उत्तर प्रदेश के फतेहाबाद में पुलिस पर पथराव और सड़क जाम करने वाले 19 उपद्रवियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। इन उपद्रवियों ने कानून तोड़ते हुए बड़ा बवाल किया था, जिसके बाद पुलिस ने उन पर शिकंजा कसते हुए यह सख्त कार्रवाई की। गिरफ्तारी और जेल पहुंचने के बाद इन आरोपियों का तेवर पूरी तरह बदल गया। अपनी हेकड़ी भूलकर, इन सभी ने कान पकड़कर अपनी गलती स्वीकार की और माफी मांगी। उन्होंने यह भी वादा किया कि वे भविष्य में कभी सड़क जाम नहीं करेंगे और ऐसी गलती दोबारा नहीं दोहराएंगे। उनका माफी मांगते हुए एक वीडियो भी चर्चा में है। कमिश्नर दीपक कुमार के निर्देश पर हुई इस ताबड़तोड़ कार्रवाई ने कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों को कड़ा संदेश दिया है। पुलिस कमिश्नरेट ने साफ कर दिया है कि कानून को हाथ में लेने वालों के खिलाफ सीधे जेल भेजने जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी और कानून से किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कार्रवाई उपद्रव, पथराव और सड़क जाम पर आगरा पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति का प्रमाण है।
उत्तर प्रदेश के फतेहाबाद में पुलिस पर पथराव और सड़क जाम करने वाले 19 उपद्रवियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। इन उपद्रवियों ने कानून तोड़ते हुए बड़ा बवाल किया था, जिसके बाद पुलिस ने उन पर शिकंजा कसते हुए यह सख्त कार्रवाई की। गिरफ्तारी और जेल पहुंचने के बाद इन आरोपियों का तेवर पूरी तरह बदल गया। अपनी हेकड़ी भूलकर, इन सभी ने कान पकड़कर अपनी गलती स्वीकार की और माफी मांगी। उन्होंने यह भी वादा किया कि वे भविष्य में कभी सड़क जाम नहीं करेंगे और ऐसी गलती दोबारा नहीं दोहराएंगे। उनका माफी मांगते हुए एक वीडियो भी चर्चा में है। कमिश्नर दीपक कुमार के निर्देश पर हुई इस ताबड़तोड़ कार्रवाई ने कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों को कड़ा संदेश दिया है। पुलिस कमिश्नरेट ने साफ कर दिया है कि कानून को हाथ में लेने वालों के खिलाफ सीधे जेल भेजने जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी और कानून से किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कार्रवाई उपद्रव, पथराव और सड़क जाम पर आगरा पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति का प्रमाण है।
- उत्तर प्रदेश के फतेहाबाद में पुलिस पर पथराव और सड़क जाम करने वाले 19 उपद्रवियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। इन उपद्रवियों ने कानून तोड़ते हुए बड़ा बवाल किया था, जिसके बाद पुलिस ने उन पर शिकंजा कसते हुए यह सख्त कार्रवाई की। गिरफ्तारी और जेल पहुंचने के बाद इन आरोपियों का तेवर पूरी तरह बदल गया। अपनी हेकड़ी भूलकर, इन सभी ने कान पकड़कर अपनी गलती स्वीकार की और माफी मांगी। उन्होंने यह भी वादा किया कि वे भविष्य में कभी सड़क जाम नहीं करेंगे और ऐसी गलती दोबारा नहीं दोहराएंगे। उनका माफी मांगते हुए एक वीडियो भी चर्चा में है। कमिश्नर दीपक कुमार के निर्देश पर हुई इस ताबड़तोड़ कार्रवाई ने कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों को कड़ा संदेश दिया है। पुलिस कमिश्नरेट ने साफ कर दिया है कि कानून को हाथ में लेने वालों के खिलाफ सीधे जेल भेजने जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी और कानून से किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कार्रवाई उपद्रव, पथराव और सड़क जाम पर आगरा पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति का प्रमाण है।1
- भिंड पुलिस ने अपने "ऑपरेशन विश्वास" के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है, जिसमें 325 गुम हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को वापस सौंप दिए गए हैं। इन मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत 81 लाख 30 हजार रुपये बताई गई है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक भिंड सूरज कुमार वर्मा के निर्देशन में साइबर सेल और जिले के सभी थानों की टीम द्वारा CEIR पोर्टल का उपयोग करके की गई। बरामद किए गए मोबाइल मध्य प्रदेश के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, गुजरात, दिल्ली, राजस्थान, महाराष्ट्र, झारखंड, केरल, असम और छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों से खोजे गए। मंगलवार को पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित एक कार्यक्रम में ये मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए गए। मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने भिंड पुलिस, साइबर सेल और संबंधित थाना पुलिस की सराहना की। भिंड पुलिस ने बताया कि 2025 में भी CEIR पोर्टल के माध्यम से कुल 628 गुम मोबाइल बरामद किए जा चुके हैं, और यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा।4
- राजस्थान के बारा जिले की एक 60 वर्षीय विधवा महिला ने मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के एक 60 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति के साथ विवाह कर अपने जीवन की एक नई शुरुआत की है। यह विवाह इस बात का संदेश देता है कि जीवन के किसी भी पड़ाव पर एक साथी का साथ, सम्मान और भावनात्मक सहारा बेहद महत्वपूर्ण होता है। यह घटना समाज में बुजुर्गों के पुनर्विवाह को लेकर अक्सर देखे जाने वाले संकोच को दूर करती है और यह साबित करती है कि खुशहाल जीवन जीने का अधिकार हर उम्र में सभी को है।1
- चंबल का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की सुरक्षा : डॉ. मनोज जैन चंबल का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की सुरक्षा : डॉ. मनोज जैन कनकपुरा (भिंड), 17 जून। विश्व मगरमच्छ दिवस एवं मरुस्थलीकरण और सूखे का मुकाबला करने के लिए विश्व दिवस के अवसर पर सामाजिक संस्था सुप्रयास द्वारा कनकपुरा स्थित चंबल नदी तट पर जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जल संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन तथा चंबल नदी के संरक्षण का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुप्रयास के सचिव एवं पर्यावरणविद् डॉ. मनोज जैन ने कहा कि चंबल नदी केवल एक नदी नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों और असंख्य जीव-जंतुओं की जीवनरेखा है। चंबल में पाए जाने वाले मगरमच्छ, घड़ियाल, कछुए एवं अन्य जलीय जीव इस क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता के प्रतीक हैं। इनके संरक्षण के बिना पर्यावरणीय संतुलन की कल्पना नहीं की जा सकती। डॉ. जैन ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, घटते जल स्रोत और बढ़ता मरुस्थलीकरण मानव सभ्यता के सामने गंभीर चुनौती बनकर उभर रहे हैं। ऐसे समय में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, वृक्षारोपण तथा नदियों की स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रकृति संरक्षण केवल पर्यावरण का विषय नहीं, बल्कि मानव अस्तित्व और भावी पीढ़ियों की सुरक्षा का प्रश्न है। उन्होंने उपस्थित नागरिकों से जल के विवेकपूर्ण उपयोग, नदियों एवं जलाशयों के संरक्षण तथा अधिकाधिक वृक्षारोपण का आह्वान किया। कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने "जल बचेगा-जीवन बचेगा", "नदी बचेगी-मगरमच्छ बचेगा" तथा "धरती बचेगी-भविष्य बचेगा" के संकल्प के साथ पर्यावरण संरक्षण हेतु सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर गिरीश शर्मा, अनिल सिंह भदोरिया, रघुराज सिंह भदोरिया, रघुवीर सिंह भदोरिया, कप्तान सिंह भदोरिया, दशरथ सिंह भदोरिया, गुड्डू सिंह भदोरिया, लाखन सिंह भदोरिया, भीम शंकर सिंह भदोरिया, विश्राम सिंह भदोरिया, मंगल सिंह भदोरिया, कल्लू सिंह भदोरिया ने भाग लिया और चंबल नदी और उसके वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।3
- फिरोजाबाद में इस्लामिक सेंटर सोसाइटी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय पर 50 टीबी रोगियों को डाइट सामग्री (खाने-पीने का सामान) वितरित किया। इस कार्यक्रम का आयोजन मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर रामबदन राम, डीटीओ डॉक्टर पवन कुमार वर्मा, जिला पीपीएम कोऑर्डिनेटर श्री मनीष कुमार और इस्लामिक सेंटर के सचिव मौलाना आलम मुस्तफा याक़ूबी की अध्यक्षता में किया गया। यह पहल नए इस्लामिक कैलेंडर के शुरू होने की पूर्व संध्या पर की गई, जो मानवता का बेहतरीन संदेश मानी जा रही है। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने इस्लामिक सेंटर समिति के सराहनीय कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि समिति पिछले कई वर्षों से इस तरह के कार्य कर रही है और प्रधानमंत्री के आह्वान पर देश को टीबी मुक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है, जिससे टीबी रोगी स्वस्थ हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि वितरित की गई डाइट सामग्री विशेष रूप से प्रोटीन युक्त होती है। मौलाना आलम मुस्तफा याक़ूबी ने बताया कि इस्लामिक सेंटर वर्षों से टीबी रोगियों को गोद ले रहा है। उन्होंने इस अवसर पर सभी संस्थाओं से अपील की कि वे आगे आकर टीबी रोगियों को गोद लें और देश को टीबी मुक्त बनाने में अपनी भूमिका निभाएं। मौलाना ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी और उनके कार्यालय के सभी डॉक्टरों व कर्मचारियों को विशेष सहयोग प्रदान करने के लिए बधाई भी दी। कार्यक्रम में डीटीओ डॉ. पवन कुमार वर्मा, मनीष कुमार (जिला पीपीएम कोऑर्डिनेटर), शिव प्रभु, बलराम सिंह, राहुल कुमार, प्रमोद कुमार, डॉ. अमित गुप्ता, मौलाना अब्दुल मुईद, हाजी राशीद शाहनवाज बबलू, हाजी जावेद, मोहम्मद अरशद खान, हाजी आरिफ, अयाज अहमद खान, नसीम अख्तर और मोहम्मद हसीन सहित कई सम्मानित लोग उपस्थित रहे।1
- फतेहाबाद-फिरोजाबाद मार्ग पर पूठपुरा के पास एक सड़क दुर्घटना में युवक मनीष की मौत के बाद हुए उपद्रव और पुलिस पर पथराव मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। इस घटना में पुलिस ने कुल 19 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया और फिर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। हादसे के बाद गुस्साई भीड़ ने पुलिस कर्मियों पर पथराव किया था, जिसमें 11 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। इस संबंध में पुलिस ने 35 नामजद और 200-250 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। रातभर चलाए गए अभियान के दौरान 19 आरोपियों को पकड़ा गया है। सीसीटीवी फुटेज और वीडियो के आधार पर घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इंस्पेक्टर विनोद कुमार मिश्र ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ पथराव, सरकारी कार्य में बाधा डालने और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी निरंतर प्रयास जारी हैं।1
- एक आरक्षक पत्नी ने होटल में अपने पति को किसी अन्य लड़की के साथ देखकर जमकर बवाल मचा दिया। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- शमशाबाद के नगला बीच में आयोजित एक स्वास्थ्य कैंप के दौरान बच्चों को एक्सपायरी दवा बांटी गई, जिससे पूरे गांव में हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों की सतर्कता के कारण एक बड़ी अनहोनी टल गई, जब उन्होंने बच्चों के लिए लाई गई दवाओं की एक्सपायरी डेट देखी और पाया कि वे समाप्त हो चुकी थीं। यह दवाएँ विशेषकर 6 साल तक के बच्चों को दी जा रही थीं, जिसने ग्रामीणों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया। इस घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ और लापरवाही का आरोप लगाते हुए फाउंडेशन की टीम को थाने ले गए। मामला पुलिस तक पहुंचने के बाद, पुलिस ने तुरंत ड्रग इंस्पेक्टर को मौके पर बुलाया। इसके बाद ड्रग विभाग भी इस मामले की गहन जांच में जुट गया है, जिससे स्वास्थ्य कैंप की मंशा और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। मासूमों की सेहत से समझौता करने के इस आरोप पर फाउंडेशन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य शिविर के नाम पर बच्चों को संदिग्ध और एक्सपायर्ड दवाएं बांटकर उनके जीवन को खतरे में डाला गया।1