लोटो चुंगी नहांन रोड पर निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं के आरोप, कीचड़ व पानी में हो रहा काम नारायणगढ़ ( रवि शर्मा) क्षेत्र के पर मेन सड़क किनारे बनाए जा रहे नाले के निर्माण कार्य को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। मौके से सामने आए वीडियो में निर्माण कार्य की स्थिति बेहद चिंताजनक दिखाई दे रही है, जिससे कार्य की गुणवत्ता पर प्रश्नचिन्ह लगना स्वाभाविक है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि निर्माण स्थल पर गहरा कीचड़ और पानी भरा हुआ है, जिसके बीच मजदूर लोहे की सरियों (रेनफोर्समेंट) के ढांचे में खड़े होकर काम कर रहे हैं। कई स्थानों पर पानी निकासी की उचित व्यवस्था नजर नहीं आई, जबकि मानकों के अनुसार इस प्रकार के निर्माण से पहले बेस को सूखा और मजबूत बनाना आवश्यक होता है। कीचड़युक्त सतह पर डाला जा रहा मटेरियल भविष्य में निर्माण की मजबूती को प्रभावित कर सकता है। मौके पर कंक्रीट मिक्सर मशीन और निर्माण सामग्री तो मौजूद दिखी, लेकिन कार्य की निगरानी के लिए कोई जिम्मेदार तकनीकी अधिकारी स्पष्ट रूप से नजर नहीं आया। वहीं मजदूरों के लिए भी सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम दिखाई नहीं दिए, जिससे श्रमिक सुरक्षा नियमों के पालन पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा जल्दबाजी में कार्य किया जा रहा है और गुणवत्ता मानकों से समझौता किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि इसी प्रकार लापरवाही बरती गई तो कुछ समय बाद ही निर्माण क्षतिग्रस्त हो सकता है, जिससे सरकारी धन की बर्बादी के साथ-साथ आम जनता को परेशानी झेलनी पड़ेगी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि कार्य का तुरंत निरीक्षण कराया जाए, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच हो तथा यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
लोटो चुंगी नहांन रोड पर निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं के आरोप, कीचड़ व पानी में हो रहा काम नारायणगढ़ ( रवि शर्मा) क्षेत्र के पर मेन सड़क किनारे बनाए जा रहे नाले के निर्माण कार्य को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। मौके से सामने आए वीडियो में निर्माण कार्य की स्थिति बेहद चिंताजनक दिखाई दे रही है, जिससे कार्य की गुणवत्ता पर प्रश्नचिन्ह लगना स्वाभाविक है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि निर्माण स्थल पर गहरा कीचड़ और पानी भरा हुआ है, जिसके बीच मजदूर लोहे की सरियों (रेनफोर्समेंट) के ढांचे में खड़े होकर काम कर रहे हैं। कई स्थानों पर पानी निकासी की उचित व्यवस्था नजर नहीं आई, जबकि मानकों के अनुसार इस प्रकार के निर्माण से पहले बेस को सूखा और मजबूत बनाना आवश्यक होता है। कीचड़युक्त सतह पर डाला जा रहा मटेरियल भविष्य में निर्माण की मजबूती को प्रभावित कर सकता है। मौके पर कंक्रीट मिक्सर मशीन और निर्माण सामग्री तो मौजूद दिखी, लेकिन कार्य की निगरानी के लिए कोई जिम्मेदार तकनीकी अधिकारी स्पष्ट रूप से नजर नहीं आया। वहीं मजदूरों के लिए भी सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम दिखाई नहीं दिए, जिससे श्रमिक सुरक्षा नियमों के पालन पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा जल्दबाजी में कार्य किया जा रहा है और गुणवत्ता मानकों से समझौता किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि इसी प्रकार लापरवाही बरती गई तो कुछ समय बाद ही निर्माण क्षतिग्रस्त हो सकता है, जिससे सरकारी धन की बर्बादी के साथ-साथ आम जनता को परेशानी झेलनी पड़ेगी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि कार्य का तुरंत निरीक्षण कराया जाए, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच हो तथा यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
- फिर से सरकार आपके द्वार आएगी। इंडियन नेशनल लोकदल के प्रदेश प्रवक्ता ओंकार सिंह ने जारी बयान में कहा कि किसान केसरी चौधरी अभय सिंह चौटाला व इनेलो परिवार के खिलाफ सत्तासीन भाजपा के कुछ मंत्रियों और नेताओं द्वारा की जा रही अमर्यादित व अनर्गल बयानबाजी अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणी और अभद्र भाषा का प्रयोग करना भाजपा नेताओं की हताशा और घबराहट को दर्शाता है। ओंकार सिंह ने कहा कि चौधरी अभय सिंह चौटाला की लगातार बढ़ती लोकप्रियता और जनसमर्थन से भाजपा बौखलाई हुई है। प्रदेशभर में इनेलो को मिल रहा जनआशीर्वाद यह संकेत दे रहा है कि वर्ष 2029 के विधानसभा चुनाव में परिवर्तन की आंधी चलेगी और इनेलो पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में यदि इनेलो पार्टी और परिवार में दुर्भाग्यपूर्ण टूट न होती तो जनता भाजपा को उसी समय सत्ता से बाहर कर देती। उस समय इनेलो-बसपा गठबंधन की सरकार बनना लगभग तय था। वहीं वर्ष 2024 के चुनाव में कांग्रेस की लहर होने के बावजूद कांग्रेस के अंदरूनी मतभेद, टिकटों के गलत वितरण और कुछ नेताओं की भाजपा से सांठगांठ के कारण भाजपा तीसरी बार सत्ता में आई। ओंकार सिंह ने कहा कि आज प्रदेश का हर वर्ग—किसान, कर्मचारी, व्यापारी, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग—सरकार की जनविरोधी नीतियों से परेशान है। बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, बिगड़ती कानून व्यवस्था और प्रशासनिक अव्यवस्था से जनता त्रस्त है। जनता अवसर मिलते ही सत्ता परिवर्तन का कार्य करेगी। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि चौधरी अभय सिंह चौटाला व इनेलो परिवार के खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने वालों को इनेलो कार्यकर्ता लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से करारा जवाब देंगे। पार्टी किसी भी स्तर पर अनुशासनहीन व अपमानजनक भाषा को सहन नहीं करेगी। ओंकार सिंह ने विश्वास जताया कि आने वाले विधानसभा चुनाव में इनेलो पूर्ण बहुमत से सरकार बनाकर “सरकार आपके द्वार” की नीति को पुनः लागू करेगी और प्रदेश में जनहित, पारदर्शिता व विकास आधारित शासन स्थापित करेगी।1
- यमुना नगर मे एक्सीडेंट के मामले बहुत आ रहे है आज यमुना नगर पेट्रोल पंप के सामने ई रिक्शा के साथ दर्दनाक हादसा हो गया अभी पूरी तरह पता नहीं लग पाया किस वजह से हादसा हुआ save drive करे1
- देखो1
- Post by Himanshu Chopra1
- गोगा माड़ी गुनाई (कोटबेजा) के पावन दर्शन #gogajijharveer #gogamadi #gunai #Kotbeja #Kasauli18421
- हरियाणा पंचायत कम्प्यूटर ऑपरेटर संघ (CPLO ) के कर्मचारियों ने अपनी मांगो को विधानसभा में उठाने के लिएशाहाबाद विधायक रामकरण काला को सौंपा ज्ञापन.....1
- Post by Thath Singh Rana1
- नारायणगढ़ ( रवि शर्मा) क्षेत्र के पर मेन सड़क किनारे बनाए जा रहे नाले के निर्माण कार्य को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। मौके से सामने आए वीडियो में निर्माण कार्य की स्थिति बेहद चिंताजनक दिखाई दे रही है, जिससे कार्य की गुणवत्ता पर प्रश्नचिन्ह लगना स्वाभाविक है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि निर्माण स्थल पर गहरा कीचड़ और पानी भरा हुआ है, जिसके बीच मजदूर लोहे की सरियों (रेनफोर्समेंट) के ढांचे में खड़े होकर काम कर रहे हैं। कई स्थानों पर पानी निकासी की उचित व्यवस्था नजर नहीं आई, जबकि मानकों के अनुसार इस प्रकार के निर्माण से पहले बेस को सूखा और मजबूत बनाना आवश्यक होता है। कीचड़युक्त सतह पर डाला जा रहा मटेरियल भविष्य में निर्माण की मजबूती को प्रभावित कर सकता है। मौके पर कंक्रीट मिक्सर मशीन और निर्माण सामग्री तो मौजूद दिखी, लेकिन कार्य की निगरानी के लिए कोई जिम्मेदार तकनीकी अधिकारी स्पष्ट रूप से नजर नहीं आया। वहीं मजदूरों के लिए भी सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम दिखाई नहीं दिए, जिससे श्रमिक सुरक्षा नियमों के पालन पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा जल्दबाजी में कार्य किया जा रहा है और गुणवत्ता मानकों से समझौता किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि इसी प्रकार लापरवाही बरती गई तो कुछ समय बाद ही निर्माण क्षतिग्रस्त हो सकता है, जिससे सरकारी धन की बर्बादी के साथ-साथ आम जनता को परेशानी झेलनी पड़ेगी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि कार्य का तुरंत निरीक्षण कराया जाए, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच हो तथा यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।1