कानपुर और उन्नाव में सामने आए लड़की के अपहरण मामले में एक नया मोड़ आ गया है, जहाँ पीड़िता की माँ और भाई ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कानपुर और उन्नाव पुलिस प्रशासन पर मिलीभगत का भी आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि पुलिस पूरा दिन थाने में मुकदमा दर्ज करने के नाम पर उन्हें बिठा कर रखती है और शाम को अगले दिन आने का कहकर टाल देती है। इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जैसे कि क्या उत्तर प्रदेश पुलिस कानून से ऊपर है, और क्या किसी मजबूर माँ को अपनी अपहृत बेटी को वापस पाने का अधिकार नहीं है। माँ ने यह भी आशंका जताई है कि पुलिस केवल सुविधाशुल्क पर काम को तरजीह दे रही है और कहीं वह कुलदीप सेंगर जैसे मामले की पुनरावृत्ति तो नहीं चाहती। पीड़िता की माँ ने कहा कि वह न्याय के लिए दर-दर की ठोकर खाकर थक चुकी है और अब उन्हें केवल 'योगी बाबा' से न्याय की उम्मीद बची है। उन्होंने पुलिस प्रशासन पर एक बलात्कारी और अपहरणकर्ता को बचाने के लिए सक्रिय दिखने का आरोप लगाते हुए पूछा कि क्या संविधान देश के प्रत्येक नागरिक को प्रथम सूचना का अधिकार नहीं देता। माँ की फरियाद है कि आखिर पुलिस कौन सा खेल खेलना चाहती है और एक दुखियारी माँ की व्यथा से उनके दिल क्यों नहीं पसीजते। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि चार दिनों से लापता लड़की का मुकदमा अभी तक दर्ज क्यों नहीं किया जा रहा है। इस पूरी घटना में पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में आ गई है, और माँ द्वारा लगाए गए गंभीर आरोप पुलिस प्रशासन पर गहरी उंगलियां उठा रहे हैं।
कानपुर और उन्नाव में सामने आए लड़की के अपहरण मामले में एक नया मोड़ आ गया है, जहाँ पीड़िता की माँ और भाई ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कानपुर और उन्नाव पुलिस प्रशासन पर मिलीभगत का भी आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि पुलिस पूरा दिन थाने में मुकदमा दर्ज करने के नाम पर उन्हें बिठा कर रखती है और शाम को अगले दिन आने का कहकर टाल देती है। इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जैसे कि क्या उत्तर प्रदेश पुलिस कानून से ऊपर है, और क्या किसी मजबूर माँ को अपनी अपहृत बेटी को वापस पाने का अधिकार नहीं है। माँ ने यह भी आशंका जताई है कि पुलिस केवल सुविधाशुल्क पर काम को तरजीह दे रही है और कहीं वह कुलदीप सेंगर जैसे मामले की पुनरावृत्ति तो नहीं चाहती। पीड़िता की माँ ने कहा कि वह न्याय के लिए दर-दर की ठोकर खाकर थक चुकी है और अब उन्हें केवल 'योगी बाबा' से न्याय की उम्मीद बची है। उन्होंने पुलिस प्रशासन पर एक बलात्कारी और अपहरणकर्ता को बचाने के लिए सक्रिय दिखने का आरोप लगाते हुए पूछा कि क्या संविधान देश के प्रत्येक नागरिक को प्रथम सूचना का अधिकार नहीं देता। माँ की फरियाद है कि आखिर पुलिस कौन सा खेल खेलना चाहती है और एक दुखियारी माँ की व्यथा से उनके दिल क्यों नहीं पसीजते। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि चार दिनों से लापता लड़की का मुकदमा अभी तक दर्ज क्यों नहीं किया जा रहा है। इस पूरी घटना में पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में आ गई है, और माँ द्वारा लगाए गए गंभीर आरोप पुलिस प्रशासन पर गहरी उंगलियां उठा रहे हैं।
- कानपुर और उन्नाव में सामने आए लड़की के अपहरण मामले में एक नया मोड़ आ गया है, जहाँ पीड़िता की माँ और भाई ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कानपुर और उन्नाव पुलिस प्रशासन पर मिलीभगत का भी आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि पुलिस पूरा दिन थाने में मुकदमा दर्ज करने के नाम पर उन्हें बिठा कर रखती है और शाम को अगले दिन आने का कहकर टाल देती है। इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जैसे कि क्या उत्तर प्रदेश पुलिस कानून से ऊपर है, और क्या किसी मजबूर माँ को अपनी अपहृत बेटी को वापस पाने का अधिकार नहीं है। माँ ने यह भी आशंका जताई है कि पुलिस केवल सुविधाशुल्क पर काम को तरजीह दे रही है और कहीं वह कुलदीप सेंगर जैसे मामले की पुनरावृत्ति तो नहीं चाहती। पीड़िता की माँ ने कहा कि वह न्याय के लिए दर-दर की ठोकर खाकर थक चुकी है और अब उन्हें केवल 'योगी बाबा' से न्याय की उम्मीद बची है। उन्होंने पुलिस प्रशासन पर एक बलात्कारी और अपहरणकर्ता को बचाने के लिए सक्रिय दिखने का आरोप लगाते हुए पूछा कि क्या संविधान देश के प्रत्येक नागरिक को प्रथम सूचना का अधिकार नहीं देता। माँ की फरियाद है कि आखिर पुलिस कौन सा खेल खेलना चाहती है और एक दुखियारी माँ की व्यथा से उनके दिल क्यों नहीं पसीजते। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि चार दिनों से लापता लड़की का मुकदमा अभी तक दर्ज क्यों नहीं किया जा रहा है। इस पूरी घटना में पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में आ गई है, और माँ द्वारा लगाए गए गंभीर आरोप पुलिस प्रशासन पर गहरी उंगलियां उठा रहे हैं।1
- व्हाट्सएप पर जनता पार्टी के नाम पर हो रही धोखाधड़ी के प्रति लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है। यह बताया गया है कि किसी भी लिंक पर क्लिक करने या उसे कॉपी करने से पहले पूरी तरह सोच-विचार कर लें। साथ ही, जनता पार्टी के नाम पर व्हाट्सएप पर आने वाली कॉल्स के संबंध में भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, ताकि इस तरह के फ्रॉड से बचा जा सके।1
- उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में एक महिला पुलिसकर्मी को कार्यालय के भीतर फिल्मी गाने पर रील बनाना महंगा पड़ गया। वीडियो वायरल होने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया और एसपी ने तत्काल प्रभाव से उसे सस्पेंड कर दिया। यह कार्रवाई पुलिस की सोशल मीडिया पॉलिसी के तहत की गई है, जो ऐसी अनुशासनहीनता पर सख्ती का संकेत है।1
- अमिताभ बच्चन के 'संडे दर्शन' के दौरान उनके घर के बाहर भारी भीड़ के बीच एक शख्स अचानक बेहोश हो गया। 'बिग बी' के आवास के बाहर जमा हुई बड़ी संख्या में प्रशंसकों की भीड़ के कारण उस शख्स की तबीयत बिगड़ गई। इस घटना के बाद, वहाँ मौजूद अन्य लोग बेहोश हुए शख्स को संभालते हुए दिखाई दिए।1
- कानपुर में हुई एक रोड रेज की घटना में घायल एक युवक ने अपनी आपबीती सुनाई है। युवक ने विस्तार से बताया है कि कैसे इस घटना में उसके पिता और भाई की हत्या कर दी गई।1
- कानपुर के यशोदा नगर में हुई एक रोड रेज की घटना में, एक युवक के पिता और भाई को उसके सामने ही चाकू घोंपकर मौत के घाट उतार दिया गया। इस घटना में युवक खुद भी घायल हुआ है, और उसने बताया कि कैसे उसके देखते ही उसके पिता और भाई की हत्या कर दी गई।1
- मानवता परिवार ने अपने सदस्य स्व. अमित सिंह के नॉमिनी की सहायता के लिए 'मृतक नॉमिनी सहयोग-4' अभियान शुरू किया है। यह दान प्रक्रिया वर्तमान में जारी है और इसकी निर्धारित तिथि 25 मई से 5 जून 2026 तक है, जिसके बाद सहयोग की तिथि बढ़ाई नहीं जाएगी। संस्था के अनुसार, मृतक सदस्य अमित सिंह की मानवता परिवार आईडी MP000467 थी। उनका रजिस्ट्रेशन 02 मई 2025 को हुआ था और दुर्भाग्यवश, उनका निधन 30 मार्च 2026 को हार्ट अटैक के कारण हो गया। वे फतेहपुर के नरसिंहपुर कबरहा धाता गाँव और पोस्ट के निवासी थे। स्वर्गीय अमित सिंह की पत्नी प्रतिमा सिंह, जो उनकी नॉमिनी हैं, के सहयोग हेतु बैंक विवरण जारी किए गए हैं। दानकर्ता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के मंझनपुर, कौशांबी शाखा में खाता संख्या 37181193783 (IFSC: SBIN0016463) अथवा बैंक ऑफ बड़ौदा के खागा फतेहपुर शाखा में खाता संख्या 14170100024309 (IFSC: BARB0DHATAX) पर सहयोग राशि भेज सकते हैं। इस अभियान में न्यूनतम सहयोग राशि ₹200 निर्धारित की गई है, जबकि अधिकतम सहयोग राशि पर कोई सीमा नहीं है। मानवता परिवार ने सभी दानकर्ताओं से अनुरोध किया है कि दान/सहयोग करने के बाद अपनी आईडी से ट्रांजैक्शन आईडी और स्क्रीनशॉट अनिवार्य रूप से अपलोड करें। ऐसा न करने पर उनका सहयोग मान्य नहीं होगा और वे भविष्य में वैध सदस्य नहीं रह पाएंगे। वेबसाइट पर सदस्य की सूचना तभी अंकित होगी जब स्क्रीनशॉट और ट्रांजैक्शन आईडी लोड कर दी जाएगी। मानवता परिवार का कहना है कि 'आपका सहयोग परिवार का सहारा' है।1
- बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' के बारे में एक बयान दिया है, जिसे सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर और मूल पोस्ट के अनुसार 'बहुत अच्छा' बताया जा रहा है। उनके इस बयान ने व्यापक ध्यान आकर्षित किया है और बॉलीवुड के एक बड़े नाम के तौर पर उनकी टिप्पणी की खूब चर्चा हो रही है।1