जगदलपुर में बोध घाट थाना से ज्योति नर्सरी तक जाने वाले एयरपोर्ट के पीछे की सड़क पर रोजाना कचरा फेंका जा रहा है। इससे करकापाल हाट, कचोरा, देवकी होम्स और अन्य ग्रामीण जो इस मार्ग से आवागमन करते हैं, उनके स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ हो रहा है। रात के अंधेरे में चुपचाप तरीके से इस जगह पर केमिकल वेस्ट, बिल्डिंग का कचरा, नारियल के छिलके, इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं, कांच के सामान और मरे हुए प्राणी जैसे विभिन्न प्रकार के अपशिष्ट पदार्थ फेंके जाते हैं। इस अत्यधिक गंदगी के कारण यहां से गुजरने वाले नागरिकों को नाक सिकुड़कर चलना पड़ता है। इसके साथ ही, सड़क के बगल में ही एयरपोर्ट होने से यहां आकर्षित होने वाले पक्षी इत्यादि विमानों की लैंडिंग के दौरान खतरा पैदा कर सकते हैं। आवारा पशु भी यहां खाने की तलाश में डेरा डालते हैं, जिनकी आपस में टक्कर से दुपहिया वाहन चालकों के साथ गंभीर दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है। आश्चर्य की बात यह है कि कचरा नहीं फेंकने संबंधी बोर्ड भी इस स्थान पर लगे हुए हैं, फिर भी कचरा फेंकने वाले उसकी कद्र नहीं करते। रोजाना कई वाहन इस तरह कचरा फेंक कर चले जाते हैं और उन्हें रोकने वाला कोई नहीं है, जिससे यह समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।
जगदलपुर में बोध घाट थाना से ज्योति नर्सरी तक जाने वाले एयरपोर्ट के पीछे की सड़क पर रोजाना कचरा फेंका जा रहा है। इससे करकापाल हाट, कचोरा, देवकी होम्स और अन्य ग्रामीण जो इस मार्ग से आवागमन करते हैं, उनके स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ हो रहा है। रात के अंधेरे में चुपचाप तरीके से इस जगह पर केमिकल वेस्ट, बिल्डिंग का कचरा, नारियल के छिलके, इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं, कांच के सामान और मरे हुए प्राणी जैसे विभिन्न प्रकार के अपशिष्ट पदार्थ फेंके जाते हैं। इस अत्यधिक गंदगी के कारण यहां से गुजरने वाले नागरिकों को नाक सिकुड़कर चलना पड़ता है। इसके साथ ही, सड़क के बगल में ही एयरपोर्ट होने से यहां आकर्षित होने वाले पक्षी इत्यादि विमानों की लैंडिंग के दौरान खतरा पैदा कर सकते हैं। आवारा पशु भी यहां खाने की तलाश में डेरा डालते हैं, जिनकी आपस में टक्कर से दुपहिया वाहन चालकों के साथ गंभीर दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है। आश्चर्य की बात यह है कि कचरा नहीं फेंकने संबंधी बोर्ड भी इस स्थान पर लगे हुए हैं, फिर भी कचरा फेंकने वाले उसकी कद्र नहीं करते। रोजाना कई वाहन इस तरह कचरा फेंक कर चले जाते हैं और उन्हें रोकने वाला कोई नहीं है, जिससे यह समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।
- जगदलपुर में बोध घाट थाना से ज्योति नर्सरी तक जाने वाले एयरपोर्ट के पीछे की सड़क पर रोजाना कचरा फेंका जा रहा है। इससे करकापाल हाट, कचोरा, देवकी होम्स और अन्य ग्रामीण जो इस मार्ग से आवागमन करते हैं, उनके स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ हो रहा है। रात के अंधेरे में चुपचाप तरीके से इस जगह पर केमिकल वेस्ट, बिल्डिंग का कचरा, नारियल के छिलके, इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं, कांच के सामान और मरे हुए प्राणी जैसे विभिन्न प्रकार के अपशिष्ट पदार्थ फेंके जाते हैं। इस अत्यधिक गंदगी के कारण यहां से गुजरने वाले नागरिकों को नाक सिकुड़कर चलना पड़ता है। इसके साथ ही, सड़क के बगल में ही एयरपोर्ट होने से यहां आकर्षित होने वाले पक्षी इत्यादि विमानों की लैंडिंग के दौरान खतरा पैदा कर सकते हैं। आवारा पशु भी यहां खाने की तलाश में डेरा डालते हैं, जिनकी आपस में टक्कर से दुपहिया वाहन चालकों के साथ गंभीर दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है। आश्चर्य की बात यह है कि कचरा नहीं फेंकने संबंधी बोर्ड भी इस स्थान पर लगे हुए हैं, फिर भी कचरा फेंकने वाले उसकी कद्र नहीं करते। रोजाना कई वाहन इस तरह कचरा फेंक कर चले जाते हैं और उन्हें रोकने वाला कोई नहीं है, जिससे यह समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।1
- मूल पाठ में 'मैं जैसी हूँ' का सीधा और स्पष्ट बयान प्रस्तुत किया गया है।1
- स्केटिंग के माध्यम से पूरे भारत का भ्रमण कर रहे उत्तर प्रदेश के युवा मुन्नर निषाद छत्तीसगढ़ के केशकाल पहुँचे। फरसगांव से अपनी अगली मंज़िल के लिए रवाना होने से पहले, उन्होंने नगरवासियों से भेंट की और यात्रा के दौरान मिले सहयोग, स्नेह तथा आतिथ्य के लिए सभी का आभार जताया। उन्होंने भावुक होकर कहा कि उन्हें छत्तीसगढ़ में सबसे अधिक प्यार और सम्मान प्राप्त हुआ है, जिसे शब्दों में व्यक्त करना उनके लिए कठिन है। मुन्नर निषाद ने विशेष रूप से बस्तर अंचल के लोगों की सरलता, अपनापन, भाईचारे और मेहमाननवाज़ी की सराहना की, यह कहते हुए कि यहाँ के लोगों ने उनके दिल में एक विशेष स्थान बना लिया है। फरसगांव रेस्ट हाउस से केशकाल की ओर अपनी यात्रा प्रारंभ करने से पहले, उन्होंने स्थानीय संस्कृति और लोगों के प्रति अपना सम्मान व्यक्त करते हुए "जय जोहार", "जय छत्तीसगढ़", "जय बस्तर" और "छत्तीसगढ़िया सबसे बढ़िया" के नारे लगाए। इस अवसर पर नगरवासियों ने भी मुन्नर निषाद को उनकी सफल और सुरक्षित यात्रा के लिए शुभकामनाएँ दीं।1
- एक गरीब और असहाय परिवार को संत रामपाल जी महाराज का सहारा मिला है। इस घटना से जुड़ी पूरी वीडियो देखने के लिए दर्शक 'AnnaPurna Muhim' नामक YouTube चैनल पर जा सकते हैं।1
- कंकर जिले के पिड़चोड़ ग्राम में कम्युनिटी पुलिसिंग के अंतर्गत एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समुदाय और पुलिस के बीच बेहतर तालमेल और समझ स्थापित करना था।1
- बस्तर सांसद महेश कश्यप ने झरनीगुडा स्थित अपने निवास पर कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री के 'मन की बात' कार्यक्रम की 134वीं कड़ी सुनी। प्रसारण के उपरांत, सांसद कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह संवाद देश को एक सूत्र में पिरोने का काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि 'मन की बात' के 134वें संस्करण में प्रधानमंत्री द्वारा जनभागीदारी की जिन घटनाओं का उल्लेख किया गया, वे समाज के लिए प्रेरणादायी हैं। सांसद ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री का हर संबोधन उन्हें सेवा और समर्पण की नई ऊर्जा प्रदान करता है। उन्होंने जोर दिया कि उनका दायित्व है कि वे 'मन की बात' के संदेशों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं।4
- बस्तर जिले में अवैध शराब तस्करों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में भानपुरी पुलिस ने मुखबिर से मिली सूचना पर बेडागुड़ा चौक पर घेराबंदी कर एक एक्टिवा (CG17-KX-1688) को रोका। तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी संजय कुमार गुप्ता उर्फ मोनू के कब्जे से कुल 30.425 लीटर अंग्रेजी शराब जब्त की। इसमें 40 बोतल किंगफिशर बीयर, 7 अद्धा रॉयल स्टैग और 10 पौवा रॉयल चैलेंज शामिल थी। जब्त की गई शराब की अनुमानित कीमत 12,940 रुपये आंकी गई है, जबकि एक्टिवा की कीमत 40,000 रुपये बताई गई है। पुलिस ने आरोपी संजय कुमार गुप्ता उर्फ मोनू के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया।3