मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में अंधविश्वास और जादू-टोने के शक में एक बुजुर्ग महिला की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जयसिंहनगर थाना क्षेत्र में दो सगे भाइयों ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया और महिला का शव नदी किनारे फेंक दिया। पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल ने प्रेस वार्ता में इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए दोनों आरोपी भाइयों की गिरफ्तारी की जानकारी दी है। यह पूरा मामला 6 जुलाई 2026 को सामने आया, जब कनाड़ीकला पतेरा टोला के रहने वाले महेंद्र यादव ने पुलिस को सूचना दी कि बाजार से लौटते समय उनकी मां गेंदा बाई यादव का शव कुल्हड़िया नदी के पास मिला है। महिला के गले पर धारदार हथियार से वार के निशान थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की। पुलिस ने कनाड़ीखुर्द निवासी अनिल यादव (22) और सुनील यादव (25) को हिरासत में लेकर जब पूछताछ की, तो दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्हें भ्रम था कि गेंदा बाई उनके परिवार पर जादू-टोना करती थीं। उनका मानना था कि इसी वजह से उनके दादा-दादी की मौत हुई और उनकी मां भी लंबे समय से बीमार रहती हैं। इसी अंधविश्वास के चलते दोनों भाइयों ने हत्या की योजना बनाई। घटना के दिन दोनों आरोपी कुल्हाड़ी लेकर कुल्हड़िया नदी के पास घात लगाकर बैठे थे और गेंदा बाई के वहां पहुंचते ही अनिल यादव ने पीछे से उनकी गर्दन पर कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी और मोबाइल फोन बरामद कर लिया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की जा रही है। इस मामले का खुलासा करने में एसडीओपी ब्यौहारी ऋषभ छारी के नेतृत्व में थाना प्रभारी अजय कुमार बैगा, जयसिंहनगर पुलिस और साइबर सेल टीम की मुख्य भूमिका रही।
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में अंधविश्वास और जादू-टोने के शक में एक बुजुर्ग महिला की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जयसिंहनगर थाना क्षेत्र में दो सगे भाइयों ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया और महिला का शव नदी किनारे फेंक दिया। पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल ने प्रेस वार्ता में इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए दोनों आरोपी भाइयों की गिरफ्तारी की जानकारी दी है। यह पूरा मामला 6 जुलाई 2026 को सामने आया, जब कनाड़ीकला पतेरा टोला के रहने वाले महेंद्र यादव ने पुलिस को सूचना दी कि बाजार से लौटते समय उनकी मां गेंदा बाई यादव का शव कुल्हड़िया नदी के पास मिला है। महिला के गले पर धारदार हथियार से वार के निशान थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की। पुलिस ने कनाड़ीखुर्द निवासी अनिल यादव (22) और सुनील यादव (25) को हिरासत में लेकर जब पूछताछ की, तो दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्हें भ्रम था कि गेंदा बाई उनके परिवार पर जादू-टोना करती थीं। उनका मानना था कि इसी वजह से उनके दादा-दादी की मौत हुई और उनकी मां भी लंबे समय से बीमार रहती हैं। इसी अंधविश्वास के चलते दोनों भाइयों ने हत्या की योजना बनाई। घटना के दिन दोनों आरोपी कुल्हाड़ी लेकर कुल्हड़िया नदी के पास घात लगाकर बैठे थे और गेंदा बाई के वहां पहुंचते ही अनिल यादव ने पीछे से उनकी गर्दन पर कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी और मोबाइल फोन बरामद कर लिया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की जा रही है। इस मामले का खुलासा करने में एसडीओपी ब्यौहारी ऋषभ छारी के नेतृत्व में थाना प्रभारी अजय कुमार बैगा, जयसिंहनगर पुलिस और साइबर सेल टीम की मुख्य भूमिका रही।
- मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में अंधविश्वास और जादू-टोने के शक में एक बुजुर्ग महिला की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जयसिंहनगर थाना क्षेत्र में दो सगे भाइयों ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया और महिला का शव नदी किनारे फेंक दिया। पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल ने प्रेस वार्ता में इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए दोनों आरोपी भाइयों की गिरफ्तारी की जानकारी दी है। यह पूरा मामला 6 जुलाई 2026 को सामने आया, जब कनाड़ीकला पतेरा टोला के रहने वाले महेंद्र यादव ने पुलिस को सूचना दी कि बाजार से लौटते समय उनकी मां गेंदा बाई यादव का शव कुल्हड़िया नदी के पास मिला है। महिला के गले पर धारदार हथियार से वार के निशान थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की। पुलिस ने कनाड़ीखुर्द निवासी अनिल यादव (22) और सुनील यादव (25) को हिरासत में लेकर जब पूछताछ की, तो दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्हें भ्रम था कि गेंदा बाई उनके परिवार पर जादू-टोना करती थीं। उनका मानना था कि इसी वजह से उनके दादा-दादी की मौत हुई और उनकी मां भी लंबे समय से बीमार रहती हैं। इसी अंधविश्वास के चलते दोनों भाइयों ने हत्या की योजना बनाई। घटना के दिन दोनों आरोपी कुल्हाड़ी लेकर कुल्हड़िया नदी के पास घात लगाकर बैठे थे और गेंदा बाई के वहां पहुंचते ही अनिल यादव ने पीछे से उनकी गर्दन पर कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी और मोबाइल फोन बरामद कर लिया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की जा रही है। इस मामले का खुलासा करने में एसडीओपी ब्यौहारी ऋषभ छारी के नेतृत्व में थाना प्रभारी अजय कुमार बैगा, जयसिंहनगर पुलिस और साइबर सेल टीम की मुख्य भूमिका रही।1
- जय श्री राम।1
- मध्य प्रदेश के सतना बस स्टैंड का यात्री प्रतीक्षालय अब नशेड़ियों का अड्डा बन गया है। यहाँ शाम होते ही सभी नशेड़ी जमा हो जाते हैं और आए दिन यात्रियों के साथ बवाल करते हैं। इसके साथ ही, इस यात्री प्रतीक्षालय को बुकिंग काउंटर बना कर रख दिया गया है।1
- मध्य प्रदेश के भोपाल पुलिस आयुक्त कार्यालय में अपनी शिकायत लेकर आए एक व्यक्ति को अचानक हार्ट अटैक आ गया। इस आपातकालीन स्थिति में वहां मौजूद आरक्षक रणजीत ने तत्परता दिखाते हुए पीड़ित को तुरंत सीपीआर (CPR) देकर उनकी जान बचा ली।1
- रीवा जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत तिघरा और चोरहटा थाना क्षेत्र में दबंगों द्वारा नगर निगम रीवा लिखे वाहन से खुलेआम अवैध उत्खनन किए जाने का मामला सामने आया है। जोन्ही गांव के निवासी सुरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्राम कौआढांन और तिघरा में बिना किसी डर-भय के बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन और परिवहन का काम किया जा रहा है। इस संबंध में खनन विभाग के अधिकारियों को भी सूचना दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद अधिकारियों द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे इस पूरे मामले में खनन विभाग की संलिप्तता प्रतीत हो रही है। इस अवैध खेल से उत्खनन करने वालों के हौसले बुलंद हैं और प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी व्याप्त है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही, अवैध उत्खनन पर तत्काल रोक लगाते हुए खुली हुई खदानों को बाड़ लगाकर सुरक्षित किया जाए।1
- सतना जिले की अमरपाटन तहसील के अंतर्गत ग्राम ताला में नवनिर्मित महाविद्यालय में सुरक्षा गार्ड सहित करीब दर्जन भर पदों पर की गई भर्ती में फर्जीवाड़े का गंभीर आरोप लगा है। ताला महाविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था के लिए जनभागीदारी के माध्यम से कुछ महीने पहले सुरक्षा गार्ड सहित अन्य पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए थे, जिसमें अभ्यर्थियों ने अपने फॉर्म जमा किए थे। आरोप है कि जब पीड़ित अभ्यर्थी तय प्रक्रिया के तहत साक्षात्कार के लिए भोपाल पहुंचे, तो उन्हें साक्षात्कार कक्ष से यह कहकर भगा दिया गया कि सभी पदों पर नियुक्तियां पहले ही की जा चुकी हैं। इस घटना से आक्रोशित अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं कि जब पहले ही नियुक्तियां करनी थीं, तो अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन भरवाकर उन्हें साक्षात्कार के लिए क्यों बुलाया गया। पीड़ितों ने इस पूरी भर्ती को फर्जी करार देते हुए धोखाधड़ी का आरोप लगाया है।2
- मध्य प्रदेश के मैहर स्थित ग्राम ताला में स्कूली छात्रा से छेड़छाड़ और मारपीट करने वाले आरोपियों को ताला थाना पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के बाद बाजार में उनका जुलूस निकाला ताकि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर अपराधियों में खौफ पैदा किया जा सके और एक कड़ा संदेश दिया जा सके। इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश किया है। यह घटना 15 जुलाई की है, जब नाबालिग पीड़िता ने अपने परिजनों के साथ ताला थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता के मुताबिक, जब वह स्कूल से लौट रही थी, तभी रास्ते में दो अज्ञात लड़कों ने गलत नीयत से उसके साथ छेड़छाड़ की और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की। पीड़िता की रिपोर्ट के आधार पर ताला थाना प्रभारी ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में ताला थाना प्रभारी महेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। पुलिस टीम ने लगातार तलाश कर त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के चौबीस घंटे के भीतर ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।2