logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

बेतिया के लौरिया थाना में फरियादियों को थाने के अंदर बंद करके पीटा जा रहा है। बेतिया के लौरिया थाना में फरियादियों को थाने के अंदर बंद करके पीटा जा रहा है।

1 day ago
user_News Granth
News Granth
चकिया (पिपरा), पूर्वी चंपारण, बिहार•
1 day ago

बेतिया के लौरिया थाना में फरियादियों को थाने के अंदर बंद करके पीटा जा रहा है। बेतिया के लौरिया थाना में फरियादियों को थाने के अंदर बंद करके पीटा जा रहा है।

More news from बिहार and nearby areas
  • मोतिहारी में शराब पीने से कई लोगों की मौत हुई। कई लोगों का हालत खराब और इलाज जारी। शराब माफिया हुआ गिरफ्तार।।
    1
    मोतिहारी में शराब पीने से कई लोगों की मौत हुई। कई लोगों का हालत खराब और इलाज जारी। शराब माफिया हुआ गिरफ्तार।।
    user_News Granth
    News Granth
    चकिया (पिपरा), पूर्वी चंपारण, बिहार•
    4 hrs ago
  • घर का फैसला जब गैर करने लगें… तब परिवार टूटने लगता है! जब परिवार का कोई सदस्य अपने फैसलों के लिए घर से ज्यादा बाहर वालों की राय लेने लगे, तो ये सिर्फ एक आदत नहीं… एक संकेत है। संकेत इस बात का कि रिश्तों में भरोसा कमजोर हो रहा है, और बाहर वाले इस कमजोरी को तमाशा बना सकते हैं। समय रहते समझिए… परिवार की बात, परिवार में ही सुलझाइए। निष्पक्ष खबरें अब तक बिहार — सच दिखाना हमारा काम है, फैसला आपका। #परिवार #रिश्ते #सच्चीबात #समाज #हकीकत #फैमिलीइश्यू #सोशलमैसेज #रिलेशनशिप #इमोशनल #घरेलूमुद्दा #Ankesh_Thakur
    1
    घर का फैसला जब गैर करने लगें… तब परिवार टूटने लगता है!
जब परिवार का कोई सदस्य अपने फैसलों के लिए घर से ज्यादा बाहर वालों की राय लेने लगे, तो ये सिर्फ एक आदत नहीं… एक संकेत है। संकेत इस बात का कि रिश्तों में भरोसा कमजोर हो रहा है, और बाहर वाले इस कमजोरी को तमाशा बना सकते हैं।
समय रहते समझिए…
परिवार की बात, परिवार में ही सुलझाइए।
निष्पक्ष खबरें अब तक बिहार — सच दिखाना हमारा काम है, फैसला आपका। 
#परिवार #रिश्ते #सच्चीबात #समाज #हकीकत #फैमिलीइश्यू #सोशलमैसेज #रिलेशनशिप #इमोशनल #घरेलूमुद्दा #Ankesh_Thakur
    user_Ankesh Thakur
    Ankesh Thakur
    News Anchor कल्याणपुर, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    7 hrs ago
  • Post by RAJA KUMAR
    1
    Post by RAJA KUMAR
    user_RAJA KUMAR
    RAJA KUMAR
    पत्रकार पूर्वी चंपारण, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    10 hrs ago
  • --जिलाधिकारी पूर्वी चंपारण के द्वारा कुछ महीने पहले निजी विद्यालयों के संचालकों पर चलाया गया था चाबुक, किताब जूता आदि बेचने पर लगाई गई थी प्रबंध, अब निजी विद्यालय को के संचालकों के द्वारा किताब कलम खरीदने के लिए अपने द्वारा सेट किए गए दुकानदार के पास ही भेजने का काम कर धन उगाही करने का खेल खेली जा रही है। (मनीष साह सन ऑफ इंडिया दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार) मोतिहारी 02 अप्रैल 2026- मोतिहारी:-निजी विद्यालय के संचालकों के द्वारा प्रोसेसिंग फी, डेवलपमेंट फी, रीएडमिशन फीस, स्मार्ट क्लास पर फीस,के नाम पर अभिभावकों का किया जा रहा है शिक्षा के नाम पर धन शोधन।जिलाधिकारी पूर्वी चंपारण के द्वारा कुछ महीने पहले निजी विद्यालयों के संचालकों पर चलाया गया था चाबुक, किताब जूता आदि बेचने पर लगाई गई थी प्रबंध, अब निजी विद्यालय को के संचालकों के द्वारा किताब कलम खरीदने के लिए अपने द्वारा सेट किए गए दुकानदार के पास ही भेजने का काम कर धन उगाही करने का खेल खेली जा रही है। आज व्यवहार न्यायालय में अधिवक्ता लिपि के रूप में कार्य करने वाले एवं दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार शाखा मोतिहारी के अनुमंडल ब्यूरो चीफ मनीष शाह ने अपने एक सहयोगी के द्वारा वीडियो क्लिप जारी करते हुए स्थानीय जिलाधिकारी महोदय पूर्वी चंपारण से मांग किया है कि निजी विद्यालयों के संचालकों के द्वारा दोबारा एडमिशन चार्ज नहीं लगे, एक ड्रेस,गार्जियन के साथ अच्छा व्यवहार करने, स्मार्ट क्लास के नाम पर लिए जा रहे फीस, डेवलपमेंट के नाम पर लिए जा रहे फीस, प्रोसेसिंग फीस, के नाम पर निजी विद्यालय के संचालकों के द्वारा शिक्षा के नाम पर अभिभावक से धन उगाही करने की कार्य को शीघ्र बंद करने संबंधित कार्रवाई करने की कृपा किया जाए।नीजी विद्यालय के प्रिंसिपल को सबसे पहले अभिभावक के साथ मधूर व्यवहार रखने का दिशा निर्देश जिलाधिकारी महोदय पूर्वी चंपारण के द्वारा हो जाए तो पूर्वी चंपारण में नीजी विद्यालय में पढ़ाने वाले और अभिभावकों को बहुत बड़ी राहत मिल सकती है। डीएम जिले के मालिक होते हैं। पूर्वी चंपारण के अभिभावक गण एक मोर्चा बनाए थे, वह मोर्चा डीएम साहब से मिले थे। पिछले महिने डीएम साहब जो है एक पत्र जारी किए थे, और लोगों में निजी विद्यालयों के संचालकों पर जो चाबुक चलाने का कार्य किए थे उसका मैसेज बहुत सुंदर गया था। निजी विद्यालय के लोग किताब बेचते थे, जूता बेचते थे, टाइई बेचते थे, किताब बेचते थे, हर साल रीएडमिशन चार्ज लेते थे, रिजर्वेशन चार्ज का नाम बदलकर डेवलपमेंट चार्ज लेते हैं, इस पर जिलाधिकारी महोदय ने निजी विद्यालयों को बुलाकर मीटिंग किये थे। मैं डीएम साहब के माध्यम से निजी विद्यालय के संचालकों से यह पूछना चाहते हैं यह जानना चाहते हैं कि आप डेवलपमेंट हमारे बच्चों की कर रहे हैं या आप डेवलपमेंट अपने विद्यालय का कर रहे हैं अपने विद्यालय के लिए भवन बना रहे हैं अपने विद्यालय के लिए जमीन खरीद रहे हैं क्या यही आपका शिक्षा का विकास है। यही आपके छात्रों का विकास है। यह तो शिक्षा के नाम पर अभिभावकों के पॉकेट खाली करने का एक प्रकार का लूट की संज्ञा दिया जाए तो कोई शिकवा शिकायत नहीं होगी। हम सभी अपने पूर्वी चंपारण जिला अधिकारी महोदय से मांग करते हैं की निजी विद्यालयों के संचालकों पर जो अभी वर्तमान में पहले के चार्ज का नाम बदलकर विभिन्न नाम से जो चार्ज लेना शुरू किया गया है उसे बंद करवाई जाए और उनके द्वारा जो किताब की दुकान सेट किया गया है उन दुकानदारों का जांच किया जाए ताकि यह स्पष्ट हो सके किया विद्यालय के निजी संचालक का किताब केंद्र से कैसा साठ गाठ है। जांच के क्रम में दोषी पाए जाने वाले विद्यालय का लाइसेंस रद्द किया जाए और उन पर शिक्षा के नाम पर अभिभावकों से अनेकों फीस के नाम पर किए जा रहे हैं धन शोधन के विरुद्ध दंडनात्मक करवाई किया जाए। ताकि इस तरह की शिक्षा के नाम का व्यवसायीकरण होने से बच सकते हैं।
    3
    --जिलाधिकारी पूर्वी चंपारण के द्वारा कुछ महीने पहले निजी विद्यालयों के संचालकों पर चलाया गया था चाबुक, किताब जूता आदि बेचने पर लगाई गई थी प्रबंध, अब निजी विद्यालय को के संचालकों के द्वारा किताब कलम खरीदने के लिए अपने द्वारा सेट किए गए दुकानदार के पास ही भेजने का काम कर धन उगाही करने का खेल खेली जा रही है।
(मनीष साह सन ऑफ इंडिया दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार)
मोतिहारी 02 अप्रैल 2026- मोतिहारी:-निजी विद्यालय के संचालकों के द्वारा प्रोसेसिंग फी, डेवलपमेंट फी, रीएडमिशन फीस, स्मार्ट क्लास पर फीस,के नाम पर अभिभावकों का किया जा रहा है शिक्षा के नाम पर धन शोधन।जिलाधिकारी पूर्वी चंपारण के द्वारा कुछ महीने पहले निजी विद्यालयों के संचालकों पर चलाया गया था चाबुक, किताब जूता आदि बेचने पर लगाई गई थी प्रबंध, अब निजी विद्यालय को के संचालकों के द्वारा किताब कलम खरीदने के लिए अपने द्वारा सेट किए गए दुकानदार के पास ही भेजने का काम कर धन उगाही करने का खेल खेली जा रही है। आज व्यवहार न्यायालय में अधिवक्ता लिपि के रूप में कार्य करने वाले एवं दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार शाखा मोतिहारी के अनुमंडल ब्यूरो चीफ मनीष शाह ने अपने एक सहयोगी के द्वारा वीडियो क्लिप जारी करते हुए स्थानीय जिलाधिकारी महोदय पूर्वी चंपारण से मांग किया है कि निजी विद्यालयों के संचालकों के द्वारा दोबारा एडमिशन चार्ज नहीं लगे, एक ड्रेस,गार्जियन के साथ अच्छा व्यवहार करने, स्मार्ट क्लास के नाम पर लिए जा रहे फीस, डेवलपमेंट के नाम पर लिए जा रहे फीस, प्रोसेसिंग फीस, के नाम पर निजी विद्यालय के संचालकों के द्वारा शिक्षा के नाम पर अभिभावक से धन उगाही करने की कार्य को शीघ्र बंद करने संबंधित कार्रवाई करने की कृपा किया जाए।नीजी विद्यालय के प्रिंसिपल को सबसे पहले अभिभावक के साथ मधूर व्यवहार रखने का दिशा निर्देश जिलाधिकारी महोदय पूर्वी चंपारण के द्वारा हो जाए तो पूर्वी चंपारण  में नीजी विद्यालय में पढ़ाने वाले और अभिभावकों को बहुत बड़ी राहत मिल सकती है। डीएम जिले के मालिक होते हैं। पूर्वी चंपारण के अभिभावक गण एक मोर्चा बनाए थे, वह मोर्चा डीएम साहब से मिले थे। पिछले महिने डीएम साहब जो है एक पत्र जारी किए थे, और लोगों में निजी विद्यालयों के संचालकों पर जो चाबुक चलाने का कार्य किए थे उसका मैसेज बहुत सुंदर गया था। निजी विद्यालय के लोग किताब बेचते थे, जूता बेचते थे, टाइई बेचते थे, किताब बेचते थे, हर साल रीएडमिशन चार्ज लेते थे, रिजर्वेशन चार्ज का नाम बदलकर डेवलपमेंट चार्ज लेते हैं, इस पर जिलाधिकारी महोदय ने निजी विद्यालयों को बुलाकर मीटिंग  किये थे। मैं डीएम साहब के माध्यम से निजी विद्यालय के संचालकों से यह पूछना चाहते हैं यह जानना चाहते हैं कि आप डेवलपमेंट हमारे बच्चों की कर रहे हैं या आप डेवलपमेंट अपने विद्यालय का कर रहे हैं अपने विद्यालय के लिए भवन बना रहे हैं अपने विद्यालय के लिए जमीन खरीद रहे हैं क्या यही आपका शिक्षा का विकास है। यही आपके छात्रों का विकास है। यह तो शिक्षा के नाम पर अभिभावकों के पॉकेट खाली करने का एक प्रकार का लूट की संज्ञा दिया जाए तो कोई शिकवा शिकायत नहीं होगी। हम सभी अपने पूर्वी चंपारण जिला अधिकारी महोदय से मांग करते हैं की निजी विद्यालयों के संचालकों पर जो अभी वर्तमान में पहले के चार्ज का नाम बदलकर विभिन्न नाम से जो चार्ज लेना शुरू किया गया है उसे बंद करवाई जाए और उनके द्वारा जो किताब की दुकान सेट किया गया है उन दुकानदारों का जांच किया जाए ताकि यह स्पष्ट हो सके किया विद्यालय के निजी संचालक का किताब केंद्र से कैसा साठ गाठ है। जांच के क्रम में दोषी पाए जाने वाले विद्यालय का लाइसेंस रद्द किया जाए और उन पर शिक्षा के नाम पर अभिभावकों से अनेकों फीस के नाम पर किए जा रहे हैं धन शोधन के विरुद्ध दंडनात्मक करवाई किया जाए। ताकि इस तरह की शिक्षा के नाम का व्यवसायीकरण होने से बच सकते हैं।
    user_दैनिक अयोध्या टाईम्स बिहार
    दैनिक अयोध्या टाईम्स बिहार
    Newspaper publisher पकड़ी दयाल, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    17 hrs ago
  • प्रभात कुमार रंजन जर्नलिस्ट चकिया में मनरेगा योजना को लेकर गुरुवार को पंचायत प्रतिनिधियों और मजदूरों का गुस्सा फूट पड़ा। प्रमुख प्रतिनिधि सह समाजसेवी मिथिलेश कुमार और उप प्रमुख अर्पणा पाण्डेय के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पंचायत समिति सदस्यों और मनरेगा मजदूरों ने प्रखंड कार्यालय के समक्ष जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि वे अपनी समस्याओं को लेकर मनरेगा पीओ से मिलना चाहते थे, लेकिन वह कार्यालय में मौजूद नहीं थे। इस पर नाराजगी और बढ़ गई। समाजसेवी मिथिलेश कुमार ने आरोप लगाया कि पीओ की लापरवाही के कारण मनरेगा के तहत किए गए कार्यों का भुगतान अब तक नहीं हो पाया है। साथ ही मेटेरियल भुगतान भी लंबित है और काम के बदले अवैध राशि की मांग की जा रही है। वहीं उप प्रमुख अर्पणा पाण्डेय ने कहा कि अन्य प्रखंडों में भुगतान हो रहा है, लेकिन चकिया में पीओ रंजीत कुमार की लापरवाही के कारण विकास मद की राशि वापस चली गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कार्यालय में एक निजी व्यक्ति काम संभाल रहा है, जो जनप्रतिनिधियों के साथ अभद्र व्यवहार करता है। महुअवा पंचायत के समिति सदस्य ओमप्रकाश सिंह ने भी कार्यालय में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और धीरज कुमार नामक व्यक्ति पर दुर्व्यवहार करने की बात कही। हरदियाबाद के पंचायत समिति सदस्य नवलकिशोर सिंह ने बताया कि कर्ज लेकर काम कराया गया, लेकिन अब तक भुगतान नहीं हुआ है। पूर्व पंचायत समिति सदस्य विनय सिंह ने चेतावनी दी कि भुगतान नहीं होने से मजदूरों की स्थिति बेहद खराब हो गई है और वे भुखमरी के कगार पर पहुंच चुके हैं। प्रदर्शन में जितेंद्र गिरी, अम्बिका पासवान, मनोज महतो, राहुल तिवारी समेत कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में मजदूर मौजूद रहे। वहीं, दूसरी ओर मनरेगा पीओ रंजीत कुमार ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है।
    1
    प्रभात कुमार रंजन जर्नलिस्ट 
चकिया में मनरेगा योजना को लेकर गुरुवार को पंचायत प्रतिनिधियों और मजदूरों का गुस्सा फूट पड़ा। प्रमुख प्रतिनिधि सह समाजसेवी मिथिलेश कुमार और उप प्रमुख अर्पणा पाण्डेय के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पंचायत समिति सदस्यों और मनरेगा मजदूरों ने प्रखंड कार्यालय के समक्ष जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि वे अपनी समस्याओं को लेकर मनरेगा पीओ से मिलना चाहते थे, लेकिन वह कार्यालय में मौजूद नहीं थे। इस पर नाराजगी और बढ़ गई।
समाजसेवी मिथिलेश कुमार ने आरोप लगाया कि पीओ की लापरवाही के कारण मनरेगा के तहत किए गए कार्यों का भुगतान अब तक नहीं हो पाया है। साथ ही मेटेरियल भुगतान भी लंबित है और काम के बदले अवैध राशि की मांग की जा रही है।
वहीं उप प्रमुख अर्पणा पाण्डेय ने कहा कि अन्य प्रखंडों में भुगतान हो रहा है, लेकिन चकिया में पीओ रंजीत कुमार की लापरवाही के कारण विकास मद की राशि वापस चली गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कार्यालय में एक निजी व्यक्ति काम संभाल रहा है, जो जनप्रतिनिधियों के साथ अभद्र व्यवहार करता है।
महुअवा पंचायत के समिति सदस्य ओमप्रकाश सिंह ने भी कार्यालय में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और धीरज कुमार नामक व्यक्ति पर दुर्व्यवहार करने की बात कही। हरदियाबाद के पंचायत समिति सदस्य नवलकिशोर सिंह ने बताया कि कर्ज लेकर काम कराया गया, लेकिन अब तक भुगतान नहीं हुआ है।
पूर्व पंचायत समिति सदस्य विनय सिंह ने चेतावनी दी कि भुगतान नहीं होने से मजदूरों की स्थिति बेहद खराब हो गई है और वे भुखमरी के कगार पर पहुंच चुके हैं।
प्रदर्शन में जितेंद्र गिरी, अम्बिका पासवान, मनोज महतो, राहुल तिवारी समेत कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में मजदूर मौजूद रहे।
वहीं, दूसरी ओर मनरेगा पीओ रंजीत कुमार ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है।
    user_Prabhat Ranjan Ranjan
    Prabhat Ranjan Ranjan
    मोतिहारी, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    18 hrs ago
  • Post by Talk On Chair
    1
    Post by Talk On Chair
    user_Talk On Chair
    Talk On Chair
    Media company मोतिहारी, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    21 hrs ago
  • “ये वीडियो आपके लिए नहीं था… लेकिन अगर पहुंच गया है तो सच समझिए!” वीडियो आप तक हम नहीं पहुंचाए… गलती से पहुंच गया है। लेकिन अगर आप तक पहुंच गया है, तो एक बार सोचिए — क्या आप मोबाइल चला रहे हैं… या मोबाइल आपकी सोच को चला रहा है? Google, Meta और WhatsApp जैसे प्लेटफॉर्म आपके हर क्लिक को समझकर आपको वही दिखाते हैं, जो आपकी सोच को मोड़ सके। अब फैसला आपका है — जागरूक बनना है या बहाव में बहना है। निष्पक्ष खबरें अब तक बिहार — सच दिखाना हमारा काम है, फैसला आपका। #mobile_mind_control #algorithm_truth #social_media_effect #digital_control #Google #Meta #WhatsApp #fake_news #election_impact #mindset_control #inside_radar #tech_reality #India_news #awareness #Ankesh_Thakur #निष्पक्ष_ख़बरें_अब_तक_बिहार
    1
    “ये वीडियो आपके लिए नहीं था… लेकिन अगर पहुंच गया है तो सच समझिए!”
वीडियो आप तक हम नहीं पहुंचाए… गलती से पहुंच गया है। लेकिन अगर आप तक पहुंच गया है, तो एक बार सोचिए — क्या आप मोबाइल चला रहे हैं… या मोबाइल आपकी सोच को चला रहा है? Google, Meta और WhatsApp जैसे प्लेटफॉर्म आपके हर क्लिक को समझकर आपको वही दिखाते हैं, जो आपकी सोच को मोड़ सके।
अब फैसला आपका है — जागरूक बनना है या बहाव में बहना है।
निष्पक्ष खबरें अब तक बिहार — सच दिखाना हमारा काम है, फैसला आपका।
#mobile_mind_control #algorithm_truth #social_media_effect #digital_control #Google #Meta #WhatsApp #fake_news #election_impact #mindset_control #inside_radar #tech_reality #India_news #awareness #Ankesh_Thakur #निष्पक्ष_ख़बरें_अब_तक_बिहार
    user_Ankesh Thakur
    Ankesh Thakur
    News Anchor कल्याणपुर, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    18 hrs ago
  • Post by RAJA KUMAR
    1
    Post by RAJA KUMAR
    user_RAJA KUMAR
    RAJA KUMAR
    पत्रकार पूर्वी चंपारण, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    11 hrs ago
  • कांग्रेस का साफ वादा है - हमारी सरकार आते ही यह भेदभावपूर्ण कानून समाप्त होगा-राहूल गांधी। *--असिस्टेंट कमांडेंट अजय मलिक जी ने नक्सली मुठभेड़ के दौरान IED ब्लास्ट में अपना एक पैर खो दिया - देश की रक्षा में सब कुछ दांव पर लगा दिया।* (रवि कुमार भार्गव संपादक दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार) नई दिल्ली 02 अप्रैल 2026 नई दिल्ली:-असिस्टेंट कमांडेंट अजय मलिक जी ने नक्सली मुठभेड़ के दौरान IED ब्लास्ट में अपना एक पैर खो दिया - देश की रक्षा में सब कुछ दांव पर लगा दिया।और इस बलिदान के बदले मिला क्या?15 साल से अधिक की निष्ठापूर्ण सेवा के बावजूद - प्रमोशन नहीं, अपनी ही फोर्स को लीड करने का अधिकार नहीं। क्योंकि सभी शीर्ष पद IPS अफसरों के लिए आरक्षित हैं।यह सिर्फ एक अफसर की पीड़ा नहीं - यह लाखों CAPF जवानों के साथ हो रहा संस्थागत अन्याय है।ये जवान सीमाओं पर तैनात रहते हैं, आतंक और नक्सलवाद से लोहा लेते हैं, लोकतंत्र के उत्सव चुनावों को सुरक्षित बनाते हैं। लेकिन जब इनके अधिकार और सम्मान की बात आती है, तो व्यवस्था मुँह फेर लेती है।खुद CAPF के जवान इस भेदभाव के विरुद्ध हैं। सुप्रीम कोर्ट तक ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। फिर भी, वर्तमान सरकार इसी अन्याय को कानूनी रूप से स्थायी बनाने पर आमादा है।यह विधेयक केवल एक करियर रोकने का प्रयास नहीं - यह उन लोगों का मनोबल तोड़ने की कोशिश है जो देश की पहली रक्षा पंक्ति हैं। और जब उनका मनोबल टूटता है, तो राष्ट्रीय सुरक्षा की नींव हिलती है।हम CAPF के जवानों का सम्मान सिर्फ शब्दों में नहीं, नीतियों में करते हैं। कांग्रेस का साफ वादा है - हमारी सरकार आते ही यह भेदभावपूर्ण कानून समाप्त होगा। क्योंकि जो देश के लिए लड़ता है, उसे नेतृत्व का अधिकार मिलना ही चाहिए।
    1
    कांग्रेस का साफ वादा है - हमारी सरकार आते ही यह भेदभावपूर्ण कानून समाप्त होगा-राहूल गांधी।
*--असिस्टेंट कमांडेंट अजय मलिक जी ने नक्सली मुठभेड़ के दौरान IED ब्लास्ट में अपना एक पैर खो दिया - देश की रक्षा में सब कुछ दांव पर लगा दिया।*
(रवि कुमार भार्गव संपादक दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार)
नई दिल्ली 02 अप्रैल 2026
नई दिल्ली:-असिस्टेंट कमांडेंट अजय मलिक जी ने नक्सली मुठभेड़ के दौरान IED ब्लास्ट में अपना एक पैर खो दिया - देश की रक्षा में सब कुछ दांव पर लगा दिया।और इस बलिदान के बदले मिला क्या?15 साल से अधिक की निष्ठापूर्ण सेवा के बावजूद - प्रमोशन नहीं, अपनी ही फोर्स को लीड करने का अधिकार नहीं। क्योंकि सभी शीर्ष पद IPS अफसरों के लिए आरक्षित हैं।यह सिर्फ एक अफसर की पीड़ा नहीं - यह लाखों CAPF जवानों के साथ हो रहा संस्थागत अन्याय है।ये जवान सीमाओं पर तैनात रहते हैं, आतंक और नक्सलवाद से लोहा लेते हैं, लोकतंत्र के उत्सव चुनावों को सुरक्षित बनाते हैं। लेकिन जब इनके अधिकार और सम्मान की बात आती है, तो व्यवस्था मुँह फेर लेती है।खुद CAPF के जवान इस भेदभाव के विरुद्ध हैं। सुप्रीम कोर्ट तक ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। फिर भी, वर्तमान सरकार इसी अन्याय को कानूनी रूप से स्थायी बनाने पर आमादा है।यह विधेयक केवल एक करियर रोकने का प्रयास नहीं - यह उन लोगों का मनोबल तोड़ने की कोशिश है जो देश की पहली रक्षा पंक्ति हैं। और जब उनका मनोबल टूटता है, तो राष्ट्रीय सुरक्षा की नींव हिलती है।हम CAPF के जवानों का सम्मान सिर्फ शब्दों में नहीं, नीतियों में करते हैं। कांग्रेस का साफ वादा है - हमारी सरकार आते ही यह भेदभावपूर्ण कानून समाप्त होगा। क्योंकि जो देश के लिए लड़ता है, उसे नेतृत्व का अधिकार मिलना ही चाहिए।
    user_दैनिक अयोध्या टाईम्स बिहार
    दैनिक अयोध्या टाईम्स बिहार
    Newspaper publisher पकड़ी दयाल, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    18 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.