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सीतामढ़ी शहर में दिनदहाड़े चोरी 😱 ग्राहक बनकर आया शातिर, दुकान से आभूषण लेकर फरार, पूरी वारदात CCTV में कैद ,देखें कैसे दिया घटना को अंजाम !!! #Sitamarhi #SitamarhiNews #BiharNews #CrimeNews #GoldTheft #JewelleryTheft
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सीतामढ़ी शहर में दिनदहाड़े चोरी 😱 ग्राहक बनकर आया शातिर, दुकान से आभूषण लेकर फरार, पूरी वारदात CCTV में कैद ,देखें कैसे दिया घटना को अंजाम !!! #Sitamarhi #SitamarhiNews #BiharNews #CrimeNews #GoldTheft #JewelleryTheft
More news from Purbi Champaran and nearby areas
- Post by Vishwanath Sahni1
- #बासोपट्टी के महथौर चौक के समीप दर्दनाक हादसा: लौठवा के रूपेश कुमार यादव की मौत, बच्चा गंभीर रूप से घायल @topfans Basopatti Tak District Administration, Madhubani Madhubani Police Benipatti News - बेनीपट्टी न्यूज़ #reelsvideoシ #BreakingNews #BREAKING #NewsUpdate1
- --जीरो डेथ लक्ष्य के साथ प्रशासन अलर्ट: हर शनिवार गांव-गांव गूंजेगा चमकी बुखार बचाव संदेश --जिलाधिकारी ने मुसहरी प्रखंड के मनिका बिशनपुर चांद पंचायत में आयोजित संध्या चौपाल में भाग लेकर आम नागरिकों को जागरुक करते हुए आवश्यक एहतियाती उपायों का पालन करने का किया आह्वान (रवि कुमार भार्गव संपादक दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार) मुजफ्फरपुर 04 अप्रैल 2026- मुजफ्फरपुर:-गर्मी के मौसम के आगमन के साथ ही जिले में चमकी बुखार (एईएस) को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। इसी कड़ी में आज से पूरे जिले में चमकी बुखार की रोकथाम एवं बचाव हेतु व्यापक जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया। जिला पदाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन द्वारा जिले के सभी 373 पंचायतों में जिला से लेकर प्रखंड स्तर तक के अधिकारियों की पंचायतवार तैनाती की गई है तथा प्रत्येक शनिवार को संध्या चौपाल आयोजित करने का आदेश जारी किया गया है, जिसके तहत आज जिले के सभी पंचायतों में प्रतिनियुक्त अधिकारियों द्वारा चौपाल लगाकर लोगों को जागरूक किया गया।इस अभियान का मुख्य कार्यक्रम मुसहरी प्रखंड के मनिका बिशनपुर चांद स्थित उच्च विद्यालय परिसर में आयोजित किया गया, जहां जिला पदाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में बड़ी संख्या में जीविका दीदी, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका, विकास मित्र, स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित हुए।कार्यक्रम की शुरुआत जिला पदाधिकारी एवं उप विकास आयुक्त श्री श्रेष्ठ अनुपम , सिविल सर्जन श्री सुधीर कुमार द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।सभा को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी ने कहा कि विगत वर्ष की भांति इस वर्ष भी सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ पूरी तत्परता और सजगता से कार्य करना होगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि चमकी बुखार जैसी गंभीर बीमारी से निपटने के लिए प्रशासनिक तत्परता के साथ-साथ जनसहभागिता भी बेहद जरूरी है।लक्षण दिखते ही तुरंत अस्पताल पहुंचाने की अपील:जिलाधिकारी ने आमजन, विशेषकर अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि किसी भी बच्चे में चमकी बुखार के लक्षण दिखाई दें, तो बिना किसी देरी के उसे तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में पहुंचाएं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकारी अस्पतालों में प्रशिक्षित डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मी मौजूद हैं, जिन्हें इस बीमारी के उपचार की पूरी जानकारी दी गई है। साथ ही अस्पतालों में सभी आवश्यक दवाएं, ग्लूकोज एवं चिकित्सा संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी लापरवाही भी बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है, इसलिए सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।गर्मी में सतर्कता और बच्चों के पोषण पर जोर:जिलाधिकारी ने बढ़ती गर्मी को देखते हुए लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को अपने बच्चों के खान-पान और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना चाहिए। बच्चों को समय पर भोजन देना, पर्याप्त पानी पिलाना और धूप से बचाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया कि वे पूरी सक्रियता के साथ कार्य करें और विगत वर्ष की तरह इस वर्ष भी “जीरो डेथ” के लक्ष्य को हासिल करने के लिए संकल्पित रहें।इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कुपोषित बच्चों के परिजनों को जीविका द्वारा तैयार फूड बास्केट भेंट की।घर-घर सर्वे और निगरानी के निर्देश जिला पदाधिकारी ने आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सेविका- सहायिका एवं जीविका दीदियों को निर्देश दिया कि वे घर-घर जाकर 0 से 15 वर्ष तक के बच्चों की वार्डवार सूची तैयार करें और उनके स्वास्थ्य की नियमित निगरानी करें। उन्होंने कहा कि समय पर पहचान और निगरानी से इस बीमारी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।क्या है चमकी बुखार और इसके कारण:चमकी बुखार मुख्यतः बच्चों (0-15 वर्ष) में होने वाली एक गंभीर बीमारी है, जो अत्यधिक गर्मी, कुपोषण, खाली पेट सोने और शरीर में ग्लूकोज की कमी के कारण होती है। इसके अतिरिक्त तेज धूप में अधिक समय तक रहने, शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) तथा अस्वच्छ खान-पान भी इसके प्रमुख कारण हैं।जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों को कभी भी खाली पेट नहीं सोने दें और उन्हें संतुलित एवं पौष्टिक आहार अवश्य दें।चमकी बुखार के प्रमुख लक्षण: इस बीमारी के प्रमुख लक्षण इस प्रकार हैं-तेज बुखार-शरीर में ऐंठन या झटके (चमकी आना)-बेहोशी या अत्यधिक सुस्ती-बार-बार उल्टी होना पसीना आना एवं कमजोरी -सुबह के समय अचानक स्थिति बिगड़ना जिलाधिकारी ने कहा कि इन लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। ऐसे में तुरंत चिकित्सा सहायता लेना अनिवार्य है।बचाव के लिए जरूरी उपाय: चमकी बुखार से बचाव पूरी तरह संभव है, यदि कुछ सरल सावधानियों का पालन किया जाए। इसके लिए बच्चों को रात में बिना खाना खाए न सुलाएं गर्मी में पर्याप्त मात्रा में पानी एवं तरल पदार्थ दें दोपहर की तेज धूप में बच्चों को बाहर जाने से रोकें हल्का, सुपाच्य एवं पौष्टिक भोजन दें घर एवं आसपास स्वच्छता बनाए रखें।साथ ही आंगनबाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया है कि वे घर-घर जाकर इन उपायों के बारे में लोगों को जागरूक करें।सावधानियां और प्राथमिक उपचार:इस अवसर पर सिविल सर्जन ने बताया कि लक्षण दिखते ही तत्काल प्राथमिक कदम उठाना जरूरी है,बच्चे के बेहोश होने पर उसे बाईं करवट लिटाएं तेज बुखार होने पर शरीर को ठंडे पानी से पोंछें तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल ले जाएं 102 या 108 एम्बुलेंस सेवा का उपयोग करें उन्होंने कहा कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाएं, उपकरण एवं चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध है, जागरूकता अभियान को दिया जाएगा और विस्तार: जिलाधिकारी ने कहा कि इस अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए पंचायत स्तर पर संध्या चौपाल, स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं सार्वजनिक स्थलों पर पोस्टर, बैनर एवं हैंडबिल के माध्यम से जागरूकता फैलाई जाएगी। साथ ही गांव-गांव में माइकिंग कर लोगों को सतर्क किया जाएगा।उन्होंने कहा कि अभिभावकों को यह समझाना बेहद जरूरी है कि बच्चों का नियमित भोजन और स्वास्थ्य देखभाल ही इस बीमारी से बचाव का सबसे कारगर उपाय है।डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी तय कर दी गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। संदिग्ध मरीजों की पहचान, त्वरित इलाज एवं आवश्यकता पड़ने पर रेफरल की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।डीएम की अपील: घबराएं नहीं, सतर्क रहें:जिलाधिकारी ने अंत में जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि चमकी बुखार को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि जागरूकता और सतर्कता से इस बीमारी पर पूरी तरह नियंत्रण पाया जा सकता है।उन्होंने कहा कि प्रशासन हर स्तर पर तैयार है, लेकिन आम जनता का सहयोग इस अभियान की सफलता के लिए बेहद जरूरी है।निष्कर्षतः चमकी बुखार एक गंभीर लेकिन पूरी तरह रोकी जा सकने वाली बीमारी है।समय पर पहचान, सही इलाज, संतुलित आहार और आवश्यक सावधानियों का पालन कर बच्चों को सुरक्षित रखा जा सकता है।3
- Post by Dipak press1
- मधुबनी जिला से आरही है बड़ी खबर1
- मिट्टी भरने को लेकर दो पक्ष में हुआ विवाद, दोनों ओर से कई लोग घायल खैरा पंचायत के मुखिया पर मारपीट करने और जबरन भूमि पर कब्जा करने का गंभीर आरोप पीड़ित पक्ष ने लगाया मुखिया शशिकला देवी के पुत्र का दवा जमीन उनकी है और उनके दखल कब्जे में है जिस पर जबरन कब्जा किया जा रहा था1
- Post by Lalit Kashyap Tufan1
- Post by Vishwanath Sahni1
- --76 सरकारी एम्बुलेंस का जिलाव्यापी जाल,102' के फ्री रेफरल से सुरक्षित हो रहा मातृत्व और बचपन। (रवि कुमार भार्गव संपादक दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार) मुजफ्फरपुर 04 अप्रैल 2026 मुजफ्फरपुर:-जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन के दिशा-निर्देशन में जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था अब ग्रामीण अंचलों में हाई रिस्क प्रेगनेंसी (एचआरपी) और एईएस (चमकी बुखार) जैसी गंभीर चुनौतियों के खिलाफ एक मजबूत सुरक्षा कवच तैयार कर चुकी है। मुजफ्फरपुर की 76 सरकारी एम्बुलेंस सेवा अब केवल मरीजों को ढोने का माध्यम नहीं,बल्कि विषम परिस्थितियों में फंसी गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए 'वरदान' साबित हो रही है। '102' डायल करते ही सुदूर पंचायतों तक पहुँच रही यह निःशुल्क सेवा मातृ मृत्यु दर को कम करने और एईएस के विरुद्ध छिड़ी जंग में सबसे बड़ा हथियार बनकर उभरी है। विगत दो महीनों के आंकड़े इसकी सफलता की कहानी खुद बयां कर रहे हैं, जहाँ फरवरी में 6730 और मार्च में 5832 लोगों को जीवन रक्षक निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध कराई गई।मातृ मृत्यु दर पर प्रहार, एचआरपी माताओं के लिए वरदान:स्वास्थ्य विभाग का मुख्य फोकस मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) में प्रभावी कमी लाना है। इसके लिए सभी कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) को सख्त निर्देश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्र से प्रतिदिन कम से कम एक हाई रिस्क प्रेगनेंसी (एचआरपी) वाली माता की पहचान करें। सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार ने इस संबंध में बताया कि "हमारा प्राथमिक उद्देश्य प्रसव के दौरान होने वाली मृत्यु को शून्य पर लाना है। इसके लिए एम्बुलेंस सेवा को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी एचआरपी माता को ससमय 'हायर सेंटर' शिफ्ट किया जा सके।" प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों, बीसीएम और बीएचएम को पंचायत स्तर पर इस सेवा की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।उपकरणों से लैस हैं पहिए:गर्मी के बढ़ते प्रकोप और एईएस (चमकी बुखार) के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग 'हाई अलर्ट' मोड पर है। सभी 76 एम्बुलेंसों की सतत निगरानी की जा रही है ताकि वे ऑक्सीजन, जरूरी दवाओं और जीवन रक्षक उपकरणों से हमेशा लैस रहें। विभाग का लक्ष्य स्पष्ट है, एईएस के लक्षण वाले किसी भी बच्चे को 'गोल्डन ऑवर' के भीतर अस्पताल पहुँचाकर उसे त्वरित उपचार देना।102 डायल करते ही पहुँच रही मदद:जिले के हर प्रखंड में स्वास्थ्य सेवाओं काविकेंद्रीकरण करते हुए औसतन 4 एम्बुलेंस तैनात की गई हैं। जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) रेहान अशरफ ने कहा कि "फरवरी और मार्च के आंकड़ों में एम्बुलेंस सेवाओं का बेहतर उपयोग दिखा है। अब हम प्रति एम्बुलेंस प्रतिदिन 6 लाभुकों को सेवा देने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। स्टेट लेवल से भी इसकी निरंतर समीक्षा हो रही है ताकि सेवा पूरी तरह पारदर्शी और निःशुल्क रहे।" वर्तमान में एसकेएमसीएच में 8 और जिला अस्पताल में 4 एम्बुलेंस विशेष रूप से मुस्तैद हैं।यह पूरी 'फ्री रेफरल ट्रांसपोर्ट सेवा' सरकार की ओर से पूर्णतः निःशुल्क है। किसी भी आपात स्थिति में 102 पर कॉल कर यह सुविधा ली जा सकती है, जो समाज के अंतिम पायदान पर खड़े वृद्धजनों और गर्भवती महिलाओं के लिए संबल बनी हुई है।जिले में एम्बुलेंस नेटवर्क:जिले के औराई,बांद्रा,बोचहा, गायघाट,कटरा, कांटी,कुढ़नी,मड़वन,मीनापुर,मोतीपुर,मुरौल, मुसहरी,पारू,साहेबगंज,सकरा, सरैया में 04,जिला अस्पताल 04 तथा एसकेएमसीएच में 08 एम्बुलेंस वर्तमान में कार्यरत हैं।2