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modi❌फेकु🤣@cockroachJanataparty(Priyanshu #cylinde @anikasen

10 hrs ago
user_CockroachJanataparty(priyanshu
CockroachJanataparty(priyanshu
Farmer जावा, रीवा, मध्य प्रदेश•
10 hrs ago

modi❌फेकु🤣@cockroachJanataparty(Priyanshu #cylinde @anikasen

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • modi❌फेकु🤣@cockroachJanataparty(Priyanshu #cylinde @anikasen
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    modi❌फेकु🤣@cockroachJanataparty(Priyanshu
#cylinde
@anikasen
    user_CockroachJanataparty(priyanshu
    CockroachJanataparty(priyanshu
    Farmer जावा, रीवा, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • उच्च न्यायालय जबलपुर के कड़े निर्देशों और स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बावजूद, रीवा जिले के गोविंदगढ़ वृत्त स्थित ग्राम ओढ़की खुर्द में एक भूमि विवाद का सटीक सीमांकन करने में प्रशासनिक मशीनरी विफल साबित हुई है। इस पूरे प्रकरण में जमीनी हकीकत और राजस्व नक्शे में भारी अंतर सामने आया है, जिससे सरकारी कागजातों की तकनीकी खामियां और प्रशासनिक पेचीदगियां उजागर हुई हैं। यह मामला ग्राम ओढ़की खुर्द के आराजी नंबर 85/5 रकबा 0.016 हेक्टेयर की पैमाइश और उस पर हुए कथित अतिक्रमण से संबंधित है। पूर्व में नायब तहसीलदार और SDM हुजूर ने जमीन पर निजी प्रतिवादियों के अतिक्रमण की पुष्टि की थी, लेकिन बाद में यह कहकर निरस्त कर दिया गया कि मौके का 'लेआउट' और 'नक्शा कर्मी' उपलब्ध नहीं है, इसलिए सीमांकन संभव नहीं है। इस प्रशासनिक निष्क्रियता के खिलाफ याचिकाकर्ता लालमन पांडेय, अविनीश पांडेय व अन्य ने हाईकोर्ट में रिट याचिका (W.P. No. 3308/2023) दायर की। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल ने अधिकारियों की लाचारी पर गहरी नाराजगी व्यक्त की और स्पष्ट निर्देश दिया कि केवल 'नक्शा नहीं है' कहकर अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकते। अदालत ने नायब तहसीलदार गोविंदगढ़ को कम से कम पांच राजस्व अधिकारियों (जिसमें दो राजस्व अधिकारी और तीन पटवारी शामिल हों) की एक विशेष संयुक्त टीम गठित करने का आदेश दिया। इस टीम को 'मुनारे-चौमादा' जैसे स्थाई सरकारी चिह्नों के आधार पर राजस्व नक्शे को पुनर्गठित कर, सीमांकन करने और 90 दिनों के भीतर कानून के तहत अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने का जिम्मा सौंपा गया था। यह आदेश 13 अक्टूबर 2023 को दिया गया था। उच्च न्यायालय के इसी आदेश के परिपालन में नायब तहसीलदार के पत्र क्रमांक 816/प्रवाचक/2024 के तहत विशेष टीम का गठन किया गया। टीम आवेदकों, अनावेदकों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी में मौके पर पैमाइश के लिए पहुंची। राजस्व रिकॉर्ड के मुताबिक, आराजी नंबर 85 के विभिन्न हिस्सों पर मयंक, प्रिया, लालमणि, अवनीश, रन्नू, रविनंदन प्रसाद, शशिकला और उमादेवी सहित कई सह-खातेदारों के नाम दर्ज हैं। जब गठित राजस्व टीम ने नजरी नक्शा बंदोबस्ती मेढ़ आराजी नंबर 165 को आधार मानकर सीमांकन की कार्रवाई शुरू की, तो पूरा मामला एक बड़े तकनीकी पेंच में फंस गया। टीम ने अपनी आधिकारिक प्रतिवेदन (रिपोर्ट) में साफ तौर पर स्वीकार किया है कि मौके की जमीनी हकीकत और सरकारी नक्शे में भारी विसंगति पाई गई, जिसके कारण मौके पर काबिज कब्जे और सरकारी नक्शे की रेखाओं का आपस में कोई मिलान नहीं हो सका।
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    उच्च न्यायालय जबलपुर के कड़े निर्देशों और स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बावजूद, रीवा जिले के गोविंदगढ़ वृत्त स्थित ग्राम ओढ़की खुर्द में एक भूमि विवाद का सटीक सीमांकन करने में प्रशासनिक मशीनरी विफल साबित हुई है। इस पूरे प्रकरण में जमीनी हकीकत और राजस्व नक्शे में भारी अंतर सामने आया है, जिससे सरकारी कागजातों की तकनीकी खामियां और प्रशासनिक पेचीदगियां उजागर हुई हैं। यह मामला ग्राम ओढ़की खुर्द के आराजी नंबर 85/5 रकबा 0.016 हेक्टेयर की पैमाइश और उस पर हुए कथित अतिक्रमण से संबंधित है। पूर्व में नायब तहसीलदार और SDM हुजूर ने जमीन पर निजी प्रतिवादियों के अतिक्रमण की पुष्टि की थी, लेकिन बाद में यह कहकर निरस्त कर दिया गया कि मौके का 'लेआउट' और 'नक्शा कर्मी' उपलब्ध नहीं है, इसलिए सीमांकन संभव नहीं है।

इस प्रशासनिक निष्क्रियता के खिलाफ याचिकाकर्ता लालमन पांडेय, अविनीश पांडेय व अन्य ने हाईकोर्ट में रिट याचिका (W.P. No. 3308/2023) दायर की। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल ने अधिकारियों की लाचारी पर गहरी नाराजगी व्यक्त की और स्पष्ट निर्देश दिया कि केवल 'नक्शा नहीं है' कहकर अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकते। अदालत ने नायब तहसीलदार गोविंदगढ़ को कम से कम पांच राजस्व अधिकारियों (जिसमें दो राजस्व अधिकारी और तीन पटवारी शामिल हों) की एक विशेष संयुक्त टीम गठित करने का आदेश दिया। इस टीम को 'मुनारे-चौमादा' जैसे स्थाई सरकारी चिह्नों के आधार पर राजस्व नक्शे को पुनर्गठित कर, सीमांकन करने और 90 दिनों के भीतर कानून के तहत अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने का जिम्मा सौंपा गया था। यह आदेश 13 अक्टूबर 2023 को दिया गया था।

उच्च न्यायालय के इसी आदेश के परिपालन में नायब तहसीलदार के पत्र क्रमांक 816/प्रवाचक/2024 के तहत विशेष टीम का गठन किया गया। टीम आवेदकों, अनावेदकों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी में मौके पर पैमाइश के लिए पहुंची। राजस्व रिकॉर्ड के मुताबिक, आराजी नंबर 85 के विभिन्न हिस्सों पर मयंक, प्रिया, लालमणि, अवनीश, रन्नू, रविनंदन प्रसाद, शशिकला और उमादेवी सहित कई सह-खातेदारों के नाम दर्ज हैं। जब गठित राजस्व टीम ने नजरी नक्शा बंदोबस्ती मेढ़ आराजी नंबर 165 को आधार मानकर सीमांकन की कार्रवाई शुरू की, तो पूरा मामला एक बड़े तकनीकी पेंच में फंस गया। टीम ने अपनी आधिकारिक प्रतिवेदन (रिपोर्ट) में साफ तौर पर स्वीकार किया है कि मौके की जमीनी हकीकत और सरकारी नक्शे में भारी विसंगति पाई गई, जिसके कारण मौके पर काबिज कब्जे और सरकारी नक्शे की रेखाओं का आपस में कोई मिलान नहीं हो सका।
    user_पंडित अभय तिवारी
    पंडित अभय तिवारी
    पत्रकार Raipur - Karchuliyan, Rewa•
    15 hrs ago
  • सेमरिया विधानसभा की ग्राम पंचायत बरौ में श्री मकखू गौतम जी के निज निवास पर चल रही श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा में एक अलौकिक दिन देखने को मिला। व्यासपीठ से शास्त्री जी ने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग इतने विस्तृत और भावपूर्ण तरीके से सुनाया कि पूरा पंडाल मानो वृंदावन में बदल गया। शास्त्री जी ने कंस के अत्याचारों से त्रस्त देवकी-वसुदेव के कारागार में बंद होने का मार्मिक चित्रण किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार आधी रात, घनघोर वर्षा और बिजली की गड़गड़ाहट के बीच अचानक कारागार में दिव्य प्रकाश हुआ और भगवान चतुर्भुज रूप में प्रकट हुए, जिनके हाथों में शंख, चक्र, गदा, पद्म थे और वे पीतांबर व वनमाला धारण किए हुए थे। माता देवकी की प्रार्थना पर भगवान मुस्कुराए और नन्हे शिशु के रूप में परिवर्तित हो गए। इस चमत्कार के साथ ही वसुदेव जी की हथकड़ियाँ और बेड़ियाँ खुल गईं, कारागार के सभी द्वार स्वयं खुल गए और पहरेदार गहरी नींद में सो गए। वसुदेव जी टोकरी में बालक को लेकर यमुना की ओर चल पड़े। शास्त्री जी ने यमुना लीला का वर्णन करते हुए बताया कि कैसे उफान पर आती यमुना जी बालक के चरणों को छूने को आतुर थीं और जब जल बालक के चरणों तक पहुँचा, तो शेषनाग ने फन फैलाकर छत्र किया और यमुना ने मार्ग दे दिया। गोकुल पहुँचकर वसुदेव जी ने बालक को यशोदा माता के पास सुला दिया और योगमाया को लेकर मथुरा लौट आए। जैसे ही शास्त्री जी ने "नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की" का उद्घोष किया, पूरा पंडाल भक्तिभाव में झूम उठा। महिलाएँ सोहर गाने लगीं और ढोल-नगाड़े तथा मंजीरे बजने लगे। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा की, तथा बाल गोपाल को झूले में बैठाकर "हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की" गाते हुए झुलाया गया। इसके उपरांत मिश्री, माखन और पंजीरी का प्रसाद वितरित किया गया। इस अद्भुत क्षण को देखकर कई भक्तों की आँखें नम हो गईं, और ऐसा प्रतीत हुआ मानो 5000 साल बाद बरौ गाँव में कान्हा ने फिर से जन्म लिया हो। पूरा वातावरण "बोलो नन्दलाल की जय", "बाल गोपाल की जय", "देवकीनंदन की जय" के नारों से गूँज उठा। श्री मकखू गौतम जी का परिवार और समस्त ग्रामवासी इस दिव्य आयोजन से स्वयं को धन्य महसूस कर रहे थे।
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    सेमरिया विधानसभा की ग्राम पंचायत बरौ में श्री मकखू गौतम जी के निज निवास पर चल रही श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा में एक अलौकिक दिन देखने को मिला। व्यासपीठ से शास्त्री जी ने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग इतने विस्तृत और भावपूर्ण तरीके से सुनाया कि पूरा पंडाल मानो वृंदावन में बदल गया।

शास्त्री जी ने कंस के अत्याचारों से त्रस्त देवकी-वसुदेव के कारागार में बंद होने का मार्मिक चित्रण किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार आधी रात, घनघोर वर्षा और बिजली की गड़गड़ाहट के बीच अचानक कारागार में दिव्य प्रकाश हुआ और भगवान चतुर्भुज रूप में प्रकट हुए, जिनके हाथों में शंख, चक्र, गदा, पद्म थे और वे पीतांबर व वनमाला धारण किए हुए थे। माता देवकी की प्रार्थना पर भगवान मुस्कुराए और नन्हे शिशु के रूप में परिवर्तित हो गए। इस चमत्कार के साथ ही वसुदेव जी की हथकड़ियाँ और बेड़ियाँ खुल गईं, कारागार के सभी द्वार स्वयं खुल गए और पहरेदार गहरी नींद में सो गए। वसुदेव जी टोकरी में बालक को लेकर यमुना की ओर चल पड़े। शास्त्री जी ने यमुना लीला का वर्णन करते हुए बताया कि कैसे उफान पर आती यमुना जी बालक के चरणों को छूने को आतुर थीं और जब जल बालक के चरणों तक पहुँचा, तो शेषनाग ने फन फैलाकर छत्र किया और यमुना ने मार्ग दे दिया। गोकुल पहुँचकर वसुदेव जी ने बालक को यशोदा माता के पास सुला दिया और योगमाया को लेकर मथुरा लौट आए।

जैसे ही शास्त्री जी ने "नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की" का उद्घोष किया, पूरा पंडाल भक्तिभाव में झूम उठा। महिलाएँ सोहर गाने लगीं और ढोल-नगाड़े तथा मंजीरे बजने लगे। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा की, तथा बाल गोपाल को झूले में बैठाकर "हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की" गाते हुए झुलाया गया। इसके उपरांत मिश्री, माखन और पंजीरी का प्रसाद वितरित किया गया। इस अद्भुत क्षण को देखकर कई भक्तों की आँखें नम हो गईं, और ऐसा प्रतीत हुआ मानो 5000 साल बाद बरौ गाँव में कान्हा ने फिर से जन्म लिया हो।

पूरा वातावरण "बोलो नन्दलाल की जय", "बाल गोपाल की जय", "देवकीनंदन की जय" के नारों से गूँज उठा। श्री मकखू गौतम जी का परिवार और समस्त ग्रामवासी इस दिव्य आयोजन से स्वयं को धन्य महसूस कर रहे थे।
    user_उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    सेमरिया, रीवा, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • मध्य प्रदेश में डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से आम जनता त्रस्त है, लेकिन मुख्यमंत्री के काफिले की लंबी कतारें थमने का नाम नहीं ले रहीं। लोग इसे जनता की परेशानी के बीच अनावश्यक फिजूलखर्ची मान रहे हैं।
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    मध्य प्रदेश में डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से आम जनता त्रस्त है, लेकिन मुख्यमंत्री के काफिले की लंबी कतारें थमने का नाम नहीं ले रहीं। लोग इसे जनता की परेशानी के बीच अनावश्यक फिजूलखर्ची मान रहे हैं।
    user_Avi Standing with the truth
    Avi Standing with the truth
    Yoga instructor मंगवां, रीवा, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • चित्रकूट के भरतकूप मंदिर में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने पर्यटन विकास कार्यों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण, साफ-सफाई व शौचालयों के सही संचालन समेत अवैध कब्जों को हटाने के निर्देश दिए।
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    चित्रकूट के भरतकूप मंदिर में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने पर्यटन विकास कार्यों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण, साफ-सफाई व शौचालयों के सही संचालन समेत अवैध कब्जों को हटाने के निर्देश दिए।
    user_Chitrakootnewslive
    Chitrakootnewslive
    News Anchor मानिकपुर, चित्रकूट, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • कौशांबी स्थित माडल डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन में कोषाध्यक्ष पद की उम्मीदवार जयलता त्रिपाठी जी का नामांकन चुनाव कमेटी द्वारा रद्द कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद, कोषाध्यक्ष पद की उम्मीदवार जयलता त्रिपाठी जी ने कौशांबी के जिला जज से कोषाध्यक्ष पद पर होने वाले मतदान को बढ़ाने की मांग की है।
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    कौशांबी स्थित माडल डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन में कोषाध्यक्ष पद की उम्मीदवार जयलता त्रिपाठी जी का नामांकन चुनाव कमेटी द्वारा रद्द कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद, कोषाध्यक्ष पद की उम्मीदवार जयलता त्रिपाठी जी ने कौशांबी के जिला जज से कोषाध्यक्ष पद पर होने वाले मतदान को बढ़ाने की मांग की है।
    user_सुनील कुमार पत्रकार
    सुनील कुमार पत्रकार
    Local News Reporter चैल, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    45 min ago
  • कौशाम्बी के मॉडल डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन में कोषाध्यक्ष पद की उम्मीदवार जयलता त्रिपाठी का नामांकन चुनाव कमेटी ने रद्द कर दिया है। यह फैसला कोषाध्यक्ष पद के चुनाव के संबंध में लिया गया। अपने नामांकन के रद्द होने के बाद, कोषाध्यक्ष पद की उम्मीदवार जयलता त्रिपाठी जी ने कौशाम्बी जिला जज से संपर्क किया है और कोषाध्यक्ष पद पर होने वाले मतदान को बढ़ाने की मांग की है।
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    कौशाम्बी के मॉडल डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन में कोषाध्यक्ष पद की उम्मीदवार जयलता त्रिपाठी का नामांकन चुनाव कमेटी ने रद्द कर दिया है। यह फैसला कोषाध्यक्ष पद के चुनाव के संबंध में लिया गया।

अपने नामांकन के रद्द होने के बाद, कोषाध्यक्ष पद की उम्मीदवार जयलता त्रिपाठी जी ने कौशाम्बी जिला जज से संपर्क किया है और कोषाध्यक्ष पद पर होने वाले मतदान को बढ़ाने की मांग की है।
    user_Indian National News INN
    Indian National News INN
    पत्रकार चैल, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • यह पोस्ट "अंधभक्तों" के साथ साझा करने का निर्देश देती है, जिसमें 'कॉकरोच जनता पार्टी' को पूर्ण समर्थन देने की बात कही गई है। इस संदेश का लहजा स्पष्ट रूप से व्यंग्यात्मक और जोशीला है, जो पोस्ट के साथ संलग्न इमोजी और शब्दों से परिलक्षित होता है।
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    यह पोस्ट "अंधभक्तों" के साथ साझा करने का निर्देश देती है, जिसमें 'कॉकरोच जनता पार्टी' को पूर्ण समर्थन देने की बात कही गई है। इस संदेश का लहजा स्पष्ट रूप से व्यंग्यात्मक और जोशीला है, जो पोस्ट के साथ संलग्न इमोजी और शब्दों से परिलक्षित होता है।
    user_CockroachJanataparty(priyanshu
    CockroachJanataparty(priyanshu
    Farmer जावा, रीवा, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
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