बैतूल जिले में पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन के मार्गदर्शन में "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान के अंतर्गत व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस पहल के तहत जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों के विद्यालयों, महाविद्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और आम नागरिकों को मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के बारे में बताया गया और उन्हें नशा मुक्त जीवन अपनाने की शपथ दिलाई गई। इस अभियान के अंतर्गत शाहपुर थाना, भौंरा चौकी, आठनेर, आमला, भैंसदेही, झल्लार, साईंखेड़ा और दुनावा सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शाहपुर, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सातनेर, पीएम श्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शोभापुर कॉलोनी, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चिलकापुर, एकीकृत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय केरपानी, एकीकृत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय साईंखेड़ा और शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय हसलपुर शामिल रहे। इन सभी संस्थानों में छात्रों और शिक्षकों को नशे के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक नुकसानों से अवगत कराया गया। इसके अलावा आठनेर बस स्टैंड और ग्राम चिखली खुर्द जैसे सार्वजनिक स्थलों पर भी आमजन को नशा मुक्त जीवन के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रमों के दौरान यह संदेश दिया गया कि नशा न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि परिवार, समाज और पूरे राष्ट्र के विकास में बड़ी बाधा बनता है। पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन ने जिलेवासियों, विशेषकर युवाओं से अपील की है कि वे नशे से दूर रहकर एक स्वस्थ और सुरक्षित समाज के निर्माण में अपना योगदान दें और इस अभियान को सफल बनाने में पुलिस का सहयोग करें।
बैतूल जिले में पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन के मार्गदर्शन में "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान के अंतर्गत व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस पहल के तहत जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों के विद्यालयों, महाविद्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और आम नागरिकों को मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के बारे में बताया गया और उन्हें नशा मुक्त जीवन अपनाने की शपथ दिलाई गई। इस अभियान के अंतर्गत शाहपुर थाना, भौंरा चौकी, आठनेर, आमला, भैंसदेही, झल्लार, साईंखेड़ा और दुनावा सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शाहपुर, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सातनेर, पीएम श्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शोभापुर कॉलोनी, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चिलकापुर, एकीकृत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय केरपानी, एकीकृत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय साईंखेड़ा और शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय हसलपुर शामिल रहे। इन सभी संस्थानों में छात्रों और शिक्षकों को नशे के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक नुकसानों से अवगत कराया गया। इसके अलावा आठनेर बस स्टैंड और ग्राम चिखली खुर्द जैसे सार्वजनिक स्थलों पर भी आमजन को नशा मुक्त जीवन के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रमों के दौरान यह संदेश दिया गया कि नशा न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि परिवार, समाज और पूरे राष्ट्र के विकास में बड़ी बाधा बनता है। पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन ने जिलेवासियों, विशेषकर युवाओं से अपील की है कि वे नशे से दूर रहकर एक स्वस्थ और सुरक्षित समाज के निर्माण में अपना योगदान दें और इस अभियान को सफल बनाने में पुलिस का सहयोग करें।
- बैतूल जिले में पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन के मार्गदर्शन में "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान के अंतर्गत व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस पहल के तहत जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों के विद्यालयों, महाविद्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और आम नागरिकों को मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के बारे में बताया गया और उन्हें नशा मुक्त जीवन अपनाने की शपथ दिलाई गई। इस अभियान के अंतर्गत शाहपुर थाना, भौंरा चौकी, आठनेर, आमला, भैंसदेही, झल्लार, साईंखेड़ा और दुनावा सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शाहपुर, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सातनेर, पीएम श्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शोभापुर कॉलोनी, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चिलकापुर, एकीकृत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय केरपानी, एकीकृत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय साईंखेड़ा और शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय हसलपुर शामिल रहे। इन सभी संस्थानों में छात्रों और शिक्षकों को नशे के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक नुकसानों से अवगत कराया गया। इसके अलावा आठनेर बस स्टैंड और ग्राम चिखली खुर्द जैसे सार्वजनिक स्थलों पर भी आमजन को नशा मुक्त जीवन के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रमों के दौरान यह संदेश दिया गया कि नशा न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि परिवार, समाज और पूरे राष्ट्र के विकास में बड़ी बाधा बनता है। पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन ने जिलेवासियों, विशेषकर युवाओं से अपील की है कि वे नशे से दूर रहकर एक स्वस्थ और सुरक्षित समाज के निर्माण में अपना योगदान दें और इस अभियान को सफल बनाने में पुलिस का सहयोग करें।1
- मध्य प्रदेश के बैतुल जिला अंतर्गत आमला में पेयजल संकट को लेकर महिलाओं और जनप्रतिनिधियों का गुस्सा फूट पड़ा है। पेयजल संकट से परेशान महिलाओं और जनप्रतिनिधियों ने 'पानी दो, राहत दो' के नारों के साथ नगरपालिका के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस हल्लाबोल प्रदर्शन के दौरान महिलाओं और जनप्रतिनिधियों ने खाली मटके फोड़कर अपना कड़ा विरोध जताया।1
- आमला के जवाहर वार्ड बोडखी में पिछले चार दिनों से गंभीर जल संकट से जूझ रही महिलाओं के सब्र का बांध शुक्रवार को टूट गया। भीषण गर्मी और पानी की किल्लत से परेशान होकर दर्जनों महिलाएं सुबह ही नगर पालिका कार्यालय पहुंच गईं और 'पानी दो या गद्दी छोड़ो' के नारों के साथ उग्र प्रदर्शन किया। आक्रोशित महिलाओं ने नगर पालिका परिसर के मुख्य गेट पर एक के बाद एक कई मटके फोड़कर प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई। प्रदर्शन में शामिल जनभागीदारी अध्यक्ष मुक्ता ढोलेकर, महिला मोर्चा अध्यक्ष आरती पाटिल, मनीषा छतवानी, बेला छतवानी, कमलजीत पाल, गीता छतवानी, माविका छतवानी और ममता छतवानी ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। महिलाओं का कहना है कि वार्ड में पानी न होने से खाना बनाने और पीने तक की समस्या खड़ी हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पाइपलाइन में लीकेज और अव्यवस्थित वितरण प्रणाली के कारण रसूखदारों को पानी मिल रहा है, जबकि गरीब बस्तियों को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। महिलाओं के अनुसार, नगर पालिका जल कर वसूलने में बेहद सक्रिय रहती है, लेकिन मूलभूत सुविधाएं देने के नाम पर बजट का रोना रोती है। प्रदर्शनकारी महिलाएं प्रभारी सीएमओ से मिलने की जिद पर अड़ी रहीं और मुख्य द्वार के सामने जमीन पर धरने पर बैठ गईं। उन्होंने किसी भी कनिष्ठ कर्मचारी से बात करने से साफ इनकार कर दिया। महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर कम से कम एक दिन के अंतराल पर नियमित और पर्याप्त दबाव के साथ जलापूर्ति शुरू नहीं की गई, तो वे शहर के मुख्य मार्ग पर चक्काजाम करेंगी। हालांकि, प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा जल प्रदाय व्यवस्था में सुधार करने और तत्काल टैंकरों से जलापूर्ति सुनिश्चित करने के आश्वासन के बाद हंगामा शांत हुआ। दूसरी तरफ, प्रभारी सीएमओ प्रकाश देशमुख और प्रभारी जल शाखा अरुण पंवार ने लापरवाही के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जलापूर्ति निर्धारित दिन के अनुसार ही हो रही है, लेकिन बिजली गुल होने से इसमें बाधा आती है। उन्होंने जवाहर वार्ड में टैंकर भिजवाने का भरोसा दिलाया है।4
- आमला के वार्ड क्रमांक 18 में लचर जलापूर्ति व्यवस्था और दूषित पेयजल से परेशान महिलाओं का गुस्सा शुक्रवार को सड़क पर फूट पड़ा। कई दिनों से जारी जल संकट और नगर परिषद की अनदेखी से नाराज महिलाओं ने युवा नेत्री मुक्ता धोलेकर के नेतृत्व में नगर परिषद कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया और अपना विरोध दर्ज कराते हुए परिसर में खाली मटके फोड़े। इस प्रदर्शन में श्री नागल वी सहित 50 से अधिक महिलाएं शामिल थीं, जिनका कहना है कि शुक्रवार को पूरे वार्ड में पानी की आपूर्ति ठप रही और पिछले कई दिनों से उन्हें कभी गंदा तो कभी बेहद कम पानी मिल रहा है, जिससे उन्हें पेयजल के लिए निजी साधनों व अन्य क्षेत्रों पर निर्भर होना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने आरोप लगाया कि परिषद द्वारा दिया जा रहा बदबूदार व दूषित पानी पीने लायक नहीं है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों में बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है। महिलाओं ने बताया कि इससे पहले 14 जुलाई 2026 को आयोजित जनसुनवाई में उन्होंने तहसीलदार को ज्ञापन भी सौंपा था, जिसके बाद महज एक दिन के लिए पानी की सप्लाई तो सुचारु हुई लेकिन अगले ही दिन फिर से वही पुरानी समस्या खड़ी हो गई। इसके अलावा स्थानीय लोगों ने करोड़ों रुपये की जल आवर्धन योजना पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि इस योजना का विधिवत हैंडओवर नगर परिषद को नहीं मिला है और इसका संचालन तकनीकी अधिकारियों की बजाय एक ड्राइवर से कराया जा रहा है, जिसकी उच्चस्तरीय जांच की जानी चाहिए। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने अपनी शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) ने फोन कॉल रिसीव नहीं किया और कार्यालय बंद होने के कारण उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया। महिलाएं नगर पालिका बंद होने तक वहीं डटी रहीं, लेकिन कोई बड़ा अधिकारी न आने के कारण उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा। महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि नियमित एवं स्वच्छ पानी की आपूर्ति और टंकियों की सफाई जैसी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो वे उग्र जनआंदोलन करेंगी। दूसरी ओर, आमला की तहसीलदार श्रीमती ऋचा कौरव ने बताया कि उन्होंने समस्या के तत्काल निराकरण के लिए सीएमओ व जल प्रभारी को निर्देशित कर दिया है और जल्द ही जलापूर्ति सुचारु कराई जाएगी।2
- बैतूल के भौंरा में पिछले सोमवार 13 जुलाई को लाडो की बुआ ने अपने सोलह सोमवार के व्रत का समापन किया। इस दौरान सदर बैतूल की लाडो रोही राठौर ने वहाँ मौजूद सभी लोगों का मन मोह लिया।4
- खंडवा-नागपुर रेल मार्ग पर दादा धाम एक्सप्रेस ट्रेन को पुनः प्रारंभ करने की मांग अब एक जन आंदोलन का रूप ले चुकी है। इसी उद्देश्य को लेकर मध्य प्रदेश के पांढुर्णा में शिव पंचायत श्री दादाजी दरबार से श्रद्धालुओं का एक विशाल जत्था निशान पदयात्रा पर निकला है। अपनी आस्था से भरी इस यात्रा के पहले ही दिन श्रद्धालुओं ने पांढुर्णा से मुलताई तक 38 किलोमीटर की लंबी दूरी नंगे पांव चलकर तय की। इस पदयात्रा की शुरुआत शुक्रवार को पांढुर्णा स्थित श्री दादाजी दरबार में भव्य आरती और पूजन के साथ हुई। दिन भर जयकारों और भजनों की गूंज के साथ श्रद्धालु मुलताई पहुंचे, जहां मां ताप्ती के पावन तट पर सायंकाल आरती और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। इस दौरान पंगत प्रसादी का भी वितरण हुआ, जिसमें स्थानीय लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। यात्रा के दूसरे दिन यानी शनिवार को सुबह की आरती के बाद निशान जत्था मुलताई से खंडवा धाम के अगले पड़ाव के लिए प्रस्थान करेगा। पदयात्रियों का कहना है कि ट्रेन बंद होने से आम नागरिकों, व्यापारियों और तीर्थ यात्रियों को भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। वे अपनी यह पीड़ा और अर्जी सीधे खंडवा स्थित परमहंस धूनीवाले श्री दादाजी महाराज के चरणों में रखने जा रहे हैं। श्रद्धालुओं को पूर्ण विश्वास है कि उनकी इस निष्ठापूर्ण यात्रा का सकारात्मक परिणाम जल्द ही देखने को मिलेगा।2
- नर्मदापुरम् जोन के नवागत पुलिस महानिरीक्षक श्री चन्द्रशेखर सोलंकी ने 17 जुलाई 2026 को बैतूल जिले का प्रथम वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जिले में पुलिस व्यवस्था, अनुशासन और कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के आवश्यक निर्देश दिए। निरीक्षण के समय बैतूल के पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश खरपूसे, जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी, थाना प्रभारी और संबंधित शाखा प्रभारी उपस्थित रहे। पुलिस महानिरीक्षक ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय, रक्षित केन्द्र और थाना गंज का विस्तृत निरीक्षण कर वहां की कार्यप्रणाली, अभिलेखों, संसाधनों और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। कार्यालयीन निरीक्षण के दौरान पुलिस महानिरीक्षक ने विभिन्न शाखा प्रभारियों से विभागीय कार्यों की जानकारी ली और जिले में उपलब्ध पुलिस बल की स्थिति की समीक्षा की। बढ़ती जनसंख्या, अपराधों के बदलते स्वरूप और व्हीव्हीआईपी भ्रमण को ध्यान में रखते हुए उन्होंने जिले में अतिरिक्त पुलिस बल की आवश्यकता पर एक प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस कर्मियों के कल्याण से जुड़े कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने की बात कही। रक्षित केन्द्र के शस्त्रागार और स्टोर शाखा में हथियारों व उपकरणों का रखरखाव संतोषजनक पाया गया, जिसके बाद उन्होंने रक्षित निरीक्षक को नियमित रूप से चांदमारी और अन्य प्रशिक्षण गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए। थाना गंज के निरीक्षण के दौरान उन्होंने क्षेत्र के गुंडों और निगरानी बदमाशों की सूची देखकर उनकी नियमित निगरानी और सत्यापन करने को कहा और ड्यूटी रजिस्टर का भी अवलोकन किया। इसके साथ ही उन्होंने "नशे से दूरी है ज़रूरी-2.0" अभियान में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पुलिस महानिरीक्षक ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सतत सतर्कता बरतने तथा त्वरित पुलिस कार्रवाई सुनिश्चित करने की हिदायत दी। उन्होंने सभी को अनुशासन, ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ कर्तव्यों का निर्वहन करने और जनता के साथ संवेदनशील व सम्मानजनक व्यवहार करते हुए उनकी शिकायतों का त्वरित निराकरण करने को कहा। उन्होंने बीट प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने, नियमित जनसंपर्क बढ़ाने, साइबर अपराध, महिला व बाल सुरक्षा और नशा मुक्ति जैसे जन-जागरूकता अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाने पर जोर दिया। अंत में उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को टीम भावना के साथ काम करते हुए जिले में शांति और सुरक्षा बनाए रखने को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाने के निर्देश दिए।1
- मनोहर अग्रवाल के अनुसार, बैतूल-नागपुर नेशनल हाइवे पर टमाटर से भरा एक ट्रक पलट गया है। ट्रक पलटने के कारण भारी नुकसान हुआ है।1