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Uttar Pradesh Ghaziabad स्वाट/सर्विलांस टीम ट्रान्स हिण्डन जोन व थाना इन्दिरपुरम पुलिस टीम द्वारा खुद को उच्च रैंक का अधिकारी बताकर नोटिस के सैटलमेन्ट के नाम पर अवैध वसूली करने वाले 03 शातिर अभियुक्त गिरफ्तार, कब्जे से 01 लाख 92 हजार रुपये व 03 मोबाइल फोन व 01 डायरी बरामद । उक्त सम्बन्ध में श्री धवल जायसवाल, पुलिस उपायुक्त नगर/ट्रांस हिंडन की वीडियो बाइट-
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Uttar Pradesh Ghaziabad स्वाट/सर्विलांस टीम ट्रान्स हिण्डन जोन व थाना इन्दिरपुरम पुलिस टीम द्वारा खुद को उच्च रैंक का अधिकारी बताकर नोटिस के सैटलमेन्ट के नाम पर अवैध वसूली करने वाले 03 शातिर अभियुक्त गिरफ्तार, कब्जे से 01 लाख 92 हजार रुपये व 03 मोबाइल फोन व 01 डायरी बरामद । उक्त सम्बन्ध में श्री धवल जायसवाल, पुलिस उपायुक्त नगर/ट्रांस हिंडन की वीडियो बाइट-
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- थाना वेव सिटी क्षेत्र में लूट का पर्दाफाश: 4 बदमाश गिरफ्तार, 2.03 लाख रुपये बरामद। गाजियाबाद :- स्वाट टीम अपराध शाखा और थाना वेव सिटी पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस टीम ने 21 अगस्त 2026 को दिल्ली-मेरठ रोड पर हुई 24.85 लाख रुपये की सनसनीखेज वारदात का सफल अनावरण करते हुए 4 वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट गाजियाबाद द्वारा अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे सशक्त अभियान के तहत 1 सितंबर 2026 को यह संयुक्त कार्रवाई की गई। पकड़े गए अभियुक्त शान, अनस उर्फ चुहिया, सोनू उर्फ अरमान और कामिल के कब्जे से पुलिस ने लूट के 2,03,540 रुपये बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने कुबूल किया कि उन्होंने 21 अगस्त की शाम हाईटेक कॉलेज डासना के सामने थार गाड़ी को स्कॉर्पियो से ओवरटेक करके रोका और नकदी लूटी थी। इस वारदात के लिए आरोपियों को मेरठ की कंपनी से कैश दिल्ली जाने की जानकारी मिली थी, जिसके बाद आस मोहम्मद, आसिफ और ओसामा के साथ मिलकर रेकी व गाड़ियों का इंतजाम कर इस घटना को अंजाम दिया गया था।1
- स्कूल टाइम पर जाम से बेहाल शालीमार गार्डन, जिम्मेदार कौन? गाजियाबाद। शालीमार गार्डन में स्कूल टाइम शुरू होते ही ग्रीन फील्ड स्कूल के आसपास सड़क पर वाहनों का दबाव बढ़ जाता है। देखते ही देखते लंबा जाम लग जाता है। इस जाम में स्कूली बच्चे, अभिभावक, स्थानीय निवासी और नौकरी-पेशा लोग घंटों फंसने को मजबूर दिखाई देते हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्कूल के बाहर ट्रैफिक को व्यवस्थित करने के लिए न तो स्कूल की ओर से पर्याप्त कर्मचारी या गार्ड नजर आते हैं और न ही स्कूल टाइम के दौरान यातायात पुलिस की नियमित व्यवस्था दिखाई देती है। स्कूल की छुट्टी और प्रवेश के समय सड़क पर एक साथ बड़ी संख्या में वाहन पहुंचते हैं। अभिभावक अपने बच्चों को लेने के लिए वाहन खड़े करते हैं, जिससे सड़क पर जगह कम पड़ जाती है और धीरे-धीरे जाम लंबा होता चला जाता है। सबसे बड़ी चिंता स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर है। जाम के बीच बच्चों को सड़क पार करने में परेशानी होती है और पैदल चलने वाले लोगों को भी वाहनों के बीच से निकलना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि स्कूल टाइम के दौरान कुछ समय के लिए ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की जाए, स्कूल की ओर से ट्रैफिक गार्ड लगाए जाएं और वाहनों के खड़े होने के लिए उचित व्यवस्था की जाए तो इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। अब सवाल यह है कि स्कूल टाइम में रोज लगने वाले इस जाम की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? क्या स्कूल प्रबंधन को अपने गेट के बाहर यातायात व्यवस्था में सहयोग नहीं करना चाहिए? क्या ट्रैफिक पुलिस को स्कूल खुलने और छुट्टी होने के समय विशेष व्यवस्था नहीं करनी चाहिए? और सबसे महत्वपूर्ण सवाल—क्या बच्चों और आम लोगों को रोज इसी तरह जाम में फंसते रहना पड़ेगा? स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन, यातायात पुलिस और स्कूल प्रबंधन मिलकर मौके का निरीक्षण करें और स्कूल टाइम के दौरान स्थायी ट्रैफिक व्यवस्था लागू करें। संवाददाता रेनू पुरी4
- गाजियाबाद के पुलिसकर्मियों द्वारा यातायात नियमों का उल्लंघन पुलिसकर्मियों द्वारा यातायात नियमों का उल्लंघन 02/09/2026 को प्राप्त वीडियो के अनुसार: 1. *0:06 से 0:17 सेकंड तक:* खाकी वर्दी में एक पुलिसकर्मी काले रंग की स्कूटी चला रहा है, जिसकी पीछे की नंबर प्लेट पर वाहन संख्या अंकित नहीं है। 2. *0:19 से 0:28 सेकंड तक:* मेट्रो पिलर / फ्लाईओवर के नीचे सर्विस रोड पर दूसरी बाइक पर सवार खाकी शर्ट पहने पुलिसकर्मी ने हेलमेट धारण नहीं किया है। उक्त दोनों कृत्य मोटर वाहन अधिनियम के तहत यातायात नियमों का स्पष्ट उल्लंघन हैं। निवेदन है कि वीडियो के आधार पर संबंधितों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।1
- 🚨 Porter Ki Pol Khol (Part 4) | Waiting Charge का 'Manual Button' धोखा! 😡 भाइयों, क्या आपका भी 'वेटिंग चार्ज' (Waiting Charge) ₹00 (Zero) आता है? याद है पहले पिकअप लोकेशन के 100 मीटर पास पहुँचते ही 'वेटिंग टाइम' GPS से ऑटोमैटिक शुरू हो जाता था? लेकिन अब सिस्टम ने कोडिंग बदलकर एक नया ट्रैप (जाल) बिछा दिया है! अब पिकअप पर 'Blue Button (Loading Complete)' और ड्रॉप पर 'Red Button (End Trip)' दबाना मैंडेटरी कर दिया है। अगर माल लादने और उतारने की जल्दबाज़ी में आपने ये बटन दबाना मिस कर दिया... तो चाहे आप 3 घंटे खड़े रहें, आपका वेटिंग चार्ज सीधा ₹00 (Zero) हो जाएगा! ❌ 👇 यह कोई गलती नहीं, बल्कि कंपनी का एक 'कोडिंग ट्रैप (Coding Trap)' है ताकि हमारी मेहनत का पैसा मारा जा सके! और कस्टमर केयर अपना पल्ला झाड़ लेता है। ड्राइवर भाइयों, इस वीडियो को हर एक कमर्शियल ड्राइवर तक पहुँचाएँ ताकि कोई भी भाई इस जाल में न फँसे। इस वीडियो को अपने WhatsApp और Facebook ग्रुप्स में ज़रूर शेयर करें! 🔥 कल आ रहा है Part 5: 'हेल्पर' और 'आउटस्टेशन' बटन का सबसे बड़ा झुनझुना! (बटन आपका, लेकिन कंट्रोल किसका?) सच्चाई जानने और ड्राइवर हकों की आवाज़ उठाने के लिए चैनल को अभी SUBSCRIBE करें: अपना कार्गो पार्टनर 🚚 ⚠️ डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह वीडियो केवल कमर्शियल ड्राइवर भाइयों की जागरूकता, शिक्षा (Education) और उनके हकों की जानकारी देने के उद्देश्य से बनाया गया है। इसका मकसद किसी भी कंपनी, ऐप या ब्रांड की छवि खराब करना या उन्हें नुकसान पहुँचाना नहीं है। दी गई जानकारी ड्राइवरों के ग्राउंड लेवल के अनुभवों पर आधारित है।1
- बिहार में 100 वर्ष पुराना मंदिर नदी में बहा,हजारों लोगों की जान मुश्किल में ! बिहार के भागलपुर के शंकरपुर में 100 वर्ष पुराना मंदिर नदी में बहा , शंकर पुर गाँव में चैती माता दुर्गा मंदिर देखते ही देखते गंगा नदी में समा गया , मंदिर के डूबने के खौफनाक मंजर को देखने के लिये हजारों की संख्या में गाँव के लोग उमड़ पड़े,1
- दिल्ली के रोहिणी इलाके में हत्या के मामले में एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया दिल्ली के रोहिणी इलाके में हत्या के मामले में एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया नॉर्दर्न रेंज के जो सीपी विजय सिंह ने बताया 1 सितंबर की रात को कॉल मिली थी घर में लूट हुई है और एक व्यक्ति बेहोशी हालत में पड़ा है जिसको हॉस्पिटल लेकर या डॉक्टर ने मृत्यु घोषित किया गई है इसमें हत्या के तहत मामला दर्ज किया कुछ ही घंटे में मृतक की एक रिश्तेदार महिला दो अन्य टोटल तीन को गिरफ्तार किया और एक आरोपी फरार है1
- स्वाट/सर्विलांस और इंदिरापुरम पुलिस की बड़ी कार्रवाई: खुद को उच्च अधिकारी बताकर अवैध वसूली करने वाले 3 शातिर गिरफ्तार। गाजियाबाद की स्वाट/सर्विलांस टीम ट्रान्स हिण्डन जोन और थाना इन्दिरपुरम पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने साझा कार्रवाई करते हुए खुद को फर्जी उच्च रैंक का अधिकारी बताकर लोगों को ठगने वाले तीन शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह लोगों को झूठे कानूनी नोटिस भेजकर और मामला रफा-दफा (सैटलमेन्ट) करने के नाम पर डरा-धमकाकर भारी अवैध वसूली करता था। पुलिस ने अभियुक्तों की निशानदेही और कब्जे से 1 लाख 92 हजार रुपये की नकदी, 3 मोबाइल फोन और वसूली का हिसाब-किताब रखने वाली 1 डायरी बरामद की है। प्राथमिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बनाकर फर्जी अधिकारी का रोब झाड़ते थे और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर मोटी रकम ऐंठते थे। पुलिस अब इनके अन्य साथियों और पुराने आपराधिक इतिहास की गहनता से छानबीन कर रही है, ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके।1
- 4 गोल्ड मेडल जीतने वाला खिलाड़ी बेच रहा सब्जी,सरकारी नौकरी को तरस रहा परिवार ! झारखंड के 29 वर्षीय थ्रो-बॉल खिलाड़ी अमरदीप ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए 4 गोल्ड मेडल जीते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अब तक सरकारी नौकरी नहीं मिली। आजीविका और परिवार की जरूरतें पूरी करने के लिए वह रांची के अरगोड़ा चौक पर सब्जियां बेचने के साथ कैब भी चलाते हैं। अमरदीप के मुताबिक, वह 2016 से प्रोत्साहन राशि और 2020 से नौकरी के लिए प्रयास कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए उन्हें कई बार कर्ज भी लेना पड़ा, जिसमें मलेशिया जाने के लिए ₹65,000 का कर्ज शामिल है।1
- महामाया स्टेडियम में गंदगी और भीषण गर्मी में पंखे न होने से खिलाड़ियों में आक्रोश महामाया स्टेडियम में गंदगी और भीषण गर्मी में पंखे न होने से खिलाड़ियों में आक्रोश गाजियाबाद। महामाया स्पोर्ट्स स्टेडियम के बैडमिंटन कोर्ट में बदहाल व्यवस्था को लेकर खिलाड़ियों में भारी आक्रोश है। लगभग एक वर्ष बाद खुले बैडमिंटन कोर्ट में न तो सफाई की उचित व्यवस्था है और न ही इस भीषण गर्मी में खिलाड़ियों के लिए पंखों की व्यवस्था है। बैडमिंटन खिलाड़ी और राष्ट्रीय लोकदल के जिला संयोजक अरुण चौधरी भूलन ने बताया कि लगभग एक साल बाद कोर्ट खुला है, लेकिन एक साल बाद भी हालात जस के तस हैं। उन्होंने कहा कि पहले कोर्ट में पंखे लगे हुए थे, जो ठेकेदार और कर्मचारियों की मिलीभगत से गायब कर दिए गए हैं। अरुण चौधरी ने बताया कि भीषण गर्मी से राहत के लिए पंखे लगवाने हेतु कई बार लिखित में क्रीड़ा अधिकारी को पत्र दिया जा चुका है, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी कोर्ट में कई जगहों पर सीलन आना यह दर्शाता है कि अधिकारी किस तरह सरकारी पैसे का दुरुपयोग कर सरकार की छवि को धूमिल करने का काम कर रहे हैं। इस मौके पर मौजूद अन्य खिलाड़ियों ने कहा कि यदि जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी तो वे इस मामले की शिकायत जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री से करेंगे। अरुण चौधरी भूलन जिला संयोजक, राष्ट्रीय लोकदल एवं बैडमिंटन खिलाड़ी, महामाया स्टेडियम1