राग-द्वेष रूपी बगीचे का मूल बीज मोह है, मोह रूपी निंद्रा से जागने का प्रयास करें -- मुनिश्री संस्कार सागर मोह के कारण धार्मिक व्यक्ति भी कई बार गलत मार्ग पर चला जाता है। मोह का दास बनने और उसे जीतकर “तीन लोक का नाथ” बनने के बीच का निर्णय स्वयं व्यक्ति को करना होता है। राग-द्वेष रूपी बगीचे का मूल बीज मोह ही है, इसलिए मोह रूपी निंद्रा से जागने का प्रयास करना आवश्यक है। यह उद्बोधन नगर के श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन दिव्योदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र किला मंदिर में विराजमान आचार्य विनिश्चय सागर मुनिराज के परम प्रभावक शिष्य वात्सल्य रत्नाकर मुनिश्री संस्कार सागर मुनिराज ने अपने आशीर्वचन में व्यक्त किए। प्रवचन की जानकारी देते हुए नरेन्द्र गंगवाल ने बताया कि मुनिश्री ने कहा कि पंचम काल में कषायों की वृद्धि अधिक हो रही है। सम्यकदर्शन के अभाव में व्यक्ति हर क्षेत्र में कषायों में लिप्त है। यहां तक कि धार्मिक कार्य करते हुए भी वह कषायों से मुक्त नहीं हो पाता।मुनिश्री संस्कार सागर मुनिराज ने कहा मायाचारी, छल-कपट और दिखावा व्यक्ति के आचरण में बढ़ता जा रहा है। केवल पिच्छिका-कमंडल धारण कर लेने से कोई संयमी नहीं बनता, बल्कि उसके आचरण और व्यवहार को भी परखना आवश्यक है।उन्होंने कहा कि जो श्रावक छल-कपट करता है, वह सच्चे अर्थों में श्रावक नहीं है। इंद्रियों पर विजय प्राप्त करने वाला ही वास्तविक साधक है, अन्यथा विषय भोगों में आसक्ति व्यक्ति को दुख की ओर ले जाती है। विषयों से मिलने वाला सुख प्रारंभ में मधुर प्रतीत होता है, लेकिन वह अंततः “विषफल” के समान घातक सिद्ध होता है। मुनिश्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि पांचों इंद्रियों के विषय जीव को मोहित कर देते हैं, जिससे वह धर्म और आत्मकल्याण का मार्ग नहीं देख पाता। व्यक्ति संपूर्ण जीवन विषय भोगों में व्यतीत कर देता है, लेकिन मनुष्य जीवन का वास्तविक उद्देश्य पूर्ण नहीं कर पाता।रावण और मुनि बाली के प्रसंग का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि जब रावण ने कैलाश पर्वत को उठाने का प्रयास किया, तब मुनि बाली ने मात्र अपने पैर के अंगूठे से उसे दबा दिया, जिससे रावण असहाय हो गया। यह उदाहरण संयम और आत्मबल की महत्ता को दर्शाता है। रावण मोह के कारण विरक्त नहीं हो सका सीता का हरण कर लिया और नरक गति का बंध कर बैठा। आप लोगों की संसार से विरक्ति क्यों नहीं हो रही है।मुनिश्री ने कहा कि जो व्यक्ति इंद्रिय विषयों पर विजय प्राप्त कर लेता है, वह कषायों को भी जीत सकता है। जहां मोह नहीं होता, वहां राग-द्वेष भी नहीं होते। इस लिए व्यक्ति को मोह से मुक्त होकर बारह भावना और ‘मेरी भावना’ की आराधना करनी चाहिए। अंत में उन्होंने आह्वान किया कि केवल शब्दों को न पढ़ें, बल्कि उनके भाव को समझें और आत्मकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ें।
राग-द्वेष रूपी बगीचे का मूल बीज मोह है, मोह रूपी निंद्रा से जागने का प्रयास करें -- मुनिश्री संस्कार सागर मोह के कारण धार्मिक व्यक्ति भी कई बार गलत मार्ग पर चला जाता है। मोह का दास बनने और उसे जीतकर “तीन लोक का नाथ” बनने के बीच का निर्णय स्वयं व्यक्ति को करना होता है। राग-द्वेष रूपी बगीचे का मूल बीज मोह ही है, इसलिए मोह रूपी निंद्रा से जागने का प्रयास करना आवश्यक है। यह उद्बोधन नगर के श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन दिव्योदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र किला मंदिर में विराजमान आचार्य विनिश्चय सागर मुनिराज के परम प्रभावक शिष्य वात्सल्य रत्नाकर मुनिश्री संस्कार सागर मुनिराज ने अपने आशीर्वचन में व्यक्त किए। प्रवचन की जानकारी देते हुए नरेन्द्र गंगवाल ने बताया कि मुनिश्री ने कहा कि पंचम काल में कषायों की वृद्धि अधिक हो रही है। सम्यकदर्शन के अभाव में व्यक्ति हर क्षेत्र में कषायों में लिप्त है। यहां तक कि धार्मिक कार्य करते हुए भी वह कषायों से मुक्त नहीं हो पाता।मुनिश्री संस्कार सागर मुनिराज ने कहा मायाचारी, छल-कपट और दिखावा व्यक्ति के आचरण में बढ़ता जा रहा है। केवल पिच्छिका-कमंडल धारण कर लेने से कोई संयमी नहीं बनता, बल्कि उसके आचरण और व्यवहार को भी परखना आवश्यक है।उन्होंने कहा कि जो श्रावक छल-कपट करता है, वह सच्चे अर्थों में श्रावक नहीं है। इंद्रियों पर विजय प्राप्त करने वाला ही वास्तविक साधक है, अन्यथा विषय भोगों में आसक्ति व्यक्ति को दुख की ओर ले जाती है। विषयों से मिलने वाला सुख प्रारंभ में मधुर प्रतीत होता है, लेकिन वह अंततः “विषफल” के समान घातक सिद्ध होता है। मुनिश्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि पांचों इंद्रियों के विषय जीव को मोहित कर देते हैं, जिससे वह धर्म और आत्मकल्याण का मार्ग नहीं देख पाता। व्यक्ति संपूर्ण जीवन विषय भोगों में व्यतीत कर देता है, लेकिन मनुष्य जीवन का वास्तविक उद्देश्य पूर्ण नहीं कर पाता।रावण और मुनि बाली के प्रसंग का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि जब रावण ने कैलाश पर्वत को उठाने का प्रयास किया, तब मुनि बाली ने मात्र अपने पैर के अंगूठे से उसे दबा दिया, जिससे रावण असहाय हो गया। यह उदाहरण संयम और आत्मबल की महत्ता को दर्शाता है। रावण मोह के कारण विरक्त नहीं हो सका सीता का हरण कर लिया और नरक गति का बंध कर बैठा। आप लोगों की संसार से विरक्ति क्यों नहीं हो रही है।मुनिश्री ने कहा कि जो व्यक्ति इंद्रिय विषयों पर विजय प्राप्त कर लेता है, वह कषायों को भी जीत सकता है। जहां मोह नहीं होता, वहां राग-द्वेष भी नहीं होते। इस लिए व्यक्ति को मोह से मुक्त होकर बारह भावना और ‘मेरी भावना’ की आराधना करनी चाहिए। अंत में उन्होंने आह्वान किया कि केवल शब्दों को न पढ़ें, बल्कि उनके भाव को समझें और आत्मकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ें।
- नगर की यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए नगर निरीक्षक श्री गिरीश दुबे से नगर के प्रमुख जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने चर्चा की। इस बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा, सकल हिंदू समाज अध्यक्ष नरेंद्र कुशवाहा, मुकेश नामदेव, हिंदू उत्सव समिति अध्यक्ष नारायण भुरू मुकाती एवं राष्ट्रीय बजरंग दल प्रमुख दीपक राठौड़ आदि उपस्थित रहे। चर्चा के दौरान नगर के प्रमुख व्यापारिक क्षेत्र बड़ा बाजार एवं बुधवारा मार्ग पर विवाह समारोहों के चलते बढ़ते ट्रैफिक दबाव और अव्यवस्था पर प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि चार पहिया वाहनों के बाजार क्षेत्र में प्रवेश करने से आम नागरिकों, व्यापारियों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए T I श्री गिरीश दुबे ने तत्काल यातायात अधिकारी को निर्देश दिए कि सुबह 8:00 बजे से रात 9:00 बजे तक बड़ा बाजार एवं बुधवारा रोड पर चार पहिया वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाए। साथ ही, इस व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु बैरिकेडिंग की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए । मिलने वाले प्रतिनिधि मंडल में क्षैत्र के व्यापारिक प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाता तो पानी की गाड़ी, गैस सिलेंडर की गाड़ी, नपा की प्रधानमंत्री मोदी जी के स्वच्छता अभियान की कचरा लेने वाली गाड़ी आदि को प्रातः 10.00बजे तक अपने वाहन बाजार में अपने कार्य को अंजाम दें। बाजार क्षेत्र में यातायात सुचारू बनाएं रखने के लिए माता पूजन में बैंड बाजों के साथ चलने वाला वाहन अधिक जाम लगा रहे हैं। निश्चय ही नगर निरीक्षक श्री दुबे ने एक अच्छी पहल की, बेरिकेडिंग के पास यातायात पुलिस कर्मी चार पहिया वाहन चालकों को बैरीकेट हटाने से रोक सकते है। बैठक में शादी-विवाह एवं अन्य मांगलिक कार्यक्रमों में ध्वनि यंत्र के उपयोग को लेकर हुई चर्चा में ध्वनि यंत्रों का उपयोग सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार ही किया जाए, ताकि ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण रहे और आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इस पर सभी ने सहमति व्यक्त करते हुए नियमों के पालन की अपील की।2
- राजगढ़ से कालापीपल में आई हेलीकॉप्टर से बारात!! मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ग्राम निपानिया गढ़ी के सरपंच के बेटे अनमोल की बारात जब हेलीकॉप्टर से कालापीपल के ग्राम कोहड़ी पहुँची, तो पूरे इलाके में हलचल मच गई। दूल्हे की इस शाही एंट्री और अनमोल-अर्पिता के विवाह के इस अनोखे अंदाज को देखने के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। आसमान से जमीन पर उतरी इस बारात ने शादी के जश्न को ऐतिहासिक बना दिया, जिसकी चर्चा अब हर तरफ हो रही है। इस भव्य आयोजन ने न सिर्फ खुशियां बिखेरीं, बल्कि यह शादी क्षेत्र की सबसे चर्चित शादियों में शुमार हो गई है। मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले से रिपोर्टर जितेन्द्र कुमार पाटीदार की विशेष रिपोर्ट,📌📍1
- Post by Sajid Pathan1
- जिला स्तरीय कराटे चैंपियनशिप इंदौर के बड़ा नेहरू स्टेडियम में रखी गई वही दस्तक पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 4 स्वर्ण पदक,(गोल्ड मेडल) एवं 2 रजत पदक (सिल्वर मेडल)1 कांस्य पदक ( ब्रॉन्ज मैडम( हासिल किए। विद्यालय की 9 वर्षीय अनाबिया खान एवं 12 वर्षीय शबनूर खान ने शानदार खेल का परिचय देते हुए स्वर्ण पदक (Gold Medal) हासिल किया इसके साथ ही अक्सा ज़िन्दरान ने रजत पदक (Silver Medal) प्राप्त कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया। वहीं महम खान, शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक दस्तक पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर श्री अबरार सर ने एवं विद्यालय के प्रिंसिपल श्री मजीद शेख़ ने सभी विजेताओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। प्रतियोगिता का शुभारंभ फ़ुनाकोशी शोतोकान कराटे एकेडमी के चीफ सिहान अशोक सेन , एवं श्री मोना लीसा, सीनियर रश्मि ,जी दीपक कर्दम,दस्तक पब्लिक स्कूल की ओर से सीनियर कोच फारुख शेख शाउपस्थित रहे।4
- Post by Sanju Seth1
- ब्रेकिंग न्यूज़ राजधानी भोपाल में कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस का एक्शन लगातार जारी है। इसी कड़ी में पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने तलैया थाना क्षेत्र के इतवारा इलाके में आम जनता के साथ सीधा संवाद किया। इस जनसंवाद कार्यक्रम में स्थानीय लोगों ने अपनी समस्याएं खुलकर पुलिस कमिश्नर के सामने रखीं। कमिश्नर ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जनता की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। इस दौरान तलैया थाना प्रभारी दीपक डहेरिया और एसीपी कोतवाली संभाग चंद्रशेखर पांडे भी मौजूद रहे। कमिश्नर ने साफ कहा कि अपराध और असामाजिक गतिविधियों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी, साथ ही जनता और पुलिस के बीच विश्वास बढ़ाने के लिए ऐसे जनसंवाद कार्यक्रम आगे भी जारी रहेंगे। स्थानीय लोगों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि पुलिस का यह कदम भरोसा बढ़ाने वाला है।1
- Post by Naved khan1
- कालापीपल : कालापीपल शुजालपुर रोड पर कार्य प्रगति पर हे!! और जिस से आम लोगों को जो आने जाने मे परेशानी होती थी उस से अब लोगों को आने जाने मे सुविधा ho जाएगी!! मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले से रिपोर्टर जितेन्द्र कुमार पाटीदार की विशेष रिपोर्ट,📌📍1