logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

दुद्धी प्रेस क्लब में आयोजित हिंदी पत्रकारिता दिवस समारोह के दौरान अभय कुमार शर्मा जी ने वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की आवाज की नकल कर सुनाई।

4 hrs ago
user_Nitesh Kumar
Nitesh Kumar
Mandi Agent Mahuli•
4 hrs ago

दुद्धी प्रेस क्लब में आयोजित हिंदी पत्रकारिता दिवस समारोह के दौरान अभय कुमार शर्मा जी ने वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की आवाज की नकल कर सुनाई।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • सोनभद्र जिले के दुद्धि विकासखंड अंतर्गत केवाल ग्राम पंचायत में पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा ठेकेदार के माध्यम से कराए गए सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, लगभग चार महीने पहले बनी यह सड़क अब जगह-जगह से टूटकर बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुकी है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। यह मार्ग दर्जनों गाँवों को जोड़ने वाला एक प्रमुख रास्ता है, जहाँ प्रतिदिन हजारों लोग आवागमन करते हैं। नई सड़क होने के कारण वाहन चालक और राहगीर अक्सर सामान्य गति से गुजरते हैं, लेकिन अचानक बने इन गड्ढों में गिरकर आए दिन कई लोग घायल हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लोग गिरकर हाथ, पैर और घुटनों में चोटिल हो रहे हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है। केवाल निवासी विजय कुमार भारती सहित अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सड़क निर्माण में ठेकेदार और संबंधित विभाग की ओर से घोर लापरवाही बरती गई है। उनका कहना है कि इसी अनदेखी और घटिया गुणवत्ता के कारण सड़क मात्र चार महीने के भीतर ही इतनी खराब हो गई है। इस स्थिति से परेशान ग्रामीणों ने पीडब्ल्यूडी विभाग और संबंधित अधिकारियों से तत्काल सड़क की गुणवत्ता की गहन जाँच कराने और जल्द से जल्द मरम्मत कार्य शुरू कर आम जनता को राहत प्रदान करने की मांग की है।
    1
    सोनभद्र जिले के दुद्धि विकासखंड अंतर्गत केवाल ग्राम पंचायत में पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा ठेकेदार के माध्यम से कराए गए सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, लगभग चार महीने पहले बनी यह सड़क अब जगह-जगह से टूटकर बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुकी है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।

यह मार्ग दर्जनों गाँवों को जोड़ने वाला एक प्रमुख रास्ता है, जहाँ प्रतिदिन हजारों लोग आवागमन करते हैं। नई सड़क होने के कारण वाहन चालक और राहगीर अक्सर सामान्य गति से गुजरते हैं, लेकिन अचानक बने इन गड्ढों में गिरकर आए दिन कई लोग घायल हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लोग गिरकर हाथ, पैर और घुटनों में चोटिल हो रहे हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है।

केवाल निवासी विजय कुमार भारती सहित अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सड़क निर्माण में ठेकेदार और संबंधित विभाग की ओर से घोर लापरवाही बरती गई है। उनका कहना है कि इसी अनदेखी और घटिया गुणवत्ता के कारण सड़क मात्र चार महीने के भीतर ही इतनी खराब हो गई है।

इस स्थिति से परेशान ग्रामीणों ने पीडब्ल्यूडी विभाग और संबंधित अधिकारियों से तत्काल सड़क की गुणवत्ता की गहन जाँच कराने और जल्द से जल्द मरम्मत कार्य शुरू कर आम जनता को राहत प्रदान करने की मांग की है।
    user_Jitendr Prshad
    Jitendr Prshad
    Court reporter दुद्धी, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • दुद्धी प्रेस क्लब में आयोजित हिंदी पत्रकारिता दिवस समारोह के दौरान अभय कुमार शर्मा जी ने वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की आवाज की नकल कर सुनाई।
    1
    दुद्धी प्रेस क्लब में आयोजित हिंदी पत्रकारिता दिवस समारोह के दौरान अभय कुमार शर्मा जी ने वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की आवाज की नकल कर सुनाई।
    user_Nitesh Kumar
    Nitesh Kumar
    Mandi Agent Mahuli•
    4 hrs ago
  • धुरकी प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत टाटीदीरी स्थित नेशनल पब्लिक स्कूल में बकरीद पर्व के अवसर पर एक मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आपसी भाईचारे, प्रेम, सौहार्द और सामाजिक एकता को बढ़ावा देना था। विद्यालय के निर्देशक डॉ. यासिन अंसारी ने उपस्थित शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए बकरीद को त्याग, समर्पण, इंसानियत और कुर्बानी का पर्व बताया। उन्होंने कहा कि यह त्योहार दूसरों की खुशियों में शामिल होने, जरूरतमंदों की सहायता करने और समाज में प्रेम व सद्भाव बनाए रखने की प्रेरणा देता है। डॉ. अंसारी ने यह भी रेखांकित किया कि सभी धर्म मानवता और भाईचारे का संदेश देते हैं, इसलिए हमें एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। विद्यालय के प्रधानाध्यापक संजय कुमार साह ने अपने संबोधन में कहा कि बकरीद का पर्व समाज में एकता और सद्भाव को मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने जोर दिया कि विद्यालय केवल शिक्षा का नहीं, बल्कि संस्कार और सामाजिक मूल्यों का भी केंद्र होता है, और ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में पारस्परिक सम्मान, सहयोग तथा सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं। प्रधानाध्यापक ने सभी को बकरीद की शुभकामनाएं देते हुए आपसी प्रेम और भाईचारे के साथ पर्व मनाने की अपील की। विद्यालय परिवार के सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने भी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि त्योहार लोगों को जोड़ने का कार्य करते हैं, और सभी को मिल-जुलकर रहने, एक-दूसरे की सहायता करने तथा समाज में शांति और सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लेना चाहिए। इस सौहार्दपूर्ण कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे को बकरीद की मुबारकबाद दी और मिलन समारोह संपन्न हुआ। इस मौके पर मुखिया सगुनी राम, शिक्षक दिनेश कुमार, मनी भारती, रोहित कुमार, रुपांजली कुमारी, अर्पना कुमारी, कुर्बान अंसारी, राजेन्द्र प्रसाद यादव, लक्ष्मण साव, लेयकत अंसारी, शमशेर अंसारी, विजय साव, राधेश्याम पासवान, पंकज गुप्ता, जानकी सिंह, श्रवन राम, प्रदीप राम, उमेश राम समेत काफी संख्या में लोग मौजूद थे।
    1
    धुरकी प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत टाटीदीरी स्थित नेशनल पब्लिक स्कूल में बकरीद पर्व के अवसर पर एक मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आपसी भाईचारे, प्रेम, सौहार्द और सामाजिक एकता को बढ़ावा देना था।

विद्यालय के निर्देशक डॉ. यासिन अंसारी ने उपस्थित शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए बकरीद को त्याग, समर्पण, इंसानियत और कुर्बानी का पर्व बताया। उन्होंने कहा कि यह त्योहार दूसरों की खुशियों में शामिल होने, जरूरतमंदों की सहायता करने और समाज में प्रेम व सद्भाव बनाए रखने की प्रेरणा देता है। डॉ. अंसारी ने यह भी रेखांकित किया कि सभी धर्म मानवता और भाईचारे का संदेश देते हैं, इसलिए हमें एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।

विद्यालय के प्रधानाध्यापक संजय कुमार साह ने अपने संबोधन में कहा कि बकरीद का पर्व समाज में एकता और सद्भाव को मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने जोर दिया कि विद्यालय केवल शिक्षा का नहीं, बल्कि संस्कार और सामाजिक मूल्यों का भी केंद्र होता है, और ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में पारस्परिक सम्मान, सहयोग तथा सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं। प्रधानाध्यापक ने सभी को बकरीद की शुभकामनाएं देते हुए आपसी प्रेम और भाईचारे के साथ पर्व मनाने की अपील की। विद्यालय परिवार के सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने भी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि त्योहार लोगों को जोड़ने का कार्य करते हैं, और सभी को मिल-जुलकर रहने, एक-दूसरे की सहायता करने तथा समाज में शांति और सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लेना चाहिए।

इस सौहार्दपूर्ण कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे को बकरीद की मुबारकबाद दी और मिलन समारोह संपन्न हुआ। इस मौके पर मुखिया सगुनी राम, शिक्षक दिनेश कुमार, मनी भारती, रोहित कुमार, रुपांजली कुमारी, अर्पना कुमारी, कुर्बान अंसारी, राजेन्द्र प्रसाद यादव, लक्ष्मण साव, लेयकत अंसारी, शमशेर अंसारी, विजय साव, राधेश्याम पासवान, पंकज गुप्ता, जानकी सिंह, श्रवन राम, प्रदीप राम, उमेश राम समेत काफी संख्या में लोग मौजूद थे।
    user_Ashish Kumar
    Ashish Kumar
    प्रेस रिपोर्ट Dhurki, Garhwa•
    13 hrs ago
  • सोनभद्र जिले के बालू टोला के ग्रामीण पिछले 17 दिनों से बिजली संकट से जूझ रहे हैं। 13 मई को आई आंधी के कारण ट्रांसफार्मर और बिजली के खंभे गिरने के बाद से बालू टोला के दर्जनों परिवार अंधेरे में जीवन बिताने को मजबूर हैं, जिससे भीषण गर्मी में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। ग्रामीणों ने विभागीय लापरवाही पर गंभीर सवाल उठाए हैं, क्योंकि नया ट्रांसफार्मर पहुंच जाने के बावजूद उसकी स्थापना नहीं की गई है और न ही क्षतिग्रस्त बिजली के खंभों को बदला गया है। इस गंभीर मुद्दे पर ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर तत्काल बिजली बहाली की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे।
    1
    सोनभद्र जिले के बालू टोला के ग्रामीण पिछले 17 दिनों से बिजली संकट से जूझ रहे हैं। 13 मई को आई आंधी के कारण ट्रांसफार्मर और बिजली के खंभे गिरने के बाद से बालू टोला के दर्जनों परिवार अंधेरे में जीवन बिताने को मजबूर हैं, जिससे भीषण गर्मी में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं।

ग्रामीणों ने विभागीय लापरवाही पर गंभीर सवाल उठाए हैं, क्योंकि नया ट्रांसफार्मर पहुंच जाने के बावजूद उसकी स्थापना नहीं की गई है और न ही क्षतिग्रस्त बिजली के खंभों को बदला गया है। इस गंभीर मुद्दे पर ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर तत्काल बिजली बहाली की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे।
    user_Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
    Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
    आवाज न्यूज़ 24X7 ब्यूरो चीफ ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • सोनभद्र के रामपुर बरकोनिया थाना क्षेत्र के धर्मदासपुर गांव में शनिवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब शीतला माता मंदिर परिसर में स्थापित हनुमान जी की प्रतिमा खंडित अवस्था में मिली। अराजक तत्वों ने प्रतिमा को तोड़कर नाले में फेंक दिया और मंदिर के शिखर, घंटे तथा धार्मिक ध्वज को भी क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया। जानकारी के अनुसार, गांव के समीप स्थित दुर्गा माता मंदिर में चल रहे यज्ञ कार्यक्रम के बाद शनिवार सुबह जब श्रद्धालु शीतला माता मंदिर में पूजा के लिए पहुँचे तो मंदिर की बदहाली देखकर स्तब्ध रह गए। हनुमान जी की प्रतिमा खंडित अवस्था में थी, जबकि मंदिर के घंटे और झंडे पास के खेत में पड़े मिले। इस घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण तत्काल मंदिर परिसर में जमा हो गए। पुलिस प्रशासन भी तुरंत मौके पर पहुँचा और मामले की जाँच शुरू कर दी। पुलिस ने घटना के संबंध में चार लोगों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ भी प्रारंभ कर दी है। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि अराजक तत्वों ने देर रात करीब 12 बजे के बाद लाठी-डंडों का प्रयोग कर हनुमान प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किया और मंदिर परिसर में तोड़फोड़ की। सूचना मिलने पर विश्व हिंदू परिषद के धर्म रक्षा दल के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुँचे। विश्व हिंदू परिषद के धर्म रक्षा कार्यकर्ता धर्मेंद्र पाण्डेय ने इस घटना को धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बताते हुए प्रशासन से दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस प्रकार की घटनाएँ समाज में अशांति फैलाने का प्रयास हैं, जिन्हें किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। फिलहाल, पुलिस सभी पहलुओं से घटना की जाँच कर रही है, और क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द मामले का खुलासा कर दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की है।
    4
    सोनभद्र के रामपुर बरकोनिया थाना क्षेत्र के धर्मदासपुर गांव में शनिवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब शीतला माता मंदिर परिसर में स्थापित हनुमान जी की प्रतिमा खंडित अवस्था में मिली। अराजक तत्वों ने प्रतिमा को तोड़कर नाले में फेंक दिया और मंदिर के शिखर, घंटे तथा धार्मिक ध्वज को भी क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया।

जानकारी के अनुसार, गांव के समीप स्थित दुर्गा माता मंदिर में चल रहे यज्ञ कार्यक्रम के बाद शनिवार सुबह जब श्रद्धालु शीतला माता मंदिर में पूजा के लिए पहुँचे तो मंदिर की बदहाली देखकर स्तब्ध रह गए। हनुमान जी की प्रतिमा खंडित अवस्था में थी, जबकि मंदिर के घंटे और झंडे पास के खेत में पड़े मिले। इस घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण तत्काल मंदिर परिसर में जमा हो गए। पुलिस प्रशासन भी तुरंत मौके पर पहुँचा और मामले की जाँच शुरू कर दी। पुलिस ने घटना के संबंध में चार लोगों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ भी प्रारंभ कर दी है। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

ग्रामीणों का आरोप है कि अराजक तत्वों ने देर रात करीब 12 बजे के बाद लाठी-डंडों का प्रयोग कर हनुमान प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किया और मंदिर परिसर में तोड़फोड़ की। सूचना मिलने पर विश्व हिंदू परिषद के धर्म रक्षा दल के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुँचे। विश्व हिंदू परिषद के धर्म रक्षा कार्यकर्ता धर्मेंद्र पाण्डेय ने इस घटना को धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बताते हुए प्रशासन से दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस प्रकार की घटनाएँ समाज में अशांति फैलाने का प्रयास हैं, जिन्हें किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

फिलहाल, पुलिस सभी पहलुओं से घटना की जाँच कर रही है, और क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द मामले का खुलासा कर दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की है।
    user_पत्रकार किरण गौड़ (ब्यूरो चीफ)
    पत्रकार किरण गौड़ (ब्यूरो चीफ)
    Media company ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • सोनभद्र के कोन क्षेत्र स्थित ग्लोबल हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर में प्रसव के दौरान एक आशा बहू की मौत के बाद शनिवार को भारी जनाक्रोश देखने को मिला। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील कर दिया है और संचालक समेत संबंधित चिकित्सकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सिंगा-बागेसोती निवासी लगभग 38 वर्षीय सीमा देवी, जो एक आशा बहू के रूप में कार्यरत थीं, को देर रात प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने बताया कि उनके पहले चार प्रसव सामान्य तरीके से हुए थे, लेकिन इस बार अस्पताल पहुंचते ही ऑपरेशन की सलाह दी गई। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान सीमा देवी की तबीयत बिगड़ गई और समय पर उचित उपचार न मिलने के कारण उनकी मौत हो गई, हालांकि नवजात शिशु सुरक्षित है। परिजनों का यह भी आरोप है कि घटना के बाद अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारी अस्पताल छोड़कर चले गए, जिससे नाराज ग्रामीण बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंचकर प्रदर्शन करने लगे। सूचना मिलने पर प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। इसी अस्पताल में भर्ती एक अन्य प्रसूता, लौकवाखाड़ी बागेसोती निवासी 35 वर्षीय कुसुमरी देवी की हालत भी गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की मौजूदगी में सरकारी अस्पताल रेफर किया गया। घटना की सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी ओबरा विवेक कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और उन्होंने संबंधित लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में किसी भी अपंजीकृत अस्पताल को संचालित नहीं होने दिया जाएगा। उनकी मौजूदगी में ही अस्पताल को सील किया गया। एसीएमओ गुलाब शंकर यादव ने बताया कि इस अस्पताल के खिलाफ पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है। फिलहाल अस्पताल संचालक नसीम अंसारी और संबंधित चिकित्सकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी ओबरा विवेक कुमार सिंह, एसीएमओ डॉक्टर गुलाब शंकर यादव, डॉक्टर कृति आजाद बिंद, प्रधान संघ जिलाध्यक्ष लक्ष्मी जायसवाल, विजय शंकर यादव, भाजपा पूर्व ब्लॉक प्रमुख बंशीधर, भाजपा नेता अलख नारायण शुक्ला और जोखन यादव सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है, और ग्रामीण अवैध अस्पतालों के संचालन तथा स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।
    4
    सोनभद्र के कोन क्षेत्र स्थित ग्लोबल हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर में प्रसव के दौरान एक आशा बहू की मौत के बाद शनिवार को भारी जनाक्रोश देखने को मिला। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील कर दिया है और संचालक समेत संबंधित चिकित्सकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

सिंगा-बागेसोती निवासी लगभग 38 वर्षीय सीमा देवी, जो एक आशा बहू के रूप में कार्यरत थीं, को देर रात प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने बताया कि उनके पहले चार प्रसव सामान्य तरीके से हुए थे, लेकिन इस बार अस्पताल पहुंचते ही ऑपरेशन की सलाह दी गई। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान सीमा देवी की तबीयत बिगड़ गई और समय पर उचित उपचार न मिलने के कारण उनकी मौत हो गई, हालांकि नवजात शिशु सुरक्षित है। परिजनों का यह भी आरोप है कि घटना के बाद अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारी अस्पताल छोड़कर चले गए, जिससे नाराज ग्रामीण बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंचकर प्रदर्शन करने लगे। सूचना मिलने पर प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया।

इसी अस्पताल में भर्ती एक अन्य प्रसूता, लौकवाखाड़ी बागेसोती निवासी 35 वर्षीय कुसुमरी देवी की हालत भी गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की मौजूदगी में सरकारी अस्पताल रेफर किया गया। घटना की सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी ओबरा विवेक कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और उन्होंने संबंधित लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में किसी भी अपंजीकृत अस्पताल को संचालित नहीं होने दिया जाएगा। उनकी मौजूदगी में ही अस्पताल को सील किया गया।

एसीएमओ गुलाब शंकर यादव ने बताया कि इस अस्पताल के खिलाफ पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है। फिलहाल अस्पताल संचालक नसीम अंसारी और संबंधित चिकित्सकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी ओबरा विवेक कुमार सिंह, एसीएमओ डॉक्टर गुलाब शंकर यादव, डॉक्टर कृति आजाद बिंद, प्रधान संघ जिलाध्यक्ष लक्ष्मी जायसवाल, विजय शंकर यादव, भाजपा पूर्व ब्लॉक प्रमुख बंशीधर, भाजपा नेता अलख नारायण शुक्ला और जोखन यादव सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है, और ग्रामीण अवैध अस्पतालों के संचालन तथा स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।
    user_कालचिंतन समाचार
    कालचिंतन समाचार
    Obra, Sonbhadra•
    18 hrs ago
  • झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय सदस्य और मीडिया पैनलिस्ट धीरज दुबे ने गढ़वा जिले में बढ़ते भूमि विवादों और भू-माफियाओं की सक्रियता पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने जिला प्रशासन से इन मामलों का त्वरित और निष्पक्ष निपटारा करने की मांग करते हुए कहा कि भूमि विवाद अब केवल राजस्व संबंधी समस्या नहीं रहे, बल्कि ये कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द के लिए भी चुनौती बन रहे हैं। धीरज दुबे के अनुसार, गढ़वा जिले में भू-माफियाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, जो संगठित होकर और महिलाओं को आगे कर जमीन पर जबरन दावा करने या उसे विवादित बनाने का प्रयास करते हैं। इनका मुख्य उद्देश्य वास्तविक भूमि मालिकों पर मानसिक और सामाजिक दबाव डालकर उनकी जमीन को कम कीमत पर खरीदना है, जिससे गरीब और कमजोर वर्ग के लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि रघुवर दास सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन मुख्य सचिव राजबाला वर्मा के नेतृत्व में भूमि रिकॉर्ड को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य पारदर्शिता लाना था। हालांकि, इस ऑनलाइनकरण के दौरान हुई तकनीकी और प्रशासनिक त्रुटियों के कारण कई भूमि विवाद उत्पन्न हो गए, जहां एक व्यक्ति की जमीन दूसरे के नाम दर्ज हो गई, जिससे वर्षों पुराने स्वामित्व विवाद खड़े हुए और कई जगहों पर तनाव व हिंसक घटनाएं भी सामने आईं। धीरज दुबे ने आरोप लगाया कि जिले में भूमि कारोबार अब एक संगठित व्यवसाय का रूप ले चुका है, जिसमें भूमि की बढ़ती कीमतों के कारण कई लोग अवैध तरीके से जमीन के सौदों में शामिल हो रहे हैं। उनके अनुसार, कुछ भू-माफियाओं को राजनीतिक संरक्षण भी प्राप्त है, क्योंकि पिछले चुनावों में कई भूमि कारोबारियों ने प्रत्याशियों को आर्थिक सहयोग दिया था और अब बदले में उन्हें संरक्षण मिलने की चर्चा आम है। ऐसे माहौल में आम नागरिकों के लिए न्याय प्राप्त करना कठिन हो गया है। उन्होंने विशेष रूप से गढ़वा नगर परिषद से सटे पंचायत क्षेत्रों में सबसे अधिक भूमि विवादों का जिक्र किया, जहां शहरीकरण और जमीन के बढ़ते बाजार मूल्य के कारण अवैध कब्जा, फर्जी दस्तावेज और स्वामित्व विवाद के मामले बढ़े हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन मामलों का समय पर समाधान नहीं किया गया तो यह भविष्य में बड़े अपराधों और सामाजिक संघर्ष का कारण बन सकता है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि भूमि विवादों के निपटारे के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाए। इसके तहत विवादित जमीनों की जांच के लिए जरूरत के अनुसार विशेष शिविर लगाए जाएं और राजस्व, निबंधन तथा पुलिस विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए। धीरज दुबे ने कहा कि समयबद्ध कार्रवाई और पारदर्शी जांच से आम लोगों का प्रशासन पर विश्वास मजबूत होगा तथा भूमि विवादों को अपराध का रूप लेने से रोका जा सकेगा। उन्होंने प्रशासन से इस दिशा में गंभीर और प्रभावी पहल करने की अपील की।
    1
    झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय सदस्य और मीडिया पैनलिस्ट धीरज दुबे ने गढ़वा जिले में बढ़ते भूमि विवादों और भू-माफियाओं की सक्रियता पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने जिला प्रशासन से इन मामलों का त्वरित और निष्पक्ष निपटारा करने की मांग करते हुए कहा कि भूमि विवाद अब केवल राजस्व संबंधी समस्या नहीं रहे, बल्कि ये कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द के लिए भी चुनौती बन रहे हैं।

धीरज दुबे के अनुसार, गढ़वा जिले में भू-माफियाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, जो संगठित होकर और महिलाओं को आगे कर जमीन पर जबरन दावा करने या उसे विवादित बनाने का प्रयास करते हैं। इनका मुख्य उद्देश्य वास्तविक भूमि मालिकों पर मानसिक और सामाजिक दबाव डालकर उनकी जमीन को कम कीमत पर खरीदना है, जिससे गरीब और कमजोर वर्ग के लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि रघुवर दास सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन मुख्य सचिव राजबाला वर्मा के नेतृत्व में भूमि रिकॉर्ड को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य पारदर्शिता लाना था। हालांकि, इस ऑनलाइनकरण के दौरान हुई तकनीकी और प्रशासनिक त्रुटियों के कारण कई भूमि विवाद उत्पन्न हो गए, जहां एक व्यक्ति की जमीन दूसरे के नाम दर्ज हो गई, जिससे वर्षों पुराने स्वामित्व विवाद खड़े हुए और कई जगहों पर तनाव व हिंसक घटनाएं भी सामने आईं।

धीरज दुबे ने आरोप लगाया कि जिले में भूमि कारोबार अब एक संगठित व्यवसाय का रूप ले चुका है, जिसमें भूमि की बढ़ती कीमतों के कारण कई लोग अवैध तरीके से जमीन के सौदों में शामिल हो रहे हैं। उनके अनुसार, कुछ भू-माफियाओं को राजनीतिक संरक्षण भी प्राप्त है, क्योंकि पिछले चुनावों में कई भूमि कारोबारियों ने प्रत्याशियों को आर्थिक सहयोग दिया था और अब बदले में उन्हें संरक्षण मिलने की चर्चा आम है। ऐसे माहौल में आम नागरिकों के लिए न्याय प्राप्त करना कठिन हो गया है। उन्होंने विशेष रूप से गढ़वा नगर परिषद से सटे पंचायत क्षेत्रों में सबसे अधिक भूमि विवादों का जिक्र किया, जहां शहरीकरण और जमीन के बढ़ते बाजार मूल्य के कारण अवैध कब्जा, फर्जी दस्तावेज और स्वामित्व विवाद के मामले बढ़े हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन मामलों का समय पर समाधान नहीं किया गया तो यह भविष्य में बड़े अपराधों और सामाजिक संघर्ष का कारण बन सकता है।

उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि भूमि विवादों के निपटारे के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाए। इसके तहत विवादित जमीनों की जांच के लिए जरूरत के अनुसार विशेष शिविर लगाए जाएं और राजस्व, निबंधन तथा पुलिस विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए। धीरज दुबे ने कहा कि समयबद्ध कार्रवाई और पारदर्शी जांच से आम लोगों का प्रशासन पर विश्वास मजबूत होगा तथा भूमि विवादों को अपराध का रूप लेने से रोका जा सकेगा। उन्होंने प्रशासन से इस दिशा में गंभीर और प्रभावी पहल करने की अपील की।
    user_SAMACHAR TV GLOBAL
    SAMACHAR TV GLOBAL
    Garhwa, Jharkhand•
    40 min ago
  • हिंदी पत्रकारिता दिवस के 200वें वर्ष के अवसर पर, देश के पहले हिंदी समाचार पत्र 'उदंत मार्तंड' के संस्थापक जुगल किशोर शुक्ल को याद किया गया।
    1
    हिंदी पत्रकारिता दिवस के 200वें वर्ष के अवसर पर, देश के पहले हिंदी समाचार पत्र 'उदंत मार्तंड' के संस्थापक जुगल किशोर शुक्ल को याद किया गया।
    user_Nitesh Kumar
    Nitesh Kumar
    Mandi Agent Mahuli•
    5 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.