ जैन के तौर पर हुई है। इनके पास से 1 लाख 92 हजार रुपये, तीन मोबाइल फोन और एक डायरी बरामद हुई है। वहीं इस पूरे मामले के दो किरदार अभी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं— अनिकेत उर्फ कबीर और सलमान। पुलिस ने दोनों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगा दी हैं। अब जांच सिर्फ तीन गिरफ्तारियों तक सीमित नहीं है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि NIA-CBI के नोटिस की जानकारी आरोपियों तक कैसे पहुंची, इस कथित नेटवर्क में और कौन लोग शामिल हैं और कारोबारी से अब तक कितनी रकम वसूली गई। यानी सरकारी जांच एजेंसियों का नाम... अफसर बनने का फर्जी रौब... जेल भेजने का डर... और फिर करोड़ों के सेटलमेंट की डिमांड— इंदिरापुरम में कथित फर्जी अफसरों के इस खेल ने पूरे मामले को बेहद गंभीर बना दिया है।1
- जिम के बाहर प्रॉपर्टी डीलर की ताबड़तोड़ गोली मारकर हत्या, वारदात से इलाके में मचा हड़कंप दिल्ली के नरेला से इस वक्त की बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। नरेला के बांकनेर गांव में आज सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब जिम के बाहर एक प्रॉपर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान हरियाणा के सोनीपत जिले के नाहरी गांव निवासी करीब 42 वर्षीय प्रमोद कुमार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि प्रमोद कुमार प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते थे।1